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Chapter 5

Viraj The God Of Cultivation World - Episode 5

Viraj The God Of Cultivation World

विराज के जाने के तीन दिन बाद कल्याणपुर में माहौल पूरी तरह बदल चुका था अलग- अलग राज्यों से कई महान शक्तियां कल्याणपुर में आई इसका कारण यह था कि उन सभी को कल्याणपुर से एक गहरी आभा महसूस हो रही थी यह सभी लोग कोई आम आदमी नहीं थे यह अर्थ राजा क्षेत्र में थे लेकिन इन्होंने अपनी आभा को छुपा रखा था क्योंकि सभी साधना करने वाले लोगों में एक बात सहमति में थी कि उनके कारण किसी भी आम आदमी पर उसका असर नहीं पादना चाहिए साधना की दुनिया और आम आदमी की दुनिया अलग होती है जिस कारण से यह नियम मनाया गया था की साधना करने वाले लोग आम आदमियों के जीवन में दखलंदाजी नहीं करेंगे इसलिए सभी ने अपनी आवाज छुपा रखी थी और ध्यानपूर्वक कल्याणपुर में भारतीय चालू कर दी ताकि कोई भी चौदह वर्ष से ऊपर का बच्चा इससे न बच सके बच सके उन्हें यह नहीं पता था की विराज वहां से पहले ही निकल चुका था कल्याणपुर से एक हजार मील दक्षिण की ओर विराज इस समय पूर्वी महाद्वीप के एक जाने- माने शहर स्वरण नगर में था यह पूर्वी महाद्वीप का सबसे बडा शहर था और यहां पर विभिन्न प्रकार के के संसाधन प्राप्त किया जा सकते थे विराज के पास इस समय बहुत ही बडी मात्रा में उसके पिता के द्वारा छोडे गए आत्म पश पत्थर थे जिस कारण से वह कुछ और संसाधन खरीदना चाहता था क्योंकि दक्षिणी महादेव की ओर जाते हुए उसे पहाड और जंगल पार करने थे और उन पहाडों जंगलों में बहुत ही खतरनाक जानवर भी थे जिनका साधना स्थल आत्मा क्षेत्र से राजा क्षेत्र तक था हो सकता है राजा क्षेत्र से भी ऊपर तक के जानवर वहां हो जिस कारण से विराज कई प्रकार के संसाधन खरीदना चाहता था जैसे हथियार गोलियां और कुछ खाना पीने के लिए भले ही विराज गोल्डन कर में था परंतु उसे भी दो- तीन महीने बाद खाना खाना ही पडता था जिस कारण से वह है इस शहर में रुका था जब विराज बाजार में घूम रहा था तो उसे एक एटम स्टोर दिखा का और उसने वहां पर कई कलाकृतियां देखी विराज उसके पास गया और एक बुजुर्ग को अंदर बैठे देखा फिर फिर उसने कईकलाकृतियां देखी कुछ नहीं इन खुला काशन के बीच में एक काला पत्थर देखा जो किसी का सा था उससे कोई आप नहीं निकल रही थी पर विराज उसे देखकर हैरान हो गया क्योंकि यह एक मेमोरी स्टोन था जो की अमर श्रेणी का था इसे केवल कोई अमर उजाला यहां एक खास तकनीक से ही खोल सकता था और इसके अंदर की जानकारी देख सकता था परंतु नश्वर संसार में अमर उजाला नहीं मिल सकती थी और यह तकनीक भी नहीं हो सकती थी विराज काफी हैरान था कि इस महेश्वर संसार में ऐसी वस्तु भी हो सकती है विराज ने बुजुर्ग से पूछा बुजुर्ग क्या आप बता सकते हैं इस पत्थर की कीमत क्या है बुजुर्ग ने आंखें खोली और इस पत्थर को दिखा और कहां यह एक काला पत्थर है मुझे नहीं पता यह Kiss काम आता है परंतु मैं इसे एक प्राचीन खंडहर से प्राप्त किया था जिस कारण से इसकी कीमत एक हजार निम्न श्रेणी के पत्थर हैं विराज ने कोई भैंस नहीं की और पत्थर खरीद लिया यह देखकर बुजुर्ग हैरान हो गया उसे लगा कि शायद उसने कम कीमत मांग ली पर अब सौदा हो चुका था जिस कारण से बुजुर्ग ने उसे वह पत्थर दे दिया पत्थर लेने के बाद विराज ने उसकी टोल में और भी कलाकृतियां अच्छी परंतु कुछ खास नहीं मिला इसलिए वह वहां से निकल गया और अगली कलाकृतियों की एक और शॉप पर पहुंचा वहां से उसने कुछ रक्षात्मक खजाने कुछ पानी खाना पीना बनाने के लिए साधन खरीदे और आगे निकल गया जब विरार शहर में घूमी रहा था तभी उसकी नजर एक और दुकान में गई जहां पर कई कलाकृतियां थी और वह उसकी ओर चला गया गया उसने वहां पर कई पत्थर देखें यह कई तरह के पत्थर थे जो की आम काले पत्थर थे जरा sir इन पत्थर को खोलकर इनके अंदर से कीमती पत्थर निकल जाते थे विराज ने अपनी आंखों से इन्हें देख और फिर उसने एक तकनीक शुरू की उसकी आंखें अचानक बैंगनी रोशनी से चमकी और उसने एक पत्थर से आदम नीली ऊर्जा निकलते हुए महसूस की वह हीरोइन हो गया क्योंकि उसे अराजकता