Dangerous obsession of love - Chapter 7
Dangerous obsession of loveलावण्या अमन के खरीदे हुए होटल में जस के पास आई थी। जस ने वहां का माहौल नार्मल करने के लिए होटल के नीचे के फ्लोर को कम रेट में कस्टमर्स के लिए ओपन कर दिया था।
“गॉड नोज अमन इस जगह की हालत देखकर कैसे रिएक्ट करेगा।” सीढ़ियां चढ़ते हुए लावण्या बड़बड़ा रही थी।
ऊपर जाने के बाद वो जस के कमरे में गई। कमरे के अंदर आते ही एक बार फिर वो चौक गई।
“तुमने इतने कम समय में ये सब कब किया?” लावण्या ने हैरानी से पूछा।
कल रात जब वो उस कमरे में आए थे, तब वो एक सामान्य सा दिखने वाला होटल रूम था और अब जस ने उसे अपने रहने के हिसाब से पूरा बदल लिया था। उसने कमरे में एसी से लेकर बड़ी एलईडी स्क्रीन तक का अरेंजमेंट कर लिया था।
“इसमें इतना सोचने की क्या बात है? अब होटल के मैनेजर का कमरा इतना क्लासी नहीं होगा तो किसका होगा?” जस ने कंधे उचकाकर कहा।
“लेकिन इन सब में तो बहुत खर्चा आया होगा ना?” लावण्या ने हैरानी से पूछा।
“हां खर्चा तो बहुत आया लेकिन सब कुछ इंस्टॉलमेंट पर लिया है। अब ये मत बोलना कि इनकी इएमआई कौन भरेगा। देखो ना कितना कंफर्टेबल हो गया है, कहां रात को मोटे कड़क गद्दे लगे थे और अब ये सॉफ्ट मुलायम गद्दे। सच कहूं तो आज रात बहुत अच्छी नींद आने वाली है।” बोलते हुए जस बेड पर पसर गया।
“तुमने इस रूम को काफी इंप्रेसिव बना लिया लेकिन नीचे जो रायता फैलाया उसका क्या होगा?” लावण्या वहां लगे काउच पर बैठ गई।
“उसको भी मैं हैंडल कर लूंगा। मुझे तो कल रात ही इस जगह से प्यार हो गया था। देखना मैं इसे चंडीगढ़ के बेहतरीन लॉज में से एक बनाकर छोडूंगा।” जस खुली आंखों से सपने देखने लगा।
“सपने बाद में देखना, पहले इन फुटेज को देखते हैं। ये वहां लगे फेयर के आसपास की दुकानों के बाहर लगे कैमरा की फुटेज है।किसी ना किसी में तो उस आदमी का चेहरा कैद हुआ ही होगा।” बोलते हुए लावण्या ने अपने हाथ में पकड़ी हार्ड ड्राइव दिखाई।
जस ने उसकी बात पर हामी भरी और उससे हार्ड ड्राइव ले कर उसे अपने लैपटॉप में फिक्स किया। वो लगभग 5 से 6 दुकानों के बाहर के कैमरे की फुटेज थी। सब में उसका थोड़ा थोड़ा चेहरा नजर आ रहा था लेकिन किसी में भी वो क्लीयरली नहीं दिख रहा था।
“पूरे दिन से इसके पीछे घूम रही थी लेकिन इसमें भी कुछ हाथ नहीं लगा।” लावण्या ने हल्के गुस्से में कहा।
“तुम पूरे दिन इसके पीछे घूम रही थी? आई डोंट बिलीव यू। हम लोग अपनी आइडेंटिटी हाइड करके रखते हैं, फिर तुम डायरेक्ट जाकर कैसे फुटेज की डिमांड कर सकती हो?” जस ने पूछा।
“एक कॉन्स्टेबल से जान पहचान है, उसी के जरिए मैंने ये करवाया था। उस हादसे को हुए पूरे 24 घंटे हो गए। बचे हुए 24 घंटे में हम कैसे उस आदमी को ढूंढेगे।” लावण्या ने परेशान होकर कहा।
लावण्या अमन के बारे में सोच कर परेशान थी। वो उनके मिशन को लीड कर रहा था। इस मिशन का फेल होने का मतलब अमन का फेल होना। वही जस बेपरवाही से बिस्तर पर आराम से बैठा था।
“तुम इतने केयर लेस कैसे हो सकते हो?” लावण्या ने झुंझला कर कहा।
“मैं केयर लेस नहीं हूं, लेकिन मुझे लग रहा है कि हम गलत जगह अपना टाइम वेस्ट कर रहे हैं। हम बेवजह एक चिल्लाने वाली लड़की और बॉम्ब प्लांट करने वाले आदमी को ढूंढ रहे हैं, जबकि असली मास्टरमाइंड तो कोई और ही है।” जस ने जवाब दिया।
