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Chapter 14

His forced bride - Chapter 14

His forced bride

ईशानी से बहस हो जाने के बाद रुद्राक्ष अपनी गर्लफ्रेंड संजना के पास गया। संजना उसके डैड के फ्रेंड की पोती थी, जिसके साथ उसकी शादी होनी तय हुई थी।

संजना को रुद्राक्ष और ईशानी की शादी के बारे में पता चल गया था इसलिए वो काफी अपसेट थीं। रुद्राक्ष ने उसे मना लिया था। रुद्राक्ष काफी वक्त तक संजना के साथ रहा ताकि उसका मूड सही हो सके। उसने उसे अपने हाथों से खाना बनाकर खिलाया।

डिनर के बाद रुद्राक्ष और संजना एक दूसरे का हाथ पकड़ कर लॉन में वॉक कर रहे थे। संजना का मूड अब काफी हद तक सही हो चुका था इसलिए वो नॉर्मली बात कर रही थी। वही रुद्राक्ष संजना के साथ होकर भी उसके साथ नहीं था। उसका ध्यान ईशानी में अटका हुआ था।

चलते हुए संजना ने कहा, “मैं इसी तरह की एक परफेक्ट डेट को मिस कर रही थी। थैंक यू सो मच मुझे ये एहसास दिलाने के लिए कि आज भी तुम मेरे हो।”

संजना बोले जा रही थी जबकि रूद्राक्ष सिर्फ हां या ना में जवाब दे रहा था। उसके ठीक से जवाब न देने पर संजना अपनी जगह पर रुक गई। उसने रुद्राक्ष की तरफ देखकर मुंह बनाकर कहा, “इतनी देर तक तो बिल्कुल नॉर्मली बिहेव कर रहे थे। अब अचानक से क्या हो गया जो लॉस्ट हो गए? लिसन जब मेरे साथ रहो तो सिर्फ मेरे बारे में ही सोचा करो।”

“तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था इन फैक्ट आई वॉज प्लैनिंग कि आगे कैसे क्या करना है।” रुद्राक्ष ने बहाना बनाया। संजना उसके चेहरे के एक्सप्रेशंस नोटिस ना कर ले इसलिए रुद्राक्ष ने संजना को खींचकर अपने सीने से लगा लिया। संजना का चेहरा रुद्राक्ष के सीने से लगा हुआ था। इस वजह से संजना उसके चेहरे के एक्सप्रेशंस नहीं देख पा रही थी।

रुद्राक्ष ने आंखें बंद की और अपने मन में कहा, “न जाने क्यों मेरे दिमाग में उस लड़की का ख्याल आ रहा है जबकि मुझे इस वक्त संजना के बारे में सोचना चाहिए। दादू ने वादा किया था कि मेरी और संजना की शादी होगी लेकिन चाहकर भी मैं इसके साथ अपनी फिलिंग्स कनेक्ट नहीं कर पा रहा हूं।”

रुद्राक्ष चुप था इसलिए संजना को लगा कि वो उसे फील कर रहा है। संजना के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट थी और उसने रुद्राक्ष के सीने पर हाथ घूमाते हुए कहा, “पता है आज तक मुझे यही लगता था कि तुम मेरे साथ होकर भी साथ नहीं हो। आई मीन इस रिलेशनशिप में खुश होने का दिखावा कर रहे हो, पर आज कुछ अलग ही फील हो रहा है। ऐसे लग रहा है जैसे सच में तुम्हारे दिल में मेरे लिए इमोशंस है।”

संजना की बात सुनकर रुद्राक्ष का ध्यान टूटा। वो संजना से अलग होकर बोला, “तुम जानती हो ना मेरे लिए मेरी फैमिली और उनके किये प्रोमिसेज बहुत मायने रखते हैं। मैंने तुम्हें पहले ही कहा था कि मैं तुम्हें हर एक खुशी दूंगा।”

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संजना ने उसकी बात पर हामी भरी। रुद्राक्ष संजना के साथ एक अलग ही इंसान लग रहा था। एक समझदार इंसान, दूसरो की इज्जत करने वाला और अपनी फैमिली से प्यार करने वाला शख्स था लेकिन ईशानी के सामने वो पूरी तरह अलग था। या यूं कह सकते हैं ईशानी के सामने ही उसका असली चेहरा निकल कर आता था।

“मुझे जाना होगा।” रुद्राक्ष ने संजना के बाल सही करते हुए कहा।

“लेकिन तुमने तो कहा था तुम मेरे साथ ही रहोगे। देखो रात हो गई है मैं रात में तुम्हें उस लड़की के पास बिल्कुल नहीं जाने दूंगी। रुद्राक्ष प्लीज ऐसा मत करो। मेरे साथ ही रहो।” संजना ने गिड़गिड़ाते हुए कहा। वो काफी इमोशनल लड़की थी।

संजना ने रुद्राक्ष का हाथ पकड़ लिया और उसे अंदर ले जाने लगी। गुस्से से रुद्राक्ष ने अपनी आंखें बंद की और हाथों की मुट्ठी कस ली थी।

रुद्राक्ष ने अपने मन में कहा, “इससे अच्छी तो वो ईशानी है कम से कम उसके साथ रहते हुए मुझे अच्छे होने का दिखावा तो नहीं करना पड़ता।”

