Fanaa Teri Mohabbat mein - Chapter 17
Fanaa Teri Mohabbat meinवही दूसरी ओर
शहर के city हॉस्पिटल के वीआईपी वॉर्ड के अंदर बेड पर लेटी एक मिडिल एज औरत जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। उसी समय भागते हुए एक लड़का उस वॉर्ड के अंदर आया। वो लड़का बहुत घबराया हुआ था। वो अपनी जगह पर ही चुपचाप खड़ा था। ऐसा लग रहा था जैसे उसके पैरों में जान ही ना हो। वही मिडिल एज औरत की नजर जब उस लड़के पर गयी तो वो अपने आंखों से ही इशारा करके उसे अपने पास बुलायी।।
वो लड़का जल्दी से बेड पर लेटी औरत के पास जाकर बोला, "मॉम आप." वो लड़का आगे कुछ बोल ही नहीं पाया। उसका गला भर आया था। वो अपनी मॉम की तरफ अपने नम आंखों से देख रहा था। पहली बार उसकी आंखों में आंसू थे।।
"रवि बे. बेटा अपनी मॉम की एक बात मानोगे।" प्रतिभा बेजान सी औरत अपनी धीमी सी आवाज में अपने बेटे से बोली।।
"मॉम आप बोलिये क्या बात हैं। आपका बेटा आपकी हर बात मानेगा।" रवि अपनी मॉम के हाथ को अपने हाथ में लेकर बोला।।
"बेटा मैं अपनी बहू देखना चाहती हूं।" रवि की मॉम प्रतिभा जी बोली। प्रतिभा जी की बात सुन रवि के चेहरे के भाव एकदम से बदल गये। उसका चेहरा एकदम से सक्त हो गया।।
"मॉम प्लीज मुझे नहीं करनी। रवि प्रतिभा जी की तरफ देख कर तुरंत बोला। इतना बोल वो प्रतिभा जी से दूर होने लगा। पर तभी प्रतिभा जी ने अपने बेटे के हाथ को पकड़ लिया।।
"क्या अपनी Mom की Last wish भी पूरी नहीं करोगे।" प्रतिभा जी अपनी कांपती हुई आवाज में बोली। रवि अपनी मॉम के शब्दों को सुन भावुक हो गया। उसे समझ नहीं आया कि वो क्या बोले।।
“ Okay Mom" रवि अपनी Emotional tone में बोला।
“पर वो लड़की नैना ही होना चाहिए।
पर मेरी एक विश है मेरी बाहू मान्यता हो ना कि नैना। ये सुन रवि कि गुस्से से लाल हो गया। और चिल्लाते हुए कहा कभी भी नहीं।
रवि की इतनी तेज आवाज़ सुनकर प्रतिभा जी ने अपने दिल पर हाथ रख लिया और गहरी गहरी सांस लेने लगी। रवि अब कुछ नहीं बोला और चुपचाप वॉर्ड से बाहर चला गया।। मान्यता को ये message दे दिया था और मान्यता तो पहले से ही रवि को पसंद करती थी। पर ये आरव को बर्दाश्त नहीं था । पर धर के आगे उस ने कुछ नहीं कर सकता था। कुछ देर बाद रवि और मान्यता कोर्ट के बाहर खड़े थे । दोनों के रिश्ते को कोर्ट से मंजूरी मिल गई थी और शादी जैसे पवित्र रिश्ता पर मोहर लग चुकी थी । । कुछ देर बाद वो hospital के लिए निकल पड़े। कुछ ही देर में रवि की कार hospital के सामने रुकी और एक पल गावय वो hospital के अंदर चला गया।और मान्यता बस रवि को जाता देख रहीं थीं। उस को बुरा तो लगा रहा था। पर उस को लगा कि नाई नाई रिश्ते को आपनने में समय लगता है।
वही दूसरी ओर रवि ने असिस्टेंट से कहा नैना का पता करो जहां भी हो पर जल्दी से मेरे पास ले कर आओ । अब दुरी बर्दाश्त नहीं होती । असिस्टेंट ने कहा पर सर आप कि तो मान्यता से शादी कर ली है तो , असिस्टेंट की बात सुन रवि के जाते हुए कदम रुक गये और वो असिस्टेंट की तरफ देखते हुए बोला, "आर यू मैड, तुम पागल हो गया है क्या? मैं मानता को आपने बीबी नही मानता।
उन दोनों के जाने के बाद वही एक साइड एक कॉर्नर में खड़ी मान्यता बाहर आई । उसकी आंखों से मोटे- मोटे आंसू गिर गए थे । उसका चेहरा रेड हो गया था । जैसे उसे रवि की बातें चुभ गयी हो । वो अपने आंसुओं को बेदर्दी तरीके से साफ की और बोली, मैं पागल थी दो दो तीन मुलाकात में आप से प्यार कर बैठी।
