ANANT GRANTH - Episode 2
ANANT GRANTHशाम धीरे- धीरे रात में बदल रही थी.
बैजलपुर गाँव के आसमान पर अँधेरा उतर रहा था, लेकिन ध्रुव राज के अंदर एक नई रोशनी जल चुकी थी. वह अभी भी उसी सुनसान जगह पर खडा था, जहाँ कुछ देर पहले उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी.
उसके हाथ में वह काली किताब थी.
अनंत ग्रंथ.
वह अब साधारण नहीं लग रही थी. उसकी सतह पर बने चिन्ह हल्की- हल्की चमक रहे थे, जैसे वह ध्रुव की सांसों के साथ तालमेल बना रहे हों.
ध्रुव ने धीरे से अपनी उंगलियों को किताब के ऊपर फेरा.
एक हल्की सी गर्माहट उसकी त्वचा से होकर पूरे शरीर में फैल गई.
उसने गहरी सांस ली.
हवा. अब अलग थी.
पहले वह सिर्फ हवा थी.
अब वह ऊर्जा थी.
हर झोंका. हर कण. जैसे उसके अंदर घुल रहा था.
ये. क्या हो रहा है मेरे साथ. उसने बहुत धीमी आवाज में कहा.
लेकिन इस बार.
उसे जवाब मिला.
उसके बाहर से नहीं.
उसके अंदर से.
तुम जाग चुके हो.
ध्रुव की आँखें एकदम चौडी हो गईं.
वह इधर- उधर देखने लगा.
कौन.
डरो मत. मैं वही हूँ. जो तुम्हारे साथ हमेशा रहेगा.
ध्रुव का दिल तेजी से धडकने लगा.
अनंत ग्रंथ. उसने अंदाजा लगाया.
हाँ.
आवाज शांत थी. लेकिन उसमें एक अजीब सी गहराई थी.
ध्रुव कुछ पल चुप रहा.
उसने अपनी मुट्ठी बंद की.
और ध्यान केंद्रित किया.
उसे याद आया—
अनंत साधना विधि.
जो ज्ञान उसे अभी मिला था.
वह अचानक स्पष्ट होने लगा.
जैसे वह हमेशा से उसके अंदर था.
वह धीरे से जमीन पर बैठ गया.
आँखें बंद कीं.
और सांसों पर ध्यान दिया.
पहली सांस.
उसे अपने शरीर के अंदर एक हल्की सी ऊर्जा महसूस हुई.
दूसरी सांस.
वह ऊर्जा थोडी तेज हो गई.
तीसरी सांस.
अब वह स्पष्ट थी.
जैसे कोई धारा उसके अंदर बह रही हो.
ध्रुव का शरीर हल्का- हल्का कांपने लगा.
लेकिन इस बार डर नहीं था.
यह कुछ नया था.
कुछ शक्तिशाली.
उसके आसपास की हवा धीरे- धीरे घूमने लगी.
जैसे वह उसकी सांसों के साथ तालमेल बना रही हो.
और तभी—
उसके शरीर के अंदर.
एक हल्की सी“ टिक” जैसी आवाज हुई.
जैसे कोई ताला खुल गया हो.
ध्रुव की आँखें अचानक खुल गईं.
यह. क्या था.
उसके अंदर से वही आवाज आई—
तुमने पहला कदम रख लिया है.
स्तर एक.
ध्रुव का दिल एक पल के लिए रुक गया.
इतनी जल्दी.
यह साधारण साधना नहीं है.
यह अनंत साधना है.
ध्रुव धीरे- धीरे खडा हुआ.
उसे महसूस हो रहा था—
उसका शरीर पहले से अलग है.
उसकी ताकत. उसकी गति. उसकी सोच.
सब कुछ बदल रहा था.
उसने सामने पडे एक पत्थर की ओर देखा.
छोटा सा पत्थर.
लेकिन अब.
उसे वह हल्का लग रहा था.
ध्रुव ने हाथ आगे बढाया.
और बिना ज्यादा जोर लगाए.
उसने पत्थर को उठाया.
लेकिन जैसे ही उसने उसे उठाया—
उसके हाथ से एक हल्की सी ऊर्जा निकली.
टक!
पत्थर दो टुकडों में टूट गया.
ध्रुव ठिठक गया.
उसकी आँखें उस टूटे हुए पत्थर पर टिक गईं.
ये. मैंने किया.
उसकी सांसें तेज हो गईं.
लेकिन इस बार.
उसकी आँखों में डर नहीं था.
सिर्फ एक चीज थी—
उत्साह
अगर ये स्तर एक है.
तो आगे क्या होगा.
उसके होठों पर धीरे- धीरे मुस्कान आई.