अंदर आते ही संजना ने रुद्राक्ष के चेहरे पर देखा तो उस पर हल्की मुस्कुराहट थी। संजना ने रुद्राक्ष को बेड पर लेटने का इशारा किया और फिर खुद उसके सीने पर सर रखकर सो गई। रुद्राक्ष को इससे काफी इरिटेशन हो रही थी पर वो चाह कर भी कुछ कह नहीं पा रहा था।

वहीं दूसरी तरफ रुद्राक्ष के घर ना आने पर ईशानी काफी सुकून से रह रही थी। घर के बाकी लोगों ने उससे खाने के बारे में भी नहीं पूछा तो ईशानी को भूख लगने पर वो घूमते हुए किचन एरिया में पहुंची। जब से रुद्राक्ष ने उसे किडनैप किया था उसने कुछ नहीं खाया था। इस वजह से उसे चक्कर आ रहे थे।

ईशानी को वहां काफी सारा पैकेज्ड फूड दिखा, जिसे निकाल कर वो खाने लगी।

“क्या पता था कि दुश्मन के यहां खाना ढूंढने की नौबत आ जाएगी। कितना केयरलैस इंसान है। ऐसे तो वाईफी वाईफी करता रहता है और अब पूरे दिन से खाना तक का नहीं पूछा। उसकी तरह उसकी फैमिली भी सेल्फिश है। फॉर्मेलिटी के लिए ही सही पर एक बार खाना भिजवा सकते थे मेरे लिए।” ईशानी खाते हुए बोली।

वही नीचे सब डायनिंग एरिया पर इकट्ठा थे। माया खुराना, रुद्राक्ष के मॉम-डैड आलिया और नव्यम।

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रुद्राक्ष और ईशानी को वहां न देखकर रुद्राक्ष के डैड विक्रांत खुराना बोले, “मैंने रूद्र को बाहर जाते देखा था। कम से कम हमें उसे लड़की को खाने के लिए बुला लेना चाहिए। अब किसी के साथ इतना गैरों जैसा बर्ताव भी क्या रखना कि उसे खाने तक का ना पूछो। यहां के सर्वेंट तक रात को भूखे पेट नहीं सोते हैं।”

विक्रांत के ईशानी की परवाह करने पर आलिया ने उन्हें तिरछी निगाहों से देखते हुए कहा, “कोई जरूरत नहीं है उस लड़की को यहां बुलाने की। जब भी मैं उसका चेहरा देखती हूं मुझे वो सब याद आता है। उसकी वजह से आज मेरा करियर डाउनफॉल में आ गया है। मेरी इमेज पर दाग लग गया है और आप अपनी बेटी के बजाय उसके बारे में सोच रहे हैं।”

आलिया ने अपने गुस्से में काफी कुछ बोल दिया था जबकि रुद्राक्ष की फैमिली अब तक ईशानी के सच से अनजान थी। माया ने आंखें छोटी करके आलिया की तरफ देखा और कहा, “क्या कहा तुमने अभी? उस लड़की की वजह से तुम जेल गई थी। सच-सच बताना आलिया वो लड़की कौन है, जिसे रुद्राक्ष ने हमारे सिर पर लाकर पटक दिया है।”

माया के पूछने पर आलिया को एहसास हुआ कि उसने जल्दबाजी में वो सब बोल दिया था जबकि रुद्राक्ष ने उसे ऐसा करने से मना किया था।

आलिया ने ना में सिर हिला कर जबरदस्ती मुस्कुरा कर कहा, “ऐसा ऐसा कुछ नहीं है दादी। मैं ये कहना चाह रही थी कि...”

आलिया की बात अभी पूरी नहीं हुई थी कि विक्रांत उसकी बात बीच में काट कर बोले, “सच सुनना है आलिया, बहाने नहीं। तुम हमारी फैमिली को अच्छे से जानती हो। तुम गलत थी तो हम तुम्हारे खिलाफ तक खड़े होने को तैयार थे लेकिन रुद्राक्ष ने हमें समझाया कि तुम्हें फंसाया गया है। बातें मत घुमाओ और सीधे-सीधे बताओ कि वो लड़की कौन है, जिसे रुद्राक्ष शादी करके घर लेकर आया है।”

आलिया के पास कोई रास्ता नहीं बचा था। उसने नज़रे नीचे करके कहा, “वो उस रिशानी शर्मा की छोटी बहन है जिसने मुझे फसाने की कोशिश की थी। ट्रस्ट भी डैड वो दोनों बहने मेरे पीछे क्यों पड़ी है, मुझे पता तक नहीं। भाई ने उससे इसलिए शादी की ताकि उसके इरादों के बारे में पता लगा सके। बाकी वो उससे कोई प्यार व्यार नहीं करते।”

जैसे ही आलिया ने ईशानी की सच्चाई बताई, उन सबके चेहरों के भाव सख्त हो गए। माया खुराना खाने के बीच से उठ गई जबकि वो ऐसा किसी को भी नहीं करने देती थी और लिफ्ट की तरफ जा रही थी।

रुद्राक्ष घर पर नहीं था। ऐसे में उसकी अब्सेंस में माया ईशानी के साथ कुछ भी कर सकती थी और उसे प्रोटेक्ट करने वाला भी कोई नहीं था। ईशानी की सच्चाई जानने के बाद तो अब खुराना फैमिली का हर एक शख्स उससे नफरत करने लगा था।

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