His forced bride - Chapter 1
His forced brideआज की रात लंदन की हवाएं कुछ ज्यादा सर्द थी। वही किसी महल जैसे दिखने वाले घर के एक कमरे में बिलकुल खामोशी छाई हुई थी। कमरे में रेड और येलो डीम लाइट्स जल रही थी। रूम में हीटिंग सिस्टम होने के बावजूद अच्छी खासी ठंड महसूस हो रही थी। वहां उस खामोशी में किसी के सिसकने की हल्की आवाजे आ रही थी।
कमरे के बीच एक बड़ा सा बेड था। बेड पर सफेद बेडशीट थी। बेड के बीचों बीच डार्क मैरून जोड़े में एक लड़की बैठी थी। उसकी गहरी काली आंखो में डर और दर्द दोनो थे। ये उसी के सिसकने की आवाज थी, जो डर से खुद में सिमटी जा रही थी।डर से सफेद चेहरा पीला पड़ गया था। वो दिखने में बहुत खूबसूरत और मासूम लग थी। सांचे में ढला दूध सा गोरा शरीर, परफेक्ट हाइट और खूबसूरत ओवल चेहरा, बिल्कुल किसी मॉडल की तरह लग रही थी। ये ईशानी थी, जो लगभग 21 साल की थी। एक ही दिन में अचानक ईशानी की दुनिया बदल गई, जब अचानक एक शख्स उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गया और बंदूक की नोक पर शादी कर ली। ये कोई एक तरफा प्यार का मामला नही था, थी तो बस बेइंतहा नफरत।
जहां शादी की पहली रात सबके लिए खास होती है, वही ईशानी डर से कांप रही थी, तभी कमरे में किसी के आने की आहट हुई। उसी के साथ ईशानी के दिल की धड़कने तेज हो गई। उसने डर से बेडशीट को पकड़ लिया।
कुछ ही पलों में उसके सामने एक लड़का खड़ा था। उसने मैरून गोल्डन शेरवानी पहनी थी। उम्र लगभग 27 साल, छह फीट हाइट, गोरा रंग, मस्कुलर फिट बॉडी और हेजल ग्रीन आईज। वो नफरत से ईशानी को देख रहा था। ये रुद्राक्ष खुराना था। ईशानी ने अब तक जिसे सिर्फ न्यूज चैनल्स या बिजनेस मैगजिंस में ही देखा था।
रुद्राक्ष ईशानी के बिल्कुल पास आकर बैठ गया। वो डर के पीछे खिसकने लगी।
“अच्छा अब तुम्हें डर लग रहा है.... पहले क्यों नहीं सोचा कि आग से खेलने जा रही हो।” रुद्राक्ष ने अपनी कॉल्ड वॉइस में कहा।
ईशानी के आंखों में कैद आंसू बाहर निकल गए। “प्लीज मुझे जाने दो।” ईशानी ने उसके आगे हाथ जोड़ लिए और रोने लगी।
रुद्राक्ष ने उसके हाथ पकड़े और उसे अपने बिल्कुल करीब खींच लिया। वो उसके इतने पास थी कि उन दोनों के नाक एक दूसरे से टच हो रहे थे।
“बिल्कुल नहीं.... रुद्राक्ष खुराना माफ करने में नही तड़पाने में यकीन रखता है फिर तुमने तो रुद्राक्ष खुराना के दिल पर वार किया है वाइफी। अब गेम मेरी तरफ से शुरू होगा।” रुद्राक्ष के चेहरे पर सस्पिसियस स्माइल दी। ईशानी तो जानती तक नही थी कि आखिर उसकी गलती क्या है।
ईशानी कुछ पूछ पाती उससे पहले रुद्राक्ष कोल्ड वॉइस में बोला, “कौन कहता है लड़कों को गुड़िया खेलने का शौक नहीं होता। आज से तुम मेरी गुड़िया हो और मैं तुमसे जी भर कर खेलूंगा वाइफी।” रुद्राक्ष ने उसी पल ईशानी को पकड़ लिया और काफी वाइल्ड तरीके से उसके होठों पर किस करने लगा।
ईशानी उससे दूर होने के लिए हाथ पैर चला रही थी पर सब वेस्ट था। रुद्राक्ष ने उसे बेड पर गिरा दिया। वो उसके ऊपर था। उसने एक हाथ से ईशानी को काबू कर रहा था और उसका दूसरा हाथ उसकी पीठ पर चल रहा था। ईशानी की सांस फूलने लगी फिर भी रुद्राक्ष ने उसे नही छोड़ा। उसे किस करते टाइम रुद्राक्ष के माथे पर उसकी ज्वेलरी लगी तो वो तुरंत उससे दूर हो गया।
“तुम ये सब निकाल नहीं सकती थी क्या?” रुद्राक्ष चिढ़कर बोला और ईशानी का हाथ पकड़कर उसे ड्रेसिंग टेबल के सामने ले गया। वो खुद अपने हाथों से उसकी हर एक ज्वेलरी निकाल कर फेंक रहा था। ईशानी को इन सब में बहुत तकलीफ हो रही थी और वो रोए जा रही थी।
सारी ज्वेलरी निकालने के बाद रुद्राक्ष ने ईशानी के सिर पर लगा दुपट्टा निकाल कर फेंक दिया। उसके कंधे पर एक और दुपट्टा था, वो भी उसने हटा दिया। ईशानी ने तुरंत अपनी नजरें घुमा ली।
