Tied with destiny - Chapter 12
Tied with destinyआरव की गाड़ी जिसने खराब की थी उसका उसने पता लगा लिया था। वो कबीर के साथ लाइफ केयर हॉस्पिटल में आया हुआ था।
आयुष्का जिस नर्स की स्कूटी लेकर गई थी, उसका नाम भव्या द्विवेदी था। उसने आरव की गाड़ी खराब करने से साफ मना कर दिया। उसकी बात सही साबित करने के लिए हॉस्पिटल के सीईओ मिस्टर कपूर ने सारे सिक्योरिटी गार्ड्स को ऑफिस में बुला लिया।
उन सबके आते ही हॉस्पिटल मिस्टर कपूर ने कहा, “क्या इस नर्स की स्कूटी आज कोई बाहर लेकर गया था?”
जिस गार्ड ने आयु को भव्या की स्कूटी दी थी, वो बोला, “हां सर। मैने आज किसी डॉक्टर को इनकी स्कूटी कुछ देर के लिए दी थी।”
गार्ड के हामी भरते ही भव्या ने कहा, “देखा मैंने कहा था ना कि मैं पूरे दिन बिजी थी। मैंने सोचा मेरे स्कूटी देने से यहां के स्टाफ की हेल्प होगी लेकिन यहां तो कुछ उल्टा ही हो रहा है। गार्ड भैया, आगे से आप मेरी स्कूटी किसी को मत दीजिएगा।”
“हां ठीक है। अब तुम जा सकती हो...।” मिस्टर कपूर ने तुरंत उसे वहां से भेज दिया ताकि बात ना बढ़ जाए। इसके बाद उन्होंने बाकी सिक्योरिटी गार्ड की तरफ देख कर कहा, “पाटिल को छोड़कर तुम सब लोग भी जा सकते हो।”
सारे गार्ड्स अपने काम पर वापस लग चुके थे तो वही भव्या द्विवेदी भी जा चुकी थी। अब केबिन में हॉस्पिटल मिस्टर कपूर आरव, कबीर और उस गार्ड के अलावा कोई नहीं बचा था।
“क्या तुम्हें याद है तुमने वो स्कूटी किसे दी थी?” मिस्टर कपूर ने पाटिल की तरफ देखकर पूछा।
“इतना बड़ा हॉस्पिटल है और यहां बहुत सारा स्टाफ काम करता है। मैं उन्हें नाम से नहीं जानता लेकिन हां देखूंगा तो तुरंत पहचान जाऊंगा। मुझे बस इतना याद है उनकी आंखों का कलर अलग था, दिखने में भी वो बहुत सुंदर थी, बाल भी लंबे से और खुबसूरत थे।” गार्ड को आयु के बारे में जितना भी याद था, उसने उन लोगो को बता दिया।
“हमें यहां उसकी खूबसूरती की तारीफ नहीं सुननी है। तुम्हें नाम याद है तो बताओ, वरना जाओ यहां से...” आरव ने काफी रुखे तरीके से जवाब दिया।
जवाब में गार्ड ने ना में सिर हिला दिया। मिस्टर कपूर ने उसे वहां से भेज दिया। उसके जाते ही उसने आरव से कहा, “आई नो आप इस हॉस्पिटल के ओनर है पर ये बात यहां हर कोई नहीं जानता। आपकी गाड़ी का जो भी नुकसान हुआ है, वो मैं पे करने के लिए तैयार हूं।”
“और आपको क्या लगता है मिस्टर कपूर, क्या मेरे पास में इतने पैसे नहीं है जो मैं उसे ठीक करवा सकूं? मुझे रियल कल्प्रिट चाहिए। पूरे हॉस्पिटल स्टाफ को लाइन में लगाओ और उस गार्ड को बुलाकर पूछो कि किसने किया था वो... वरना मुझे इस हॉस्पिटल को किसी लग्जरियस होटल में बदलते देर नहीं लगेगी।” इस बार आरव ने सर्द लहजे में कहा। वो इन सब से काफी गुस्सा हो गया था और उसके कहने के तरीके भर से मिस्टर कपूर घबरा गए।
उन्होंने उम्मीद भरी निगाहों से कबीर की तरफ देखा, तो कबीर ने कहा, “सर प्लीज समझने की कोशिश कीजिए। इस तरह बच्चों की तरह जिद करना सही नहीं है। उस लड़की ने बेवकूफी की, जरूरी थोड़ी ना है कि आप भी करोगे।”
