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Chapter 8

The Mysterious Locket ✅ - Episode 8

The Mysterious Locket ✅

देव पर्वत राक्षसी -पशुओं से भरा हुआ था, लेकिन अब उसे इसकी परवाह नहीं थी। उसके लिए केवल लड़ाई और साधना ही ताकत बढ़ाने का रास्ता थे।

अगर वह कुछ नहीं करता, तो हमेशा दूसरों के रहम पर रहेगा। ऐसे वह इस घेराबंदी से कैसे निकल सकता था?

करीब पंद्रह मिनट चलने के बाद भी उसे कोई प्रताप परिवार का आदमी नहीं मिला, लेकिन उसे महसूस हो रहा था कि वे आसपास ही हैं।

वह अब पर्वत के बीच वाले हिस्से में था।अचानक उसने भौंहें सिकोड़ लीं।

"यह कैसी तेज़ खुशबू है?"

वह झाड़ियों को हटाकर आगे बढ़ा। जैसे ही उसने दूर देखा, उसकी आँखें चमक उठीं।

दूर उसे एक काला पौधा दिखाई दिया, जो हवा में लहरा रहा था और हल्की आभा फैला रहा था।

वह चौंक उठा।

यह औषधि उसकी शक्ति को बॉडी टेम्परिंग रियलम तक पहुँचा सकती थी। और उसके पास पहले से मौजूद राक्षसी -पशु का कोर मिल जाए, तो यह निश्चित ही संभव था।

लेकिन उसने सोचा—"इस पौधे के पास ज़रूर कोई रक्षक होगा…"

इतना कहते-कहते उसने तुरंत छिपने का फैसला किया।

तभी कुछ लोग वहाँ आ गए।

वे प्रताप परिवार के लोग थे।उनकी आँखें लालच से भर गईं।

"वाह! हमें यहाँ घोस्ट पील मिल गया!" "यह तो बहुत कीमती औषधि है!"

"आज तो किस्मत खुल गई!उनमें से एक ने तुरंत पौधे को उठा लिया।

अचानक—"गर्जना!"

एक भयानक दहाड़ गूँजी। एक विशाल काला शैडो लिफर्ड वहाँ आ गया। उसका शरीर काले लंबे बालों से ढका था और उससे डरावनी आभा निकल रही थी।

वह इस पौधे का रक्षक था।प्रताप परिवार के लोग घबरा गए।

"धत्तेरे की! यह तो शैडो लिफर्ड है!यह शक्ति मूवमेंट रियलम के तीसरे स्तर के बराबर ताकत रखता था।

असल में वह अभी पास की मादा तेंदुए के पास गया हुआ था, और जब लौटा तो देखा कि उसका पसंदीदा पौधा इंसानों ने तोड़ लिया।

वह बेहद गुस्से में था।लड़ाई शुरू हो गई।

तीनों इंसान और एक जानवर आमने-सामने भिड़ गए।

घूंसे, वार, दहाड़ें — हर तरफ खून फैल गया।

आख़िरकार, एक आदमी ने जोरदार वार किया।

शैडो लिफर्ड दर्द से चीखा और फिर दूसरा वार होते ही मर गया।

तीनों इंसान बुरी तरह घायल हो चुके थे।

उनमें से एक बोला,"हम तो मरते-मरते बचे…"

दूसरा बोला,"अगर अभी रुद्रांश यहाँ आ गया तो…"

अचानक पीछे से आवाज़ आई—"तो क्या होगा?"

वे तीनों चौंककर पीछे मुड़े।वहाँ रुद्रांश खड़ा था।

उनके कुछ समझने से पहले ही रुद्रांश की तलवार से भयंकर ऊर्जा निकली।

छपाक!

तीनों के मुँह से खून निकला और वे ज़मीन पर गिर पड़े। उनकी जीवन शक्ति धीरे-धीरे खत्म हो गई।

रुद्रांश ने उनके क़ियानकुन रिंग, औषधि और शैडो लिफर्ड का बिस्ट कोर और ब्लड उठा लिया।

वह मुस्कराया।

"इन संसाधनों से मैं शक्ति मूवमेंट रियलम तक पहुँच सकता हूँ।"

तभी उसे महसूस हुआ कि कोई आ रहा है। वह तुरंत वहाँ से गायब हो गया।

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कुछ ही देर में प्रताप परिवार के और लोग वहाँ पहुँच गए।

लाशें देखकर उनके चेहरे काले पड़ गए।

जयवीर बोला, "पहले इन्होंने शैडो लिफर्ड से लड़ाई की… फिर किसी ने इन्हें मार दिया। यह काम रुद्रांश का ही है।"

सब गुस्से से भर गए।

"उसे ढूंढो!""वह अभी यहीं आसपास है!"

