Aayan The Super Hero - Chapter 9
Aayan The Super Heroइसके तुरंत बाद, दोनों नीचे आए और देखा कि पाँच मिलियन से ज्यादा की कीमत वाली बेंटले कार इमारत के सामने खड़ी थी।
रिया ने कार का गेट खोला और अयान के साथ पीछे की सीट पर बैठ गई। फिर उसने अपना सिर घुमाया और कहा,
"अयान, मेरे बचपन के दोस्त का नाम चिराग है। चिराग की फैमिली मार्शल आर्ट में माहिर है, और उनका फैमिली बैकग्राउंड बहुत मजबूत है! चिराग बचपन से ही मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस कर रहा है। वह पहले से ही फोर्थ लेवल का मार्शल आर्टिस्ट है। तुम सावधान रहना!"
गौत्र लेबल का मार्शल आर्टिस्ट?"
रिया की बात सुनकर अयान ने अनजाने में दोहराया।
"तुम्हें नहीं पता?" रिया ने चौंककर कहा, "मार्शल आर्टिस्ट को नौ रैंकों में बाँटा गया है। हर बार जब कोई एक रैंक ऊपर जाता है, तो उसकी ताकत दोगुनी से भी ज्यादा हो जाती है! हमारे स्कूल का नील, जो स्टेट मार्शल आर्ट टीम का मेंबर है, वह भी ज़्यादा से ज़्यादा सेकंड लेवल का मार्शल आर्टिस्ट है! तुमने एक ही मुक्के में उसे हरा दिया, और तुम्हें यह भी नहीं पता?"
अयान ने हल्की सी मुस्कान दी। महान आत्मा विदुरदेव
ने उसे सिर्फ अमरता की साधना के बारे में बताया था, जिसमें ऊर्जा साधना, नींव निर्माण,ऊर्जा केंद्र बनाने जैसे चरण होते हैं। लेकिन उसने कभी नौ मार्शल आर्ट रैंकों के बारे में नहीं सुना था।
खैर, रिया जिस चिराग की बात कर रही थी, वह जरूर ही एक खतरनाक मुकाबला करने वालाथा!
इस समय, रिया की आँखों में हल्की चिंता दिखी। उसने आगे कहा,
"अयान, चिराग घमंडी, गुस्सैल और बहुत हमलावर है! और क्योंकि तुम मेरी तरफ से रिंग में जा रहे हो, वह तुम्हें बिल्कुल नहीं छोड़ेगा! अगर तुम्हें लगे कि तुम टिक नहीं सकते, तो ज़्यादा जोखिम मत उठाना!"
आधे घंटे बाद, बेंटले कार उत्तर प्रदेश के बाहरी इलाके में एक मार्शल आर्ट हॉल के सामने रुकी।
कार से बाहर निकलने के बाद, रिया ने धीरे से कहा,
"उम... अयान, चिराग को यह पता नहीं चलना चाहिए कि हम दोनों बस टेंपररी कपल है और तुम्हे मैंने बुलाया है। वहाँ मेरे फैमिली के लोग भी होंगे। हमें एक कपल की तरह दिखना होगा! कोई गलती मत करना!"
यह कहने के बाद, रिया की खूबसूरत आँखों में हल्की सी झिझक थी। फिर जैसे उसने कोई बड़ा फैसला कर लिया हो, उसने धीरे से अयान का हाथ पकड़ लिया और अपना आधा शरीर उसके करीब कर लिया।
उनके बीच सिर्फ कपड़े की एक परत थी, लेकिन अयान को उसकी कोमलता साफ महसूस हो रही थी।
वह सोच भी नहीं सकता था कि उसे ऐसा खास अनुभव मिलेगा!
