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Chapter 16

Aayan The Super Hero - Chapter 16

Aayan The Super Hero

अयान को ऐसा लगा कि रिया के मुँह से कोई मीठा रस उसके मुँह में आ रहा है। जैसे उस पर शहद लगा हो। अब रिया के होंठ पहले जैसे ठंडे नहीं थे, बल्कि वो अब नाज़ुक फूलों की पंखुड़ियों जैसे लग रहे थे। और उसने उन्हें बिना सोचे समझे चूस भी लिया।

कुछ पल के लिए, कमरे का माहौल बहुत सुकून भरा और मोहक हो गया।

"हम्म..." इस समय, रिया ने एक हल्की सी आवाज़ निकाली। उसकी पलकें हिलने लगीं, और फिर धीरे-धीरे उसकी खूबसूरत आँखें खुलीं। वो सच में जाग गई थी।

ओबरॉय फैमिली के लिविंग रूम में, रिया को होश में आते देखकर राजवीर ओबरॉय और रघुवीर दोनों बहुत खुश हो गए।

जब रिया पहले बीमार होती थी, तो उस जमी हुई हालत से बाहर आने में एक दिन और एक रात लग जाते थे।

और अब, अयान ने उसे सिर्फ कुछ मिनटों के लिए चूमा, और उसका इतना कमाल का असर हुआ!

खुशी के साथ-साथ, राजवीर ओबरॉय को अब पछतावा भी हुआ, क्योंकि उसने अभी-अभी अयान को ग़लत समझा था।

दूसरी तरफ, रिया ने आँखें खोलने के बाद सबसे पहले अयान को देखा, जो उसके बहुत पास था। उसकी आँखों की पुतलियाँ सिकुड़ गईं, जैसे कुछ बहुत अजीब देखा हो।

इसके तुरंत बाद, उसने फिर अपने होंठों पर कुछ गर्म महसूस किया, जिससे उसकी ठंडक थोड़ी कम हो गई।

इस समय, अयान को भी पता चल गया कि रिया जाग चुकी है। लेकिन इलाज अभी पूरा नहीं हुआ था, इसलिए उसे अपना इलाज जारी रखना पड़ा — अपने होंठ और जीभ की मदद से।

अयान की तरफ से हो रहे ज़ोरदार "हमले" को महसूस करते हुए, रिया का शरीर कांप गया। उसका दिमाग सुन्न हो गया था। उसे समझ नहीं आया कि ये सपना है या असलियत।

कुछ और मिनटों बाद, जब रिया के शरीर की ठंडी ताकत को अयान ने थोड़े समय के लिए दबा दिया था, तो उसने खुद ही रिया के नाजुक होठों से अपने होंठ हटाए और उसे उठने में मदद की।

इस बार, रिया फिर से पूरी तरह होश में आ गई थी। उसने अपना मुँह इतना खोल लिया कि जैसे कोई अंडा भी निगल सकती हो। और फिर अयान की तरफ हैरानी से इशारा करते हुए बोली, "अयान! तुमने अभी मेरे साथ... बहुत बदतमीज़ी की! शरारती हो तुम!"

रिया की डांट सुनकर अयान को समझ नहीं आया कि वो क्या जवाब दे। इसलिए उसने नज़रें फेर लीं और उसकी तरफ देखने की हिम्मत नहीं की।

थोड़ी देर के लिए, पूरे कमरे में सन्नाटा छा गया। इतनी खामोशी कि सुई गिरने की आवाज़ भी सुनाई दे सकती थी।

इस समय, राजवीर ओबरॉय ने माहौल को हल्का करने के लिए गला साफ किया और रिया से बोले, "रिया, क्या तुम मेरी मदद करने वाले अयान को थैंक्स नहीं देना चाहोगी?"

यह सुनकर, रिया ने अनजाने में अपनी खूबसूरत आँखों में एक हैरानी भरा भाव लाते हुए कहा।

उसे समझ नहीं आ रहा था कि दादाजी उसे उस लड़के को थैंक्स बोलने के लिए कैसे कह सकते है।जिसने अभी-अभी उसका फायदा उठाया!

