Perfect Life System - Episode 2
Perfect Life Systemअध्याय 2 : वापसी और चुनौती
उस रात आर्यन को नींद नहीं आई।
उसके बैंक खाते में वास्तव में ₹50,000 आ चुके थे।
वह बार-बार अपना मोबाइल खोलकर बैलेंस देख रहा था।
हर बार वही रकम दिखाई देती।
यह कोई सपना नहीं था।
सिस्टम सच था।
अगली सुबह ठीक 6 बजे—
[डिंग!]
सिस्टम की स्क्रीन उसके सामने प्रकट हुई।
[दैनिक मिशन जारी किया गया]
मिशन: कॉलेज बास्केटबॉल कोर्ट में 100 सफल शॉट लगाओ।
इनाम: ₹1,00,000
अतिरिक्त इनाम: बास्केटबॉल कौशल +1
असफलता: पूरे दिन कमजोरी।
आर्यन कुछ देर तक स्क्रीन को देखता रहा।
बास्केटबॉल...
यही वह खेल था जिसने उसे कभी पहचान दिलाई थी।
और यही खेल उसकी सबसे बड़ी पीड़ा भी बन गया था।
तीन साल पहले...
राज्य स्तरीय फाइनल मैच से एक दिन पहले, उसने सड़क पर एक लड़की की जान बचाई थी।
उस लड़की को तेज रफ्तार ट्रक से बचाते समय उसके पैर में गंभीर चोट लग गई थी।
वह फाइनल मैच नहीं खेल पाया।
उसकी टीम हार गई।
लोगों ने उसे दोषी ठहराया।
कई दोस्तों ने उसका साथ छोड़ दिया।
और धीरे-धीरे उसने बास्केटबॉल से दूरी बना ली।
लेकिन आज...
सिस्टम उसे फिर उसी कोर्ट की ओर खींच रहा था।
दोपहर में वह कॉलेज के बास्केटबॉल कोर्ट पहुँचा।
कोर्ट पर खिलाड़ियों की भीड़ थी।
कुछ छात्र अभ्यास कर रहे थे।
कुछ दर्शक बनकर बैठे थे।
आर्यन ने चुपचाप एक गेंद उठाई।
उसके हाथ हल्के-हल्के काँप रहे थे।
तीन साल बाद वह फिर बास्केटबॉल को छू रहा था।
उसने पहला शॉट लिया।
स्विश!
गेंद सीधे जाल में गई।
उसका दिल तेजी से धड़कने लगा।
दूसरा शॉट।
स्विश!
तीसरा।
स्विश!
चौथा।
स्विश!
धीरे-धीरे उसके अंदर पुराना आत्मविश्वास लौटने लगा।
जैसे उसका शरीर इस खेल को कभी भूला ही न हो।
तभी कोर्ट के बाहर अचानक हलचल मच गई।
एक काली लग्ज़री कार आकर रुकी।
कार का दरवाज़ा खुला।
एक बेहद खूबसूरत लड़की बाहर उतरी।
लंबे काले बाल।
आत्मविश्वास से भरी आँखें।
सफेद शर्ट और नीली जींस।
पूरा कोर्ट कुछ क्षण के लिए शांत हो गया।
वह थी—
अनन्या कपूर।
कपूर ग्रुप की इकलौती उत्तराधिकारी।
कॉलेज की सबसे लोकप्रिय छात्रा।
और करोड़ों की संपत्ति की मालकिन।
अनन्या की नज़र सीधे आर्यन पर जाकर रुकी।
वह कुछ सेकंड तक उसे देखती रही।
एक साधारण कपड़ों वाला लड़का...
लेकिन उसकी आँखों में अजीब सा आत्मविश्वास था।
उधर आर्यन को इस बात का अंदाज़ा भी नहीं था कि कोई उसे देख रहा है।
वह अपने मिशन में व्यस्त था।
[मिशन प्रगति: 45/100]
तभी एक आवाज़ आई—
"यह नया लड़का कौन है?"
