य.य.य यह क्या कर रहे हो
बेदर्द माय लवयुवान अधखुली आंखों से, ठीक से देख भी नहीं पा रहा था, इनाया समझ चुकी थी कि युवान को मदद की जरूरत है। फिलहाल वह अकेले कुछ नहीं कर सकती इसलिए वह मदद लेने की सोचती है। इनाया युवान को हिरासत देते हुए कहते हैं "तुम चिंता मत करो, कुछ नहीं होगा तुम्हें. मैं मदद लेकर आती हूं। "
कहकर इनाया जल्दी से वहां से जाने को होती है। युवान बड़ी मुश्किल से खुद को संभालते हुए उसका हाथ पकड़ कर ना मे अपना सर हिलाते हुए कहता है, "don't tell anyone it's not good for us, I am in danger." युवान की बात सुनकर तो इनाया को और डर लग रहा था। फिर भी हिम्मत कर के कहती है
आगे क्या होने वाला है , क्या सच में इनाया युवान की मदद नहीं करेगी ।
"हां लेकिन किसी को तो बुलाना होगा ना, मैं अकेली तुम्हारी हेल्प नहीं कर सकती। "इससे पहले कि इनाया कुछ और कह पाती युवान पुरा बेहोश हो जाता है। यह देखकर इनाया परेशान हो जाती है, उसे युवान की मदद करनी भी थी लेकिन युवान ने किसी की हेल्प लेने से मना कर दिया था। इनाया खुद से कहती है ,"चाहे जो हो जाए मुझे इसकी मदद तो करनी ही होगी ।
कहकर इनाया आसपास फर्स्ट एड बॉक्स ढूँढने लगती है। उसे कुछ पट्टियां मिल जाती है, इनाया बॉक्स खोल कर देखती है और वह युवान के पास पहुंचती हैं। वह देखती है कि युवान की हालत काफी खराब हो चुकी है युवान जल्दी से उसे सीधा लेटाती है, और उसके जख्म देखने लगती है। युवान ने अपने खून को बहने से रोकने के लिए एक सफेद रुमाल अपने घाव पर बांध रखा था,
वह जल्दी से उसकी शर्ट बाजू की तरफ से फाड़कर उसके घाव को क्लीन करती है, इनाया को पता नहीं था उसमें बुलेट लगी है। वो मेडिसन लगा देती है,और वहां रूइ रखकर पट्टी करने लगती है। युवान पट्टी कर ही रही थी कि तभी वह देखती है, कि पट्टी कम पड़ रही है। हालांकि वह पट्टियां कम नहीं थी, बस युवान का घाव ज्यादा गहरा था और उसमे से लगातार खून निकल रहा था उसे बांधने के लिए ज्यादा से ज्यादा पट्टी की जरूरत थी। इनाया को कुछ समझ नहीं आता के वह अब क्या करे?
इसलिए युवान को उठाकर गाड़ी में बैठा दिया यह युवान को बिठाना कितना मुश्किल काम था वह वही जाने । और अपनी गाड़ी हॉस्पिटल की ओर बढ़ा दिया । काफी देर तक ट्रीटमेंट चलने के बाद युवान की हालत थोड़ी सही हुई थी । जब तक विवान का ट्रीटमेंट चल जब तक इनाया बोर्ड के भरी खड़ी थी ।
कुछ मिनट बाद डॉक्टर बाहर आई उसे देख इनाया ने पूछा डॉक्टर साहब उसे क्या हुआ अब ठीक तो है ना । डॉक्टर अभी कुछ कह नहीं जा सकता अभी वह भी होश है । ऐसे उसका काफी ब्लड लॉस हो चुका है । जिनके वजह से उनको वीकनेस है । इस वक्त तूने अकेला नहीं छोड़ा जा सकता तो आप उनके साथ रह सकते हो ।
रात के लगभग 2:00 बजे
अब तक युवान को होश आ चुका था । युवान धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलता है, तो खुद को हस्पताल में पाता है, वह जैसे ही अपनी बॉडी को थोड़ा मूव करता है कि अचानक उसे अपने शोल्डर में बहुत ज्यादा दर्द होने लगता है, "आआआह" कराहने की आवाज के साथ वह अपने शोल्डर को देखता है और उसे याद आता है कि उसे गोली लगी थी, तभी उसकी नजर अपनी बगल में जाती है। एक छोटी सी मासूम लड़की, उसके पहाड़ जैसे शरीर के साथ चिपक कर सोई है, जो इस वक्त बहुत मासूम लग रही है, उसके काले लंबे घने बाल, उसकी जुल्फें चेहरे पर बिखरी हुई हैं, खिड़की से आ रही चांद की रोशनी में उसका चेहरा और चमक रहा था। कुछ पल के लिए इनाया उसकी मासूमियत में खो जाता है उसके
उसके चेहरे को निहारता रह जाता है। उसका मन कर रहा था कि चेहरे पर बिखरे हुए बालों को अपने हाथों से हटाकर उसके चेहरे को अच्छे से देखे, लेकिन उसका एक हाथ जख्मी था और दूसरे पर इनाया अपना सिर रखकर सोई थी। इनाया का एक हाथ युवान के गले के पास था, यह महसूस होते ही कुछ पल के लिए उसे एक अजीब एहसास होने लगा, उसका दिल जोरो से धड़कने लगा, उसके दिल में हलचल होने लगी, उसकी नजरें इनाया के गुलाबी होठों पर पड़ी, जिन्हें देखकर उसका मन उस के होंठों को चूमने का कर रहा था।
युवान धीरे-धीरे अपने होठों को उसके होठों की तरफ ले जा रहा था, अब लगभग एक पल का ही फासला रह गया था दोनों के होठों को छूने में, वो इतने करीब थे के इनाया की सांसों की युवान को मदहोश कर रही थी, तभी अचानक इनाया अपनी आँखें खोल कर देखती है और युवान को अपने इतने नजदीक देखकर वह अपनी आँखें हैरानी से बड़ी करते हुए जोर से चिल्लाती है, "य.य.य यह क्या कर रहे हो app?"
कहते हुए इनाय जल्दी से उठ बैठती है, तब जाकर युवान को होश आता है कि वह क्या कर रहा था, वह कैसे किसी लड़की की तरफ अट्रैक्ट हो सकता है? हाँ यह बात सच है युवान के आगे। पिछे काई लड़की है लेकिन उनमें से किसी के साथ भी वह फीलिंग के साथ अटैच नहीं हुआ था। उसे आज तक ऐसा महसूस नहीं हुआ कि उसे किसी लड़की के करीब जाना चाहिए, ।आज तक उसके दिल की धड़कनें इतनी तेज नहीं हुई थी, ना जाने क्यों उसे इनाया के साथ एक अटैचमेंट फील हो रही थी। वह उसे देखकर बस बहका हुआ सा महसूस करने लगता था
कूपर मेंशन
सुबह
सिया की आंख खुलता है तो खुद को किसी की बाहों में झगड़ा हुआ महसूस किया सिया आपने नजर उठा कर देखा तो उस का सामना सिद्धार्थ के खूबसूरत चेहरे से हुआ एक पल के लिए तो सिया के चेहरे पर मुस्कान आ गई और अगले ही पल चलीं गईं। उसे
आगे का भाग कल के एपिसोड में आगे क्या होता है जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ ।