N - Chapter 19
Superme Dragon Yoddhaपूरे मैदान में लोग हक्का-बक्का रह गए। किसी को यकीन नहीं हो रहा था। जहाँ छह सितारे लाना बड़ी बात थी, वहां दस सितारे नामुमकिन जैसा था।
"हाहाहा! मुखिया जी, लगता है हमारे परिवार को एक महान हीरा मिल गया है!" फर्स्ट एल्डर ने ठंडी सांस भरी और जोर से हंसे। "अगर यह इसी तरह आगे बढ़ता रहा, तो 'ट्रू युआन रेलम' का शिखर दूर नहीं है!"
यह सुनते ही सबके चेहरे पीले पड़ गए। 'ट्रू युआन रेलम' के उस्ताद ही इस पूरे इलाके के असली राजा होते थे। यहाँ तक कि शहर का 'सिटी लॉर्ड' भी इसी लेवल पर था।
"यह नामुमकिन है!" राघव की हंसी गायब हो गई।
अविनाश ने बुजुर्ग को शुक्रिया अदा करने के लिए सिर झुकाया। बुजुर्ग ने उसकी तरफ देखा और मन ही मन कहा, "नौजवान, तुमने इतनी कम उम्र में 'हंड्रेड फिस्ट बॉडी-शेकिंग' तकनीक पर काबू पा लिया, यह मेरी उम्मीदों से कहीं बढ़कर है। मेहनत जारी रखो!"
अविनाश समझ गया कि लाइब्रेरी के रखवाले ने उसका हुनर पहचान लिया है और इसीलिए उसकी मदद की है।
"नतीजा साफ है! दूसरे राउंड का विजेता अविनाश है!" मुखिया की इजाजत के बाद सेकंड एल्डर ने घोषणा की।
इसके बाद, तीसरे राउंड यानी फाइनल्स की तैयारी शुरू हुई। यह मुकाबला दो-दो लोगों के बीच होना था और इससे यह तय होना था कि 'टॉप 10' में कौन अपनी जगह बनाएगा।
तभी एनाउंसर ने आवाज़ लगाई— "अब मुकाबला होगा नंबर 46 और नंबर 61 के बीच!"
एक नौजवान फुर्ती से मंच पर कूदा। "यह आकाश है! आउटर सेक्ट का सबसे बड़ा सरप्राइज! इसने सातवीं रैंक वाले नीरज को भी हराया था!"
"सामने वाले लड़के की तो अब शामत आ गई!" लोग नीचे खड़े होकर उस अभागे लड़के के लिए अफ़सोस जताने लगे जो अभी तक मंच पर नहीं आया था।
लेकिन अगले ही पल सबकी बोलती बंद हो गई, क्योंकि जो शख्स धीरे-धीरे मंच की ओर बढ़ रहा था, वह कोई और नहीं बल्कि अविनाश था!
“तू… तुम हो?!”
जैसे ही अविनाश अखाड़े में चढ़ा, आकाश का चेहरा अचानक सख़्त हो गया, और उसकी आवाज़ काँपने लगी।
“इस मुकाबले में पहले नंबरों को बदलकर फिर से बाँटा गया था। मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि यह मनहूस अविनाश नंबर इकसठ निकलेगा!”
“लगता है इस बार आकाश की हालत ख़राब होने वाली है!”
अभी कुछ देर पहले तक उसका मज़ाक उड़ाने वाले राजपूत परिवार के सदस्य अचानक गंभीर हो गए।
वे आकाश की ओर सहानुभूति भरी नज़रों से देखने लगे।
अब वे पहले जैसा नहीं सोच रहे थे। पहले मुकाबले में अविनाश के दबदबे वाले प्रदर्शन को देखकर साफ़ था कि आकाश के जीतने की संभावना लगभग ना के बराबर थी।
“वार करो! वरना तुम्हें दूसरा मौक़ा नहीं मिलेगा!”
अविनाश मंच पर खड़ा था, उसकी आँखें आधी बंद थीं, साफ़ दिख रहा था कि वह आकाश को बिल्कुल गंभीरता से नहीं ले रहा।
“हूँह!”
