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Chapter 6

The Mysterious Locket ✅ - Episode 6

The Mysterious Locket ✅

कुशवाहा परिवार ने उसका ऊर्जा केंद्र नष्ट कर दिया था और उसे गहरी निराशा का दर्द झेलने पर मजबूर किया था।

इस बार वह उस दर्द का हज़ार गुना बदला लौटाने वाला था!

अब चाहे सामने कोई भी हो—हर किसी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी!

धम!!!

अचानक रुद्रांश ने ज़मीन पर ज़ोर से पैर पटका। वह एक गुस्साए हुए शेर की तरह आगे बढ़ा। उसकी तलवार ऊर्जा अचानक फूट पड़ी और पूरे इलाके में फैल गई। चारों तरफ तलवार की ऊर्जा की डरावनी आवाजें गूँजने लगीं।

"धत्त तेरे की, मर जा!"

एक बुजुर्ग की आँखें काली पड़ गईं। वह दहाड़ते हुए आगे बढ़ा और ऐसा मुक्का मारा जैसे पूरी दुनिया को चकनाचूर कर देगा। उसकी ताकत बेहद डरावनी थी।

रुद्रांश का चेहरा बर्फ जैसा ठंडा हो गया। उसने भी उसी तरह एक मुक्का वापस मारा।

धम!

दोनों के मुक्के आपस में टकराए।

क्रैक!

हड्डियों के टूटने की साफ आवाज गूँज उठी।वह बुजुर्ग दर्द से चीख उठा। उसकी आँखें डर से भर गईं।

"तुम्हारा… तुम्हारा शारीरिक शरीर…!वह डर के मारे बोल ही नहीं पा रहा था।

लेकिन रुद्रांश ने उसकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया। वह ठंडी मुस्कान के साथ एक कदम आगे बढ़ा और अपनी आध्यात्मिक तलवार को तेजी से उसके माथे के बीचों-बीच घोंप दिया।

"नहीं!!!"

अगले ही पल—रुद्रांश ने अपना हाथ झटका।

स्वूश!

तलवार एक झटके में घूमी और उस बुजुर्ग का सिर ऐसे अलग हो गया जैसे टोफू काट दिया गया हो।खून तेज़ी से बाहर फूट पड़ा।

"धत्त!"

"यह तो हद हो गई!"

"दरिंदा!"

कुशवाहा परिवार के लोगों के चेहरे और भी बदसूरत हो गए। वे गुस्से से काँप रहे थे। उनकी आँखें खून जैसी लाल हो चुकी थीं और चेहरे डरावने लग रहे थे।

इसी समय कुशवाहा परिवार का तीसरा बुजुर्ग अचानक रुद्रांश के पास प्रकट हुआ। उसने गुस्से से एक ज़ोरदार मुक्का मारा और गरजते हुए बोला—"छोटे कमीने! अभी आत्मसमर्पण कर दे!"

"अच्छा!"

रुद्रांश का चेहरा उत्साह और क्रूरता से भर गया।

उसने अपने दाएँ हाथ में तलवार पकड़ी और बाएँ हाथ से मुक्का चलाया।दोनों के हमले आपस में टकराए।

तीसरे बुजुर्ग का चेहरा तुरंत पीला पड़ गया।

ऐसा लगा जैसे उसकी मुट्ठी अंदर से टूट गई हो।

वह डरते हुए बुदबुदाया—"उसका शरीर इतना शुद्ध और मजबूत कैसे हो सकता है?"

वह यकीन ही नहीं कर पा रहा था।एक ऐसा इंसान जो पहले साधना नहीं कर सकता था—अब उसके पास इतनी भयानक तलवार कला और उससे भी ज्यादा मजबूत शरीर कैसे हो सकता था?

आखिर रुद्रांश के साथ हुआ क्या था?

रुद्रांश ने ठंडी हँसी हँसी और अचानक तलवार खींच ली।

"तीसरे बुजुर्ग, पीछे हटो!बाकी लोग डर के मारे जोर से चिल्लाए।

तीसरे बुजुर्ग का चेहरा तुरंत बदल गया। वह बेहद बदसूरत दिखने लगा।

"नहीं!!!"

