His forced bride - Chapter 24
His forced brideरुद्राक्ष ईशानी को लाने के लिए उसके पीछे गया था। ये बात जानते ही खुराना मेंशन में रहने वाले लोगों के दिल दिमाग में खलबली से बच गई थी। सारी फैमिली एक जगह इकट्ठी थी और इस बारे में चर्चा कर रही थी।
सबसे ज्यादा गुस्से में आलिया और माया जी थी। आलिया का नेचर माया से ही मिलता था जबकि विक्रांत और दिव्या उनकी बातों का जवाब दे रहे थे। नव्यम अपने आईपैड में लगा हुआ था। उसे इन सब में कोई इंटरेस्ट नहीं था।
माया ने अपनी सख्त और तेज आवाज में कहा, “हमने पहले ही कहा था इतनी लंबी सगाई रखने की कोई जरूरत नहीं है। संजना और उसकी शादी करवा देते हैं लेकिन आप लोगों ने ही बिजनेस पर फोकस करने का नाम लेकर दोनों की शादी नहीं करवाई। अब देख लिया ना उसका नतीजा क्या हुआ।” बोलते हुए उन्होंने विक्रांत और दिव्या की तरफ देखा।
विक्रांत ने जवाब में कहा, “हां तो क्या करता मैं? शादी करवा देता तो उसका सारा ध्यान उस लड़की पर चला जाता और मेरा बिजनेस उस वक्त डाउनफॉल पर चल रहा था, जो रुद्राक्ष ही संभाल सकता था। देखा ना, शादी नहीं करवाई तो आज हमारा बिज़नेस किन ऊंचाइयों को छू रहा है।”
“हां और खानदान की इज्जत नीचे आ गई, उसका क्या?” माया ने उसे घूरते हुए कहा।
माया और विक्रांत की बहस में दिव्या गुस्से में आलिया की तरफ देख रही थी। वो आलिया को पॉइंट करते हुए बोली, “सब गलती इसकी है। मैंने इसे इतनी बार कहा है अपने गुस्से पर काबू रखें। क्या जरूरत थी उस लड़की के साथ वो सब करने की? आज इसकी वजह से हमारी इज्जत और रुद्राक्ष दोनों ही हाथ से निकल रहे हैं।”
आलिया ने हैरानी से कंधे उठाकर कहा, “मैंने क्या किया? हद है यार... अब उस रिशानी शर्मा की किए की सजा भी आप लोग मुझे दोगे क्या? मैंने भाई से नहीं कहा था कि जाकर उस लड़की से शादी करें। मैं खुद को इनोसेंट प्रूफ कर सकती थी। कोई मेरे सामने जुबान नहीं खोलता।”
माया ने आलिया की तरफ देखकर सख्त अंदाज में कहा, “हां हमारे पैसे और पावर का बहुत अच्छे से फायदा उठा रही हो तुम। अगर सब कुछ अच्छे से प्लान करके किया होता तो तुम्हारे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलता। वो लड़की तुम्हारी वैनिटी में थी और न जाने उस रात उसके साथ कौन लड़का होगा? कल को वो आकर खड़ा हो जाएगा और आके हमें ब्लैकमेल करेगा तो हम क्या करेंगे? इसलिए हमने तुम्हें मुंबई में अकेले रहने के लिए नहीं छोड़ा था आलिया।”
अभी भी उनकी फैमिली को ये नहीं पता था उस रात बैनेटी में रुद्राक्ष रिशानी के साथ था।
वो सब आलिया को ब्लेम कर रहे थे तभी नव्यम ने बिना उनकी तरफ देखे सारकास्टिक वे में कहा, “आप लोग ऐसे ही आपस में बहस करते रह जाओगे और वहां वो ईशानी रुद्राक्ष ब्रो को अपने काबू में कर लेगी। आज नहीं तो कल वो अपनी खूबसूरती का जादू उन पर चला ही देगी। फिर आप सब लोग करते रहना बहस कि किसकी गलती थी या किसकी नही।”
