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Chapter 18

Dangerous obsession of love - Chapter 18

Dangerous obsession of love

लावण्या का कॉल आते ही अमन जल्दी से अपनी गाड़ी लेकर उसकी बताई हुई जगह पर जाने लगा। लावण्या आवाज से काफी घबराई हुई और परेशान लग रही थी, इस वजह से अमन भी परेशान हो गया।

रात के 11:00 बज रहे थे। कुछ देर बाद अमन एक श्मशान घाट में पहुंचा। लावण्या ने उसे एक सुनसान पड़े श्मशान घाट में बुलाया था। वहां बिल्कुल चुप्पी छाई हुई थी।

जैसे ही अमन वहां पहुंचा, लावण्या दौड़ कर उसके पास गई और उसे गले लगा लिया।

“घबराओ मत लवी..... मैं आ गया हूं। सब ठीक हो जाएगा।” अमन ने उसे सहलाते हुए कहा।

“मुझे बहुत डर लग रहा है। अमन वो...वो विधिक राणा सच में एक हैवान है। लोग उसके बारे में सही कहते हैं। वो एक कोल्ड ब्लडेड मर्डरर है।” थोड़ी देर पहले जो भी हुआ, उसकी घबराहट अभी भी लावण्या के आवाज से साफ दिखाई दे रही थी। वो कांप रही थी।

“तुम मुझे बताओगी आखिर हुआ क्या है? उसने तुम्हारे साथ कुछ गलत तो नहीं किया।” अमन ने उसको खुद से अलग करके पूछा।

“उसने मेरे साथ तो कुछ गलत नहीं किया। लेकिन.....” बोलते हुए लावण्या रुक गई। उसने इधर उधर देखा। आस पास कोई नहीं था। फिर उसने अपनी आवाज को धीमी करके कहा, “अमन मेरी गाड़ी में एक लड़की की लाश है। विधिक राणा ने मुझे उसे ठिकाने लगाने के लिए भेजा है। हम नहीं जानते वो लड़की कौन है और उसने उसे क्यों मारा होगा लेकिन उसके घर में एक अजीब सा कमरा है।”

“और क्या है उस कमरे में?” अमन ने हैरानी से पूछा।

“कमरे में कोल्ड स्टोरेज की तरह एक अलमारी बनाई हुई है। ऐसा लगता है जैसे उसमें वो खुद के मर्डर की हुई लाशों को रखता है, जब तक कि उसे कोई ठिकाने नहीं लगा देता।” लावण्या ने बताया।

लावण्या ने जो भी बताया उससे अमन को जरा भी हैरानी नहीं हुई। उसने जवाब में कहा, “लावण्या विधिक राणा कोई आम इंसान नहीं है। तुम अच्छे से जानती हो वो अंडरवर्ल्ड से तालुकात रखता है। ऐसे में तुम उससे और क्या उम्मीद रख सकती हो? जानता हूं तुम इससे पहले इस तरह के खतरनाक काम में इंवॉल्व नहीं हुई हो, पर जैसे तैसे करके दो दिन तक मैनेज कर लो। फिर मैं दिव्याना को तुम्हारी जगह उसकी लाइफ में भेज दूंगा।” अमन ने उसे शांत करने की कोशिश की।

“कहीं वो दिवी को कुछ कर तो नहीं देगा।” लावण्या के चेहरे पर परेशानी के भाव थे। दिव्याना उसकी बहन थी। इस वजह से उसके लिए चिंता करना लाजमी था।

उसकी बात सुनकर अमन ने आईज रोल करके कहा, “मुझे तो डर है तुम्हारी बहन उसे कुछ ना कर दे। अच्छा अब खुद को नार्मल करो और बताओ कि वो डेड बॉडी कहां है?”

