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Chapter 11

Rebirth Of Millionaire Yoddha - Chapter 11

Rebirth Of Millionaire Yoddha

सोफे के बीच में एक सूट पहने आदमी बैठा था। बाकी सब लोग सूट पहने आदमी के आसपास बैठे थे। साफ था कि वो इस कमरे में ताकत और पैसे का मालिक था। सूट पहने आदमी उस वक्त चौंक गया, जब एक मोटा, अधेड़ आदमी कमरे में घुसा।

"अरे, भाड़ में जाओ! मैं बस टॉयलेट करने बाहर गया था, और मैंने एक बहुत हॉट लड़की देखी," अधेड़ उम्र का आदमी सोफे पर धम्म से बैठा और अपने लिए एक ग्लास वाइन डाली।

"मैंने सोचा, 'वाह, कितनी ब्यूटीफुल लड़की है है!' तो मैंने उसे पटाने की सोची। मैं बस हेलो कहने वाला था, लेकिन क्या हुआ? उसने मेरे मुँह पर थप्पड़ मार दिया! फिर उसका खूबसूरत बॉयफ्रेंड आया और उसने मुझे जोर से लात मारी। उस कमीने ने बताया कि उसका नाम संजय है। मैंने उसके बारे में पहले कभी नहीं सुना।"

"संजय? वो क्वीन्स हॉल में उन यंगस्टर्स के ग्रुप के साथ नहीं है?"

"हाँ, हाँ, सही बात है। उसने कहा वो क्वीन्स हॉल में था। बड़ा घमंडी है वो," मोटा आदमी चिल्लाया।

शिवा ने अपनी भौहें सिकोड़ीं और अपनी बगल में बैठी सिस्टर रूही की तरफ देखा, "तुम उसे जानती हो?"

"हाँ, मैं उसे जानती हूँ। वो पहले यहाँ अक्सर आता था। उसके पिता की एक छोटी फैक्ट्री थी, और उसके पास कुछ करोड़ की प्रॉपर्टी थी," सिस्टर रूही ने अपनी लंबी टाँगें मोड़ते हुए सिगरेट का धुआँ उड़ाया।

शिवा ने एक पल सोचा और फिर हल्की सी स्माइल के साथ बोला, "उसे मेरे पास लाओ।"

जब अभय और उसका परिवार सम्राट के हॉल में पहुँचे, तो वो शिवा के शानदार ग्रुप को देखकर दंग रह गए। इस आदमी में एक दबंग अंदाज था, जो बता रहा था कि वो बहुत ताकतवर है। कहा जाता है कि अभय के साथ आए ज्यादातर लोग अमीर और रेस्पेक्टेड परिवारों से थे, फिर भी वो शिवा की दमदार नजरों से बेपरवाह थे।

"मिस्टर, सुना है आप मेरे भाई को ढूँढ रहे हैं?" अभय ने जितना हो सके शांति से कहा।

"हाँ, लेकिन तुम कौन हो?" शिवा को बच्चों का बड़ों जैसा बर्ताव देखकर हैरानी हुई।

"मेरा नाम अभय है। मेरे पिता होटल चलाते हैं। अगर मेरे परिवार ने आपको पहले कोई तकलीफ दी हो, तो मैं माफी माँगता हूँ," अभय ने कहा।

"अगर तुम्हारे पिता यहाँ होते, तो उन्हें भी मेरे सामने झुकना पड़ता। फिर मैं तुम्हें क्यों माफ करूँ?" शिवा ने तंज कसते हुए कहा।

"आप कौन हैं?" अभय का चेहरा पीला पड़ गया।

"जब तुम्हारे परिवार ने मेरे मेहमान की पिटाई की थी, तब तुमने ये क्यों नहीं पूछा कि मैं कौन हूँ?" शिवा ने मजाक उड़ाते हुए कहा।