क्लैंग!

एक तेज़ तलवार की चमक दिखाई दी।उसकी आँखें सिकुड़ गईं।

अगले ही पल—उसका सिर शरीर से अलग होकर ज़मीन पर गिर गया।

जब तक तीसरे बुजुर्ग को समझ आता—तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

"तीसरे बुजुर्ग!!!"

कुशवाहा परिवार के लोग दुख और गुस्से से चीख उठे।

रुद्रांश ने ठंडी हँसी हँसी।

यह उनके हैरान होने का समय नहीं था।ज़िंदगी और मौत की लड़ाई में एक पल की गलती हमेशा के लिए जुदाई बन सकती है।

पास खड़े मनीष ने हैरानी से कहा—"यह रुद्रांश … बहुत… बहुत शक्तिशाली हो गया है!"

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एक आदमी डरते हुए काँपते स्वर में बोला—"मैंने भी कभी उसका मज़ाक उड़ाया था… कहीं वह मुझे मारने तो नहीं आएगा?"

उसके दिल में बेचैनी बढ़ने लगी।

सूर्यप्रताप ने ठंडी आवाज़ में कहा—"यह सब कुशवाहा परिवार की गद्दारी का नतीजा है। उन्होंने खुद ही यह मुसीबत अपने ऊपर लाई है!"

तभी—"रुद्रांश , बेहतर होगा कि तुम यहीं रुक जाओ!"

कुशवाहा परिवार का मुख्य बुजुर्ग गुस्से से गरजा। उसका चेहरा गुस्से से टेढ़ा-मेढ़ा हो गया था।

"अमायरा अब ड्रैगन अकादमी के उप-डीन की शिष्या बन चुकी है!"

"तुम जो कर रहे हो, उससे तुम ड्रैगन अकादमी को दुश्मन बना रहे हो!"

"तुम मौत को बुला रहे हो!"

प्फ्फ्ट!

रुद्रांश ने बिना एक पल गँवाए अपनी तलवार आगे बढ़ाई।

एक तेज़ चमक हुई—और तलवार सीधी जाकर मुख्य बुजुर्ग की भौंहों के बीच में घुस गई।

उसका चेहरा और भी पीला और बदसूरत हो गया।

उसे यकीन ही नहीं हो रहा था—रुद्रांश इतनी हिम्मत कैसे कर सकता है?!

अमायरा की नई पहचान जानने के बाद भी—यह छोटा लड़का इतनी बड़ी हिम्मत कैसे कर सकता था?

"धत्त…!”

रुद्रांश ने ठंडी आवाज़ में कहा—"तो क्या हुआ? अमायरा ने मेरी चीज़ें छीन ली हैं, और मुझे अभी भी उन्हें उससे वापस लेना है!"

प्फ्फ्ट!

उसने अपना हाथ घुमाया, और उसकी आध्यात्मिक तलवार ने एक ही झटके में मुख्य बुजुर्ग का सिर उड़ा दिया। खून तेज़ी से फूट पड़ा और चारों तरफ छिटक गया।

"हरामी!"

कुशवाहा परिवार के सभी लोगों के चेहरे बेहद बदसूरत हो गए। वे गुस्से से काँप रहे थे, लेकिन उससे भी ज्यादा उनके दिल में डर भर गया था।

अमृता का सुंदर चेहरा पूरी तरह विकृत हो गया। उसका पूरा शरीर काँप रहा था। उसकी आँखें ज़हर से भरी हुई थीं।

वह काँपती आवाज़ में बोली—"असंभव!"

"वह… वह इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है?"

इस समय आर्यजीत का चेहरा बेहद डरावना और काला पड़ गया था।उसे सच में उम्मीद नहीं थी कि रुद्रांश इतना ताकतवर निकलेगा।

वह दाँत पीसते हुए बोला— "मैंने हमेशा तुम्हें कमज़ोर समझने की गलती की!"सीनियर इतने शक्तिशाली हैं, तो तुम कमज़ोर कैसे हो सकते थे?"