अमन के पूछने लावण्या गाड़ी की तरफ बढ़ी। वो भी उसके पीछे पीछे आया। उसने गाड़ी के पीछे का ट्रंक खोला तो उसमें एक लड़की की लाश पड़ी थी। लड़की का चेहरा बिगाड़ दिया गया था, इस वजह से उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था।

“इसकी बॉडी अभी भी ज्यादा खराब नहीं हुई है। इसका मतलब इसे मरे ज्यादा टाइम नहीं हुआ होगा। हम इसे फॉरेंसिक की टीम के पास लेकर जाएंगे। क्या तुम्हें इस लड़की के सामान से कुछ मिला है, जिससे इसकी शिनाख्त की जा सके?” अमन ने बोला।

लावण्या ने अपनी पॉकेट से एक अंगूठी निकालकर अमन की तरफ बढ़ाई। “ये अंगूठी इस लड़की की है, जो विधिक राणा ने मुझे गिफ्ट के तौर पर दी है। लड़की के हाथ से अंगूठी निकल नहीं रही थी तो उसने इसकी अंगुली काट दी। ये अंगूठी हमारे काफी काम आ सकती हैं।”

“हां इसकी डिजाइन देख कर लग रहा है कि ये वन पीस होगा। तुम ऐसा करो डेड बॉडी लेकर फॉरेंसिक टीम के पास पहुंचो। मैं इस अंगूठी का कुछ करता हूं।” अमन ने जवाब दिया।

लावण्या ने उसकी बात पर सहमति जताई। “मुझे वहां तुम्हारे बिना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। मैंने आज तक इतना रिस्क नहीं उठाया है अमन, आई होप दिव्याना जल्द ही वो काम संभाल ले।” लावण्या ने परेशान स्वर में कहा।

अमन ने उसके बालों को सहलाया और उसे शांत कराते हुए कहा, “मुझे तुम्हारी तुमसे ज्यादा फिक्र है। तुम विधिक राणा को बोल देना कि तुमने इस लाश का अंतिम संस्कार करवा दिया है।”

“उसे मेरी बात पर विश्वास हो जाएगा?” लावण्या ने पूछा।

“तुम इस डेड बॉडी को फॉरेंसिक टीम तक पहुंचा दो, बाकी सब मुझ पर छोड़ दो। और हां..... डेड बॉडी वहां पहुंचाने के बाद तुम यहां वापस आओगी।” अमन ने उसे सब समझाते हुए कहा।

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लावण्या ने उसकी बात पर हामी भरी। अमन ने लावण्या की सहायता से लड़की की डेड बॉडी को अमन की गाड़ी में रखा। लावण्या उसे लेकर हेड क्वार्टर्स जाने के लिए निकल चुकी थी।

“विधिक राणा..... तुम बिल्कुल वैसे ही हो, जैसे लोग तुम्हारे बारे में बात करते हैं। मैं अच्छे से जानता हूं तुम्हें यकीन दिलाने के लिए क्या करना होगा।” अमन ने खुद से कहा और जस को कॉल करने लगा।

“हेलो.. ब्रो...” जस बोला।

“हेलो हाय बाद में करना। अभी के अभी मेरी बताई लोकेशन पर पहुंचो।” अमन ने गंभीर होकर कहा।

“ओके ब्रो... थोड़ा रुक कर आऊं तो चलेगा क्या?” जस ने जवाब दिया।

“जस.....” अमन ने इरिटेट हो कर जवाब दिया, “यहां कोई सेरेमनी नहीं चल रही, जहां तुम चीफ गेस्ट हो, जो थोड़ा लेट आएगा और चलेगा। इस वक्त नींद ज्यादा जरूरी नहीं..... अभी के अभी यहां पहुंचो”

“लेकिन ब्रो आपको किसने कहा कि मैं सो रहा था। मैं तो अपने गेमिंग में लगा था। थोड़ा हार्ड लेवल है तो सोचा बीच में जाऊंगा तो फ्लो खराब हो जाएगा।” जस आधी रात को अपने कमरे में प्ले स्टेशन पर गेम्स खेलने में बिजी था।

“तो अपनी स्टूपिड गेम को अभी बंद करो और आते वक्त अपने साथ में वो मैनिक्विन लेकर आना जो तुमने होटल के प्रमोशन के लिए बनवाया था।” अमन ने कहा।

“लेकिन ब्रो वो बहुत महंगा है और मुझे वापस भी करना है। मैंने किराए पर लिया था।” जस ने बच्चो की तरह मुंह बनाकर कहा।

“जितना कहा है उतना करो।” कहकर अमन ने कॉल कट कर दिया। जस के आने तक उसने आसपास पड़ी लकड़ीयों को इकट्ठा किया और एक चिता तैयार करने में लग गया।

__________

अमन के कॉल आते ही जस ने अपना गेम वही बंद किया और वहां से बाहर आया। होटल के पॉर्च पर एक लड़की का मैनिक्विन रखा हुआ था। वो दिखने में काफी खूबसूरत बनाई हुई थी।

जस उसकी तरफ प्यार से देखते हुए बोला, “सॉरी डार्लिंग..... मुझे लगा तुम मेरे बहुत काम आओगी। पर अब तुम पर अमन ब्रो की बुरी नजर पड़ गई हैं। मैं नहीं जानता तुम्हारे साथ क्या होगा, लेकिन जो भी होगा उसके लिए मुझे बहुत अफसोस है।” बोलते हुए जस ने उसे गोद में उठाया और बाहर आ गया। उसने होटल में ताला लगाया और वहां बाहर खड़ी एक पुरानी सी गाड़ी में मैनिक्विन डालकर अमन की बताई जगह पर जाने के लिए निकल पड़ा।

थोड़ी ही देर में वो अमन की बताई जगह पर पहुंच चुका था। उसने मैनिक्विन को बाहर निकाला और अमन के पास गया।

“यस ब्रो..... बताइए क्या करना है।” जस ने अमन के पास जाकर पूछा।

“इस मैनिक्विन को इस चिता पर रखकर इसे जला दो और साथ में उसके जलते हुए का वीडियो बनाना है।” अमन ने जवाब दिया।

उसकी बात सुनकर जस ने मुंह बनाया और मैनिक्विन की तरफ देखने लगा। “मैंने कहा था ना, तुम पर किसी की बुरी नजर पड़ गई हैं।”

“तुम किससे बातें कर रहे हो?” अमन हैरानी से बोला।

जस ने एक नजर मैनिक्विन की तरफ देखा और फिर उसकी तरफ इशारा करते हुए कहा, “ये कितनी खूबसूरत है और आप इसे जलाना चाहते हैं। आप की जगह लावण्या होती तो फिर भी सोचता कि वो इसकी खूबसूरती से जलकर इसे जलाना चाहती हैं लेकिन आप..... बख्श दीजिए ना इस मासूम को।”

अमन ने उसकी बात का कोई जवाब नही दिया। उसने मैनिक्विन को जस से लिया और उसे चिता पर लेटा दिया। पास में पेट्रोल की बोतल पड़ी थी। अमन ने वो उस चिता पर खाली कर दी और फिर उसे लाइटर से जला दिया। वो उस जलती हुई चिता का वीडियो किसी दूसरे फोन में बनाने लगा।

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जस हैरानी से कभी अमन को तो कभी जलती हुई चिता की तरफ देख रहा था। “लोग इतने निर्दयी कैसे हो सकते हैं।”

“ड्रामा बंद करो जस..... अगर तुम्हें निर्दयी लोगों से मिलना है तो जा कर विधिक राणा से मिलो। यहां पर ये मैनिक्विन जल रहा है, मेरी जगह वो होता तो यहां पर सच में कोई लड़की होती..... वो भी जिंदा।” अमन ने चिढ़कर जवाब दिया।

“लेकिन इसकी खूबसूरती देखकर होटल पर काफी सारे लोग आने लगे थे। इसने मेरी कमाई 2 गुना बढ़ा दी थी। ब्रो आप नहीं समझोगे।” जस ने कहा।

उसकी बात सुनकर अमन ने उसकी तरफ आंखें तरेर कर देखा। “डोंट टेल मी तुमने अभी भी वहां कस्टमर्स का आना जाना बंद नहीं किया।”

“आपने मेरी स्वीटी को जला दिया, उस पर होटल भी बंद करने का कह रहे हैं। कुछ तो दया कीजिए।” जस ने मासूमियत से कहा।