“आर यू स्टूपिड? हम उस आदमी को इसलिए ढूंढ रहे हैं ताकि वो हमें असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा सके। उस आदमी को सिर्फ उस लड़की ने देखा है, इस वजह से लड़की का मिलना भी बहुत जरूरी है।” लावण्या ने झुंझलाकर कहा।
“क्या हो, जो वो दोनों ही हमें ना मिले? वी डोंट हैव एनी प्लान बी.. तुम्हें उन दोनों को ढूंढना है तो ढूंढो। मैं प्लान बी बनाने की तैयारी करता हूं।” बोलते हुए जस वापिस उठकर बैठ गया और अपने लैपटॉप में कुछ करने लगा।
“लेकिन अमन से बिना पूछे हम किसी और प्लान पर कैसे काम कर सकते हैं?” लावण्या ने कहा।
“देखो, अगर तुम ब्रो की भलाई चाहती हो तो तुम्हें ज्यादा सोचना नहीं चाहिए। मेरे प्लांस भले ही अजीब होते हैं बट सक्सेसफुल भी... अब इस होटल को ही देख लो।” जस ने अपना काम करते हुए कहा।
लावण्या ने कमरे में चारो तरफ अपनी नजरें घुमाई। सच में पिछली बार से वो काफी अलग था। जस ने ये बहुत कम समय में किया था। नीचे का लुक भी कुछ हद तक बदल चुका था।
“ठीक है... लेकिन ये बात हम दोनों के बीच ही रहनी चाहिए।”
“ऑफ कोर्स...” जस ने खुश होकर हाई-फाई करने के लिए अपना हाथ ऊपर उठाया लेकिन लावण्या ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने अपना हाथ वापस नीचे कर लिया।
अमन ने आँशी का स्केच जस को मेल किया था लेकिन लावण्या और जस अलग प्लान पर काम कर रहे थे इसलिए जस ने उसे चेक तक नहीं किया।
दोनों काम कर रहे थे तब लावण्या के फोन पर अमन का कॉल आया। जैसे ही वो कॉल पिक करने लगी जस ने उसके हाथ से मोबाइल छीनते हुए कहा, “कॉल पिक करने की गलती मत करना। वरना ब्रो तुम्हें 2 मिनट में पकड़ लेंगे। उन्हें बिजी होने का मैसेज छोड़ो।”
जस की बात मानकर लावण्या ने अमन को मैसेज छोड़ कर अपना फोन साइलेंट कर दिया। उसके बाद दोनों फिर से काम करने लगे।
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रात के 10:00 बज रहे थे। प्रीतो जी सोने जा चुकी थी जबकि आँशी और अर्जुन घर के गार्डन में बैठे थे। अर्जुन लैपटॉप पर अपने ऑफिस का काम कर रहा था।
“अर्जुन पिछले 1 घंटे से मैं तुम्हारे पास बैठी हूं और तुमने एक वर्ड तक नहीं बोला। आई एम गेटिंग बोर।” आँशी ने अर्जुन का लैपटॉप छीन लिया।
“क्या कर रही है बंदर... कल मेरी एक बहुत इंपॉर्टेंट प्रेजेंटेशन है। चल लैपटॉप वापस कर।” अर्जुन उस पर गुस्सा करते हुए बोला।
आँशी ने लैपटॉप वापस अर्जुन को पकड़ा दिया और वहां से उठकर जाने लगी।
“अब कहां जा रही है?” अर्जुन ने कहा।
“यहां बोर होने से अच्छा है कि मैं कहीं बाहर घूमने चली जाऊं, और प्लीज कल सुबह मोहल्ले की आंटियों की तरह दादी से चुगली मत कर देना।” आँशी मुंह बनाकर बोली।
“ठीक है लेकिन मेरी गाड़ी की चाबी ले जाना। और हां, अपने लिए एक अच्छा सा प्लान बना लेना। तुम्हारा वो सीक्रेट एजेंट वाला प्लान डेफिनेटली फ्लॉप हो जाएगा, जब अंकल तुमसे तुम्हारी आईडेंटिटी मांगेंगे।” अर्जुन ने हंसकर कहा।
“हां सही कहा उसकी टेंशन तो मुझे भी हो रही है। बट डोंट वरी कुछ सोच लेंगे।” आँशी ने धीमी आवाज में जवाब दिया और वहां से अंदर चली गई।
कुछ देर बाद वो तैयार होकर बाहर आई। उसके हाथ में अर्जुन की गाड़ी की चाबी थी।
“अरे वाह। इतना सज धज के कहां जा रही हो?” बोलते हुए अर्जुन ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा।
