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Chapter 14

Perfect Life System - Episode 14

Perfect Life System

अध्याय 14 : पीछा और शक्ति का विस्फोट

आर्यन ने एक पल भी बर्बाद नहीं किया। जैसे ही सिस्टम ने विक्रम की लोकेशन दिखाई, वह तुरंत पार्किंग की तरफ दौड़ पड़ा। पीछे से अनन्या ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह रुकने वाला नहीं था।

पार्किंग में पहुँचते ही उसने देखा कि काली एसयूवी तेज़ी से बाहर निकल रही है।

[लक्ष्य की दूरी: 300 मीटर]

सिस्टम लगातार अपडेट दे रहा था।

उसी समय होटल के बाहर एक सुरक्षा गार्ड की बाइक खड़ी दिखाई दी।

आर्यन सीधे उसकी तरफ गया।

"मुझे यह बाइक चाहिए।"

गार्ड कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आर्यन अपनी पहचान दिखाकर बाइक पर बैठ चुका था।

अगले ही पल बाइक सड़क पर दौड़ रही थी।

रात का समय था।

सड़कें पूरी तरह खाली नहीं थीं।

लेकिन ट्रैफिक इतना भी नहीं था कि पीछा करना असंभव हो जाए।

सिस्टम लगातार दिशा बता रहा था।

[लक्ष्य दाईं ओर मुड़ा है]

[दूरी: 250 मीटर]

[गति: 90 किलोमीटर प्रति घंटा]

आर्यन ने बाइक की रफ्तार और बढ़ा दी।

उसकी आँखों में सिर्फ एक लक्ष्य था।

विक्रम।

उधर एसयूवी के अंदर विक्रम लगातार पीछे देख रहा था।

उसके साथ दो आदमी और बैठे थे।

"वह अभी भी पीछे है।"

एक आदमी घबराकर बोला।

विक्रम का चेहरा गुस्से से भरा हुआ था।

"नामुमकिन।"

"उसे इतनी जल्दी यहाँ नहीं पहुँचना चाहिए था।"

लेकिन सच सामने था।

आर्यन उनका पीछा कर रहा था।

और तेजी से करीब आ रहा था।

कुछ मिनट बाद एसयूवी शहर से बाहर एक पुराने औद्योगिक इलाके में पहुँच गई।

चारों तरफ बंद फैक्ट्रियाँ थीं।

सड़कें सुनसान थीं।

यही शायद उनका सुरक्षित ठिकाना था।

लेकिन विक्रम ने एक गलती कर दी थी।

वह घबराहट में सीधे अपने अड्डे की तरफ भागा था।

[लक्ष्य की दूरी: 50 मीटर]

सिस्टम की आवाज़ गूँजी।

[मिशन का अंतिम चरण शुरू]

एसयूवी अचानक एक पुराने गोदाम के सामने रुकी।

विक्रम और उसके आदमी तुरंत बाहर निकले।

लेकिन जैसे ही वे अंदर जाने वाले थे...

एक बाइक उनके सामने आकर रुकी।

आर्यन धीरे-धीरे बाइक से उतरा।

उसकी आँखें शांत थीं।

लेकिन उस शांति के पीछे तूफान छिपा हुआ था।

विक्रम कुछ पल के लिए चुप रह गया।

फिर उसके चेहरे पर व्यंग्यपूर्ण मुस्कान आ गई।

"तुम सच में यहाँ तक आ गए।"

आर्यन उसकी तरफ बढ़ा।

"आज रात बहुत सारे सवालों के जवाब मिलेंगे।"

विक्रम हँस पड़ा।

"और अगर मैं जवाब न दूँ तो?"

आर्यन कुछ नहीं बोला।

उसी समय गोदाम का बड़ा दरवाज़ा खुला।

अंदर से लगभग दस आदमी बाहर निकल आए।

सभी हथियारबंद थे।

विक्रम मुस्कुराया।

"तुम्हें लगा था मैं अकेला हूँ?"

स्थिति खतरनाक थी।

लेकिन आर्यन के चेहरे पर कोई डर नहीं था।

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सिस्टम चमका।

[डिंग!]

मास्टर कॉम्बैट स्किल अस्थायी रूप से 100% सक्रिय

समय सीमा: 20 मिनट

आर्यन ने अपनी मुट्ठियाँ कस लीं।

उसे महसूस हुआ कि उसका शरीर पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो चुका है।

उसकी प्रतिक्रिया क्षमता।

उसकी गति।

उसकी ताकत।

सब कुछ कई गुना बढ़ गया था।

विक्रम ने हाथ उठाया।

"पकड़ लो इसे।"

अगले ही पल दसों आदमी आर्यन की तरफ दौड़ पड़े।

लेकिन जो होने वाला था...

उसकी कल्पना उनमें से किसी ने नहीं की थी।

क्योंकि आज पहली बार...

आर्यन अपनी पूरी शक्ति का उपयोग करने वाला था।

और यह रात विक्रम सिंह की ज़िंदगी बदलने वाली थी।

जैसे ही विक्रम का आदेश गूँजा, दसों आदमी एक साथ आर्यन की तरफ टूट पड़े। किसी के हाथ में लोहे की रॉड थी, किसी के हाथ में चाकू, तो किसी के हाथ में मोटी लकड़ी की छड़ी।

लेकिन आर्यन की आँखों में कोई घबराहट नहीं थी।

उसके सामने सिस्टम की नीली स्क्रीन चमक रही थी।

[मास्टर कॉम्बैट स्किल सक्रिय]

[विश्लेषण पूर्ण]

[सभी विरोधियों की गतिविधियाँ ट्रैक की जा रही हैं]

अचानक दुनिया उसे धीमी दिखाई देने लगी।

हर हरकत।

हर कदम।

हर हमला।

सब कुछ।

पहला आदमी लोहे की रॉड लेकर उसकी तरफ झपटा।

आर्यन एक कदम साइड में हुआ।

रॉड हवा में घूमती हुई निकल गई।

उसी क्षण आर्यन का मुक्का आदमी के पेट में लगा।

धड़ाम!