नव्यम के कहने पर वो सब होश में आए। माया ने नव्यम की बात पर सहमति जताते हुए कहा, “नव्यम बिल्कुल ठीक कह रहा है। इस वक्त हमें आपस में झगड़ा करने की नहीं बल्कि साथ में मिलकर काम करने की जरूरत है। अगर एक साथ रहे तो उस ईशानी शर्मा नाम की मुसीबत को यहां से निकाल देंगे।”
“एक बार निकाल कर फेंक दिया है। क्या नतीजा निकला? वापस लेकर आ रहा है आपका लाडला पोता उसे।” दिव्या ने उनका मजाक बनाते हुए कहा।
दिव्या की इस हरकत पर माया उसकी तरफ घूर कर देख रही थी। वो चिड़कर बोली, “हम कम से कम तुम लोगों की तरह उस लड़की के सामने अच्छा होने का दिखावा तो नहीं कर रहे ना। तुम लोग अच्छाई का दिखावा करते रहना, कुछ हाथ नहीं लगेगा इससे।”
दिव्या ने दोनों हाथ उठा कर कहा, “मेरी इसमें कोई गलती नहीं है। मुझे विक्रांत ने हीं कहा था कि रुद्राक्ष के साथ अच्छा सलूक करना है वरना वो अपनी मां के पास चला जाएगा। वो लड़का शुरू से ही काफी काबिल था और ये विक्रांत ने पहचान लिया था, तभी उन्होंने रुद्राक्ष को अपने पास रखने का सोचा। उनकी बात सच साबित हुई। आज उसी की काबिलियत ने हमें कहां से कहां लाकर खड़ा कर दिया।”
फिर से उन सबके बीच एक नए बहस शुरू होती उससे पहले आलिया ने खड़े होकर तेज आवाज में कहा, “अच्छा ठीक है अब आपस में बहस तो मत कीजिए। जिसको जैसा करना है कीजिए। वो लड़की यहां आते ही हम सब उसे टॉर्चर करना शुरू कर देंगे। भाई उसे टॉर्चर करने के लिए लेकर आए हैं तो आई डोंट थिंक कि उन्हें कोई प्रॉब्लम होगी। या तो वो यहां से भाग जाएगी या अपनी बहन की तरह सुसाइड कर लेगी।”
“सुसाइड कर ले उसी में भलाई है, वरना भागी तो फिर से रुद्राक्ष से कहीं ना कहीं से ढूंढ कर ले ही आएगा।” दिव्या ने मुंह बनाकर क्रुरता से कहा।
जैसा कि रुद्री का मानना था पूरी खुराना फैमिली ही सेल्फिश थी। विक्रांत खुराना ने रुद्राक्ष को अपने पास काफी सोच समझ कर रखा था। वो जानते थे कि रुद्राक्ष बचपन से ही काफी इंटेलिजेंट था तो वो उसके दम पर काफी कुछ पा सकते थे और वही हुआ।
ईशानी से निपटने का प्लान बनाने के बाद सब लोग वापस अपने अपने काम में लग गए और उनके आने का इंतजार करने लगे।
वहीं दूसरी तरफ ईशानी और रुद्राक्ष की फ्लाइट लंदन में लैंड कर चुकी थी। ईशानी ने साड़ी ही पहनी हुई थी इस वजह से वहां के क्लाइमेट में उसे ठंड लग रही थी। रुद्राक्ष के पास पहनने के लिए एक मोटा जैकेट था, फिर भी उसने जानबूझकर ईशानी को कुछ नहीं दिया।
ईशानी अपनी बाजू को सहलाते हुए खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रही थी लेकिन जैसे ही उसने एयरपोर्ट से बाहर कदम रखा उसे छींकें आने लगी।
ईशानी के छींकने पर रुद्राक्ष उस से कुछ कदम दूर हो गया। वो उसे तिरछी निगाहों से घूरते हुए बोला, “जरा सा भी ठंड सहन नहीं होता ना तुमसे? 5 मिनट चलकर ही जाना है। हमारी गाड़ी बाहर खड़ी हुई है लेकिन नहीं, अभी से तुमने तबीयत खराब होने का बहाना बनाना शुरू कर दिया।”
उसके ऐसा कहने पर ईशानी ने गुस्से से रुद्राक्ष की तरफ देखा। ईशानी ने अपना हाथ मुंह से हटाया तो रुद्राक्ष ने देखा कि उसका पूरा मुंह ठंड से लाल हो चुका था, खासकर नाक तो बहुत ज्यादा लाल थी।