वे तुरंत उसे ढूंढने निकल पड़े।

उधर रुद्रांश एक गुफा में पहुँचा। उसने घोस्ट पील , बिस्ट कोर और बाकी संसाधन बाहर निकाले।

बिना देर किए उसने साधना शुरू कर दी।

धड़ाम! धड़ाम!

भयानक ऊर्जा की लहरें उसके शरीर में घुसने लगीं। उसकी हड्डियाँ तलवार की तरह गूंजने लगीं।

धीरे-धीरे वह आठवें स्तर से नौवें बॉडी टेम्परिंग रियलम में पहुँच गया।

उसकी शक्ति फिर से बढ़ गई।

एक घंटे बाद—उसने आँखें खोलीं।

"जारी रखो!!!"

उसने अपने हाथ फैलाए। उसकी हड्डियाँ गड़गड़ाने लगीं। उसकी आभा आसमान तक फैल गई।

शक्ति मूवमेंट रियलम !

वह मुस्कराया।

उसकी आँखों में ठंडी चमक थी "अब शिकारी की भूमिका बदलने वाली है!"

"तुम लोग प्रताप परिवार वाले चाहे जितने भी हो… मैं तुम सबको अभ्यास के लिए इस्तेमाल करूंगा।"

उसकी आँखों में ठंडी हत्या की चमक झलक रही थी।

“क्या उस लड़के का अभी तक पता नहीं चला?”

देव पर्वत के एक किनारे पर खड़ा जयवीर शांत चेहरे के साथ बोला, लेकिन उसकी आँखों में ठंडी चमक थी।

“नहीं, अभी तक नहीं मिला!”

यह सुनते ही वहाँ खड़े सभी लोगों के चेहरे बहुत खराब हो गए। सच कहें तो वे अंदर से बहुत झुंझलाए हुए थे।

इतने सारे मूवमेंट रियल्म के साधक मिलकर एक बॉडी टेम्परिंग रियल्म के छोटे से लड़के को ढूंढ रहे थे, और फिर भी उसे नहीं ढूंढ पाए!

अगर यह बात बाहर फैल गई, तो यह उनके लिए बहुत बड़ी हँसी का विषय बन जाती।

“यह सच में अजीब है। यह जगह इतनी भी बड़ी नहीं है, फिर वह आखिर गया कहाँ?”

जयवीर का चेहरा गंभीर था और उसकी आँखों में ठंडापन और बढ़ गया। वे लोग लगभग पूरे दिन से खोज रहे थे, फिर भी रुद्रांश का कोई पता नहीं चला।

लेकिन जयवीर को पूरा भरोसा था कि वह लड़का अभी भी इसी पहाड़ी क्षेत्र में है, क्योंकि सभी रास्ते उन्होंने बंद कर रखे थे। वह बिना किसी की नज़र में आए बाहर निकल ही नहीं सकता था।

तभी—स्विश! स्विश! स्विश!

हवा अचानक फटने जैसी आवाज़ करने लगी, जैसे कोई बहुत तेज़ गति से आ रहा हो।

जयवीर और बाकी लोगों ने उस दिशा में देखा, और उनकी आँखें सिकुड़ गईं।

कुछ लोग वहाँ प्रकट हुए। वे सभी कवच पहने हुए थे, और उनके शरीर से खून जैसी लाल रक्त-ऊर्जा और हत्या की भावना निकल रही थी।

ये थे — प्रताप परिवार के बैटल गार्ड ।

ये सैनिक देश में अपनी ताकत और डर के लिए प्रसिद्ध थे।

हर सैनिक की आँखों में घमंड और ठंडापन था, और उनके शरीर के चारों ओर लाल ऊर्जा घूम रही थी।

जयवीर का चेहरा खुशी से चमक उठा।

“तुम लोग आखिर आ ही गए! हम…”

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लेकिन वह अपनी बात पूरी कर पाता, उससे पहले ही एक ताकतवर, गठीले शरीर वाला आदमी ठंडे स्वर में बोला—“हम इस मामले के बारे में पहले ही सुन चुके हैं…”

“वह लड़का हमारे प्रताप परिवार के पीछा करने से बच नहीं सकता।”

फिर उसने घृणा से कहा—“तुम लोग जाकर कहीं आराम करो। एक बॉडी टेम्परिंग रियल्म के लड़के को भी नहीं पकड़ सके— बेकार लोगों का झुंड!”