कोर्ट पर मौजूद कुछ खिलाड़ी आर्यन की तरफ देखने लगे।
क्योंकि वह लगातार शॉट पर शॉट डाले जा रहा था।
और उसकी सटीकता किसी पेशेवर खिलाड़ी जैसी लग रही थी।
अनन्या के होंठों पर हल्की मुस्कान उभरी।
"दिलचस्प..."
उसने धीरे से कहा।
उसे नहीं पता था कि यह मुलाकात उसकी ज़िंदगी बदलने वाली है।
और आर्यन को भी नहीं पता था कि यही लड़की एक दिन उसकी सबसे बड़ी ताकत... और सबसे बड़ी कमजोरी बनने वाली है।
आर्यन लगातार शॉट लगाता जा रहा था।
[मिशन प्रगति: 78/100]
कोर्ट पर मौजूद खिलाड़ियों और छात्रों की भीड़ बढ़ती जा रही थी।
हर कोई उस अनजान लड़के को देख रहा था जो बिना रुके बास्केट डाल रहा था।
"स्विश!"
"स्विश!"
"स्विश!"
लगातार तीन और शॉट अंदर गए।
अब पूरा कोर्ट शांत था।
कोई मज़ाक नहीं उड़ा रहा था।
कोई हँस नहीं रहा था।
सबके चेहरे पर सिर्फ हैरानी थी।
उसी समय भीड़ को चीरते हुए एक लंबा और ताकतवर लड़का आगे आया।
उसका नाम था—
विक्रम सिंह।
कॉलेज बास्केटबॉल टीम का कप्तान।
कॉलेज का स्टार खिलाड़ी।
और अनन्या कपूर का सबसे बड़ा प्रशंसक।
विक्रम की नज़र पहले आर्यन पर गई।
फिर अनन्या पर।
और फिर वापस आर्यन पर।
उसे साफ दिखाई दे रहा था कि अनन्या इस नए लड़के में रुचि ले रही है।
यह बात उसे बिल्कुल पसंद नहीं आई।
वह आर्यन के सामने आकर खड़ा हो गया।
"तुम कौन हो?"
उसने घमंडी आवाज़ में पूछा।
आर्यन ने गेंद पकड़ते हुए जवाब दिया,
"आर्यन शर्मा।"
"पहले कभी नहीं देखा।"
"मैंने भी नहीं देखा।"
आर्यन का जवाब सुनकर आसपास खड़े कुछ लड़के हँस पड़े।
विक्रम का चेहरा सख्त हो गया।
"बहुत मज़ाकिया हो?"
"नहीं।"
"फिर?"
"सिर्फ सच बोल रहा हूँ।"
अनन्या दूर खड़ी यह सब देख रही थी।
पहली बार किसी ने विक्रम से इस तरह बात की थी।
विक्रम ने अचानक आर्यन के हाथ से गेंद छीन ली।
"अगर इतने ही अच्छे खिलाड़ी हो तो मेरे साथ मुकाबला करो।"
कोर्ट पर सन्नाटा छा गया।
आर्यन ने भौंहें चढ़ाईं।
"किस बात का मुकाबला?"
"पाँच शॉट।"
विक्रम मुस्कुराया।
"जो ज्यादा शॉट डालेगा, वही जीतेगा।"
तभी सिस्टम की स्क्रीन चमकी।
[डिंग!]
[विशेष मिशन जारी किया गया]
मिशन: विक्रम सिंह को बास्केटबॉल मुकाबले में हराओ।
इनाम: ₹2,00,000
अतिरिक्त इनाम: उन्नत बास्केटबॉल कौशल।
असफलता: कोई नहीं।
आर्यन के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई।
"लगता है आज किस्मत मेरे साथ है।"
उसने विक्रम की तरफ देखा।
"ठीक है।"
"मैं तैयार हूँ।"
भीड़ उत्साहित हो उठी।
कॉलेज का स्टार खिलाड़ी बनाम एक रहस्यमयी नया लड़का।
अनन्या ने भी अपनी बाँहें मोड़ लीं।
उसकी आँखों में उत्सुकता थी।
वह जानना चाहती थी कि आखिर आर्यन है कौन।
मुकाबला शुरू होने वाला था।
और किसी को अंदाज़ा नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में पूरा कॉलेज आर्यन शर्मा का नाम जानने वाला है।
जारी रहेगा....
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