Aayan The Super Hero - Chapter 11
Aayan The Super Heroउसका पूरा हाव-भाव बदल गया था। जैसे कोई सोया हुआ अजगर जाग गया हो।
चिराग ने ये देखा तो थोड़ा चौंका, लेकिन फिर भी उसे अपनी ताकत पर पूरा भरोसा था।
अचानक, उसने अपने कंधे झटके से घुमाए, और उसका पूरा शरीर तोप के गोले की तरह आगे बढ़ा जैसे आसमान को फाड़ दे और ज़मीन को चीर दे!
उसकी मांसपेशियाँ और हड्डियाँ भी खड़खड़ाने लगीं, जिससे माहौल डरावना हो गया।
यह मार्शल आर्ट का मुख्य हत्यारा है। एक बार इस्तेमाल होने के बाद, दुश्मन या तो मर जाएगा या विकलांग हो जाएगा।
"क्या!"
यह दृश्य देखकर, रिंग के नीचे रिया ने एक चीख निकाली, अपनी आँखों को अपने हाथों से ढँक लिया, और आने वाले दृश्य को देखने के लिए सहन नहीं कर सकी।
लेकिन इस समय, अयान ने अचानक एक बहुत तेज़ ताक़त की चमक दिखाई।
"सफेद बाघ, दुनिया को हराने आया है!"
अयान ने अपनी मुट्ठी ज़मीन पर मारी और वह गड़गड़ाहट की तरह गूंज उठी। हवा में बस उसकी एक छाया रह गई।
"इतनी तेज़ी से? ये कैसे हो सकता है!"
अयान के शरीर में हुए बदलाव को देखकर चिराग की आँखें सुई जैसी सिकुड़ गईं। उसके दिल में हलचल मच गई।
इतने सालों की लड़ाइयों के अनुभव से उसे तुरंत एक जबरदस्त खतरे का एहसास हुआ। उसने खुद को बचाने के लिए मुट्ठियाँ कसनी चाहीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
"धम!"
अगले ही पल, अयान की लोहे जैसी मुट्ठी जो सफेद बाघ की ताक़त से भरी थी, सीधे चिराग के सीने पर मार दिया।
"चटाक!"
एक ही पल में, चिराग की छाती अंदर धँस गई। पता नहीं कितनी हड्डियाँ टूटीं। उसके मुँह से खून निकल आया और वो एक टूटी हुई पतंग की तरह दस मीटर दूर जा गिरा — सीधे रिंग के बाहर।
ये पहली बार था जब अयान ने रिंग में खुद पहल की थी।
और चिराग फिफ्थ रैंक का मार्शल फाइटर था और वह पहले किसी सी भी नहीं हारा था । वह एक ही पंच में बेहोश हो गया। उसे ये भी नहीं पता था कि वो ज़िंदा है या मर गया।
एक पंच, एक वार और सीधा नॉकआउट!
