कोई मिल गया ( koi mil gaya ) - Chapter 3
कोई मिल गया ( koi mil gaya )Icu के बाहर लगे सोफे पर झलक बैठी थी उसके दोनों हाथ अपने चेहरे को ढके हुए थे और आंखों से आंसू गिर रहें थे वो आंखों से आंसू रोकने की पुरी कोशिश कर रही थी पर उसकी आंखों में उसकै आंसू ठहर नहीं पा रहे थे।
झलक,,,, एक आवाज उसके कानों में सुनाई देती है जिसको सुनकर झलक अपने हाथों से चेहरा निकाल ऊपर देखती है जहाँ पर स्वाती, अंशिका और सुनिता खडी़ थी स्वेता को देखकर झलक की आंखों से आंसू किसी झरने की तरह बहने लग जाते हैं और वो दौडकर जाती है और स्वेता को गले लगाकर रोने लग जाती है।
स्वेता उसकी पीठ सहलाते हुए कहती है " झलक संभालो खुद को बेटा, तुम तो बहुत बहादुर हो ना, ओर कुछ नहीं होगा रागिनी को वो जल्दी ठीक हो जाएगी , पर झलक का रोना कम नहीं हो रहा था।
स्वेता उसको सोफे पर बिठाते हुए उसके पास ही बैठ जाती है सुनिता पानी की बोतल झलक की तरफ बढ़ा देती है झलक पानी पिने से इंकार कर देती है पर स्वेता जबरदस्ती उसको पानी पिलाती है तभी एक नर्स बाहर आते हुए कहती है " मैडम आपकी माँ को होश आ गया है आप उनसे मिल सकते हैं उसके बाद हमें इनकी सर्जरी करनी है तो आपके पास पांच मिनट है।
इतना कहकर वो नर्स वहा से चली जाती है झलक जल्दी से उठकर icu में चली जाती है उसको अपनी मम्मी जान से मिलना था वो icu का दरवाजा खोलती है तो सामने ही मशिनो से घिरी रागिनी उसको दिखाई देती है जिसके चेहरे पर आक्सीजन मास्क लगा हुआ था उनकी यह हालत देख झलक की आंखे फिर से नम हो जाती है पर जल्दी वो खुद को कंट्रोल कर होठों पर स्माइल बिखेरते हुए आगे बढ़ जाती है।
रागिनी उसको ही देख रही थी झलक उनके पास बैठते हुए उनका हाथ अपने हाथ में पकड़ते हुए कहती है " मम्मा जान यह क्या है आपकी तबियत खराब थी तो आपको हमें बताना था पर dont worry आप फ्रिक मत करो डाॅक्टर ने कहा है आप जल्दी ठीक हो जाओगे, तो आप बिल्कुल भी टेंशन मत लेना, ओके ना।
रागिनी की आंखे झलक की बात सुनकर नम हो जाती है वो अपने हाथ को ऊपर उठाते हुए झलक की गाल पर रखतें हुए धिरे से कहती है " तुम भी अपना ख्याल रखना, और अगर हमें कुछ हो भी जाए तो भी तुम अपना ख्याल रखोगी वादा करो हमशे।
झलक जल्दी से ना में गर्दन हिलाते हुए कहती है " मम्मी जान आप ऐसा क्यों कह रही है आपको कुछ नहीं होगा, में आपको कुछ भी नहीं होने दुंगी और कही भी नहीं जाने दुंगी समझी आप, रागिनी उसकी बात पर हल्का सा मुस्कुराती है अगर आना जाना हमारे बस में होता तो शायद कोई जाना ही पसंद नहीं करता।
सब यही रहना चाहते है अपने अपनों के पास पर हम ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते हैं वो धिरे से कहती है , झलक को उनकी बात सुनाई नहीं देती है रागिनी ने बहुत धिरे से बोला था रागिनी झलक के गाल पर प्यार से हाथ रखते हुए कहती है " झलक क्या स्वेता आ गयी ' ।
झलक उनका हाथ अपने हाथ में पकड़ते हुए कहती है " हा वो आ गयी, अभी आए हैं क्या आप उनसे मिलना चाहते हैं रूको में अभी उनको बुलाकर लाती हु, वो जाने लगती है कि रागिनी उसका हाथ पकड़ लेती है और उसको अपनी तरफ आने का इशारा करती है झलक उनको देखते हुए बोली " आपको कुछ चाहिए ?
