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Chapter 7

Perfect Life System - Episode 7

Perfect Life System

अध्याय 7 : सगाई की घोषणा, पहली धमकी

पूरा हॉल शांत हो गया।

सैकड़ों लोगों की निगाहें मंच पर खड़े राघव कपूर पर टिक गईं।

राघव कपूर ने माइक्रोफोन को थोड़ा ऊपर किया और मुस्कुराए।

"सबसे पहले मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूँ कि आप आज यहाँ आए।"

तालियाँ गूँज उठीं।

उन्होंने कुछ सेकंड रुककर हॉल की तरफ देखा।

फिर बोले,

"आज मेरे लिए बहुत खास दिन है।"

अनन्या का दिल तेजी से धड़कने लगा।

उसे पहले ही अंदाज़ा हो चुका था कि क्या होने वाला है।

यश राठौड़ के चेहरे पर आत्मविश्वास भरी मुस्कान थी।

विक्रम दूर खड़ा सब कुछ देख रहा था।

और आर्यन...

वह चुपचाप मंच की तरफ देख रहा था।

राघव कपूर ने आगे कहा,

"आज मैं अपनी बेटी अनन्या कपूर और राठौड़ ग्रुप के उत्तराधिकारी यश राठौड़ की सगाई की घोषणा करता हूँ।"

पूरा हॉल तालियों से गूँज उठा।

कई लोग बधाइयाँ देने लगे।

बिजनेस जगत के लिए यह दो बड़े परिवारों का गठबंधन था।

लेकिन अनन्या के लिए...

यह एक सुनहरा पिंजरा था।

उसका चेहरा सफेद पड़ गया।

उसने अपने पिता की तरफ देखा।

फिर यश की तरफ।

और अंत में आर्यन की तरफ।

उसकी आँखों में साफ दिखाई दे रहा था कि वह यह सगाई नहीं चाहती।

उसी समय सिस्टम की स्क्रीन चमकी।

[डिंग!]

SSS-रैंक मिशन जारी

लक्ष्य: अनन्या की इच्छा का सम्मान करते हुए उसे इस सगाई से बचाने का रास्ता खोजो।

समय सीमा: 6 महीने

इनाम:

₹10 करोड़

एम्पायर बिल्डर टैलेंट

विशेष रहस्यमयी अधिकार

असफलता: कोई नहीं

आर्यन की साँस रुक गई।

यह अब तक का सबसे बड़ा मिशन था।

लेकिन वह जानता था—

इस मिशन को पूरा करने के लिए केवल पैसा काफी नहीं होगा।

उसे ताकत, प्रभाव और एक साम्राज्य चाहिए होगा।

मंच पर यश मुस्कुराते हुए खड़ा था।

उसे पूरा विश्वास था कि खेल खत्म हो चुका है।

लेकिन तभी...

अनन्या ने अचानक मंच पर जाने से इनकार कर दिया।

पूरा हॉल चौंक गया।

राघव कपूर का चेहरा कठोर हो गया।

"अनन्या।"

उन्होंने चेतावनी भरे स्वर में कहा।

लेकिन अनन्या अपनी जगह से नहीं हिली।

हॉल में फुसफुसाहट शुरू हो गई।

यश की मुस्कान भी धीरे-धीरे गायब होने लगी।

राघव कपूर मंच से नीचे उतरे।

"अभी।"

उन्होंने कठोर आवाज़ में कहा।

कुछ सेकंड तक खामोशी छाई रही।

फिर अनन्या धीरे-धीरे आगे बढ़ी।

लेकिन उसकी आँखें लगातार आर्यन को खोज रही थीं।

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जैसे वह कोई जवाब ढूँढ रही हो।

कोई उम्मीद।

कोई रास्ता।

और उसी क्षण...

आर्यन ने एक फैसला कर लिया।

वह अब सिर्फ अपने लिए सफल नहीं बनेगा।

वह इतना शक्तिशाली बनेगा कि किसी को भी अपनी इच्छा के विरुद्ध झुकना न पड़े।

उसकी आँखों में पहली बार एक सच्चे साम्राज्य निर्माता की चमक दिखाई दी।

और दूर खड़ा यश राठौड़...

अनजाने में अपने सबसे खतरनाक प्रतिद्वंद्वी को जन्म दे चुका था।

पार्टी धीरे-धीरे समाप्त होने लगी।

लोग अब भी राघव कपूर की घोषणा के बारे में बातें कर रहे थे।

कई बिजनेसमैन यश राठौड़ को बधाई दे रहे थे।

मीडिया वाले तस्वीरें ले रहे थे।

लेकिन अनन्या के चेहरे पर कोई खुशी नहीं थी।

वह कुछ देर बाद चुपचाप हॉल से बाहर निकल गई।

आर्यन ने यह देखा और उसके पीछे चला गया।

होटल की छत पर ठंडी हवा चल रही थी।

शहर की रोशनियाँ दूर तक चमक रही थीं।

अनन्या रेलिंग के पास खड़ी थी।

उसकी आँखें लाल थीं।

वह रोना नहीं चाहती थी।

लेकिन अपने आँसू रोक भी नहीं पा रही थी।

आर्यन उसके पास जाकर खड़ा हो गया।

कुछ देर तक दोनों चुप रहे।

फिर अनन्या बोली,

"क्या तुम्हें पता है सबसे बुरी बात क्या है?"