वह आदमी कई फीट दूर जाकर गिर पड़ा।

बाकी लोग कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए।

लेकिन फिर तीन लोग एक साथ उस पर टूट पड़े।

एक ने पीछे से हमला किया।

दूसरे ने बाएँ तरफ से।

तीसरे ने सीधे सामने से।

आर्यन ने बिजली जैसी गति से प्रतिक्रिया दी।

उसने सामने वाले की कलाई पकड़कर उसे घुमाया।

वह आदमी अपने ही साथी से टकरा गया।

फिर एक तेज़ लात।

दूसरा आदमी जमीन पर।

एक कोहनी का वार।

तीसरा आदमी बेहोश।

कुछ ही सेकंड में तीन और लोग लड़ाई से बाहर हो चुके थे।

विक्रम का चेहरा बदलने लगा।

उसे पहली बार डर महसूस हुआ।

यह वही लड़का था जिसे वह कुछ महीने पहले एक साधारण छात्र समझता था।

लेकिन अब...

वह किसी प्रशिक्षित योद्धा जैसा लड़ रहा था।

बाकी बचे आदमी भी अब पूरी ताकत से हमला करने लगे।

लेकिन नतीजा वही रहा।

एक-एक करके सभी जमीन पर गिरते गए।

पाँच मिनट बाद...

गोदाम के सामने सिर्फ एक व्यक्ति खड़ा था।

आर्यन।

बाकी सभी लोग जमीन पर पड़े कराह रहे थे।

सन्नाटा छा गया।

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विक्रम की आँखों में अविश्वास था।

"यह... यह कैसे संभव है?"

आर्यन धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा।

"मुझे भी पहले यही लगता था।"

विक्रम एक कदम पीछे हट गया।

फिर दूसरा।

फिर तीसरा।

लेकिन अब भागने की कोई जगह नहीं थी।

आर्यन उसके सामने आकर रुक गया।

"अब सच बताओ।"

विक्रम ने कुछ नहीं कहा।

आर्यन की नजरें ठंडी हो गईं।

"होटल पर हमला किसने करवाया?"

कुछ सेकंड तक खामोशी रही।

फिर विक्रम हँस पड़ा।

एक अजीब, पागलपन भरी हँसी।

"तुम जीत गए हो?"

"तुम्हें सच में ऐसा लगता है?"

आर्यन की भौंहें सिकुड़ गईं।

विक्रम ने धीरे-धीरे सिर उठाया।

"तुम अभी भी कुछ नहीं जानते।"

"मैं सिर्फ एक मोहरा हूँ।"

यह सुनते ही आर्यन की आँखों में चमक आई।

यानी उसका शक सही था।

इस खेल के पीछे कोई और था।

"यश?"

विक्रम कुछ पल चुप रहा।

फिर मुस्कुराया।

"अगर मैं उसका नाम ले भी दूँ..."

"तो क्या कर लोगे?"

"उसके पीछे ऐसे लोग हैं जिनकी कल्पना भी तुम नहीं कर सकते।"

उसी समय सिस्टम चमका।

[डिंग!]

सत्य उद्घाटन फ़ाइल सक्रिय

गोपनीय डेटा प्राप्त हुआ।

आर्यन ने तुरंत स्क्रीन खोली।

और अगले ही पल उसका चेहरा गंभीर हो गया।

क्योंकि स्क्रीन पर सिर्फ यश राठौड़ का नाम नहीं था।

उसके ऊपर एक और नाम लिखा था।

एक ऐसा नाम जिसे देखकर विक्रम का चेहरा भी पीला पड़ गया।

रुद्र प्रताप राठौड़।

राठौड़ ग्रुप का वास्तविक प्रमुख।

यश का चाचा।

और देश के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में से एक।

लेकिन फाइल में सिर्फ उसका नाम नहीं था।

उसके साथ दर्जनों अवैध सौदों, रिश्वतखोरी और गुप्त नेटवर्क की जानकारी भी मौजूद थी।

आर्यन समझ गया।

यश सिर्फ समस्या का एक हिस्सा था।

असली दुश्मन कहीं ज्यादा शक्तिशाली था।

उसी समय सिस्टम की आवाज़ फिर गूँजी।

[डिंग!]

मुख्य कहानी मिशन सक्रिय

लक्ष्य: राठौड़ साम्राज्य का सच उजागर करो।

समय सीमा: 1 वर्ष

इनाम: ₹100 करोड़

एम्पायर लेवल : 2

लेजेंडरी ब्लडलाइन टैलेंट

आर्यन की आँखों में चमक आ गई।

अब खेल का स्तर बदल चुका था।

यह सिर्फ कॉलेज की दुश्मनी नहीं थी।

यह एक साम्राज्य और दूसरे उभरते साम्राज्य की लड़ाई बनने जा रही थी।

और आज रात...

उस युद्ध की पहली असली शुरुआत हो चुकी थी।

जारी रहेगा...

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