रागिनी झलक को वापस झुकने का इशारा करती है तो झलक उसके ऊपर झुक जाती है रागिनी ऑक्सीजन मास्क हटाते हुए अपने होठ झलक के माथे पर रख देती है झलक और रागिनी दोनों की आंखे बंद हो जाती है रागिनी झलक से दूर होते हुए कहती " अब आप जाए और अपना ख्याल रखना।
झलक को रागिनी की यह बात अच्छी नहीं लग रही थी वो इतनी समझदार थी कि रागिनी की बातों का मतलब अच्छे से समझ जाए, और वो उसका मतलब भी समझ चुकी थी पर वो रागिनी को खोना नहीं चाहती थी और उसके दिल में कही ना कही उम्मीद थी कि रागिनी को कुछ नहीं होगा वो रागिनी को देख मुस्कुराते हुए बाहर चली जाती है।
रागिनी उसको जाते देखती रहती है अभी उसकी नजरें दरवाजे पर ही थी कि तभी दरवाजा ओपन कर स्वेता अंदर आती है स्वेता को देख रागिनी के होठों पर स्माइल आ जाती है वही स्वेता की आंखे नम हो जाती है कहा उसने सोचा था वो रागिनी से मिलेगी दोनों अपने पुराने दिनों को याद करेंगे वो दोनों बैंगलोर घुमेंगे पर, यहाँ तो रागिनी की हालत ऐसी नहीं थी कि वो कही बाहर जा पाए।
स्वेता रागिनी के पास बैठते हुए कहती है " यह क्या है, मैने तो बैंगलोर घुमने का प्लान किया था पर यहाँ तो सब उल्टा हो रखा है पर कोई नहीं तु जल्दी से ठीक हो जा फिर हम,,,,, ।
स्वेता की बात खत्म होने से पहले ही रागिनी कहती है " शायद ऐसा अब नहीं होगा, । स्वेता रागिनी की बात सुनकर उसको आंखे दिखाते हुए कहती है " चुप कर तु कुछ भी बोलती रहती है यह आदत तेरी अब तक गयी नहीं, ।
उसकी बात पर रागिनी हल्का हंस देती है उसको बहुत ज्यादा बोलने की आदत थी ओर वो बहुत ज्यादा बोलती थी स्वेता के कहने पर उसके सामने अपनी पुरानी यादें आ जाती है अचानक उसकी मुस्कान फीकी हो जाती है और वो रागिनी का हाथ पकड़ते हुए कहती है " आज में तुमसे कुछ मांगने वाली हु तु क्या मुझको वो देगी ?
स्वेता " ये कैसी बात कर रही है तु हम दोनों में ऐसा क्या है जो तुमको मुझसे मांगना पडे़, तु बता बस, रागिनी की आंखों में नमी आ जाती है वो कहती है " क्या तु मेरी झलक का ख्याल रखेगी, मेरा पता नहीं में कब तक उसके साथ हु, मेरे जाने के बाद उसका कोई नहीं है उसको अकेला मत छोड़ना उसका ख्याल रखना, वो बहुत मासूम है कभी भी किसी चीज को लेकर किसी से शिकायत नहीं करती ना ही जिद करती है वो बहुत अच्छी है और समझदार भी।
यह कहते हुए रागिनी की आंखों से आंसू निकलने लग जाते हैं स्वेता की आंखे भी नम हो जाती है वो कहती है " झलक मेरी भी बेटी है तो तुझे ऐसा कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है और तुझे कुछ नहीं होगा समझ आया।
रागिनी आगे कहती है " तुम झलक की शादी अच्छे लड़के से करवा देना, विप्लव से उसकी शादी तोड़ दी मैने वो अच्छा लड़का नहीं है में नहीं चाहती मेरी बच्ची की जिंदगी खराब हो तो तु कोई अच्छा लड़का देखकर उसकी शादी करवा देना क्या तु उसकी शादी आज करवा सकती है अपने बेटे से,,,,, स्वेता स्पीचलेस हो गई उसकी आँखों में आंसू आने लगे और उसके हाथ की पकड़ रागिनी के हाथ पर कस जाती है।
बोल ना करवाएगी, मेरी बेटी हमेशा तेरे पास रहेगी तो मैं खुशी खुशी मर जाउंगी मुझे उसकी कोई फ्रिक नहीं होगी, स्वेता आंखों में आए आंसू पोंछते हुआ कहती है " मुझे भी बहुत खुशी होगी झलक को अपनी बहु बनाने में पर झलक क्या वो,,,,,
वो मना नही करेगी, मेरी सर्जरी होंने से पहले में उसको दुल्हन के जोडे़ में देखना चाहती हु , तभी एक नर्स अंदर आते हुए कहती है " प्लीज आप बाहर जाए इनका ज्यादा वक्त तक बात करना इनकी सेहत के लिए सही नहीं है।
स्वेता हा में सर हिला देती है और रागिनी के हाथ पर पकड़ कसते हुए कहती है " तुझे कुछ भी नही होगा, और तु हमको छोड़कर नहीं जा सकती समझ आया, रागिनी की आंखों में छाई नमी उसकी आंखों से बाहर आ जाती है वो हा में गर्दन हिला कहती है " झलक मुझे,,, उस उससे एक बार बात करनी है।