और उसी पल—
अनंत ग्रंथ उसके हाथ में हल्का सा चमका.
जैसे वह भी खुश हो.
ध्रुव ने आसमान की ओर देखा.
अब वह पहले जैसा नहीं था.
अब वह एक साधारण लडका नहीं था.
अब वह.
एक शुरुआत था.
रात अब पूरी तरह उतर चुकी थी.
बैजलपुर गाँव की गलियों में हल्की- हल्की ठंडक फैल गई थी. कहीं- कहीं घरों के बाहर टिमटिमाते बल्ब जल रहे थे, और दूर खेतों की तरफ से झींगुरों की लगातार आती आवाज एक अजीब सा सन्नाटा पैदा कर रही थी. लेकिन उस सन्नाटे के बीच, उस सुनसान जगह पर खडा ध्रुव राज अब वैसा नहीं था जैसा कुछ घंटों पहले था.
उसकी सांसें अब सामान्य थीं. लेकिन हर सांस के साथ वह कुछ महसूस कर रहा था.
ऊर्जा.
जीवित ऊर्जा.
जैसे हवा अब सिर्फ हवा नहीं रही, बल्कि एक ऐसी शक्ति बन गई हो जिसे वह छू सकता है, महसूस कर सकता है, और शायद. नियंत्रित भी कर सकता है.
ध्रुव ने धीरे- धीरे अपनी आँखें बंद कीं.
उसके मन में अभी- अभी जो कुछ हुआ था, वह सब एक- एक करके साफ होने लगा—
अनंत ग्रंथ.
वह रहस्यमयी आवाज.
अनंत साधना विधि.
और उसका पहला स्तर.
अगर मैं सच में बदल गया हूँ. उसने मन ही मन सोचा, तो मुझे इसे समझना होगा.
उसने गहरी सांस ली.
और इस बार.
उसने सिर्फ सांस नहीं ली.
उसने महसूस किया.
हवा उसके फेफडों में गई.
लेकिन उसके साथ.
एक हल्की सी चमक भी अंदर गई.
वह चमक उसके सीने में पहुँची.
और वहाँ से.
धीरे- धीरे पूरे शरीर में फैलने लगी.
ध्रुव का दिल अब धीरे- धीरे नहीं.
बल्कि बहुत स्थिर तरीके से धडक रहा था.
जैसे हर धडकन एक लय में बंध गई हो.
उसने अपनी चेतना को अपने शरीर के अंदर घुमाया.
और जो उसने देखा.
वह अविश्वसनीय था.
उसके शरीर के अंदर.
ऊर्जा की पतली- पतली धाराएँ बह रही थीं.
जैसे कोई अदृश्य नदी.
जो उसकी नसों के साथ- साथ बह रही हो.
ये. मेरी शक्ति है. उसने खुद से पूछा.
यह शुरुआत है.
उसके अंदर से आवाज आई.
ध्रुव ने धीरे से आँखें खोलीं.
अब उसकी नजरें पहले से तेज थीं.
गहरी थीं.
जैसे वह चीजों के अंदर तक देख सकता हो.
उसने अपने आसपास देखा.
हर चीज. अब अलग थी.
पेडों की पत्तियाँ.
हवा का बहाव.
जमीन की नमी.
सब कुछ स्पष्ट था.
तो. मैं इसे नियंत्रित कर सकता हूँ. उसने धीरे से कहा.
प्रयास करो.
आवाज शांत थी.
ध्रुव ने अपना दाहिना हाथ आगे बढाया.
उसकी उँगलियाँ हल्की सी फैली हुई थीं.
उसने ध्यान केंद्रित किया.
उसने कल्पना की.
कि उसके अंदर बह रही ऊर्जा.
उसके हाथ की ओर जा रही है.
पहले कुछ नहीं हुआ.
फिर.
एक हल्की सी झुनझुनी.
फिर.
उसकी हथेली के बीच एक बहुत छोटी सी रोशनी उभरी.
ध्रुव की सांस अटक गई.
वह रोशनी बहुत छोटी थी.
लेकिन बहुत स्थिर.
ये. सच में हो रहा है.
उसकी आवाज काँप रही थी.
उसने थोडा और ध्यान लगाया.
रोशनी थोडी बडी हुई.
लेकिन उसी पल—
फुस्स.
वह गायब हो गई.
ध्रुव थोडा पीछे हट गया.
क्या हुआ.
तुम्हारा नियंत्रण अभी कमजोर है.
आवाज ने उत्तर दिया.
ध्रुव ने गहरी सांस ली.
मतलब. मुझे अभ्यास करना होगा.
हाँ. और बहुत.
ध्रुव कुछ पल चुप रहा.