आर्यजीत का चेहरा पीला पड़ गया था, उसकी नसें उभर आई थीं।

चारों तरफ का दृश्य बेहद दुखद था—ज़मीन पर खून बह रहा था, और हर तरफ लाशें पड़ी हुई थीं।

रुद्रांश ने शांत लेकिन ठंडी आवाज़ में कहा—"तुम लोगों ने ही मुझे इस रास्ते पर मजबूर किया है। और इसके लिए मैं तुम्हारा धन्यवाद भी करता हूँ।"

"अगर तुम लोग ऐसा न करते, तो मैं फिर से साधना के रास्ते पर नहीं लौट पाता।"

आर्यजीत का चेहरा बेहद बदसूरत और दर्द से भरा हुआ था।

स्वूश!

रुद्रांश की आँखें बर्फ जैसी ठंडी हो गईं, और उसकी नज़र सीधे अमृता पर जा टिकी।

उस पल अमृता को ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई खूँखार दानव उसे घूर रहा हो। उसका पूरा शरीर डर से काँप उठा।

रुद्रांश ने ठंडी आवाज़ में कहा—"अमृता , मुझे कुशवाहा परिवार से हटाने के लिए तुमने इतनी बड़ी साज़िश रची।"

"तुमने मुझे वेश्याघर में भेजा, और जयेश ने मुझे एक जहरीली दवा खिलाई, जिससे मेरा ऊर्जा केंद्र नष्ट हो गया!"

"इस दुश्मनी का बदला ज़रूर लिया जाएगा!"

उसकी आवाज़ बेहद ठंडी थी और उसमें भयानक हत्या की भावना भरी हुई थी।

यह सुनकर अमृता का चेहरा और भी डरावना हो गया।

वह जोर से चिल्लाई—"हरामी, रुद्रांश ! इतना घमंड किस बात का है?"

"क्या तुम्हें लगता है कि तुम जीत गए हो?"

अचानक उसके हाथ में एक जेड का टोकन दिखाई दिया।

रुद्रांश की आँखें सिकुड़ गईं।अगले ही पल—क्रैक!

वह जेड टोकन टूट गया।अमृता ने एक डरावनी और ठंडी हँसी हँसते हुए कहा— "मैं, अमृता , श्वेत देश के प्रताप परिवार की सदस्य हूँ!"

"तुम मुझे मारना चाहते हो? सपना देखो!"

उसकी हँसी बेहद ठंडी और पागलपन से भरी हुई थी।

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"प्रताप परिवार !"

यह नाम सुनते ही सभी लोगों की आँखें चौड़ी हो गईं।

उनके दिल डर से काँप उठे।

"वह तो श्वेत देश का नंबर एक परिवार है!" सभी लोग हैरानी से चिल्ला उठे। उनकी आवाज़ डर से काँप रही थी।

प्रताप परिवार श्वेन देश में बहुत ऊँचे पद और ताकत वाला परिवार था।

उनके पास मूवमेंट रियल्म के अनगिनत शक्तिशाली साधक थे।

यह परिवार हाल ही में बहुत तेजी से उभरा था, और उनके पास स्पिरिचुअल व्हील रियल्म के भी शक्तिशाली विशेषज्ञ मौजूद थे।

उनकी नींव बेहद मजबूत और गहरी थी।

लोग आपस में फुसफुसाने लगे—"कुशवाहा परिवार की मालकिन… असल में प्रताप परिवार से है?"

"ये कैसे संभव हो सकता है?"

कुशवाहा परिवार द्वारा बुलाए गए मेहमान भी पूरी तरह हैरान रह गए। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा अजीब सच सामने आएगा।

अगर अमृता सच में प्रताप परिवार से थी—तो फिर कोई भी कुशवाहा परिवार के खिलाफ खड़ा होने की हिम्मत कैसे कर सकता था?