इसी वक्त, राजवीर ओबरॉय ने रिया को बताया कि अभी क्या हुआ था।

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जब रिया ने सुना कि अयान ने "अपने मुँह से बीमारी को ठीक किया और जड़ से बीमारी का इलाज कर दिया , तो उसका सुंदर चेहरा लाल हो गया जैसे मार्च का आड़ू का फूल होता है। यह लाली बर्फ जैसी सफेद गर्दन तक फैल गई। बहुत सुंदर लग रही थी।

उसने कभी किसी लड़के के साथ प्यार-मोहब्बत की बात नहीं की थी, लेकिन आजकल इंटरनेट के ज़माने में, थोड़ी जिज्ञासा से उसने मर्द-औरत की बातों के बारे में कुछ न कुछ जान लिया था।

इसलिए उसे "फिट" का मतलब भी पता था!

लेकिन रिया जैसी एक सीधी-सादी लड़की के लिए, इस तरह से अपनी बीमारी का इलाज करवाना बिलकुल भी मंज़ूर नहीं था।

उसी वक्त, उसे अपने पहले किसी की याद आ गई। लेकिन वो भी हालातों के चलते अयान ने उससे छीन लिया था। और वो इतनी शर्मिंदा हो गई कि उसका चेहरा पूरा लाल हो गया।

थोड़ी देर के लिए झिझकते हुए, उसने फिर अयान की तरफ देखा और कहा:

अयान, मैंने तुम्हें गलत समझा..और तुमसे अजीब बर्ताव किया। मुझे सच में तुम्हे माफ़ करना चाहिए। और.. मुझे बचाने के लिए थैंक्स साथ ही, तुमने मुझे चिराग को हराने में भी मदद की। मुझे नहीं पता कि मैं तुम्हारा एहसान कैसे चुका पाऊँगी।"

रिया हम दोस्त हैं। दोस्तों के बीच एक-दूसरे की मदद करना आम बात है। इसमें एहसान या बदले की बात नहीं होनी चाहिए," अयान ने मुस्कुराते हुए कहा।

रिया ने ये शब्द सुने, तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई। लेकिन अगले ही पल वो थोड़ी परेशानी में पड़ गई और बोली, "अयान, क्या मेरी बीमारी बहुत ज़्यादा सीरीयस है?"

"हां," अयान ने सिर हिलाकर परेशानी से कहा, "रिया, मैंने तुम्हारी बीमारी को अभी थोड़ी देर के लिए रोक दिया है। लेकिन जो रहस्यमयी ऊर्जा तुम्हारे अंदर सालों से जमा हो रही है, वो रातों-रात ठीक नहीं हो सकती। अगर यूँ ही चलता रहा, तो एक साल में तुम्हारी हालत बिगड़ सकती है।"

ये सुनते ही रिया का चेहरा सफेद पड़ गया, उसका शरीर कांप उठा, और वह धीमे से बोली, "तो मेरी बीमारी सिर्फ इसी तरीके से ठीक हो सकती है...?"

बात के आख़िर में उसकी आवाज़ जैसे मच्छर जैसी हल्की हो गई।

दूसरी तरफ, अयान का चेहरा भी थोड़ा लाल हो गया। उसने कहा:

"रिया , अभी इसकी ज़रूरत नहीं है! फ़िलहाल, अगर हम हर दो हफ्ते में एक बार सिर्फ किस करें, और ये सात बार हो जाए, तो एक साल तक तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। और आगे चलकर, जब मेरी ताक़त बढ़ेगी, तो शायद दूसरा तरीका भी मिल जाए!"

"उफ़्फ़..." ये सुनकर रिया ने थोड़ी राहत की साँस ली।

किस करना भले ही शर्म की बात लगे, लेकिन उस इलाज से तो ये बेहतर ही लगा। और वैसे भी, उसके मन में अयान के लिए कोई विरोध नहीं था।

राजवीर ओबरॉय और रघुवीर ने जब ये सुना, तो दोनों की आँखों में अयान के लिए इज़्ज़त और बढ़ गई।

अब उनकी नज़र में अयान कोई आम लड़का नहीं, बल्कि किसी प्राचीन मार्शल दुनिया से जुड़ा कोई रहस्यमयी योद्धा था!