अभय का परिवार प्लेबॉय और लड़कियों से भरा था, जिन्हें जिंदगी की सख्ती का कभी अहसास नहीं हुआ। वो उस व्यापारी के बेटे-बेटियाँ थे, जिसे अपनी रोजी-रोटी के लिए शिवा के सामने झुकना पड़ता था। अभय ने गहरी साँस ली और अपने परिवार की तरफ देखा। उसे निराशा हुई, जब उसने उनकी आँखों में सिर्फ डर देखा।

जब उसने 'शिवा' का नाम सुना, तो उसे पता था कि अगर वो यहाँ से सावधानी से नहीं निकला, तो उसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। उसने ये नाम पहले भी सुना था, और जो सुना था, उससे वो अभी भी डर गया था। उसका कोई भी परिवार उसके साथ नहीं खड़ा हुआ, तो उसे अकेले ही आगे बढ़ना पड़ा।

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"मेरे भाई ने आपके मेहमानों के साथ जो किया, उसके लिए मुझे माफ करें। मैं दिल से माफी माँगता हूँ," अभय ने कहा।

"ठीक है, मैं तुम्हारे पिता से एक-दो बार मिला हूँ, तो इस बार को छोड़ देता हूँ," शिवा ने चालाकी भरी स्माइल के साथ कहा।

अभय के चेहरे पर स्माइल आने से पहले ही शिवा ने कहा, "मैं तुम्हें जाने दे सकता हूँ, लेकिन वो दो हॉट लड़कियाँ यहाँ रुकेंगी।"

"तुम दोनों यहीं रुको, बाकी लोग जा सकते हैं," शिवा ने कहा।

अभय और बाकी लोगों के चेहरे अचानक काले पड़ गए। अगर वो संजय और उसकी गर्लफ्रेंड को यहाँ अकेला छोड़ देता, तो वो अपने परिवार को अलविदा कह सकता था। और उससे भी बुरा, वो अपने परिवार को बस के नीचे फेंकने की वजह से हँसी का पात्र बन जाता।

"वो क्यों रुकें? उनकी मर्जी के खिलाफ उन्हें यहाँ रोकना गैरकानूनी है," प्रीति ने जवाब दिया।

अभय का दिल डूब गया, जब उसने प्रीति का विरोध सुना। उसकी गर्लफ्रेंड को उसके परिवार ने बिगाड़ रखा था, और उसे शिवा के बदतमीज तरीकों के बारे में कुछ नहीं पता था।

रश्मि का चेहरा सख्त हो गया, और उसे समझ आ गया कि वो बड़ी मुसीबत में फंस गई है। लेकिन वो डरी नहीं।

रश्मि के पिता, अरिजीत, चंद्रनगर में सत्ता के करीब थे। उसे शक था कि शिवा उसे नुकसान पहुँचाने की हिम्मत करेगा। फिर भी, उसने सोचा कि शिवा उसे आसानी से जाने नहीं देगा।

जब शिवा का बॉडीगार्ड लड़कियों को लाने वाला था, किसी ने उसका रास्ता रोक लिया।

इस घटना से सब हैरान रह गए।

सबने देखा कि ईशान रश्मि और विकास के पास खड़ा था। उसका एक हाथ जेब में था, और दूसरा हाथ बाहर, जिससे बॉडीगार्ड रुका। उसने सिर घुमाया और शिवा से कहा, "वो दोनों मेरे परिवार हैं। मुझे थोड़ा रिस्पेक्ट दो, और उन्हें जाने दो।"

"क्या तू पागल है?" किसी ने ईशान की पीठ पर हाथ मारा और फुसफुसाया।

ये मामला आसान, लेकिन थोड़ा गंदा हो सकता था। वो उन बूढ़ों के साथ बैठती, कुछ पीती, उनके भद्दे मजाक सुनती, और फिर घर चली जाती। लेकिन ईशान की हरकत ने पानी को इतना गंदा कर दिया कि अब इसे साफ करना मुश्किल था।

"ओह? तू कौन है? मैं तुझे क्यों रिस्पेक्ट दूँ?" शिवा ने ठंडे लहजे में पूछा। उसका सब्र जवाब दे रहा था। पहले उनके मेहमान की पिटाई हुई, और अब एक बच्चा उससे ऐसे बात कर रहा था जैसे वो उसका बराबर हो। ऐसा लग रहा था कि अब कोई उसे गंभीरता से नहीं लेता।