“फॉर गॉड सेक लावण्या, जल्दी आ जाओ वरना ये मुझे पागल कर देगा।” जस की बातें सुनकर अमन को इरिटेशन होने लगी। उसकी बात सुनकर जस ने अपने होठों पर अंगुली लगा ली और वहीं बैठकर लावण्या के आने का इंतजार करने लगा।

लावण्या भी अमन का बताया काम निपटा कर वहां पहुंच चुकी थी। वो वहां पहुंची तब वो चिता अभी तक जल रहीं थी।

उसके आते ही अमन ने उसे वो मोबाइल थमाते हुए कहा, “इतना सबूत काफी होगा विधिक राणा को यकीन दिलाने के लिए कि तुमने लाश को जला दिया है। चलो अब जल्दी जाओ। अपना ख्याल रखना और जब कोई आस पास ना हो तो मुझे अपडेट कर देना।”

लावण्या ने हां में सिर हिला कर उसकी बात पर हामी भरी और उससे गले लग गई। “आई मिस यू सो मच.....”

“हां अब अमन ब्रो को इरिटेशन नहीं हो रही। थोड़ी देर पहले जब मैं अपनी स्वीटी को जलते हुए देख रहा था तो मेरे दुख को देखकर इन्हें इरिटेशन हो रहा था और अब ये जो कह रही है, वो क्या है?” मुंह बनाते हुए जस धीरे से बड़बड़ाया।

लावण्या अमन से अलग हुई और वहां से जा चुकी थी। उसके जाते ही अमन ने जस से कहा, “ठीक है तुम होटल को रन कर सकते हो लेकिन किसी को भी कोई डाउट नहीं होना चाहिए।”

“ठीक है लेकिन आपने मेरी स्वीटी के साथ जो भी किया, मैं उसे भूलूंगा नहीं।” जस बोला।

“अच्छी बात है.....” अमन ने हल्की मुस्कुराहट के साथ कहा और वहां से अपनी गाड़ी लेकर चला गया। उसके जाने के बाद जस भी वहां से जा चुका था।

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अमन वहां से सीधा आर्टिस्टिक के ऑफिस पहुंचा। वो वहां गया तब सारा स्टाफ वहां से जा चुका था और ऑफिस में अंधेरा था।

“थैंक गॉड सब टाइम से चले गए। मुझे कुछ देर अकेला रहकर रिलैक्स करने की जरूरत है। मॉम को मैसेज करके बोल देता हूं कि आज मैं घर नहीं आ पाऊंगा।” अमन खुद से बातें करते हुए ऑफिस में गया। उसने लाइट जलाई तो वहां कोई मौजूद नहीं था और बिल्कुल शांति छाई हुई थी।

“बस मुझे इसी तरह की साइलेंस की जरूरत थी। सिर में इतना दर्द हो रहा है।” अपना सिर पकड़ते हुए अमन अपने केबिन में आया और लाइट जलाई। जैसे ही उसने लाइट जलाई उसने देखा उसकी कुर्सी पर कोई बैठा हुआ था।

“तुम? तुम अभी तक यहां क्या कर रही हो और घर क्यों नहीं गई?” अमन ने कहा। सामने उसके चेयर पर आंशी बैठी थी जो उसके आने का इंतजार कर रही थी।

आंशी अपनी चेयर से उठी और उसके पास आकर बोली, “क्या मैं जान सकती हूं मिस्टर अमन कपूर, आप इस वक्त कहां से आ रहे हैं?”

अमन ने उस बात का कोई जवाब नहीं दिया। आंशी ने उसे चुप देख कर कहा, “एक स्पाई अक्सर इसी तरह रातों में छुपकर दुनिया की नजरों से बचते हुए अंधेरे में काम करता है। हो सकता है वो सब से अपना सच छुपाने के लिए दिन में किसी बड़े से ऑफिस में बैठकर कोई बड़ा सा बिजनेस संभालता हो और रात के कुछ और... बिल्कुल तुम्हारी तरह। पकड़े गए ना.....” बात करते हुए आंशी उसके इर्द-गिर्द घूम रही थी।

अमन को समझ नहीं आ रहा था कि वो उससे किस तरह डील करें। आंशी उसके सामने खड़ी थी और अपने सवालों के जवाब का इंतजार कर रही थी।

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