वही दूसरी ओर
रवि डॉक्टर के कैबिन में बैठा हुआ था और अभी उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे । तभी सामने बैठा डॉक्टर अपने हाथ में पकड़े फाइल की तरफ देखते हुए गहरी सांस लेकर बोला, "मिस्टर मलिक एक्चुअली मैं जो आपको बताने वाला हूं प्लीज आप उसे ध्यान से सुनिएगा ।"
रवि डॉक्टर की बात सुना तो उसकी नज़रें थोड़ी गहरी हो गई । तभी वो डॉक्टर एक गहरी सांस लेकर बोला, "मिस्टर मलिक आपकी मॉम की रिपोर्ट चेंज हो गई थी । वो एक्चुअली एक और पेशेंट थी जिसका नेम भी आपकी मॉम का नेम ही था तो उस पेशेंट की रिपोर्ट से आपकी मॉम का रिपोर्ट एक्सचेंज हो गया था ।"
रवि के चेहरे के भाव एकदम से बदल गए । वो तुरत डॉक्टर की तरफ घूर कर देखकर बोला, "इसका मतलब कि मेरी मॉम को कोई कैंसर की बीमारी नहीं है राइट ।" वो डॉक्टर तुरंत बोला, "यस मिस्टर मलिक आपकी मॉम को तो बस हार्ट की बीमारी है और शायद वो किसी बात को लेकर कुछ ज्यादा सोच रही थी । इस कारण वो बेहोश हो गई थी ।"रवि अपने साथ हॉस्पिटल के बेस्ट डॉक्टर को लेकर अपनी मॉम को के चेकअप के लिए उनके वार्ड में आया । वो डॉक्टर प्रतिभा जी को चेक करने लगा । प्रतिभा जी डॉक्टर की तरफ देखते हुए बोली, "डॉक्टर अब आप हमें क्या चेक कर रहे हैं । जबकि हमारी सांसे कभी भी रुक सकती हैं ।"
रवि जैसे ही अपनी मॉम की बात सुना वो तुरंत बोला, "मॉम प्लीज आप बिल्कुल ठीक है, आपको कोई कैंसर नहीं हुआ है । ये सब उस डॉक्टर की गलती थी । उससे रिपोर्ट एक्सचेंज हो गए थे । किसी और की रिपोर्ट को आपकी रिपोर्ट समझ कर वो आपको इतना बड़ा कैंसर पेशेंट बता दिया ।"
प्रतिभा जी जब रवि की बात सुनी तो वो हैरान हो गई । वो हैरानी से बोली, "क्या कह रहे हो तुम बेटा" रवि जिसका चेहरा इस वक्त बुरी तरह से गुस्से से लाल था । वो कुछ नहीं बोला, तभी डॉक्टर प्रतिभा जी को चेक करने के बाद रवि से बोला, "मिस्टर मलिक ये बात तो सही है कि आपकी मोम को कैंसर नहीं है । पर अभी बहुत कमजोर है क्योंकि वो एक हार्ट पेशेंट है और आपको ज्यादा से ज्यादा उनकी केयर करनी चाहिए । सबसे बड़ी बात इन्हें किसी बात का कोई सदमा नहीं लगना चाहिए । इन्हें जितना हो सके उतना खुश रखें । इन्हें जो पसंद है जिसके साथ रहना अच्छा लगता है, आप उनके साथ रहने दीजिए ।"
रवि डॉक्टर की बात पर बस अपना सिर हिला दिया । फिर डॉक्टर वहां से चले गए । रवि अपनी मॉम के पास बैठा और बोला, "अब आप बिल्कुल बेफिक्र रहिए क्योंकि आप बिल्कुल ठीक है और हमें आज ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल जाएगा ।"
अपनी बात बोल रवि वही साइड में खड़े कुणाल की तरफ देख आर्डर देते हुए बोला, "कुणाल तुम जाकर डिस्चार्ज की सारी फॉर्मेलिटी पूरी करो ।" कुणाल सिर हिलाया और बोला, "ओके सर" इतना कह कुणाल वहां से चला गया । ।
प्रतिभा जी रवि की तरफ देख कर बोली, "बेटा मेरी बहू कहीं नहीं दिख रही है । एक बार तुम उसे यहां बुला दो और उससे कहो कि वो हमारे साथ घर चले । अभी मुझे बहुत तैयारी करनी है, तुमने तो ऐसे ही कोर्ट मैरिज कर ली है । पर जैसे ही मैं बिल्कुल ठीक हो जाऊंगी मैं तुम दोनों की धूमधाम से शादी करूंगी । पर उससे पहले बहू का गृह प्रवेश भी तो करना होगा ।"
अपनी मॉम की बात सुन रवि के चेहरे के भाव बदल गए । वो अपने मन में बोला, "नो मॉम वो लड़की आपकी बहू नहीं है । मेरी बीवी बानने का हक सिफ नैना को है और मान्यता मेरी वाइफ और आपकी बहू कभी नहीं हो सकती ।"