की उर्जा निकल रही थी विराज ने महसूस किया कि इस शहर में उसे काफी ऐसी चीज मिली है जो नश्वर संसार में होने ही नहीं चाहिए थी पर तू विराज ने सोचा मैं इसके बारे में बाद में सोचूंगा फिर उसने उसे बुजुर्ग से कहा कि एक पत्थर का क्या रेट है तो बुजुर्ग ने बताया कि एक छोटे पत्थर का मूल्य पाँच सौ निम्न श्रेणी केआत्म पत्थर हैं और एक बडे पत्थर है का मूल्य एक हजार निम्न श्रेणी के आत्मा पत्थर हैं यह सुनकर विराज नहीं बिना हिचक एक हजार निम्न श्रेणी के पत्थर उसे दिए और उसे अराजकता पत्थर को ले लिया यह सब करने के बाद भी राज स्वर्ण शहर में और नहीं रुका और दक्षिणी राज्य की ओर निकल गया शहर से निकलने के बाद विराज जंगल के किनारे पहुंचा उसने जंगल की ओर देखा और सोचा लगता है मुझे काफी दिल लगेंगे दक्षिण ही राज्य की ओर पहुंचते हुए यह जंगल एक गहरा जंगल था जो कि लगभग पचास हजार मिल में फैला हुआ था लेकिन यह केवल पूर्वी भाग में ही नहीं था दक्षिणी भाग में भी फैला हुआ था विराज के लिए अच्छी बात यह थी की अमरावती शहर दक्षिणी शहर की अंदरूनी और बाहरी सीमा पर ही था इसका अर्थ यह था कि दक्षिणी शहर पहुंचने में विराज को केवल दो वर्ष का समय लगेगा क्योंकि जंगल भी वह उड नहीं सकता था क्योंकि चारों ओर ताकतवर रक्षा और जानवर घूम रहे थे क्या पता कब है किसी बहुत ही ताकतवर शख्सियत को अपनी और आकर्षित कर देता जिस कारण से वह ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड सकता था वह केवल पेडों की ऊंचाई तक थी उड रहा था ताकि वह किसी की नजर में ना आए जिस कारण से उसे जंगल और पहाडों को पार करने में काफी समय लग जाना था जब विराज अंदर जानी ही वाला था तो उसे उसके पास में ही एक समूह दिखाई दिया इन्होंने काले वस्त्र पहने थे उनमें दस लडके और साथ लडकियां थी उन्होंने कोई घोडे और सामान ले रखा था ऐसा लगता था कि भी कोई संप्रदाय के शिष्य थे जो यहां शिकार करने आए थे यह सभी कोर गठन के प्रथम द्वितीय क्षेत्रऔर तृतीय क्षेत्र में थे उनमें से कुछ और गठन के सातवें आठवें क्षेत्र में भी था पर विराज को इसे कोई फर्क नहीं पडा विराज उन्हें नजर अंदाजा करने वाला था तभी में से एक महीना विराज के पास है राजकीय चेहरे को दिखाओ और उसे पर निगाहें दिखा कर रह गई बहुत ही आकर्षित लगा के समय केवल पंद्रह वर्ष का था परंतु उसका शरीर शुभ गठित और काफी सुंदर अपने विकास के वर्षों में था किंतु उसकी Height पहले ही पाँच दशमलव आठ तक पहुंच गई थी उसका गोरा रंग चांदी जैसे बाल जो की बहुत ही व्यवस्थित थे बहुत ही सुंदर लगता था उसका चेहरा चमकीला और उसके चेहरे पर एक सुंदर मुस्कान किसी भी महिला को मंत्र मुक्त कर सकती थी जिस कारण से वह महिला विराज को देखकर हैरान हो गई हो गई विराज ने उसकी और देखा और कहा क्या बात है तभी महिला होश में आई और कहा क्या आप अकेले हैं विराज ने कहा हां मैं अकेला ही हूं महिला रहती है क्या आप हमारे समूह के साथ यात्रा करना चाहेंगे यह जंगल बहुत ही खतरनाक विराज ने उसकी बात सुनी और मना कर दिया लडकी थोडी मायूस हुई पर इस समय एक और अहंकारी आवाज आई उसने कहा सीनियर सिस्टम इस कमजोर व्यक्ति को हमारे साथ लेकर क्या करना है वैसे भी यह केवल भोज ही बनेगा विराज ने आवाज की ओर देखा तो उसने पाया कि एक युवक जो कर गठन के छठे क्षेत्र पर है उसकी ओर आया और उसे हीकारत से देख रहा था उसकी आंखों में एक जलन और ठंडी चमकत पर विराज ने उसे नजरअंदाज कर दिया और सीधा जंगल की ओर चला गया यह देखकर युवक का चेहरा काला पड गया पर उसने उसे नहीं रोका क्योंकि उसकी सीनियर सिस्टर उसे घुर रही थी और उसने कहा क्या तुम थोडे समझदार नहीं बन सकते यह सुनकर वह युवक थोडा मायूस हुआ और लडकी ने आगे कुछ नहीं समझाया और समूह की ओर वापस चली गई विराज की अंदर जाने के बाद समूह भी अंदर चला गया जब विराज जंगल के काफी अंदर चल रहा था तो उसने पाया किया इस समय काफी अंधेरा हो चुका है इसलिए वह एक जगह ढूंढने लगा ताकि वह रख सके उसने पास ही में एक गुफा पाई और कुछ समय के लिए वहां रुकने का निर्णय लिया

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