फिर उसके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान आई.
अच्छा है.
क्योंकि. मैं रुकने वाला नहीं हूँ.
उसकी आँखों में अब एक नई चमक थी.
जुनून की.
उसी समय.
दूर कहीं.
कुत्तों के भौंकने की आवाज आई.
ध्रुव ने ध्यान नहीं दिया.
लेकिन उसकी नई इंद्रियाँ.
उस आवाज को बहुत स्पष्ट सुन रही थीं.
और सिर्फ आवाज ही नहीं.
उसे ऐसा लगा.
जैसे कोई आ रहा है.
उसने धीरे से अपना सिर उस दिशा में घुमाया.
अंधेरा था.
लेकिन उसे कुछ हलचल दिखी.
कोई है. उसने धीमे से कहा.
उसके अंदर से आवाज आई—
सावधान रहो.
ध्रुव का शरीर तुरंत सतर्क हो गया.
उसने अपनी सांसों को स्थिर किया.
उसकी आँखें उस अंधेरे में घूरने लगीं.
कुछ कदमों की आवाज.
धीरे- धीरे पास आती हुई.
और फिर—
अंधेरे से एक आकृति बाहर आई.
एक आदमी.
लेकिन उसका चलना. सामान्य नहीं था.
उसकी आँखें.
हल्की लाल चमक रही थीं.
ध्रुव का दिल एक पल के लिए तेज धडकने लगा.
ये. कौन है.
आवाज ने धीमे से कहा—
यह. साधारण नहीं है.
आदमी धीरे- धीरे आगे बढ रहा था.
उसकी नजरें सीधे ध्रुव पर थीं.
और उसके चेहरे पर.
एक अजीब सी मुस्कान थी.
तो. आखिर मिल ही गया.
उसने भारी आवाज में कहा.
ध्रुव की भौंहें सिकुड गईं.
क्या मतलब.
आदमी हँसा.
धीमे. लेकिन डरावने तरीके से.
वह शक्ति. जो आसमान से गिरी.
वह. तुम्हारे पास है.
ध्रुव का दिल धक से रह गया.
तुम. कौन हो.
आदमी की आँखों की लाल चमक और तेज हो गई.
तुम्हारा पहला दुश्मन.
हवा अचानक भारी हो गई.
और उसी पल—
ध्रुव ने महसूस किया—
यह उसकी पहली असली परीक्षा है. रात और गहरी हो चुकी थी.
आसमान अब पूरी तरह काला था, जैसे किसी ने रोशनी को निगल लिया हो. दूर कहीं बादलों के पीछे छुपा चाँद कभी- कभी झाँकता, लेकिन उस सुनसान जगह पर खडे ध्रुव राज और उसके सामने खडे उस अजीब आदमी के बीच फैल चुका तनाव किसी भी रोशनी को वहाँ टिकने नहीं दे रहा था.
हवा भारी हो चुकी थी.
जैसे हर कण इस टकराव का गवाह बनना चाहता हो.
ध्रुव की साँसें अब धीमी लेकिन गहरी थीं. उसका शरीर पूरी तरह सतर्क था. उसकी आँखें उस आदमी पर टिकी हुई थीं, जिसकी लाल चमकती आँखें अंधेरे में किसी शिकारी की तरह चमक रही थीं.
तुम्हारा पहला दुश्मन.
उसके शब्द अब भी हवा में गूंज रहे थे.
ध्रुव ने अपनी मुट्ठी धीरे से कस ली.
तुम्हें क्या चाहिए.
उसने सीधी आवाज में पूछा.
आदमी कुछ कदम और आगे बढा. उसके पैरों की आवाज जमीन पर बहुत हल्की थी, लेकिन हर कदम जैसे किसी भारी शक्ति से भरा हुआ था.
मुझे?
वह हल्का सा हँसा.
मुझे वही चाहिए. जो तुम्हारे पास है.
उसकी नजरें ध्रुव के हाथ में पकडी हुई काली किताब पर टिक गईं.
वह ग्रंथ.
ध्रुव का दिल एक पल के लिए तेज धडकने लगा, लेकिन उसके चेहरे पर कोई डर नहीं आया.
अगर मैं ना दूँ तो?
उसने शांत स्वर में कहा.
आदमी की मुस्कान थोडी और चौडी हो गई.
तो मैं ले लूँगा.
उसके शब्दों के साथ ही—
हवा में एक अजीब सी लहर दौडी.
जैसे तापमान अचानक गिर गया हो.
ध्रुव ने तुरंत अपने अंदर की ऊर्जा को महसूस किया.
वह अब पहले से ज्यादा स्पष्ट थी.
जैसे उसकी हर नस में बह रही हो.
सावधान.