“प्रताप परिवार तुम्हें पाल रहा है, यह तो कुत्तों को पालने से भी बदतर है!”

उसकी आवाज़ में पूरा तिरस्कार और घृणा भरी हुई थी।

जयवीर और बाकी लोगों के चेहरे गुस्से से टेढ़े हो गए।

वे बहुत अपमानित महसूस कर रहे थे, लेकिन कुछ कह भी नहीं सकते थे।

क्योंकि सच्चाई यही थी—वे सभी उससे कमज़ोर थे।

अगर कोई उनसे ज़्यादा ताकतवर हो, तो अपमान सहना ही पड़ता है।

तभी उस गठीले आदमी ने आदेश दिया—“सब लोग मेरी बात ध्यान से सुनो! हर कोई अलग-अलग रास्तों से उस लड़के का पीछा करे!”

“जी!”

कुल दस प्रताप परिवार के बैटल गार्ड थे, और सभी ची ट्रांसफॉर्मेशन रियल्म के साधक थे।

अगले ही पल, वे सभी सीधे देव पर्वत के अंदर घुस गए।उनकी ताकत इतनी थी कि वे इस पहाड़ में किसी से भी नहीं डरते थे।

जयवीर का चेहरा बहुत खराब हो गया। उसने अपने मुट्ठी कस ली और ठंडे स्वर में बोला—“हम लोग पर्वत के बाहर ही रुकेंगे। उस लड़के को बिना पकड़े यहाँ से निकलने नहीं देंगे!”

बाकी लोगों ने भी गंभीर चेहरे के साथ सिर हिलाया।

तभी अचानक—छन्न!!

तलवार की तेज़ आवाज़ गूँजी।

पुफ्फ!

एक आदमी का शरीर अचानक बीच से कट गया।

जयवीर का चेहरा तुरंत बदल गया।उसने दूर देखा और दाँत पीसते हुए बोला—“छोटे कमीने…!”

दूर से एक युवक धीरे-धीरे चलता हुआ आ रहा था।

उसके हाथ में लंबी तलवार थी।अचानक उसने ज़मीन पर ज़ोर से पैर मारा—धड़ाम!

ज़मीन फट गई।उसकी आँखों में ठंडी चमक थी।

“मर जाओ!”

छन्न!!

तलवार फिर से चमकी।एक आदमी के माथे के बीचों-बीच खून से भरा छेद बन गया।

वह आँखों में डर और असंतोष लिए ज़मीन पर गिर पड़ा।

“हरामखोर!”

जयवीर का चेहरा गुस्से से भरा हुआ था।जैसे ही रुद्रांश ने तलवार चलाई, जयवीर को गहरा खतरा महसूस हुआ।

उसने सोचा—“यह कैसे हो सकता है? यह लड़का अभी कुछ समय पहले तक बॉडी टेम्परिंग रियल्म में था, और अब ऊर्जा मूवमेंट रियल्म में पहुँच गया? इतनी जल्दी?”

“चाहे जो हो, मैं तुम्हें मार दूँगा!जयवीर ने ज़ोर से चिल्लाते हुए अपनी मुट्ठी चलाई—“फ्यूरियस फिस्ट!”

उसका मुक्का हवा को चीरता हुआ आगे बढ़ा।

लेकिन रुद्रांश ने शांत भाव से अपना मुक्का आगे बढ़ाया।

धड़ाम!

दोनों मुक्के टकराए।कड़क!

जयवीर चीख उठा—उसकी मुट्ठी टूट गई थी।

उसके चेहरे पर डर फैल गया।“तुम्हारा शरीर इतना मजबूत कैसे है?”

वह समझ नहीं पा रहा था कि यह लड़का किस तरह का प्रतिभाशाली व्यक्ति है।

तभी—छन्न!

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