“अभी भी तुम्हें लगता है कि मैं बहाना बना रही हूं तो महान हो तुम।” ईशानी ने चिढ़कर जवाब दिया और फिर से छींकने लगी। उसने धीरे से बड़बड़ा कर कहा, “ऐसे नहीं अपनी जैकेट दे दे। यहां लड़की की ठंड से हालत खराब हो रही है, फिर इसकी मॉम रहती है कि इसका दिल सोने का है।”
ईशानी अभी भी रुद्राक्ष की तरफ मुंह बनाते हुए देख रही थी। उसकी नजर खासकर रुद्राक्ष के मोटे जैकेट पर थी। रुद्राक्ष ने उसकी नजरों को फॉलो किया और फिर कहा, “सोचना भी मत कि मैं तुम्हें ये देने वाला हूं। मेरे कपड़ों कों छूने की इजाजत तुम्हें तभी होगी जब तुम उन्हें क्लीन करोगी। उसके अलावा ना तो तुम मुझे टच कर सकती हो और ना ही मेरे कपड़ों को।”
“ना तो मुझे तुम्हें टच करने का शौक है और ना ही तुम्हारे कपड़ों को। अब जल्दी गाड़ी के पास चलो। थोड़ी देर और यहां खड़ी रही तो मेरी आइसक्रीम जम जाएगी।” ईशानी ने ठिठुरते हुए कहा।
रुद्राक्ष ने ईशानी की बात का कोई जवाब नहीं दिया और गाड़ी की तरफ बढ़ने लगा। ईशानी उसके साथ पीछे-पीछे पैर पटकते हुए आ रही थी।
ड्राइवर उनके लिए गाड़ी लेकर आ गया था। जैसे ही ईशानी गाड़ी के अंदर आई उसे राहत से महसूस हुई क्योंकि वहां का टेंपरेचर सही था।
पूरे रास्ते ही ईशानी और रुद्राक्ष ने एक दूसरे से बात नहीं की। कुछ ही देर में वो दोनों खुराना मेंशन पहुंच चुके थे। अंदर जाने से पहले रुद्राक्ष ने इविल स्माइल करते हुए कहा, “अपने वेलकम के लिए तैयार रहना। यहां सबको पता है कि मैंने तुमसे शादी क्यों की है, तभी तुम्हें घर से निकाला गया था। अब वापस तुम्हें यहां देख कर कोई खुश नहीं होने वाला।”
“हां जैसे मैं तो उनके चेहरे देखने के लिए मरे जा रही हूं।” ईशानी सारकास्टिक वे में बोली और अंदर की तरफ बढ़ने लगी।।
“कुछ ज्यादा ही जुबान नहीं चल रही इसकी? कल तक तो डर के मारे इसके मुंह से एक शब्द भी नहीं फूट रहा था और आज उल्टी-सीधे जवाब दे रही है। डोंट वरी धीरे-धीरे जवाब देना और इस तरह मेरे सामने एटीट्यूड दिखाना सब भूल जाएगी।” रुद्राक्ष ने खुद से कहा और ईशानी के साथ कदम मिलाने लगा।
जैसा कि रुद्राक्ष ने कहा था कि खुुराना फैमिली उसे यहां देखकर खुश नहीं होगी और उसके वेलकम के लिए तैयार रहेगी, तो वही हुआ। सेकंड एंट्रेंस का दरवाजा खुलते ही पूरी खुराना फैमिली सामने थी। वहां आलिया सब के सामने थी और उसे अजीब नजरों से देख रही थी।
ईशानी सिर्फ रुद्राक्ष को ही जानती थी जो उसकी कोई मदद कर सकता था। जबकि रुद्राक्ष वहां आते ही सीधा लिफ्ट की तरफ बढ़ गया उसने ईशानी को अकेले छोड़ दिया था। वो चाहता था कि उसकी फैमिली उसका काम आसान कर दे और ईशानी को इतना टॉर्चर करें कि उसे पछतावा हो क्या आखिर उसने आलिया खुराना के खिलाफ केस किया ही क्यों।
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कई बार लगता है रुद्राक्ष सच में बहुत बुरा है। क्या लगता है कभी इस सडू को ईशानी से प्यार भी होगा ?