उसके अंदर से आवाज आई.
अगले ही पल—
स्वीश!
वह आदमी अचानक गायब हो गया.
ध्रुव की आँखें फैल गईं.
कहाँ—”
धडाम!
उसके बाएँ तरफ जमीन फट गई.
और वह आदमी वहाँ प्रकट हुआ.
ध्रुव ने तुरंत पीछे की ओर छलांग लगाई.
उसका दिल तेजी से धडक रहा था.
इतनी तेज गति.
आदमी ने सिर तिरछा किया—
तुम्हारे लिए. यह बहुत है.
उसने अपना हाथ उठाया.
और उसकी हथेली से काली धुंध जैसी ऊर्जा निकलने लगी.
वह ऊर्जा हवा में फैल गई.
और धीरे- धीरे एक पंजे का आकार लेने लगी.
अब देखो.
आदमी ने कहा.
और उसने उस ऊर्जा को ध्रुव की तरफ फेंक दिया—
धडाक!
काली ऊर्जा तेजी से उसकी ओर आई.
ध्रुव का दिमाग एक पल के लिए खाली हो गया.
लेकिन अगले ही पल—
कुछ जागा.
अनंत साधना विधि.
उसका शरीर खुद- ब- खुद प्रतिक्रिया करने लगा.
उसने अपनी सांस को नियंत्रित किया.
और अपनी ऊर्जा को अपने पैरों में केंद्रित किया.
हूं!
वह एक तेज झटके के साथ साइड में हट गया.
काली ऊर्जा उसके पास से निकलकर पीछे की जमीन से टकराई—
धम्म!
जमीन पर एक गहरा गड्ढा बन गया.
ध्रुव ने उस गड्ढे को देखा.
उसकी आँखों में अब हल्का सा गंभीर भाव था.
अगर ये लगा होता.
तो तुम खत्म हो जाते.
उसके अंदर से आवाज आई.
ध्रुव ने गहरी सांस ली.
अब वह पूरी तरह समझ गया था—
यह मजाक नहीं है.
आदमी ने हल्की सी ताली बजाई—
अच्छा. तुमने बचाव कर लिया.
लेकिन. कब तक.
वह फिर से आगे बढा.
इस बार उसकी गति और तेज थी.
ध्रुव ने अपनी आँखें बंद कीं.
एक पल के लिए.
उसने अपने अंदर की ऊर्जा को महसूस किया.
हर धडकन.
हर सांस.
हर प्रवाह.
सब कुछ स्पष्ट था.
उसने अपनी आँखें खोलीं—
अब उसकी नजरें बदल चुकी थीं.
अब मेरी बारी.
उसने धीरे से कहा.
उसने अपना हाथ आगे बढाया.
इस बार.
वह सिर्फ कोशिश नहीं कर रहा था.
वह नियंत्रित कर रहा था.
उसकी हथेली में एक रोशनी उभरी.
पहले से ज्यादा स्थिर.
ज्यादा चमकीली.
और इस बार.
वह बुझी नहीं.
आदमी एक पल के लिए रुका.
ओह. तो तुम सीख रहे हो.
उसने मुस्कुराते हुए कहा.
ध्रुव ने कोई जवाब नहीं दिया.
उसने उस ऊर्जा को आगे धकेला—
जा!
रोशनी की वह लहर सीधी आदमी की ओर गई—
टकर!
दोनों शक्तियाँ टकराईं—
एक पल के लिए.
सब कुछ थम गया.
फिर—
धडाम!
एक तेज विस्फोट हुआ.
हवा चारों तरफ फैल गई.
धूल उडी.
पेड हिल गए.
ध्रुव पीछे की ओर कुछ कदम खिसक गया.
उसकी सांसें तेज थीं.
लेकिन वह खडा था.
धूल धीरे- धीरे छटने लगी.
और जब सब साफ हुआ—
वह आदमी अब भी खडा था.
लेकिन.
उसके चेहरे पर अब मुस्कान नहीं थी.
उसकी आँखों में अब हल्की सी गंभीरता थी.
दिलचस्प.
उसने धीमे से कहा.
ध्रुव ने अपनी मुट्ठी कस ली.
मैं. हारने वाला नहीं हूँ.
उसके शब्द धीमे थे.
लेकिन उनमें दृढता थी.
और उसी पल—
उसके हाथ में पकडा हुआ अनंत ग्रंथ हल्का सा चमका.
जैसे वह उसकी बात से सहमत हो.
रात और गहरी हो गई.
और उस अंधेरे में—
दो शक्तियाँ आमने- सामने खडी थीं.
एक.
जो छीनना चाहती थी.
और दूसरी.
जो अब बनना शुरू हुई थी.
अपराजेय.