“अच्छा तो अब तुम्हें शर्म आ रही है? मुझे लगा तुम जैसी लड़कियों के लिए ये सब चीजें नार्मल होगी।” रुद्राक्ष ने सर्द लहजे में कहा।
ईशानी के लिए सब कुछ बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था। वो रुद्राक्ष की तरफ पलटी और गुस्से में बोली, “आप होते कौन हो मेरे कैरेक्टर पर अंगुली उठाने वाले? मैं तो आपको जानती तक नही। आपने मुझसे जबरदस्ती शादी करके पहले ही अपनी लिमिट क्रॉस कर दी है।”
रुद्राक्ष ने उसे कमर से पकड़ कर अपने पास खींचा और उसके कान के पास बिल्कुल धीमी आवाज में कहा, “लिमिट तो तुमने क्रॉस की है वाइफी मुझे चोट पहुंचा कर..मेरी तो वैसे भी कोई हद नहीं है। तुम मुझे जानती नही, फिर भी सीधे मेरे वीक पॉइंट पर वार किया है।”
ईशानी उसकी आंखों में देखते हुए बोली, “मैं आपको कितनी बार समझाऊं मैं आपको पहली बार देख रही हूं। आपको कोई गलतफहमी हुई है मिस्टर खुराना, मैने आपका कुछ नही किया है। हां, आपकी बहन...” ईशानी की बात पूरी भी नही हुई थी कि रुद्राक्ष ने उसकी बात बीच में काटते हुए कहा, “अगली बार अपनी गंदी जुबान पर मेरी बहन का नाम लेने से पहले अपनी औकात देख लेना।” कहते हुए रुद्राक्ष ने ईशानी को बेड पर धकेला। वो उसके ऊपर था और उसके हाथ ईशानी के पूरे जिस्म पर चल रहे थे। वो गुस्से में उसके होठों पर किस कर रहा था। फिर वो उसकी गर्दन पर हार्डली किस करने लगा।
ईशानी को किस करते हुए रुद्राक्ष ने उसे अपने ऊपर लिया। उसके हाथ ईशानी की पीठ पर थे। उसने उसके ब्लाउज के हुक्स खोल दिए। उसे महसूस हुआ ईशानी डर से कांपने लगी। उसकी आंखों में आंसू थे। रुद्राक्ष ने एक एक करके उसके सारे कपड़े निकाल दिए। वो उसके सामने बिना कपड़ों के थी। ईशानी को इस तरह देखकर वो तुरंत खड़ा हो गया और उसने अपने नजरें घुमा ली।
ईशानी भी दूसरी तरफ मुंह करके जोर जोर से रोए जा रही थी। उसने अपने लंबे बालों से खुद को ढकने की कोशिश की।
“रुक क्यों गए? करो ना आखिर... तुम्हारी फैमिली के लिए किसी की जिंदगी बर्बाद करना इतना आसान जो है।” ईशानी रोते हुए बोली।
उसकी बातें रुद्राक्ष को गुस्सा दिला रही थी। वो उसके पास आया और अपने दोनों हाथों से उसे कसकर पकड़ लिया। ईशानी को रुद्राक्ष के आंखों में आग दिखाई दे रही थी।
“लोगों को बेड तक लाना तुम्हारा मकसद है ईशानी शर्मा, मेरा नहीं। वैसे भी अब मेरा मूड नहीं है।” रुद्राक्ष ने बेपरवाही से कहा और उसे बेड पर धक्का देकर वहां से चला गया।
ईशानी बेड पर पड़ी रो रही थी। उसने जल्दी से खुद को बेडशीट से कवर किया। रुद्राक्ष से डरकर वो बाथरूम में भाग गई और रोने लगी।
“तुम खुद को कितना भी अच्छा साबित करने की कोशिश करो लेकिन मैं तुम्हारी सच्चाई अच्छे से जानती हूं रुद्राक्ष खुराना। बात तुम्हारी फैमिली पर आई तो तुम बदला लेने पर आ गए.. पर उसका क्या जिसकी जान तुम्हारी फैमिली की वजह से गई। तुम पैसों के बल पर अपने किए गुनाहों से पीछा नहीं छुड़ा सकते रुद्राक्ष खुराना... चाहे जबरदस्ती शादी करो या कुछ और, तुम्हारी बहन को उसके किए की सजा मैं दिला कर रहूंगी।।“ ईशानी टूटी हुई थी पर फिर भी उसकी आवाज में सख्ती थी। वो अच्छे से जानती थी कि उसने आग से खेलने की कोशिश की है, तो उसका जलना तय है।
भले ही आज रुद्राक्ष ने उसकी आंखों में आंसू देख कर उसे छोड़ दिया होगा पर दूसरा सच ये भी था कि वो उससे बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था।
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ये बस शुरुआत थी ईशानी और रुद्राक्ष के नफरत भरे रिश्ते की। क्या वजह है जो दोनो एक दूसरे से इतनी नफरत करते है? कहानी का पहला भाग है, तो समीक्षा जरूर करना।