आँशी ने ब्लैक बॉडीकॉन ड्रेस पहना था, जो उसके मिड थाई तक था। उसने अपने बालो को स्ट्रेट कर रखा था।
“क्लब। सोचा वही पर थोड़ा टाइम पास कर लूं।” आँशी ने जवाब दिया और वहां से जाने लगी।
“क्लब तो ठीक है लेकिन ये तुम्हारा लंदन नहीं है। ड्रिंक मत कर लेना दादी 2 मिनट में पकड़ लेगी। एंड वन मोर थिंग अगर तुमने ज्यादा देर की तो मैं उन्हें नींद से जगा दूंगा।” अर्जुन ने पीछे से चिल्ला कर कहा।
“व्हाट एवर।” आँशी ने इतना ही कहा और अर्जुन की गाड़ी लेकर वहां से चली गई।
अपने पापा के वापस आने की खबर से आँशी काफी परेशान थी। वो वापस लंदन जाना नहीं चाहती थी और यहां रूकने का कोई रीजन भी नहीं मिल रहा था। वो क्लब में बैठी थी। अपनी प्रॉब्लम्स को भूलने के लिए आँशी ने एक के बाद एक चार शॉट लगा लिए थे।
“थैंक गॉड। कुछ तो बैटर फील हो रहा है वरना। वरना ये टेंशन ठीक से सांस भी नहीं लेने देती।” आँशी ने मदहोश आवाज में कहा।
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अमन की गाड़ी क्लब के आगे खड़ी थी। उसने लावण्या को कॉल किया लेकिन उसका मैसेज देख कर अमन के कदम क्लब के बाहर ही रुक गए थे।
“सोचा था थोड़ा टाइम साथ स्पेंड करेंगे तो उसे भी अच्छा लगेगा और मुझे भी लवी को जानने का मौका मिल जाएगा। अब अकेले अंदर जाने का भी क्या फायदा?” क्लब के बाहर खड़ा अमन खुद से बातें कर रहा था।
क्लब का गार्ड उसके पास आया और पार्क करने के लिए उसकी गाड़ी की चाबी मांगी।
“मैं यहां किसी का वेट कर रहा था। वो नहीं आ रहा तो मैं भी अंदर नहीं जाने वाला।” अमन ने उससे कहा।
“इटस योर चॉइस सर लेकिन क्लब के बाहर तक आ गए हैं तो कुछ देर अंदर टाइम स्पेंड कर लीजिए। शायद अच्छा लगे। आप परेशान लग रहे हैं।” गार्ड ने जवाब दिया।
अमन ने कुछ देर सोचा और फिर चाबी गार्ड को पकड़ा दी। उसने अपने कदम क्लब के अंदर बढ़ाएं। क्लब के एक हिस्से में टेबल्स रखी थी, जहां पर कुछ कपल्स बैठे थे। दूसरी तरफ लाउड म्यूजिक बज रहा था जिस पर कुछ लड़के लड़कियां डांस कर रहे थे।
“यहां सब अपनी अपनी लाइफ में बिजी हैं। मैंने भी अपनी बिजी लाइफ से कुछ पल तुम्हारे लिए चुराने का सोचा था लवी लेकिन मैं भूल गया था कि हम दोनों एक ही प्रोफेशन से बिलॉन्ग करते हैं। मुझे तुम्हारे लिए टाइम नहीं मिलता तो तुम भी कहां मुझे अपना टाइम दे पाती हो।” अमन ने सोचा और फिर अपने कदम बारटेंडर की तरफ लिए।
आँशी वहां पर बैठकर लगातार पिए जा रही थी। अमन भी वहीं पर पहुंचा और बारटेंडर से कहा, “वन सॉफ्ट ड्रिंक प्लीज...”
आँशी ने अमन की तरफ देखा और फिर हल्का सा हंसी। “सॉफ्ट ड्रिंक से क्या होगा? अगर तुम्हें अपना गम भुलाना है तो तुम्हें मेरी तरह बहुत सारे हार्ड ड्रिंक के शॉट्स लगाने पड़ेंगे।”
अमन ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। वो वहां लगी चेयर पर बैठ गया और अपने फोन में लावण्या की फोटोज देखने लगा।
“मुझे इग्नोर कर दिया? आँशी जिंदल को..हाउ डेयर ही...” आँशी गुस्से में उठी और अमन का फोन लेकर उसे जमीन पर पटक दिया।
उसकी इस हरकत से अमन गुस्सा हो गया। उसने पहले अपना फोन उठाया और फिर वो उसे सबक सिखाने के लिए अपनी चेयर से उठा और उसका हाथ पकड़ कर कुछ बोल पाता तभी उसे आँशी का चेहरा दिखाई दिया।
“तुम? तुम तो वही चिल्लाने वाली लड़की हो।” आँशी को देखते ही अमन ने उसे झट से पहचान लिया।
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