MiniFM
Previous
Next
Chapter 19

The billionior student - Chapter 19

Millionaire Romantic Student

"अरे वाह, भाई का वो आखिरी मूव क्या गजब था!"

"सिर्फ गजब ही नहीं, एकदम शानदार था..."

गेम में लड़की की तारीफ सुनकर, आर्यन ने भी उसे छेड़ना शुरू कर दिया।

"अरे पगली, तू मुझे बहुत परेशान करती है..."

लड़की ने भी इशारा समझा और अपनी मीठी, नखरेबाज आवाज़ में कहा, "भाई, आप भी ना..."

"हेहे..."

आर्यन मुस्कुराया। सच ही कहा है किसी ने, "पहाड़ पर तीन साल गुजारो, तो जंगली सूअर भी अप्सरा जैसा लगने लगता है!" एक सीधा-सादा इंसान इस तरह कैद रहकर थोड़ा अजीब हो गया था, उसे तो अब तलवारें भी औरतों से ज्यादा दिलचस्प लग रही थीं!

अगर वह वहां तीन साल और रुक जाता, तो शायद उसका दिमाग ही पलट जाता!

"भाई, आप तो कमाल हैं!"

आर्यन गेम में मगन था और बीच-बीच में उस लड़की को छेड़ रहा था, तभी दरवाजे से एक ज़ोरदार आवाज़ आई, जिसने उसे चौंका दिया।

"अरे यार..."

आर्यन का मूड खराब हो गया। उसने सिर उठाकर देखा तो एक हट्टा-कट्टा नौजवान अंदर आ रहा था।

"तू कौन है बे?!"

"भाई, मैं विक्रम हूँ, सुरक्षा विभाग का सुपरवाइजर..."

उस हट्टे-कट्टे नौजवान के चेहरे पर एक चापलूसी भरी मुस्कान थी।

"मैं अभी कंपनी में आया तो आपके कारनामों के बारे में सुना। भाई, कसम से मैं तो आपका फैन हो गया और सीधे आपके दर्शन करने चला आया।"

"अच्छा, तो कर लिए दर्शन? अब आगे बोलो।"

आर्यन ने एक भौंह चढ़ाई। यह लड़का क्या चाहता था? क्या यह उस मैनेजर सूर्यभान का बदला लेने आया है और उसे बातों में फंसाने की कोशिश कर रहा है?

"अरे भाई, आपने तो आते ही पहले दिन उस कमीने सूर्यभान के केबिन पर कब्ज़ा कर लिया और उसे अस्पताल भी पहुँचा दिया। यह तो बहुत ही धाकड़ काम किया आपने।"

विक्रम ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया।

"तू सुपरवाइजर है? तो तू सूर्यभान का ही चमचा होगा, है ना?"

आर्यन के पास इधर-उधर की बातें करने का समय नहीं था।

"सीधे बता, मेरे लिए काम करना चाहता है या अपने बॉस का बदला लेना चाहता है?"

"अरे भाई, गलत मत समझो। मेरी और सूर्यभान की बिल्कुल नहीं बनती। उसने मुझे बहुत परेशान किया है..."

विक्रम ने जल्दी से सफाई दी।

"आपने उसका बैंड बजा दिया, तो आप मेरे भाई हो गए। आज से मैं आपके साथ हूँ!"

"..."

आर्यन सन्न रह गया। बैठे-बिठाए एक चेला मिल गया?

उसने विक्रम को ऊपर से नीचे तक देखा और अचानक पूछा, "तू फौज में था क्या?"

"भाई, आपकी नज़र तो बाज़ जैसी है। मैंने कुछ साल 'कोबरा कमांडो' फोर्स में काम किया है..." विक्रम ने सीना तानकर जवाब दिया।

"कोबरा कमांडो? तू कैप्टन रंधावा के साथ था?"

आर्यन मुस्कुराया।

"आप कैप्टन रंधावा को जानते हैं?"

विक्रम की आँखें फटी की फटी रह गईं।

"हाँ, वो मेरे साथ ही हुआ करता था।"

आर्यन ने सिर हिलाया।

"बैठ जा।"

Advertisement

"आपके साथ... आपके साथ?"

