Tied with destiny - Chapter 18
Tied with destinyआरव माहिरा को लेकर होटल पहुंचा। उन्होंने वहां के वीआईपी सुइट में चेक इन किया। वीआईपी एरिया होने की वजह से वो पूरी तरह से प्राइवेट था।
वहां आते ही माहिरा ने अपना समान दूसरी तरफ किया और आरव के गले में अपनी बाहें डाल ली। उसके ऐसा करने पर आरव अनकंफरटेबल फील कर रहा था फिर भी उसे दिखाने के लिए उसके चेहरे पर नकली मुस्कुराहट थी।
“मुझे मीटिंग के लिए निकलना है।” आरव ने उसे खुद से दूर करने की कोशिश की लेकिन माहिरा ने उसे खुद से दूर नहीं जाने दिया।
“तुम कब से मीटिंग अटेंड करने लगे। कबीर को कॉल करके बोल दो वो देख लेगा। वैसे भी हम काफी दिनों बाद मिल रहे हैं।” बोलते हुए माहिरा आरव के और करीब आ गई। उन दोनों के नोज एक दूसरे से टच हो रहे थे।
“माहिरा मुझे सच में जाना है। तुम रेस्ट करो हम रात को मिलते हैं ना...” बोलते हुए आरव माहिरा से दूर हो गया।
उसके ऐसा करने पर माहिरा हंस कर बोली, “लड़की मैं हूं और अनकंफर्टेबल तुम फील कर रहे हो।”
“मैं कोई अनकंफर्टेबल फील नहीं कर रहा। बस इस वक्त मुझे जाना होगा। आई होप यू डोंट माइंड...” आरव ने माहिरा के पास आकर उसे हल्का सा हग किया और बाय बोल कर वहां से चला गया।
उसके जाते ही माहिरा बेड पर रिलैक्स होकर बैठ गई। वो हल्का स्माइल करते हुए बोली, “कब तक दूर भागोगे? पर मुझे तुम्हारी ये अदा भी पसंद आई... खुद को हाइप करने के लिए तुम लड़कियों का सहारा लेते हो, जबकि सच्चाई ये है कि उनके पास आते ही अनकंफर्टेबल हो जाते हो। देखा जाए तो इसमें भी मेरा ही फायदा है।”
आरव के जाने के बाद माहिरा ने चेंज किया और वो रेस्ट करने लगी तो वही उससे बचकर आरव अपनी गाड़ी में था।
“अजीब मुसीबत है यार... ये जितना काम की है उतना ही इरिटेट करती हैं। आई नो लड़का होकर मैं ये प्रे करता हुआ थोड़ा अजीब लगूंगा... बट प्लीज गॉड इस लड़की से मेरी इज्जत बचा लेना।” आरव खुद को रिलैक्स करने के लिए गहरी गहरी सांसे लेने लगा। उसने पानी पिया और फिर कबीर को कॉल किया, “आगे से अपनी बॉस को तुम ही संभालना।”
“इसका मतलब कि उन्होंने फिर आप को किस करने की कोशिश की।” कबीर ने आरव को परेशान करते हुए कहा।
“जब सब पता ही है तो पूछ क्यों रहे हो। उसे अच्छे से पता है मुझे रिलेशंस और प्यार जैसे फीलिंग भी यकीन नहीं है, फिर भी क्लोज आती रहती हैं। खैर छोड़ो, उसके बारे में बात करके मुझे अपना खून नहीं जलाना है। मैं ऑफिस पहुंच रहा हूं। युवानी को बोलो जितनी भी मीटिंग अटेंड करनी है सब लाइन अप कर दो। मुझे कल शाम तक बिजी रहना है।” कबीर को सब समझा कर आरव ने कॉल कट किया और ऑफिस जाने के लिए निकल गया।
वही उससे बात करके कबीर के चेहरे पर हल्की स्माइल थी। उसने उसी अंदाज में कहा, “आपको प्यार और रिलेशन जैसी चीज पर यकीन ना हो लेकिन एक दिन आप उसके लिए सबसे फाइट करोगे। जब किस्मत बदलती है ना सर तो अच्छे अच्छे लोग उसके आगे घुटने टेक देते हैं। देखना, आपकी लाइफ में भी एक दिन ऐसा जरूर आएगा, जब आप अपने प्यार को पाने के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाओगे।”
