Fanaa Teri Mohabbat mein - Chapter 5
Fanaa Teri Mohabbat meinसुबह के करीब 4:00 रहे थे जब थक कर आरव बिस्तर पर सो गया था लेकिन नैना की आंखें अभी भी खुली हुई थी। उसकी आंखों में फिलहाल दर्द तो था लेकिन अब उसकी आंखों के आंसू सूख चुके थे।वो खुद से ही बड़बड़ाई, "काश उस रात को मैं उसे पार्टी में आई ही नहीं होती, काश मैं दोबारा तुमसे मिली ही नहीं होती, काश उस मैंने तुम को ड्रग्स नहीं दिया होता। तो आज शायद तुम मेरी जिंदगी में वापस नहीं लौटे होते।"उसे रात को याद करके नैना काफी दुखी हो गई थी। उसने नफरत भरी नजरों से कुछ देर आरव को देखा और उसके बाद अपने कपड़े उठकर बाथरूम में चली गई। जब तक नैना तैयार होकर बाथरूम से बाहर आई तब तक सुबह के 6:00 बज चुके थे हालांकि उसके शरीर में बिल्कुल भी जान नहीं बची थी लेकिन फिर भी वो जैसे तैसे लड़खड़ाते हुए उसे कमरे से बाहर चली गई। जाते-जाते उसने आरव की तरफ देख कर कहा, "I hope ये हमारी आखिरी मुलाकात हो और आज के बाद मुझे कभी तुम्हें देखना ना पड़े। 4 साल पहले तुमसे प्यार करना मेरी गलती थी
और आज उस गलती की सजा मैं भुगत चुकी हूं।" आरव के उठने से पहले ही नैना उसे कमरे से बाहर निकल गई। सुबह के करीब 8:00 बजे एक दो मंजिला इमारत के दरवाजे के पास एक रिक्शा कर रुकी और नैना उसमें से बाहर निकली। रिक्शा वाले को पैसे देकर नैना सीधे उसे घर के अंदर चली गई। वही दूसरी तरफ होटल के उस कमरे में आरव की जब आंख खुली तब उसने देखा कि उसके बिस्तर के बगल वाली साइड खाली थी। उसने उठकर अपने आसपास देखा तो बिस्तर पर सिलवटों के अलावा और कुछ भी नहीं था।आरव ने तुरंत अपना फोन ढूंढा और किसी को कॉल लगाया। "कहां गई वो? इस वक्त इस कमरे में क्यों नहीं है?" आरव की आवाज में गुस्सा साफ झलक रहा था। सामने वाले इंसान ने जवाब दिया, "बोस वो तो सुबह-सुबह आपके उठने से पहले ही वहां से जा चुकी थी और वैसे भी डील के हिसाब से तो एक रात ही उसे.।" लेकिन वो आदमी इससे आगे कुछ बोल पाता उससे पहले ही आरव ने गुस्से में कहा, "क्या ये तुम मुझे नहीं बताओगे कि मुझे उसके साथ कब तक रहना है? वो बिना मेरे सवालों का जवाब दिए मुझसे मुंह फेर कर इस तरह चुप कर भाग नहीं सकती।"आरव ने गुस्से में फोन काट दिया और अपना फोन जमीन पर पटकते हुए चिल्लाया, "तुम्हें बस यही आता है चोरों की तरह भाग जाना, । इस बार भी तुम बिना मेरे सवालों के जवाब दिए मुझे छोड़ कर चली गई। खैर अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हारा और मेरा हिसाब चुकता हो गया है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये तो बस शुरुआत है नैना शर्मा।" आरव बिस्तर से उठकर बाथरूम में चला गया और कुछ ही देर में वो नहा कर बाहर आ गया। अब तक उस कमरे में एक आदमी पहुंच चुका था जिसने व्हाइट कलर की शर्ट और ब्लैक कलर की पैंट पहनी हुई थी। वो लड़का दिखने में काफी हैंडसम और शरीफ लग रहा था