विक्रम का दिमाग चकरा गया। क्या यह लड़का फेंक रहा है? कैप्टन रंधावा कोई छोटा-मोटा आदमी नहीं था, वह इसके साथ क्यों होगा?

"यकीन नहीं आ रहा? हेहे, रंधावा की छाती पर गोली का एक निशान है, पता है? अगर मैं न होता, तो वो गोली उसे उसी दिन ऊपर पहुँचा देती।"

आर्यन ने सिगरेट निकाली और उसे हवा में उछाल दिया।

"आप... आप ही वो 'रक्षक' हैं जिसके बारे में रंधावा सर अक्सर बातें करते थे?"

विक्रम हैरान रह गया, वह पूरी तरह से सन्न था।

"हाँ, वही हूँ।"

आर्यन की मुस्कान गहरी हो गई।

"दुनिया कितनी छोटी है। अब जब तू रंधावा का आदमी है, तो मुझे 'आर्यन भाई' कहने में तुझे कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।"

"आर्यन भाई!"

विक्रम ने तुरंत जोश में आकर पुकारा, उसकी आँखों में अब इज्ज़त साफ़ दिख रही थी।

एक बार शराब के नशे में, कैप्टन रंधावा ने उन्हें अपने दिल के पास गोली के निशान की कहानी सुनाई थी, और कहा था... "अगर वो इंसान न होता, तो आज कोबरा फोर्स का नामो-निशान मिट गया होता।"

उस लड़ाई में पूरी यूनिट खत्म हो सकती थी!

इस इंसान ने न सिर्फ उनकी जान बचाई थी, बल्कि पूरी फोर्स की इज़्ज़त बचाई थी!

अगर पहले उसका "भाई" कहना सिर्फ चापलूसी थी, तो अब यह "आर्यन भाई" दिल से निकला था।

"हेहे।"

आर्यन ने विक्रम के बदले हुए तेवर को भांप लिया और मुस्कुराते हुए सिर हिलाया।

"अब से इस कंपनी में मैं तेरा ध्यान रखूँगा। अगर सूर्यभान ने फिर से तुझे परेशान करने की हिम्मत की, तो मुझे बताना, मैं उसे देख लूँगा।"

"वैसे तो मैं भी कम नहीं हूँ, लेकिन उसका पद बड़ा है इसलिए दबना पड़ता था।"

विक्रम हँसा।

"सच में भाई, आपसे मिलकर मजा आ गया... आर्यन भाई, आज रात फ्री हैं क्या? चलिए ड्रिंक्स मेरी तरफ से।"

"देखता हूँ।"

आर्यन ने पक्का नहीं किया। अगर उसे सानिया के साथ अकेले रहने का मौका मिला, तो वह इस फौजी के साथ बैठकर शराब क्यों पिएगा?

"ठीक है..."

विक्रम ने थोड़ी और तारीफों के पुल बांधे, जिसे सुनकर आर्यन का मन खुश हो गया।

"भाई, लंच का टाइम हो गया है, कैंटीन चलें?"

"हाँ यार, भूख तो मुझे भी लगी है।"

आर्यन ने सिर हिलाया।

"ओए लड़कों, सब सुनो! आज से इन्हें 'आर्यन भाई' कहोगे!"

विक्रम ने केबिन से बाहर निकलते ही जोर से ऐलान किया।

"आर्यन भाई!"

कई सुरक्षा गार्ड सावधान की मुद्रा में खड़े हो गए और आर्यन को इज्ज़त भरी नज़रों से देखने लगे।

"भाई, ये सब मेरे लड़के हैं।"

विक्रम ने परिचय कराया।

"अगर कभी किसी चीज की ज़रूरत हो, तो बस इन्हें हुक्म दे देना।"

"बढ़िया।"

आर्यन ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया। पहले ही दिन कंपनी में उसका सिक्का जम गया था!

Advertisement

कैंटीन जाते हुए, विक्रम ने उसे सुरक्षा विभाग का पूरा हाल बताया।

सूर्यभान के अलावा तीन सुपरवाइजर थे, और विक्रम उनमें से एक था।

एक सुपरवाइजर सूर्यभान का चमचा था, और विक्रम की दूसरे सुपरवाइजर से अच्छी दोस्ती थी, इसलिए वह सूर्यभान के सामने टिका हुआ था।

"हेहे, छोटा सा विभाग और इतनी राजनीति।"

यह सुनकर आर्यन को हंसी आ गई।

"हाँ भाई, लेकिन आप तो कमाल हैं। पहले ही दिन आपने सूर्यभान को अस्पताल पहुँचा दिया।"

विक्रम ने अंगूठा दिखाया।

"अरे नहीं, मैंने उसे नहीं मारा, वो तो उस गुंडे 'टाइगर' ने मारा था... वैसे, तुझे टाइगर के बारे में कुछ पता है?"