रिया, अब बहुत देर हो गई है। तुम आराम करो, मैं अब घर चलता हूँ!" अयान ने कहा।

"भाई अयान मैं तुम्हें छोड़ देता हूँ," राजवीर ओबरॉय ने कहा।

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"दादा जी, तकलीफ मत लीजिए," अयान ने मना कर दिया।

अयान की आवाज़ में परेशानी थी, इसलिए राजवीर ओबरॉय ने ज़िद नहीं की। लेकिन वह अयान को झुककर शुक्रिया करते दहुए बोले:

"भाई अयान , आपने रिया को बचाया है। आप हमारे ओबरॉय परिवार के लिए एक वरदान हैं! फ्यूचर में जब भी कोई ज़रूरत हो, आप बस एक बार कहिए, हमारा ओबरॉय परिवार आपके लिए आग में भी कूद जाएगा!"

राजवीर ओबरॉय के पास बड़ी ताक़त थी, और उनके ये शब्द अयान के लिए बहुत मायने रखते थे।

ओबरॉय हवेली से निकलने के बाद, अयान ने ड्राइवर की सलाह मानकर लक्जरी कार में घर जाने का फैसला किया।

लेकिन तभी, उसे पेट के निचले हिस्से में एक अजीब हलचल महसूस हुई।

पहले जब उसने बॉडी टेम्परिंग पिल खाई थी, तो उसे शरीर में थोड़ी बहुत ऊर्जा महसूस होती थी, लेकिन अब वह हवा का झोंका काफ़ी तेज़ हो गया था।

अचानक, महान आत्मा विदुरदेव की आवाज़ उसके कानों में गूँजी:"हा हा हा... अयान ! अब तू शरीर बदलाव के तीसरे लेवल तक पहुँच गया है!"

"क्या?!" अयान की आँखों में हैरानी छा गई। "मैंने तो सुबह ही पहला लेवल पूरा किया था! इतनी जल्दी तीसरे लेवल तक कैसे पहुँच गया?"

"अयान ! क्या मैंने नहीं कहा था कि ओबरॉय फैमिली की लड़की बहुत कठोर शीत शक्ति वाली है? अगर तू उसके साथ ड्यूल कल्टिवेशन करता है, तो ये तेरे लिए बहुत फायदेमंद होगा!"

"ये तो पहली बार है, इसलिए असर बहुत ज़्यादा दिखा। बाद में ये असर थोड़ा कम हो जाएगा। लेकिन अगर तू उसके साथ पूरी तरह से संबंध बना लेता है, तो तेरी ताक़त रॉकेट की तरह बढ़ेगी!"

,अयान ने विदुरदेव की बात को सीरियसली नहीं लिया और सोचा कि वो अपनी ताक़त को इस तरह नहीं बढ़ाना चाहता।

करीब 20 मिनट बाद, जब लक्जरी कार उत्तर प्रदेश स्टेडियम की तरफ बढ़ रही थी, तो वहाँ सड़क पर बहुत भीड़ थी।

"ह्म्म... ये क्या हो रहा है? रात के दस बज गए हैं, फिर भी इतनी भीड़ क्यों है?" अयान ने कहा।

ड्राइवर ने जवाब दिया, "मिस्टर अयान , आपको नहीं पता? आज यहाँ स्टेडियम में नई-नई सुपरस्टार। अन्वी रॉय का पहला सोलो म्यूज़िक शो है। इसलिए इतनी भीड़ लगी है!"

"ओह... वाह! लेकिन इसका क्रेज़ तो किसी पुराने सुपरस्टार से कम नहीं लग रहा।"

"बिलकुल नहीं!" ड्राइवर ने चहकते हुए कहा, "मुझे बताना पड़ेगा, मिस्टर अयान मैं खुद अन्वी रॉय

का बहुत बड़ा फैन हूँ! उसका नया गाना तो मैं लगातार सुन रहा हूँ। अफ़सोस ये है कि कॉन्सर्ट का टिकट मिलना बहुत मुश्किल है। ब्लैक में 10 हज़ार में बिक रहा है, वो भी सबसे पीछे की सीट!"

अयान ये सुनकर चुपचाप हैरान रह गया। उसे अंदाज़ा नहीं था कि अन्वी रॉय इतनी फेमस हो गई है।

वैसे वो फिल्मों या म्यूज़िक वर्ल्ड में ज़्यादा ध्यान नहीं देता, लेकिन उसने अन्वी रॉय के कुछ गाने ज़रूर सुने थे।

अब सामने भीड़ और ट्रैफिक देख कर उसने ड्राइवर से कहा, "मास्टर ड्राइवर, मुझे यहीं उतार दो। मेरा घर पास में ही है। मैं पैदल चला जाऊँगा।

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