मार्शल आर्ट हॉल का पूरा हॉल एकदम शांत हो गया। बस रिंग पर अयान की भारी-भारी साँसे सुनाई दे रही थीं।
जब चिराग ने अपनी "आठ ध्रुवों वाली मार्शल आर्ट की एक स्पेशल चाल चल चुका था।, उस वक़्त अयान की हालत बहुत नाज़ुक थी।
हालाँकि उसने बॉडी मज़बूत करने वाली दवा ली थी, और वो अब पहले जैसा नहीं रहा था, फिर भी अगर वो सीधा सामने वार खा लेता — तो या तो बहुत बुरी तरह घायल होता या फिर जान भी जा सकती थी।
लेकिन आखिरी पल में, अयान ने अपने अंदर की डर की दीवार तोड़ दी, सफेद बाघ की ताक़त को बाहर निकाला —और सब कुछ पलट दिया।
मार्शल आर्ट को सबसे ताक़तवर माना जाता है, पर अयान की यह ताक़त जिसे "चार आत्माओं से हासिल किया गया है वह अमरता की साधना करने वाली विद्या है। और ये किसी भी आम मार्शल आर्ट से कहीं आगे की चीज़ है।
लेकिन जैसे ही लड़ाई खत्म हुई, अयान को खुद में एक अजीब सी कमजोरी महसूस हुई, जैसे उसकी सारी ताक़त खत्म हो गई हो।
उसे पता था कि उसने अभी तक सफेद बाघ की ताक़त को पूरी तरह से समझा नहीं है। इसलिए इतनी थकावट होना तय था।
रिंग के नीचे, रिया ने अपना खूबसूरत चेहरा हाथों से ढक रखा था। लेकिन उसने अपनी उंगलियों के बीच से देखा और रिंग में अयान को गर्व से खड़े पाया।
और चिराग किसी मरे हुए कुत्ते की तरह ज़मीन पर पड़ा था,और अपना होश खो चुका था।
"हे भगवान!"रिया ने बिना सोचे चिल्ला दिया। उसकी आँखों में आँसू थे। वो बहुत खुश थी।
"अयान, तुम जीत गए! तुमने सच में चिराग को हरा दिया?!"
उसके आवाज में हैरानी थी, लेकिन उससे ज़्यादा ख़ुशी थी।
इस रिंग मैच में अयान की जीत का मतलब था कि उसने अपने जीवन के बाकी हिस्सों के लिए अपनी आज़ादी वापस पा ली थी, और चिराग अब उसे फिर से परेशान नहीं करेगा!
इसी समय, मार्शल आर्ट हॉल के कोने में शेर की दहाड़ जैसी आवाज़ आई—
"मास्टर!" इसके तुरंत बाद, चालीस के आसपास का एक अधेड़ उम्र का आदमी तेज़ी से निकला और चिराग की ओर चल पड़ा। वो झुककर उसकी नाक के पास गया।
जब उसे चिराग की साँस चलती महसूस हुई, तो उसने चैन की साँस ली। उसे पता चल गया कि चिराग की जान को कोई ख़तरा नहीं है। लेकिन जब उसने चिराग की धँसी हुई छाती देखी, तो उसका चेहरा बहुत सीरियस हो गया।
इतनी गहरी चोट! भले ही वह इलाज के लिए किसी नामी डॉक्टर को बुलाने में ढेर सारा पैसा भी खर्च कर दे, फिर भी शायद चिराग को इसका बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। और हो सकता है कि वो अब मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस भी ना कर सके यानि सब खत्म!
चिराग को कम उम्र में ही पाँचवीं रैंक का मार्शल आर्टिस्ट बना दिया गया था। वो अपनी फैमिली का सबसे होशियार बच्चा था, और पूरा फैमिली उससे उम्मीद लगाए बैठा था।
लेकिन अब... ये उम्मीद अयान ने पूरी तरह तोड़ दी थी।
अचानक, उस अधेड़ उम्र के आदमी ने ऊपर देखा और रिंग पर खड़े अयान को घूरते हुए उसकी तरफ गुस्से से भरी आँखों से देखा। उसकी आँखों में आग थी। वो गुस्से से काँपते हुए दहाड़ा "बदबूदार लड़के! तूने मेरे छोटे मालिक को चोट पहुँचाई? आज मैं तुझे यहीं मार डालूँगा, तेरे खून से इस जगह को रंग दूँगा!"
उसकी धमकी सुनकर, रिया का चेहरा एकदम सफेद पड़ गया। वो डर के मारे चिल्लाई
"अयान, भागो! ये भूपेंद्र है जो एक तेंदुए की तरह शक्तिशाली है। चिराग के फैमिली के लोग इसे बहुत मानते हैं। ये सातवें लेवल का योद्धा है, और वह अपने शहर में सबसे ताक़तवर में गिना जाता है। तुम इसका सामना नहीं कर सकते!"
