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Chapter 3

Viraj The God Of Cultivation World - Episode 3

Viraj The God Of Cultivation World

जब विराज ने अपने पिता द्वारा छोडे गए संसाधनों को देखा तो बहुत खुश हुआ विराज निश्चल फिर से साधना शुरू कर कर दी दस दिन में विराज शरीर एकीकरण की नवे क्षेत्र में पहुंच गया और उसका आदम सूत्र का शरीर एकीकरण पहले क्षेत्र को पार कर गया अब विराज अपनी तलवार की इच्छा शक्ति द्वारा अपनी शरीर को जो गठित कर सकता था जिससे उसका शरीर और ताकतवर हो जाता भलाई ही विराज अब शरीर एकीकरण के केवल नवे क्षेत्र में था परंतु उसकी युद्ध शक्ति किसी भी गोल्डन कर के पहले स्टार के योद्धा से लडने के लिए पर्याप्त थी विराज सोचता है अब कल प्रतियोगिता को एक महीना रह गया है बहुत ही जल्द में कोर गठन क्षेत्र में प्रवेश कर लूंगा उसके बाद इस शहर में मुझे कोई नहीं हर पाएगा यह सोचकर भी राज दोबारा से साधना शुरू करता है और पाँच दिनों में कोर गठन क्षेत्र में प्रवेशकर लेता है अब विराज लगभग चालीस% संसाधन खर्च कर चुका था जो उसके पिता के द्वारा छोडे गए थे लगता है मुझे कुछ समय के लिए बाहर घूम के आना चाहिए मैं काफी दिनों से बाहर नहीं गया हूं यह सोचकर विराज सिंह परिवार छोड देता है और कल्याणपुर में बाजार में घूमने लगता है जब विराज बाजार का ब्राह्मण कर रहा था तो उसे पता चला कि आज नीलामी घर में नीलामी हो रही है यह है सुनकर विराज इसके प्रति थोडा आकर्षित हो गया विराज ने काफी समय से नीलामिया नहीं देखी थी इसलिए वह कल्याणपुर की नीलामी शाखा में जाने का फैसला करता है कल्याणपुर में एक नीलामी घर है जिसे राज्य का सबसे प्रमुख बाजार संगठन माना जाता है इसका नाम गोल्डन पवेलियन है जो की चार महान एकेडमीयो में से एक गोल्डन एंपरर अकादमी के द्वारा सुरक्षित है जब वीराज नीलामी घर पहुंचा तो उसने आसपास की भीड देखी की और सोच लगता है इस बार की नीलामी कुछ खास है और वह है अपने आसपास के लोगों से पूछताछ करने की कोशिश करता है तो उसे पता चलता है कि आज की नीलामी सौ सालों में होने वाली महान नीलामियों में से एक है अभिराज इसके प्रति थोडा आकर्षित हो गया था उसे लगा शायद उसे कुछ अच्छा मिल जाए जो कि उसकी साधना में सहायता कर सके भले ही विराट दोबारा साधना कर रहा था परंतु उसे भी संसाधनों की आवश्यकता थी जिस कारण से है यहां आया था उसके पिता के द्वारा छोडी गई अंगूठी में आत्मा पत्रों की बहुत ही अधिक मात्रा थी जिसमें कई हजार निम्न श्रेणी की आत्मा पत्थर और कई हजार मध्य श्रेणी तथा उच्च श्रेणी के आत्म पत्थर भी थे विराज अंदर जाने ही वाला था तो उसे एक महिला कर्मचारियों ने रोक दिया महिला कर्मचारियों ने पूछा sir आप Kiss श्रेणी के मेहमान है यह सुनकर विराज हैरान हो गया आपका क्या मतलब है Kiss श्रेणी से यह सुनकर महिला रहती है कि आज की नीलामी में खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है जिस कारण से मैं आपसे पूछ रही थी कि आप कौन सी श्रेणी के मेहमान है यह सुनकर विराज हैरान हो गया उसे नहीं लगा था कि इतने छोटे से नीलामी घर के द्वारा मेहमानों का बंटवारा होगा हर होगा विराज कहता है कि मैं कल्याणपुर के चार कालों में से एक सिंह कल से हूं यह सुनकर महिला कर्मचारी रहती है वह तो आप सिंह परिवार के युवा स्वामी है हमें क्षमा करें युवा स्वामी हमने सिंह परिवार को भी एक कार्ड भेजा था मुझे नहीं लगा था कि स्वयं युवा स्वामी पधारेंगे आप Kiss श्रेणी का कमरा चाहेंगे मुझे प्रथम श्रेणी के कमरे चाहिए यह सुनकर महिला कर्मचारी रहती है जी युवा स्वामी लिए मेरे साथ महिला कर्मचारी अभिराज को एक वीआईपी कमरे में ले जाती है और उसे वहां बैठी है विराज कमरे में बैठा था इस नीलामी घर में सब कुछ आपके पैसे पर निर्भर करता था जैसे कि विराज आप जिस कमरे में बैठा है उसकी कीमत दो हजार निम्न श्रेणी आ आत्मा पत्थर है और इससे नीचे के कमरों के लिए भी आत्मा पत्थर दिए जाती है जिससे कि कुलीनता का पता