आरव ने उसकी तरफ बिना कुछ कहे सिर हिलाया तो कबीर ने मिस्टर कपूर से कहा, “आप अपनी फीमेल डॉक्टर्स को किसी भी बहाने से केबिन में बुला सकते हैं या उस गार्ड को किसी काम से सभी फीमेल डॉक्टर्स के पास भेज सकते हैं।”
आरव के लहजे से कबीर समझ गया था कि वो जब तक उस डॉक्टर से अपना बदला नहीं ले लेता, वहां से हिलने वाला नहीं। वही मिस्टर कपूर के पास भी और कोई चारा नहीं था।
“आप दोनों यही बैठिए। मैं इस मामले में कुछ करता हूं। बी कंफर्टेबल।” मिस्टर कपूर ने कहा।
“ऑफ कोर्स आई विल कंफर्टेबल। ये मेरा ही हॉस्पिटल है। मैंने ध्यान देना क्या छोड़ दिया लोग मनमानी पर उतर आए लेकिन लगता है कि अब ऑफिस छोड़कर यही बैठना होगा।” आरव ने धमकी भरे लहजे से कहा।
मिस्टर कपूर को उसकी जॉब खतरे में महसूस हुई तो इस मामले में खुद ही कुछ करने के लिए वो तुरंत वहां से निकल गए। उनके जाने के बाद आरव उनकी कुर्सी पर आराम से बैठा था जबकि कबीर उसके सामने वाली सीट पर था।
“मुझे एक चीज समझ नहीं आई। वो लड़की आपको मिल भी गई तो आप क्या कर लोगे? वो एक डॉक्टर है और आपकी कार को हुए नुकसान को आराम से पे कर सकते हैं। फिर उससे मिलने या ना मिलने का क्या फायदा हुआ?” कबीर को आरव के बर्ताव पर हैरानी हो रही थी।
“सबसे पहले तो मैं उसके किए के लिए उसे इस हॉस्पिटल से नेगेटिव मार्किंग करके बाहर निकाल लूंगा और ये मैक श्योर करूंगा कि उसे जिंदगी में कभी किसी हॉस्पिटल में नौकरी ना मिले, मुंबई में तो खासकर नहीं... फिर उसे पता चल जाएगा कि आरव खुराना का नुकसान करने का नतीजा क्या होता है। मुझे चिढ़ है उन लोगो से जानबूझकर गलतियां करते हो और खुद के फायदे के लिए लोगो को धोखा देते है। इस डॉक्टर ने भी यही किया है। शी विल पे फॉर दिस।” आरव ने कबीर के सवाल का जवाब दे दिया था।
उसकी बात सुनकर कबीर चुप हो गया। वही आरव मिस्टर कपूर के लौटने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था।
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मिस्टर कपूर को आरव का रवैया बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। वो गुस्से में हॉस्पिटल में हर एक फीमेल डॉक्टर नर्स से जाकर बात कर रहे थे। उन्होंने लगभग स्टाफ से बात कर ली थी। तभी सामने स्टोर रूम से डॉक्टर सिद्धि बाहर निकली।
“क्या आज तुम हॉस्पिटल से किसी नर्स की स्कूटी लेकर बाहर गई थी डॉक्टर सिद्धि?” मिस्टर कपूर ने डॉक्टर सिद्धि के पास जाकर पूछा।
“नहीं सर पर आप ये सब क्यों क्यों पूछ रहे हो? सब कोई आपके इस सवाल से परेशान हैं?” सिद्धि ने हिचकिचाते हुए पूछा।
“वो सब तुम छोड़ो। मैं सब से पूछ चुका हूं और सबने ना ही कहा है। क्या कोई ऐसी लेडी डॉक्टर है, जो ओटी में बिजी हैं?” मिस्टर कपूर ने फिर पूछा।
“दूसरों का शेड्यूल तो पता नहीं लेकिन अभी अभी हम लोग एक सर्जरी से फ्री हुए हैं, जहां डॉक्टर अयान के साथ मैं और डॉक्टर आयुष्का मौजूद थे। वो चेंज करने गई है। आपको कहो तो उसे बुलाऊं?” डॉक्टर सिद्धि ने पूछा।
आयुष्का का नाम लेते ही मिस्टर कपूर को कुछ स्ट्राइक हुआ। उन्होंने खुद से बड़बड़ा कर कहा, “गार्ड ने कहा था उसकी आंखों का कलर अलग है। आयुष्का की आंखें भी तो डिफरेंट है कहीं उसी ने तो...” उसके बारे में सोचते ही मिस्टर कपूर के चेहरे पर गुस्से के भाव थे। आरव की वजह से वो पहले से ही परेशान हो गए थे। उन्होंने डॉक्टर सिद्धि से कहा, “डॉक्टर आयुष्का को कहो कि अभी के अभी मेरे केबिन में पहुंचे।”
