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Chapter 2

तुम्हें खून के आंसू ना रुलाया ना तो

बेदर्द माय लव

बिना किसी एक्स्प्रेसशन से कहा.  , तुम से शादी.! "तो इनाया चिल्लाते हुए बोली मैं आप  से कोई शादी नही करेंगे। और"। इस के आगे इनाया कुछ कहती उस से पहले ही युवान के एक इशारे पर उस का असिस्टेंट आगे आया और इनाया के आगे एक लैपटॉप चला कर रख दिया । जिसे देखकर  रोने लगी ।इनाया रोते हुए गुस्से मे बोली. " आप ऐसा नही कर सकते । "

युवान इनाया को पकड़ते अपने करीबी खिच कर कोल्ड वॉईज मे बोला. "जैरी .! I don't like anyone's loud voice except mine। "

" प्लीस  ऐसा मत कीजिए। उन्हें छोङ दीजिए। "इनाया फूट फूट कर रो पड़ी। युवान उस के गले को सेहलाते हुए बोला. " ठीक है। उसे कुछ नही हूँगा। लेकिन उस के लिए तुम्हे मुझ से शादी करनी हूंगी। "

इनाया का रोना और तेज हु गया। आखिर जिस से बचने के लिए उस ने इतनी मेहनत की। लास्ट मे आकर उसे वही करना पड़ रहा है। वो आपने पापा से बहुत प्यार करती है इतना के आपने  पापा के लिए अपनी जान भी  दे देगी ।

वही दुसरी तरफ मित्तल हाउस

मैं आपके शर्त  के लिए तैयार हूं पर मेरी भी एक शर्त है, संजय मित्तल ने कहा ,कैसी शर्त है मेरा अंतिम संस्कार कर देना , भूल जाइए कि आपकी कोई बेटी भी थी , मैं इस घर को हमेशा के लिए छोड़ कर जा रही हूं । और मुबारक हो आपको आप का बिजनेस । जिसे के लिए आप ने मेरी शादी करवाई हो । सिया मित्तल जिस की शादी उसके बाप ने अपने बिजनेस के फायदे के लिए सिद्धार्थ कपूर से करवा दि 

कपूर मेंशन

बड़ी  से कमरे में दुल्हन की ड्रेस पहनकर  एक लड़की बेड पर बैठी थी और वह बैठे-बैठे ही सुबक रही थी और वह लड़की कोई और नहीं बल्कि सिया ही थी।

सिया अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई थी बैठे-बैठे बहुत ज्यादा देर ही गई  थी,  उसे समझ नहीं आ रहा था कि अचानक रातों-रात उसकी जिंदगी ऐसे कैसे बदल सकती है हां और उस के बाप ने उस की  शादी आधी रात को ही कर दी

सिया को यकीन नहीं हो रहा था ।कि उसके अपने घर वाले उसके साथ ऐसा कैसे कर सकता है। क्या अपनी इस दुश्मनी या इस डील के आगे किसी की जान किसी की फिलिंग्स कोई मायने नहीं रखती , वह तो ऐसी लड़की थी वह बहुत जल्दी डरती और रोने लगती थी ।और आज उसी की शादी कैसे ऐसे डेविल और हार्टलेस इंसान से  कर दी गई थी।  जिसके बारे में उसने सुना था कि वह किसी पर रहम नहीं करता है।

 वह रो ही रही थी कि उसे बाथरूम से दरवाजा खुलने की आवाज आती है

वह अचानक से सहम जाती है ,और जब वह  डरते हुए सामने देखती है। तब तो और सहम जाती है सामने सिद्धार्थ  उसके सामने शर्टलेस सिर्फ ट्राउजर पहने खड़ा था उसके बाल गीले थे । और वह बिना  एक्सप्रेशंस के साथ उसे घूर रहा था वही सिया उसे ऐसे देखती है तो डर के मारे वह खड़ी हो जाती है ।और खड़ी होकर  अपने दोनों हाथों से पकड़ लेती है उसे समझ नहीं आता है वह क्या करें। सिया तंज भरी मुस्कान के साथ सिद्धार्थ से कहती है