अविनाश की बात सुनकर आकाश का चेहरा और भी बदसूरत हो गया।
भले ही वह सबसे ताक़तवर न हो, लेकिन इस बार वह भी बाहरी प्रांगण का एक डार्क हॉर्स था। क्या अविनाश उसका अपमान कर रहा था?
“अविनाश , मैं मानता हूँ कि तुम वाक़ई काफ़ी मज़बूत हो। लेकिन अगर तुम सोचते हो कि मैं तुमसे ज़रूर हार जाऊँगा, तो बस यही कहूँगा—तुम बहुत भोले हो!”
यह कहते ही आकाश ने आखिरकार हमला कर दिया।
उसका शरीर अचानक फैलता हुआ दिखा, जैसे कोई विशाल हाथी खड़ा हो गया हो। उसके चारों ओर भयानक हाथी की गर्जना गूँज उठी।
“यह तो ‘विशाल हाथी तकनीक’ है!” एक जानकार राजपूत परिवार के शिष्य ने तुरंत पहचान लिया।
यह राजपूत परिवार की उच्च-मध्य स्तर की आध्यात्मिक तकनीक थी, जिसकी ताक़त बेहद डरावनी थी।
यह तकनीक साधक को पल भर में दस हज़ार जिन की ताक़त निकालने देती थी—बेहद क्रूर और घातक।
आकाश ने इसी तकनीक से पहले नीरज को करारी शिकस्त दी थी!
“हूँह! ज़्यादा घमंड दिखा रहा है यह लड़का! अब इसे आकाश की असली ताक़त का स्वाद मिलेगा!”
“इतना ताक़तवर होते हुए भी आकाश को नाराज़ करना? यह तो खुद मुसीबत बुलाने जैसा है!”
मंच के नीचे, आकाश के समर्थक ग़ुस्से से भर गए। अविनाश की बेरुख़ी उन्हें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रही थी।
लेकिन आकाश के भयानक हमलों के सामने, अविनाश ने ‘स्वर्गीय बादल पार करने की तकनीक’ का इस्तेमाल किया। वह हर वार से आसानी से बचता रहा—आकाश उसके कपड़ों को भी नहीं छू पाया!
“आह!”
फिर ज़ोरदार धमाके के साथ आकाश की दर्दनाक चीख़ गूँज उठी। उसके दाँत टूटकर बिखर गए और वह सीधे मंच से उड़कर नीचे जा गिरा।
“बहुत ज़्यादा बकवास करता है!”अविनाश ने पीछे मुड़कर भी नहीं देखा और सीधे मंच से उतर गया।
“स्स्स…”“क्या ज़बरदस्त मुक्का था!” अब वे राजपूत परिवार के शिष्य, जो पहले हँस रहे थे, गंभीर हो चुके थे। उन्हें पूरा यक़ीन हो गया कि अगर वे खुद आकाश की जगह होते, तो उनका भी यही हाल होता।
यहाँ तक कि कुछ आंतरिक शिष्य भी सतर्क हो गए। पहले उन्हें लगता था कि बाहरी शिष्यों की लड़ाई बच्चों का खेल है, लेकिन अब साफ़ था कि उन्होंने सबको कम आँका था!
मंच पर बैठे बुज़ुर्गों की आँखों में भी हल्की-सी हैरानी झलक उठी।
“यह तो ‘सौ मुक्के—शरीर कंपाने वाली तकनीक’ है! और… इसके अंदाज़ से लगता है कि उसने इसे पूरी तरह साध लिया है!”
मुकाबले लगातार चलते रहे, लेकिन पिछले युद्धों के बाद कोई भी इस कभी गुमनाम रहे बाहरी शिष्य को हल्के में लेने की हिम्मत नहीं कर रहा था।
इसलिए जब भी किसी का सामना अविनाश से हुआ, कई लोग बिना लड़े ही हार मान गए। यह देखकर मंच पर बैठे बुज़ुर्ग हँस भी रहे थे और सिर भी पकड़ रहे थे।
“अगला मुकाबला—नंबर इकसठ बनाम नंबर सात!”