रिया की बात सुनकर, अयान को भी समझ आ गया कि अब रुकना बेवकूफी होगी।
अभी तो उसने बस चिराग को एक मुक्के में गिराया है और अब वो पहले से ही कमज़ोर हो गया है। उसके पास दोबारा लड़ने की ताक़त नहीं बची।
अगले ही पल, अयान बिना किसी सोच के रिंग से कूद गया। उसने रिया का हाथ कसकर पकड़ लिया और दोनों मार्शल आर्ट हॉल के गेट की तरफ भागे।
"हंह... बच्चों! भागना चाहते हो? अब बहुत देर हो चुकी है!"
भूपेंद्र दहाड़ा। उसका चेहरा गुस्से और नफ़रत से भरा हुआ था। वो तोप के गोले की तरह पीछे से दौड़ा। उसके शरीर से एक डरावनी ताक़त निकल रही थी एकदम चिराग से कई गुना ज़्यादा।
जब रिया ने पीछे से तेज़ हवा की आवाज़ सुनी, तो उसने अयान का हाथ छोड़ दिया। फिर वो अपने दोनों हाथ फैला कर अयान के सामने खड़ी हो गई। उसने अपना सिर घुमाया और चिल्लाई
"अयान, भागो! मैं इसे रोकने की कोशिश करूँगी! मैं अपने फैमिली की सबसे बड़ी बेटी हूँ—वो मेरी तरफ हाथ उठाने की हिम्मत नहीं करेगा!"
रिया को खुद को बचाने के लिए अपने नाज़ुक शरीर का इस्तेमाल करते हुए देखकर, अयान की आँखें नम हो गईं और उसका गला सूख गया। उसे ऐसा लगा जैसे उसके दिल के सबसे नरम हिस्से को किसी चीज़ ने गहराई से छू लिया हो।
इस साल, अयान एक घमंडी बेटे से गिरकर लोगों की हँसी का हिस्सा बन गया था। लेकिन इस वक्त, रिया का ऐसा बर्ताव पहली बार था, जब उसके रिश्तेदारों के अलावा किसी और ने उसके लिए इतना अच्छा किया था!
अगर अयान उसे छोड़ देता, तो क्या वो खुद को मर्द कह सकता था?
ये सोचकर, वह उसके हमले का सामना करने के लिए आगे बढ़ गया।
भले ही वो अब बहुत कमज़ोर हो गया था, और उसमें मुक्का मारने की ताक़त भी नहीं थी—लेकिन उसे आगे बढ़ना ही था।
यही तो असली मर्द होता है! इसी समय, महान अमर आत्मा विदुरदेव की आवाज़ अचानक उसके कानों में गूंजी—
"ये मजबूत है और इसमें खून की गर्मी है। यही असली मर्द है! अयान , मैंने चिराग के साथ तुम्हारी पिछली लड़ाई में दखल नहीं दिया था। लेकिन अबकी बार अलग है!"
जैसे ही भूपेंद्र ने ये शब्द कहे, अयान को ऐसा लगा जैसे किसी बड़ी नदी का बहाव या किसी ज्वालामुखी का फटना उसके शरीर के अंदर हो रहा हो।
कमज़ोरी का पहले जैसा एहसास एकदम चला गया, और उसकी आत्मा एकदम ताज़ा हो गई।
अयान को बस इतना लगा कि उसकी ताक़त एक झटके में आसमान तक पहुँच गई। उसे ऐसा भी लगा जैसे वो एक मुक्के से आसमान तोड़ सकता है और तारों को चीर सकता है।
ये थी सबसे असली और शुद्ध ताक़त!
भूपेंद्र, जिसकी रफ्तार पहले बिजली जैसी थी, अब अयान को उसकी चाल एकदम धीमी लग रही थी।जैसे कोई कछुआ धीरे-धीरे रेंग रहा हो।