सिद्धि ने उनकी बात पर हामी भरी और वहां से स्टोर रूम की तरफ चली गई। उसने आयु को सारी बात बताई और सीधे मिस्टर कपूर के केबिन में जाने को कहा।
आयु चेंज करने के बाद सीधे मिस्टर कपूर की केबिन में जाने लगी। वहां पहुंचकर उसने केबिन का दरवाजा हल्का सा खोला तो उसे सामने आरव दिखाई दिया। उसने तुरंत केबिन का दरवाजा बंद कर दिया।
“ओह गॉड, ये यहां क्या कर रहा है? कहीं इसे पता तो नहीं चल गया कि सुबह मैंने इसकी गाड़ी खराब की थी।” आयु ने घबराकर कहा।
वो उल्टे पैर वहां से वापस जाने लगी, तभी मिस्टर कपूर से टकरा गई। मिस्टर कपूर ने उसके चेहरे के भावों को नोटिस किया और कहा, “घबराई हुई लग रही हो, चेहरे पर भी पसीने की बूंदे है। मतलब तुम ही हो जिसने सुबह आरव खुराना की गाड़ी जानबूझकर खराब की थी।” मिस्टर कपूर हॉस्पिटल के सीईओ होने के साथ-साथ एक साइकेट्रिस्ट भी थे।
लोगों के बिहेवियर को ऑब्जर्व करके उनके दिमाग में क्या चल रहा था, इसका पता लगाते उन्हें देर नहीं लगती थी।
“नहीं सर, मैं तो पूरे दिन हॉस्पिटल में थी।” आयु ने सफाई देने की कोशिश की।
“मेरे सामने झूठ मत बोलो डॉक्टर। तुम अच्छे से जानती हो कोई फायदा नहीं होगा। तुम्हारी वजह से आज मेरी नौकरी खतरे में आ गई है। जाकर चुपचाप उससे सॉरी बोलो और मामला रफा-दफा करो।” मिस्टर कपूर ने गुस्से में कहा।
आयु के सामने अब कोई रास्ता नहीं बचा था तो वहीं अयान को हॉस्पिटल में क्या हो रहा था, उस बारे में पता चल चुका था। वो मिस्टर कपूर से बात करने आ रहा था कि उसने उन दोनों की बातें सुन ली।
“सॉरी टू इंटरप्ट यू सर लेकिन ये सही कह रही है। आज ये बाहर गई जरूर थी लेकिन मेरे किसी काम से। आप चाहे तो सीसीटीवी चेक कर सकते हैं। रिकॉर्डिंग देख कर आपको पता चल जाएगा बाहर जाने से पहले हम दोनों मिले थे और मैंने ही अपने किसी काम से इसे भेजा था।” अयान ने कहा।
“मैंने कब मना किया कि इसे तुम नहीं भेज सकते? भेजा होगा तुमने लेकिन ये भव्या की स्कूटी लेकर गई थी और उसने जो किया, वो यही तुम्हें बताएगी। खैर छोड़ो, ये तो तुम्हें झूठ ही बोलेगी, तो चलो मैं बता देता हूं। इसने ना जाने क्या सोचकर आरव खुराना की गाड़ी पर बड़ा सा डेंट दे दिया। अब वो इंसान मेरे केबिन में बैठकर मुझे धमका रहा है।” मिस्टर कपूर ने एक सांस में उन्हें सब कुछ बता दिया। उनके बात करने का तरीका साफ बता रहा था कि वो आरव से थोड़ी ही देर में किस कदर परेशान हो गए थे।
“अगर वो आपको धमका रहा है तो आपको पुलिस को कॉल करना चाहिए। आप तो बेवजह मुझ पर चढ़ रहे हो।” आयु बोली।
“रियली डॉक्टर? तुम्हारे एटीट्यूड ने सब साफ कर दिया है। तुमने ही किया है ना ये सब?” मिस्टर कपूर ने एक बार फिर पूछा।
आयु ने उनकी बात का कोई जवाब नही दिया। उसकी नजरें झुकी हुई थी। उसकी झुकी नजरें देखकर अयान सब समझ गया। आयु वैसे भी आरव से बदला लेने की बात कह रही थी तो उसे समझते देर नहीं लगी कि उसने ये क्यों किया होगा।