"मैं कौन हूँ?" ईशान ने सिर एक तरफ झुकाया और थोड़ा सोचा। "मैं वो आदमी हूँ, जिससे तुम उलझना नहीं चाहोगे।"

लड़के-लड़कियाँ ईशान को घूरते रहे। ज्यादातर को यकीन था कि ईशान ने बार में ज्यादा पी ली है।

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"अरे यार! ये हम सबको मरवा देगा!" अभय ईशान की बेवकूफी से हैरान था। उसे पता था कि उसे ईशान को यहां पर नहीं लाना चाहिए था।

वो इस बात से डर गया था कि हालात कितनी जल्दी बिगड़ गए। ये गड़बड़ तब तक बड़ी नहीं थी, जब तक ईशान ने शिवा को चुनौती नहीं दी।

संजय के पैर काँपने लगे। वो सोच भी नहीं सकता था कि शिवा उनके साथ आगे क्या करेगा।

"हा हा हा हा!" शिवा जोर से हँसा। "मैं तुमसे नहीं उलझ सकता?"

वो मुस्कुराया और ईशान की तरफ इशारा किया, उसके शब्द घमंड से भरे थे।

"बस, अब खत्म," रश्मि ने आँखें बंद कर लीं, जैसे वो डर रही हो कि आगे क्या होगा।

"वो बेवकूफ! अभय भी शिवा का सामना नहीं कर सकता। ये क्यों बीच में कूदा? ये हीरो बनने का वक्त नहीं है। ये बस और मुसीबत लाएगा," विकास ने कहा।

विकास का चेहरा पीला पड़ गया। उसने रश्मि को धक्का दिया और कहा, "हमें क्या करना चाहिए? हमें उसे बचाना होगा!"

"कैसे? शिवा मेरे पिता की वजह से हमें नुकसान नहीं पहुँचाएगा, लेकिन ईशान का शहर में कोई परिवार नहीं है। और उसने शिवा से खुलकर बदतमीजी की। वो इसे आसानी से नहीं छोड़ेगा," रश्मि ने कहा। "हम बड़ी मुसीबत में हैं!"

तभी एक बॉडीगार्ड ने ईशान पर चिल्लाया, "बच्चे, तूने ये माँगा था!" फिर उसने ईशान पर एक मुक्का मारा, जो उसकी जाँघों से भी मोटा था। उसकी मुट्ठी हवा में लहराई और सीधे ईशान की छाती पर निशाना साधा। अगर ये मुक्का लगता, तो ईशान की कम से कम कुछ पसलियाँ टूट जातीं।

ईशान के पीछे खड़े लोग अचानक हमले को देखकर पीले पड़ गए। कई नौजवान खतरे से बचने के लिए पीछे हट गए।

लेकिन ईशान ने मुस्कुराते हुए पलटकर उसे देखा। "चिंता मत कर। ये तो बस खेल है।"

उसने एक हाथ बढ़ाकर बॉडीगार्ड के मुक्के को रोक लिया। फिर ईशान ने बॉडीगार्ड को जोरदार लात मारी, जिससे वो पीछे उड़ गया।

सबके सामने, बॉडीगार्ड का शरीर छह मीटर पीछे उड़ा और शिवा के सामने जमीन पर गिरा।

"प्रतीक ने कहा, तू ठीक है?" शिवा ने उदास चेहरा बनाया।

प्रतीक को लगा जैसे उसे बाइक ने टक्कर मार दी हो। दर्द की लहर उसके शरीर से गुजरी, और उसने मुँह से खून थूक दिया।

"उसने... उसने सचमुच उस आदमी को पीट दिया?" प्रीति की आँखें अविश्वास से खुली थीं, जैसे उसने कोई भूत देख लिया हो।

प्रीति को ईशान के बारे में कुछ खास नहीं लगा था। उसे यकीन था कि ये लड़का हमेशा समाज के सबसे निचले स्तर पर रहेगा। लेकिन वो गलत थी।

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