स्वेता नर्स को देखकर बोली " नर्स दो मिनट के लिए झलक को अंदर भेज दे प्लीज,, पर मैंम यह पैशेंट के लिए ठीक नहीं है उनकी हालत पहले से ही खराब है आप ज्यादा वक्त।
प्लीज नर्स इस बार रागिनी उसकै सामने मुश्किल से हाथ जोड़ते हुए टुटे फुटे शब्दों में कहती है नर्स को रागिनी की कंडिशन पहले से पता थी तो वो भी ज्यादा मना नही करती है बस दो मिनट का कहकर वो बाहर जाकर झलक को अंदर भेज देती है।
झलक रागिनी के पास बैठी थी और स्वेता उसके कंधे पर अपना हाथ रखे हुए थी रागिनी ने झलक के हाथ को अपने हाथों में पकडे़ हुए कहा " झलक आज में तुझसे कुछ मांगना चाहती हूँ तु मना मत करना, ।
मम्मी जान यह आप क्या कह रही हो में भला आपको क्यों मना करूंगी आप बेहिचक कहिए आपको क्या चाहिए में आपको लाकर दुंगी ,
रागिनी एक नजर स्वेता को देखकर झलक को देखकर कहती है " तुम आज ही शादी कर लो, मेरे खातिर में मरते मरते तुम्हारी शादी देखना चाहती हु ,
मम्मी जान यह आप कैसी बात कर रही है आपको कुछ नहीं होगा, में आपको कुछ नहीं होने दुंगी समझे आप, आपकी सर्जरी होते ही आप बिल्कुल ठीक हो जाऐगी तो आप ऐसा सोचना बंद करे प्लीज मम्मी जान, आपको कुछ नहीं होगा।
रागिनी झलक का हाथ अपने सर पर रखते हुए कहती है " अगर आप चाहती है में सर्जरी करवाउ तो उससे पहले आपको शादी करनी होगी झलक वरना मैं सर्जरी नहीं करवाउंगी, झलक की आंखों में आंसू आ जाते हैं जो जल्दी जल्दी उसकी आँखों से निकल उसकी गाल से होते हुए निचे गिरने लगते हैं।
झलक भर आए गले से कहती है " ये आप कैसी बात कर रही हो मम्मी जान, आपकी सेहत जरूरी है ना कि शादी, और आपको मेरी शादी करवानी है तो आपके ठीक होतें ही है में शादी कर लुंगी पक्का मम्मी जान आप सर्जरी के लिए मना ना करें
रागिनी झलक का हाथ छोड़ देती है झलक उसकी बात मानने को तैयार नहीं थी तो रागिनी ने भी फैसला कर लिया था वो अब उससे जिद्द नहीं करेगी ब्लकि सर्जरी करवाने से ही मना कर देगी वो स्वेता को देख कर धिमे से कहती है " स्वेता में घर जाना चाहती हु तुम, डिसचार्ज पैपर रेड्डी करवा लो।
झलक अपनी मम्मी जान को अपनी नम आँखों से देखें जा रही थी ना ही कभी झलक ने और ना ही रागिनी ने कभी भी एक दूसरे की बात मानने से इंकार नहीं किया था और अब दोनों ही एक दूसरे की बात मानने को तैयार नहीं थी।
मुझे विप्लव से शादी करनी है क्या विप्लव की फैमली इतनी जल्दी शादी के लिए तैयार है ? रागिनी झलक को देख कहती है " विप्लव से मैनें तुम्हारी सगाई तोड़ दी है अब स्वेता जिससे कहे उससे शादी करो तुम ' ।
रागिनी की बात सुनकर झलक को आज के दिन तिसरा झटका लगा था चार घंटों में वो तिन तरह के झटके खा चुकी थी वो सुन आंखों से अपनी मम्मी जान को देख रही थी उन्होंने ऐसा क्यों किया यह सवाल है वो इस वक्त उनसे ना पुछना ही बेहतर समझती है।
स्वेता रागिनी को देखकर बोली " अब तक झलक शादी के लिए तैयार है तो क्या हम जाए अभी के लिए बस कोर्ट मैरिज होगी वो भी तेरे सामने पर उससे पहले मैं मेरे बेटे को यहाँ आने का कहती हु।
रागिनी ने हा में सर हिलाया, और स्वेता बाहर चली गई उसके चेहरे पर हलकी परेशानी थी पर वो इस वक्त जो फैसला ले रही थी वो जरूरी था अपनी दोस्त से किया गया वादा उसको पूरा करना था वो बाहर आकर सबसे पहले अपने पति हर्ष को फोन मिलाती है कुछ ही सेकेंड में हर्ष स्वेता का काॅल रिसीव कर लेता है रागिनी उसको सारी बातें बताती है जो उसके रागिनी के बीच हुई फैसला मुश्किल था, पर वो कहते हैं ना जब मुश्किल वक्त में अपना काम ना आए तो एक दोस्त ऐसा होता है जो आपका साथ निभाता है और वही रागिनी के लिए स्वेता कर रही थी।
हर्ष से मंजूरी मिलने के बाद स्वेता फोन रख देती है और एक गहरी सांस लेकर सबसे मुश्किल काम को करने के लिए खुद को तैयार करती है और एक दूसरे नंबर पर फोन मिला देती है।
कौन है वो शख्स जिससे होगी झलक की शादी ? क्या रागिनी बच पाएगी? और कैसा होगा इस जल्दबाजी में होने वाली शादी का नतीजा ? जानने के लिए पढ़ते रहिए