अपनी बात पूरी करके कबीर आरव के बताए हुए काम पर लग गया क्योंकि आरव नहीं चाहता था कि कल शाम होने वाली पार्टी से पहले वो माहिरा से मिलने जाए और उसे उसके पास आने का कोई भी मौका दें।
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रात के समय मंथन अपने फ्लैट पर था और लैपटॉप में कुछ काम कर रहा था। उसने सुबह आयु को अपने अपार्टमेंट के बाहर छोड़ा था उसके बाद से उन दोनों की कोई बात नहीं हुई थी। यहां तक कि उसके दिमाग में एक बार भी आयु का ख्याल तक नहीं आया था। वो अपने ही कामों में उलझा था।
मंथन अपना काम कर रहा था तभी उसके पास उसके पापा निशांत आहूजा का कॉल आया।
“काम कैसा चल रहा है?” निशांत जी ने पूछा।
“बस अभी तो शुरुआत है। थोड़ा टाइम तो सेटल होने में ही लग जाएगा। बिजनेस शुरू करना है तो थोड़ी जान पहचान भी बनानी होगी। मेरी यहां कोई खास जान-पहचान नहीं है।” मंथन ने बताया। उसके बोलने का लहजा काफी शांत था।
“चलो अच्छी बात है। तुम आगे बढ़ रहे हो पर मत भूलो कि तुम निशांत आहूजा कर बेटे हो। तुम्हें जान पहचान बनाने की जरूरत नहीं है...लोग खुद चलकर तुम्हारे पास आएंगे।” निशांत जी ने गर्व से कहा।
“हां पर मैं सब कुछ अपने दम पर करना चाहता हूं इसीलिए दिल्ली से मुंबई आया था।” मंथन ने जवाब दिया।
“वो तुम्हारी मर्जी है। खैर छोड़ो, मैंने तुम्हें ये बताने के लिए कॉल किया था कि कल शाम तुम्हें वहां की फेमस बिजनेसवुमन छवि सिंघानिया के बर्थडे पार्टी में जाना है। ये अच्छा मौका है जब तुम अपने दम पर जान पहचान बना सकते हो। वहां काफी बड़ी बड़ी हस्तियां आएगी।” निशांत जी ने बताया। इसी के साथ मंथन समझ गया था कि उन्होंने उसे कॉल क्यों किया होगा।
मंथन ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। उसे चुप देखकर निशांत जी ने फिर कहा, “हां जानता हूं तुम्हें पार्टी अटेंड करना पसंद नहीं है लेकिन मेरे पास इतना टाइम नहीं है। इस फंक्शन को अटेंड करना भी जरूरी है तो मेरे बीहाफ में तुम जाओगे। मैं ना नहीं सुनना चाहता।” उन्होंने हल्के सख्त लहजे में कहा था।
“ठीक है मैं चला जाऊंगा।” कहकर मंथन ने कॉल कट कर दिया। उसने गहरी सांस लेकर छोड़ी और कहा, “छवि सिंघानिया की बर्थडे पार्टी... यहां मुंबई की सभी बड़ी हस्तियां आएगी तो फॉर श्योर आरव खुराना भी होगा। अनु की बहन को भी यहां होना चाहिए था।” मंथन ने अब तक आयु को उसके नाम से नहीं बुलाया था। वो उसे अनु की बहन कह कर ही बुलाता था।
साक्षी उस समय मंथन को डिनर के लिए बुलाने आई थी। उसने मंथन की कुछ बातें सुन ली थी। वो मुस्कुराते हुए बोली, “अगर उसे वहां होना चाहिए तो अपने साथ लेकर क्यों नहीं जाते? इसी बहाने उसका आरव खुराना से मिलने का सपना भी पूरा हो जाएगा।”
“दी आप ऐसे बात मत कीजिए। उसके सामने तो बिल्कुल भी कुछ मत कहिएगा। इससे उस को बढ़ावा मिलेगा। मैं यहां उसकी हेल्प करने नहीं उसे रोकने आया हूं। गलती से भी इस बात का उसके आगे जिक्र मत कीजिएगा।” मंथन बोला।
“हां हां ठीक है, कुछ नहीं कहूंगी। देखा जाए तो सुबह तुमने उसके साथ अच्छा नहीं किया। बेचारी को बाहर ही छोड़ दिया और अंदर आ गए.. दिस इज नॉट फेयर। तुम्हारी अनु होती तो वो ये कभी नहीं करती।” साक्षी ने मंथन को डांटा।