आर्यजीत ने अमृता की ओर देखा।उसका चेहरा फिर से बदसूरत हो गया।

असल में अमृता पहले प्रताप परिवार की एक अमीर बेटी थी।

लेकिन जब उसने आर्यजीत से शादी की, तो प्रताप परिवार ने इस शादी को मंजूर नहीं किया।

फिर कुछ समय बाद—अमृता गर्भवती हो गई।

यह सुनकर प्रताप परिवार बहुत गुस्सा हो गया। उन्होंने अमृता को अपने परिवार के लिए शर्म और बदनामी माना और उसे सीधे परिवार से निकाल दिया।

लेकिन बाद में— जब उनकी बेटी अमायरा की वजह से—प्रताप परिवार ने फिर से उसे ढूँढना शुरू किया।

हालाँकि प्रताप परिवार श्वेन देश का नंबर एक परिवार था, लेकिन उत्तरी क्षेत्र की ड्रैगन अकादमी के सामने वे चींटी के बराबर थे।

जब प्रताप परिवार को पता चला कि उनकी बेटी अमायरा ड्रैगन अकादमी में शामिल हो चुकी है,

तो वे तुरंत रातों-रात यहाँ आ पहुँचे और उसे वापस अपने परिवार में बुलाने लगे।

जैसा कहा जाता है—"बेटी के सफल होने से माँ की इज्जत भी बढ़ जाती है।"

यही बात यहाँ पूरी तरह सच साबित हो रही थी।

रुद्रांश की आँखें बेहद ठंडी हो गईं।

उसे भी इस बात के बारे में पहले कुछ नहीं पता था।

उसे अंदाज़ा नहीं था कि अमृता का इतना शक्तिशाली बैकग्राउंड है।

अमृता ने ठंडी और डरावनी आवाज़ में कहा—"छोटे जानवर, अब तुम मरने वाले हो!"

स्वूश! स्वूश! स्वूश!

अचानक कई परछाइयाँ आसमान से उतरकर शहर की दीवारों पर आ खड़ी हुईं।हर व्यक्ति से बेहद डरावनी आभा निकल रही थी।

उनमें से सबसे कमज़ोर भी बॉडी टेम्परिंग रियल्म के नौवें स्तर पर था।और उनमें से ज़्यादातर की शक्ति ऊर्जा मूवमेंट रियल्म के पहले, दूसरे और तीसरे स्तर पर थी।

ये वही रक्षक थे जिन्हें अमृता की सुरक्षा के लिए रखा गया था।जैसे ही जेड टोकन टूटा—वे तुरंत यहाँ पहुँच गए।

सभी लोग डर से काँप उठे।

"हे भगवान!"

"क्या भयानक दल है!"

लोगों के चेहरे डर से सफेद पड़ गए। यह दल सनसिटी शहर में लगभग अजेय माना जा सकता था।

अमृता जोर से चिल्लाई—"जल्दी इस छोटे जानवर को मार डालो!"इसने अभी मुझे मारने की कोशिश की थी!"

उनमें से एक काले कपड़ों वाला आदमी, जो इस दल का नेता था, रुद्रांश को घूरने लगा।उसकी आँखें बेहद ठंडी हो गईं, और उनमें हत्या की भावना भर गई।

वह गरजते हुए बोला—"घमंडी! एक साधारण बॉडी टेम्परिंग रियल्म का आदमी हमारे प्रताप परिवार की युवती को मारने की हिम्मत करता है?"

अब अमृता की स्थिति प्रताप परिवार में इतनी ऊँची हो गई थी कि उसकी हैसियत परिवार के मुखिया से भी कम नहीं थी।

धम!!!

अचानक उस काले कपड़ों वाले आदमी की आभा फूट पड़ी।उसने ज़मीन पर ज़ोर से पैर पटका और अपनी हथेली से ज़ोरदार हमला किया।

बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा शक्ति फैल गई, जिसने चारों ओर सब कुछ दबा दिया।ऊर्जा गरजने लगी, जैसे दुनिया को तोड़ देगी।

रुद्रांश का चेहरा बर्फ जैसा ठंडा था।उसकी आँखों में गहरी ठंडक और दृढ़ता थी।

तो क्या हुआ अगर अमृता का इतना बड़ा बैकग्राउंड था?

एक सच्चे साधक को खतरे का सामना करते समय

बहादुरी से आगे बढ़ना चाहिए—बिना किसी डर के!

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