आर्यन ने ऐसे पूछा जैसे कोई मामूली बात हो।

"टाइगर? अंडरवर्ल्ड में उसे 'टाइगर भाई' कहते हैं। वह 'ड्रैगन गैंग' के चार सबसे खूंखार लोगों में से एक है। ड्रैगन गैंग शहर का एक बड़ा माफिया ग्रुप है, और इस इलाके में उनकी बहुत चलती है,"

विक्रम ने जानकारी दी।

"भाई, आपने टाइगर को भी धोया है, तो थोड़ा संभलकर रहना। वो लोग बदला लेने जरूर आएंगे।"

"हेहे, जिसे मरने का शौक हो, वो आ जाए।"

आर्यन को रत्ती भर भी परवाह नहीं थी। चाहे वो ड्रैगन गैंग हो या कोई और, उसके लिए सब बराबर थे।

बातें करते हुए वे दोनों कैंटीन पहुँच गए।

अंदर घुसते ही आर्यन की आँखें चमक उठीं—वाह, कितनी सारी खूबसूरत लड़कियाँ!

"भाई, शायद आपको पता न हो, लेकिन हमारी कंपनी में लड़कों से ज्यादा लड़कियाँ हैं... और सारी की सारी एक से बढ़कर एक,"

विक्रम ने धीरे से कान में कहा।

"और तो और, यहाँ की लड़कियाँ काफी मॉडर्न और हाई-क्लास हैं..."

"वाह! मैं तो बिल्कुल सही जगह आ गया हूँ।"

आर्यन खुश हो गया। बिना कुछ किए भी, ऐसे माहौल में रहना ही जन्नत है।

"हमारी कंपनी में एक 'ब्यूटी लिस्ट' भी है। अगर आपको दिलचस्पी हो भाई, तो मैं बता सकता हूँ,"

विक्रम ने ऑफर दिया।

"बता न यार, एक-एक डिटेल बता।"

आर्यन ने सिर हिलाया; उसे यह गपशप बहुत पसंद आ रही थी।

"नंबर वन पर तो ऑफकोर्स, हमारी बॉस सानिया मैडम हैं। भाई, आप उनके बॉडीगार्ड हो, कसम से जलन होती है आपसे..."

"दूसरे नंबर पर पीआर (PR) डिपार्टमेंट की जिया है। वो बहुत हॉट है... भाई, गलत मत समझना, हॉट मतलब बहुत ही ज्यादा आकर्षक।"

"मुझे हॉट... नहीं, मुझे बहुत ज्यादा आकर्षक लड़कियाँ ही पसंद हैं।"

आर्यन मुस्कुराया और उसने 'जिया' नाम याद कर लिया।

जैसे ही विक्रम आर्यन को ज्ञान दे रहा था, तभी सानिया कैंटीन में दाखिल हुई।

उसके आते ही पूरी कैंटीन में सन्नाटा छा गया।

यहाँ तक कि विक्रम भी चुपचाप अपनी थाली लेकर पीछे खिसक गया, उसके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकला।

यह देखकर आर्यन हैरान रह गया; क्या इस कंपनी में सानिया का खौफ इतना ज्यादा था?

"सानिया को देखकर तुम सब भीगी बिल्ली क्यों बन जाते हो?"

आर्यन ने पूछा।

"तू तो कोबरा कमांडो का फौजी है, इतना डरना ज़रूरी है क्या?"

"भाई, सानिया मैडम का रुतबा ही ऐसा है,"

विक्रम ने उसे सुधारा।

"यह डर नहीं, इज्ज़त है भाई... मैं बहुत कम लोगों की इज्ज़त करता हूँ, और सानिया मैडम उनमें से एक हैं। और आज से आप भी उस लिस्ट में हैं, आर्यन भाई।"

Was this chapter good?