“मेरी अनु का नाम लेकर ब्लैकमेल मत कीजिए। वैसे भी वो किसी भी एंगल से उसकी बहन नहीं लगती। हम उसकी बात ही क्यों कर रहे हैं। चलिए डिनर करते हैं मुझे बहुत भूख लगी है।” मंथन ने साक्षी को टालने के लिए कहा।
आयु की करीबी मंथन को बेचैन कर देती थी इसी वजह से वो उसके बारे में सोचना तक नहीं चाहता था। उसने जैसे तैसे साक्षी को टाला और उसके साथ डिनर करने के लिए बाहर आ गया।
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अगले दिन आयु सब कुछ भूल कर पहले की तरह अयान के साथ मॉल मे थी। पहले भी वो दोनों इस तरह शॉपिंग करने साथ जाया करते थे।
“यार तू क्या कर रही है? इतना टाइम तो सर्जरी की प्रिपरेशन में नहीं लगता, जितना तू एक पार्टी की ड्रेस डिसाइड करने में ले रही है। सब कपड़े अच्छे ही तो है, कोई सा भी ले ले। तू कुछ भी पहन ले, अच्छी ही दिखेगी।” अयान ने थोड़ा इरिटेट होकर कहा। वो दोनों मॉल में काफी सारी ड्रेसेस के सामने खड़े थे।
आयु उन्हें देखकर कंफ्यूज हो रही थी। वो सोचते हुए अंदाज में बोली, “अच्छा बताओ तुम कौन से कलर की ड्रेस पहनने वाले हो। हम दोनों ट्विनिंग कर लेते हैं।”
“मैंने डार्क ब्लू सूट डिजाइन करवाया है।” अयान ने बताया। फिर उसकी नजर सामने लगे एक इवनिंग गाउन पर गई। उसने उसकी तरफ इशारा करके कहा, “वो देखो, ठीक उसी कलर का।”
“रुक मैं उसे ट्राई करके देखती हूं। हम दोनों साथ जाएंगे। एक कलर की ड्रेस पहनेंगे तो अच्छा लगेगा।” आयु वहां से उस ड्रेस को ट्राई करने चली गई।
कुछ ही देर बाद शॉपिंग बैग्स के साथ अयान और आयु बाहर थे। सारे बैग्स अयान ने पकड़ रखे थे। उसने कहा, “पहले ही पूछ लेती मेरे ड्रेस का कलर क्या है। अगर मुझसे ट्विनिंग करनी थी तो इतना टाइम वेस्ट करने की क्या जरूरत थी। तेरी वजह से मैंने भी छुट्टी ली है।”
“हां तो क्या हो गया। तेरे लिए मैं भी तो कंप्रोमाइज कर रही हूं ना। अच्छा मैंने स्पा में बुकिंग करवाई है, हम दोनों वहां मेकओवर करवाओगे।” आयु ने गाड़ी में बैठते हुए कहा। उसके ऐसा कहते ही अयान उसे घूर कर देखने लगा।
“ऐसे मत देखो। आजकल लड़के भी काफी अच्छे तरीके से तैयार होते हैं। अब मेरे साथ जा रहे हो तो तुम्हें भी स्पेशल दिखना बनता है।” आयु ने जवाब दिया। वो गाड़ी ड्राइव कर रही थी।
कुछ ही देर में दोनों स्पा के आगे पहुंच चुके थे, जहां आयु फीमेल एरिया में तो अयान मेल एरिया में चला गया था। वही से वो दोनो तैयार होकर पार्टी वेन्यू में पहुंचने वाले थे।
वहीं दूसरी तरफ छवि सिंघानिया की बर्थडे की ग्रैंड पार्टी स्टार्ट हो चुकी थी। सब वहां एक से बढ़कर एक लग रहे थे और उसी के बीच आरव और माहिरा भी पहुंचे। आरव ने कस्टम मेड ब्लैक सूट पहना था तो वहीं माहिरा ने गोल्डन कलर का इवनिंग गाउन पहन रखा था। उसके साइड लो स्लिट थी और ऊपर से लो वी नेक था। माहिरा उस ड्रेस में काफी हॉट लग रही थी।
जैसे ही आरव माहिरा के साथ पार्टी में दाखिल हुआ, छवि की उस पर नजर गई। उसे देखते ही उसके फेस पर इविल स्माइल आ गई।
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