लखनऊ नंबर 1 मिडिल स्कूल में हर लड़के का सपना जिस लड़की को लेकर होता है, वह अभी अयान के बहुत करीब थी। अयान रिया के शरीर की हल्की खुशबू भी महसूस कर सकता था, वह खुशबू बार-बार उसकी नाक में तैर रही थी।
दोनों इस करीबी पल में मार्शल आर्ट हॉल के अंदर चले गए।
मार्शल आर्ट हॉल का इलाका बहुत बड़ा था, 500 वर्ग मीटर से भी ज्यादा बड़ा था। लेकिन आज, यह साफ कर दिया गया था। हॉल के बीच में एक बड़ा 15x15 मीटर का अखाड़ा था।
और रिंग के ठीक बीच में, एक अकेला आदमी खड़ा था, जिससे नजर हटाना मुश्किल था।
वह लगभग बीस साल का था। उसने काली समुराई वर्दी पहनी थी। उसकी भौहें तिरछी तलवार जैसी थीं, आँखें पतली और नुकीली काली थीं, होंठ पतले और हल्के। उसका चेहरा तीखा था। शरीर लंबा और पतला था, लेकिन कमजोर नहीं, बहुत मजबूत और हेल्थी था। उसकी पीठ इतनी सीधी थी जैसे कोई भाला खड़ा हो।
वह शांत, अकेला, लेकिन घमंडी और हमलावर दिखता था। वह अकेला होते हुए भी पूरे माहौल में अपना प्रभाव छोड़ रहा था।
लेकिन जो चीज़ सबसे ज़्यादा डराने वाली थी, वह थी उसकी आँखों में जलती हुई आग।
जैसे ही उसने अयान को रिया का हाथ पकड़कर अंदर आते देखा, उसके अंदर से एक ठंडी, खतरनाक एनर्जी उठने लगी।
उसकी नजरें इतनी भयानक थीं, जैसे कोई तलवार म्यान से बाहर आ गई हो। अयान को ऐसा महसूस हुआ जैसे किसी ने उसकी गर्दन पर चाकू रख दिया हो।
हवा में इनविजिबल बिजली की चिंगारियाँ चमक रही थीं।
अगर यहाँ कोई कमजोर दिल का आदमी होता, तो वह डर के मारे सीधे बेहोश हो जाता।
इसमें कोई शक नहीं था, अयान के सामने खड़ा यह काला योद्धा ही उसका असली दुश्मन था।
चिराग!केवल वही अयान से इतनी नफरत कर सकता था!
इस समय, चिराग,रिंग के बीच में खड़ा था, उसने एक कदम आगे बढ़ाया और ऊपर से देखने के अंदाज़ में कहा,
"हंह... बच्चे, तुम रिया के प्रेमी हो? तुम मुझे नहीं हरा सकते। अगर अभी पीछे हट जाओगे, तो मैं दया करके तुम्हें थोड़ा जीवन बख्श सकता हूँ!"
अयान ने भौहें उठाईं, छाती चौड़ी की और जवाब दिया,
"बड़ी-बड़ी बातें मत करो! प्राचीन काल से, आर्ट और युद्ध में कोई दूसरा नंबर नहीं होता। जीत और हार तो लड़ाई के बाद ही तय होती है!
चिराग हँसा और बोला,
"तुम्हें अंदाज़ा भी नहीं है कि तुम किससे टकरा रहे हो! अगर तुम खुद ही अपनी मौत को बुला रहे हो, तो मैं तुम्हें रास्ते से हटा दूँगा!"
जैसे ही उसने कहा, चिराग के शरीर में हलचल हुई। उसके पूरे शरीर की हड्डियाँ और मांसपेशियाँ हिलने लगीं। "दरर... दरर..." की आवाज़ें आने लगीं, जैसे किसी ज़ंजीर को खींचा जा रहा हो।
ऐसा लग रहा था जैसे उसके शरीर के भीतर बिजली कड़क रही हो।
इस समय, उसकी हड्डियाँ एक लंबे अजगर की तरह सीधी हो गई थीं।
उसकी गर्दन से लेकर रीढ़, टेलबोन, घुटनों और टखनों तक हर हड्डी एक लय में हिल रही थी।
फटने की आवाज़ चारों तरफ गूँज रही थी
"ये... ये बहुत तेज़ है!"
यह दृश्य देखकर, रिया के चेहरे का रंग उड़ गया। उसकी आँखें सुई की तरह सिकुड़ गईं।
उसने काँपती आवाज़ में कहा,
"यह कैसे पॉसिबल है? तुम सिर्फ आधा साल पहले ही फोर्थ लेवल के मार्शल आर्टिस्ट बने थे! इतने कम समय में फिफ्थ लेवल तक कैसे पहुँच गए?"
अब, रिया की आँखों में निराशा थी। उसका शरीर हल्का काँप रहा था, जैसे उसकी सारी ताकत खत्म हो गई हो।
उसने अपने बगल में खड़े अयान की तरफ देखा और धीरे से कहा,
"अयान, मुझे नहीं पता था कि चिराग पहले ही फिफ्थ लेवल तक पहुँच चुका है। उसकी ताकत अब बहुत ज़्यादा है। तुम उसकी बराबरी नहीं कर सकते। हमें हार मान लेनी चाहिए!""हार मान लो?"
अयान ने रिया के शब्द सुने, लेकिन उसकी काली आँखों में एक तेज़ आग जल उठी।
उसने अनजाने में अपनी मुट्ठियाँ कसकर बंद कर लीं और एक-एक शब्द ज़ोर से कहा,
"रिया, मेरे डिक्शनरी में 'हार मानना' जैसा कोई वर्ड नहीं हैं!"
उसकी आवाज़ बहुत ऊँची नहीं थी, लेकिन उसमें इतनी शक्ति थी कि किसी को भी हिला सकती थी!