चले कमरे में बैठा था तो नीलामी शुरू हुई पहले जो वस्तु विराज के सामने हो पेश हुई वह एक तलवार थी लेकिन वह एग्जाम खाई तलवार थी जब विराज ने उसे तलवार को दिखा तो उसने पाया कि वह एक संत श्रेणी की टूटी हुई तलवार की जो कि अब केवल आत्मा से श्रेणी की थी इसमें विराज की कोई रुचि नहीं थी परंतु इस नीलामी में बाकी तीन कल भी शामिल हुए थे जिम वर्मा परिवार के मुखिया शर्मा परिवार के मुखिया और डबल परिवार के मुखिया शामिल थे यह तलवार पाँच शून्य निम्न श्रेणी की आत्मा पत्रों में शर्मा परिवार के मुखिया ने खरीद ली इसके बाद नीलामी के लिए महिला कर्मचारी कहती है सजना आज यह सुंदर महिला आपके लिए एक हजार साल पुरानी जडी बूटी रक्त लाल जिनसन पेश करती है इसकी सर्वाधिक कीमत है एक लाख निम्न श्रेणी की आत्मा पत्थर है यह सुनकर विराज इसकी और आकर्षित होता है क्योंकि रक्त जिनसेन साधना में सहायक सामग्री होती है परंतु विराज अचानक से बोली नहीं लगता वह इंतजार करता है और देखता है कि वर्मा शर्मा और डबल परिवार के मुखियाओं ने भी इसमें बोली लगाई है वर्मा परिवार के मुखिया ने दो लाख बोले लगे जबकि डबल परिवार के मुखिया ने रुपये बीस हजार पत्रों पर बोले लगे जब शर्मा परिवार के मुखिया ढाई लाख में जींसन और खरीदने वाले थे तभी विराज ने कीमत तीन लाख आत्मा पत्थर बढा दिए यह देखकर सभी के इस मुंह को लेकर खुले रहते सभी में चर्चाएं होने लगी यह बेवकूफ कौन है जो कि इतनी मोटी बोली लग रहा है वह भी शर्मा परिवार के मुखिया के खिलाफ यह देखकर शर्मा परिवार के मुखिया का चेहरा खट्टा हो गया परंतु उन्होंने कुछ नहीं कहा क्योंकि यह गोल्डन प्रीमियम का क्षेत्र था इसलिए वह चुप रहे तभी महिला रहती है रक्त जिंसोन को पाने के लिए आपको बधाई इसके बाद महिला कर्मचारी रहती है अब हम अगली नीलामी की ओर बढते हैं यह एक आत्मा श्रेणी की जडी बूटी दी आत्मा जड है जो कि किसी की आत्मा की छोटू को ठीक कर सकती है यह देखकर विराज की आंखें चमक उठी अल्लाह की उसकी आत्मा पहले ही संत श्रेणी की थी जिसके कारण आत्मा श्रेणी की औषधीय उसके लिए बेकार थी इसलिए उसने इसे नहीं खरीदा और आगे देखने लगा इसके बाद महिला कर्मचारी अगली बोली शुरू करती है और एक आत्मा श्रेणी का कवच पेश करती है जो की एक रक्षात्मक का जाना था रक्षात्मक जान बहुत ही कीमती होती है जिस कारण से यह बारह लाख निम्न श्रेणी की आत्मा पत्रों में भी कहा इसी तरह से मिरज ने कुछ और चीज करी थी और अंत में महिला कर्मचारी घोषणा करती हैं आखरी बोली जिसके लिए आज सभी इकठ्ठाओं में थे महिला कर्मचारी बताती है यह एक नक्शा है जो कि हमारी गोल्डन पवेलियन को करो से प्राप्त हुआ है इस नशे में एक महान संप्रदाय की प्राचीन विरासत के बारे में बताया गया है जो की अमृत शहर की अमर प्राचीन क्षेत्र के एक संप्रदाय के बारे में बताता है इस नशे की सर्वाधिक कीमत बीस लाख निम्न श्रेणी की आत्मा पत्र है यह सुनकर बिराजपुर सुख हो जाता है और इस नक्शे को खरीदने की सोचता है विराज देखा देखा है कि शर्मा वर्मा और डबल परिवार के मुखियाओं तुमने अस्सी लाख तक पहुंच गई तभी विराज ने कीमत को एक करोड पर बढा दिया और नकशे को खरीद लिया इसके बाद जब विराज नक्शा और अपनी बाकी चीजों के लेने के लिए नीलामी घर के पिछले हिस्से में गया और अपनी चीज ली तभी उसने वहां पर मंडप की प्रमुख शालिनी को देखा उसे देखकर विराज हैरान हो गया विराज की हैरानी का कारण उसकी खूबसूरती नहीं बल्कि उसका शारीरिक गठन था विराज एक सम्राट रह चुका था वह एक नजर में बता सकता था कि उसे महिला का शारीरिक गठन बहुत ही खास था इसलिए वह बस हैरान था और उसे पर एक नजर डालकर नीलामी घर से निकल गया लेकिन विराज को यह नहीं पता था कि उसकी इस हरकत को शालिनी ने देख लिया था वह इस बात से काफी हैरान थी उसकी नजरों में उसने कुछ अजीब महसूस किया जिससे कि वह उत्सव हो गई और उसने अपने साथ वाले कर्मचारियों से कहा कि वह उसका पीछा करें

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