आर्यन ने उसकी तरफ देखा।

"क्या?"

अनन्या हल्का सा हँसी।

लेकिन वह हँसी दर्द से भरी थी।

"सब लोग सोचते हैं कि मैं बहुत खुशकिस्मत हूँ।"

"करोड़ों की संपत्ति।"

"शानदार जिंदगी।"

"सब कुछ।"

वह कुछ पल रुकी।

"लेकिन मेरे पास अपनी जिंदगी के फैसले लेने की आजादी भी नहीं है।"

आर्यन के पास इसका कोई आसान जवाब नहीं था।

क्योंकि वह जानता था कि अनन्या सच कह रही थी।

कुछ देर बाद उसने धीरे से कहा,

"मैं वादा नहीं कर सकता कि सब कुछ ठीक कर दूँगा।"

"लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूँ कि मैं हार नहीं मानूँगा।"

अनन्या उसकी तरफ देखने लगी।

पहली बार उसे लगा कि कोई उसकी बात सच में समझ रहा है।

उसी समय पीछे से ताली बजाने की आवाज़ आई।

दोनों मुड़े।

यश राठौड़ वहाँ खड़ा था।

उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी।

लेकिन उसकी आँखों में ठंडापन साफ दिखाई दे रहा था।

"काफी भावुक बातचीत चल रही है।"

अनन्या का चेहरा सख्त हो गया।

"तुम यहाँ क्या कर रहे हो?"

यश धीरे-धीरे उनकी तरफ बढ़ा।

"अपनी होने वाली मंगेतर को ढूँढ रहा था।"

यह सुनते ही अनन्या की मुट्ठियाँ कस गईं।

लेकिन यश की नजर अब आर्यन पर थी।

"मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।"

आर्यन शांत रहा।

"कहो।"

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यश उसके सामने आकर रुक गया।

"तुम समझदार लगते हो।"

"इसलिए मैं सीधी बात करूँगा।"

हवा अचानक भारी लगने लगी।

"अनन्या और मेरी शादी होगी।"

"यह फैसला हो चुका है।"

"और अगर तुम बीच में आए..."

यश की मुस्कान और गहरी हो गई।

"...तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा।"

अनन्या गुस्से से बोली,

"बस करो यश!"

लेकिन यश ने उसकी तरफ देखा भी नहीं।

उसकी नजरें सिर्फ आर्यन पर थीं।

पूरा माहौल तनाव से भर गया।

कुछ सेकंड तक कोई कुछ नहीं बोला।

फिर आर्यन मुस्कुराया।

एक शांत, आत्मविश्वासी मुस्कान।

"क्या यह धमकी थी?"

यश भी मुस्कुराया।

"इसे सलाह समझ लो।"

आर्यन ने सिर हिलाया।

"तो मेरी भी एक सलाह सुन लो।"

यश की भौंह उठ गई।

"क्या?"

आर्यन ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा,

"मैं किसी से डरकर पीछे हटने वालों में से नहीं हूँ।"

कुछ पल के लिए खामोशी छा गई।

यश की आँखों में पहली बार गुस्से की चमक दिखाई दी।

लेकिन अगले ही पल वह हँस पड़ा।

"दिलचस्प।"

"बहुत दिलचस्प।"

वह मुड़ा और जाने लगा।

लेकिन जाते-जाते उसने कहा,

"उम्मीद है तुम्हें अपने फैसले पर पछतावा नहीं होगा।"

यश चला गया।

अनन्या चिंतित नजरों से आर्यन को देखने लगी।

"तुम्हें उससे उलझना नहीं चाहिए था।"

आर्यन ने आसमान की तरफ देखा।

"कभी-कभी कुछ लड़ाइयाँ चुननी नहीं पड़तीं।"

"वे खुद तुम्हें चुन लेती हैं।"

उसी समय सिस्टम की स्क्रीन चमकी।

[डिंग!]

लेजेंडरी मिशन सक्रिय

लक्ष्य: StudySync के लिए पहला बड़ा निवेश हासिल करो।

न्यूनतम निवेश: ₹5 करोड़

समय सीमा: 30 दिन

इनाम:

₹2 करोड़ नकद

SSS- रैंक बिज़नेस विजन

हिड्न फीचेर् अनलॉक

आर्यन की आँखें चमक उठीं।

उसे एहसास हो गया था।

अगर उसे यश और राठौड़ परिवार का सामना करना है...

तो अब उसे सिर्फ सफल नहीं बनना।

उसे असाधारण बनना होगा।

जारी रहेगा...

अगले अध्याय में:

StudySync में अचानक यूज़र्स की बाढ़।

एक रहस्यमयी निवेशक की एंट्री।

विक्रम की नई साजिश।

आर्यन का पहला करोड़ों का बिजनेस डील।

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