“ये मेरे अंडर काम करती है तो सारी रिस्पॉन्सिबली मैं खुद पर लेने के लिए तैयार हूं। आप चलिए मैं आरव खुराना से बात करता हूं। मैं उसके डैमेज का भी पे कर दूंगा।” अयान ने कहा।
“और तुम्हें क्या लगता है कि वो मान लेगा? मैंने उसके सामने ये ऑप्शन नहीं रखा होगा। वो उसी इंसान से मिलना चाहता है, जिससे उसकी गाड़ी खराब की थी।” मिस्टर कपूर ने बताया।
“तो मैं बोल दूंगा कि वो गाड़ी मैंने खराब की थी। मैं उससे बात करने जा रहा हूं एंड प्लीज आप बीच में मत आइएगा। मैं अकेले में उससे बात करना चाहता हूं।” अयान ने सारा मामला खुद पर लिया और मिस्टर कपूर के केबिन में चला गया।
मिस्टर कपूर भी अब आरव से और बहस नहीं करना चाहते थे इसलिए वो अंदर नहीं गए। अयान के जाते ही उन्होंने आयु से सिर हिलाकर कहा, “भले ही उसके सामने कुछ नहीं आएगा लेकिन तुम्हारी वजह से मुझे जो परेशानी हुई है, उसका भुगतान तुम्हें करना पड़ेगा डॉक्टर ओबरॉय। तुम एक अच्छी डॉक्टर हो इसलिए एक्सपेल नहीं करूंगा। एज पनिशमेंट अगले दो महीने तक तुम तीन घंटे की एक्स्ट्रा ड्यूटी करोगी।” कहकर मिस्टर कपूर वहां से रिलैक्स करने के लिए बाहर चले गए।
वही आयु को अब अपनी गलती का पछतावा हो रहा था। वो आरव के सामने नहीं आना चाहती थी इसलिए वापस अपने केबिन में चली गई।
दूसरी तरफ अयान मिस्टर कपूर के केबिन में पहुंचा। उसे वहां देखकर आरव ने कबीर से कहा, “तुम बाहर जाओ।”
कबीर उसकी तरफ हैरानी से देख रहा था क्योंकि आज से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि आरव ने उसे किसी मीटिंग से बाहर भेजा हो।
उस वक्त उसने आरव से कुछ नहीं पूछा और वहां से चला गया। उसके जाते ही आरव ने सर्द लहजे से अयान की तरफ देख कर कहा, “क्यों आए हो यहां पर? आई डोंट वांट टू सी यू।”
“मुझे भी कोई शौक नहीं है आपको देखने का। सुबह आपकी गाड़ी के साथ जो भी हुआ, वो मैंने किया था। आप जानते हैं मैंने क्यों किया होगा।” अयान ने झूठ बोलते हुए सारी जिम्मेदारी खुद पर ले ली।
उसकी बात सुनकर आरव के चेहरे पर कड़वाहट भरी मुस्कुराहट थी। उसने उसी लहजे में कहा, “अच्छा, हेयर कट करवा कर आए हो क्या? मुझे अच्छे से याद है वो कोई लड़की थी और उसके बाल बहुत लंबे थे।”
“हां ठीक है, वो मैं नहीं था लेकिन वो जो भी थी...” अयान बोल रहा था तभी आरव ने उसकी बात बीच में काटते हुए कहा, “शायद तुम्हारी गर्लफ्रेंड है। वो भी डॉक्टर थी और तुम भी... तभी उसकी बदतमीजी का इल्जाम तुम अपने सिर ले रहे हो। लगता है तुमने अभी तक बताया नहीं कि हम दोनों के बीच क्या रिलेशन है? आगे से उसे बोल देना कि गलती से भी मेरे साथ ऐसी बचकानी हरकत ना करें वरना मैं बार-बार लोगों को माफ नहीं करता हूं।”
अयान ने उसकी बात पर हामी भरी। “थैंक्स इस बात को जाने देने के लिए। मैं उसे समझा दूंगा।”
“थैंक्स माय फुट... मेरा पूरा दिन और मूड खराब कर दिया।” आरव ने सिर हिलाकर कहा और वहां से चला गया।
उसके जाने के बाद अयान के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई। फिर उसे याद आया की आयु ने क्या किया था तो तुरंत उसके चेहरे के भाव बदल गए। उसे आयु पर बहुत गुस्सा आ रहा था और वो उससे बात करने के लिए उसके केबिन में जाने के लिए बढ़ा।
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