जैसे ही फिर से अविनाश की बारी आई, उसने एक ठंडी निगाह को अपनी ओर टिके हुए महसूस किया।
उसने ऊपर देखा—और सामने से राघव आता दिखा।
उसकी आँखें बर्फ़-सी ठंडी थीं। वह पास आकर बोला,
“अविनाश , मैं मानता हूँ कि तुम काफ़ी मज़बूत हो। लेकिन आज तुम मुझे हरा नहीं सकते! क्योंकि आज, मैं राघव —बाहरी प्रांगण का पहला स्थान पाने के लिए दृढ़ हूँ!”
इतना कहते ही उसके शरीर में भयानक रक्तवंश की शक्ति उफान मारने लगी। उसकी आभा पल भर में कई गुना बढ़ गई।
उसकी मांसपेशियाँ फूल गईं, वह किसी हिंसक बाघ की तरह लगने लगा—पूरा शरीर विस्फोटक ताक़त से भरा हुआ।
आख़िरकार, उसकी आभा मेरिडियन ओपनिंग रियल्म के नौवें स्तर की चरम अवस्था पर जाकर रुकी।
“यह…?” इस बार तो बाहरी प्रांगण में पहले स्थान पर रहने वाला भी चौंक गया। मंच पर बैठे राघव ने भी अखाड़े की ओर ध्यान केंद्रित कर लिया।
“यह ड्रैगन–टाइगर रक्तवंश है!”
“कहते हैं कि जिनके पास यह रक्तवंश होता है, उनकी प्रतिभा असाधारण होती है। जितनी तेज़ी से वे साधना करते हैं, उतनी ही तेज़ी से उनकी शक्ति बढ़ती है! थोड़े समय में ही यह रक्तवंश किसी की ताक़त को जबरदस्त रूप से बढ़ा देता है और दबाव भी पैदा करता है। अब अविनाश सच में ख़तरे में है!”
“हाहाहा! अविनाश , अब तुम्हें मेरी असली ताक़त का पता चल गया होगा! तो क्या हुआ अगर तुम मेरिडियन ओपनिंग रियल्म के आठवें स्तर तक पहुँच गए हो?”
“मुझे सीढ़ी बनाकर मेरी औरत छीनना चाहते हो? मैं बस इतना कहूँगा। तुम बेहद मूर्ख हो!”
“पूर्ण शक्ति के सामने, तुम्हारे लिए सिर्फ़ मौत ही बचती है!”
इतना कहते ही उसने ज़मीन पर ज़ोर से पैर पटका और धमाके के साथ आगे बढ़ा। उसकी मुट्ठी से खून-सी लाल रोशनी निकल रही थी, मानो उसमें सब कुछ चीर डालने की ताक़त हो।
राघव के उग्र हमले को देखकर अविनाश ने जल्दी से हाथ उठाकर बचाव किया।
लेकिन दोनों की ताक़त में फ़र्क़ बहुत ज़्यादा था। लगातार हमलों के सामने अविनाश को पीछे हटना पड़ा। वह दबाव सह नहीं पा रहा था!
यह दृश्य देखकर मंच के नीचे लोग सिर हिलाने लगे।
“अविनाश , राघव के हमले को झेल नहीं पा रहा। लगता है उसकी अजेय कहानी यहीं ख़त्म होने वाली है!”
सब ऐसा ही सोचने लगे।“हूँह! भाई तियानयी से भिड़ने की हिम्मत? यह तो अपनी औक़ात से ज़्यादा उड़ रहा है!”
राधिका ने उपहास भरी मुस्कान के साथ कहा। गाँव से आया अविनाश , भला मुख्य शाखा के प्रतिभाशाली राघव से कैसे तुलना कर सकता था?
“हाहा! अविनाश , तुम्हारी आक्रमण शक्ति बुरी नहीं है, यह मानता हूँ! लेकिन मेरा रक्तवंश असली ड्रैगन से आया है। मेरी मूल ताक़त तुमसे कहीं ज़्यादा है—तुम मेरे सामने टिक ही नहीं सकते! इस बार तुम्हारा अंत तय है!”
भीड़ की प्रतिक्रिया देखकर राघव और भी घमंडी हो गया। उसकी हथेली में रक्तवंश की शक्ति फिर गरजी और उसने पूरी ताक़त से अविनाश को मारने का इरादा कर लिया।