कैसे लोग हो ना आप सब ...अपने फायदे के लिए आपने  मुझसे शादी करने से पहले आपने एक भी बार मेरी मर्जी का बारे में नहीं पूछा ? आखिर आप ऐसा कर कैसे सकते हैं खुद को बहुत बड़ा बिजनेसमैन  बताते हैं। पर रिश्तो का सौदा करते हैं । ।सिद्धार्थ उसकी बात सुनकर गुस्से में दांत पीसते हुए कहता है कि

"बहुत तकलीफ हो रही है तुम्हें शादी से और हां एक बात याद रखना, ... वह अपनी लाल आंखों से उसके पास जाता है। और उसका गला पकड़ कर कहता है कि" मुझे इस तरह मुझसे ऊंची आवाज करने वाले लोग बिल्कुल नहीं पसंद है।, और ना ही मैं अपनी सामने किसी और की मर्जी चलने देता हूं ।मेरी मर्जी से तुमसे शादी करना तो करना समझी, 

मेरे साथ रहना है ना तो अपनी आवाज़ धीमी करते रहना वरना मार  दूंगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा । सिया "और आप यह मत सोचना कि मैं आप से डरती हूं ।आप यह सब करेंगे और मैं डर जाऊंगा ऐसा बिल्कुल नहीं है मैंने डर कर नहीं डट कर जीना सीखा है आपके हर वार का वापस पलट वार करना मैं अच्छे से जानती हूं समझे आप सिद्धार्थ उससे नज़रे मिलाकर बोली। उसकी बात सुनकर वह टेढ़ा मुस्कुराता है और उ।ससे कहता है कि "इंटरेस्टिंग हां वेरी इंटरेस्टिंग तो तुम्हें खेल खेलना है मुझे भी बहुत पसंद हैं

तुम्हें ऐसी जिंदगी दूंगा ना कि मौत की भीख मांगोगे मुझसे तुम और तुम्हें वह भी नहीं मिलेगी। क्योंकि मेरे लिए तुम बस एक मेरे दुश्मन हो इस से ज्यादा कुछ नहीं और कभी यह मत सोचना मैं तुम्हें अपनी पत्नी का दर्जा दूंगा क्योंकि मैं पहले से ही किसी और से प्यार करता हूं और तुमसे तुम जैसी लड़की से प्यार करना  तो , बिल्कुल भूल ही जाओ  वह मेरी समझी तुम, और उसी का हक है मुझ पर " वह टेढ़ा मुस्कुरा दिया।

सिया ने उसकी बात सुनी और   मुस्कुरा दी,

"मुझे नहीं जानना क्या , आपकी लाइफ में कौन है कितनी लड़कियां हैं आई एम नॉट इंटरेस्टेड,  आपकी लाइफ में कोई भी हो कैसा भी हो मुझे इस से कोई लेना देना नहीं है क्योंकि मुझे आप में ही कोई इंटरेस्ट नहीं है सच कहूं तो आप ही मेरे टाइप केनही हो  तो यह भी भूल जाना कि मैं कभी आपको पति का दर्जा दे पाऊंगी अरे मैं तो आपको दुश्मन का भी दर्जा ना दू समझे।" और सिद्धार्थ कि गोंद से उठने लगी।

"अगर तुमने यहां से हिलने की भी कोशिश की ना तो मैं तुम्हारा वह हाल करूंगा कि तुम जिंदगी भर याद रखोगी कि किस से पाला पड़ा

उसकी यह बात सुनकर सिया भी अंदर तक कांप गई थी पर वह अपने चेहरे पर आने नहीं देती  है,  उसकी आंखों में एक नमी आई थी जिससे वह तुरंत ही पोंछ लेती है पर सिद्धार्थ की आंखों से कुछ नहीं बच पाता है,

सिद्धार्थ टेढ़ा मुस्कुरा कर कहता है

"अभी तो यह शुरुआत है तुम्हें खून के आंसू ना रुलाया ना तो मेरा, नाम भी सिद्धार्थ कपूर नहीं समझ जाओ।"

मैं अपने हर एक आंसू का बादल नहीं लिया तो मेरा नाम भी सिया मित्तल नहीं।सिद्धार्थ टेढ़ा मुस्कुराकर कहता है मित्तल नहीं मेरी जान कपूर "यहां मुझे रुलाने वाला कोई आज तक पैदा नहीं हुआ और होगा भी ना  ऐसा कहकर वह उसके चेहरे पर अपनी उंगली फिरा देता है और दूसरे पल आपने होंठों को सिया के होठों से जोड़ दिया।

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