Dangerous obsession of love - Chapter 19
Dangerous obsession of loveलावण्या की मदद करने के बाद अमन ऑफिस पहुंचा। उसे लगा सारा स्टाफ वहां से जा चुका होगा लेकिन जब वो अपने केबिन में आया, तब आंशी वहीं पर मौजूद थी। वो उसे उसके लेट आने का कारण पूछ रही थी।
अमन ने आंशी की बात का कोई जवाब नही दिया, तो उसने एक बार फिर पूछा, “क्या हुआ मिस्टर सीक्रेट एजेंट? अब आपकी बोलती क्यों बंद हो गई? मिशन सक्सेसफुल हो गया? मेरे सवालों का कोई जवाब नहीं है ना तुम्हारे पास? अब तो एक्सेप्ट कर लो, मैं जो कह रही हूं वो सच हैं”
आंशी की बात सुनकर अमन ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और फिर हल्के से मुस्कुराया। “और तुम किस हक से मुझे ये सब सवाल पूछ रही हो? मॉम हो मेरी..... या वाइफ? मैं तुम्हें क्यों बताऊं कि मैं कहां गया था और क्यों गया था।” अमन ने बड़ी चालाकी से आंशी के सवालों को टाल दिया।
अमन के इस तरह बात टालने पर आंशी ने भौंहे उठाकर कहा, “इंटेलिजेंट, हां, शायद तभी दुनिया की नजरों से इतनी आसानी से छुपे हुए हो लेकिन आंशी जिंदल की नजरों से नहीं छुप पाओगे।”
“मेरा छोड़ो और ये बताओ कि तुम इस वक्त मेरे केबिन में क्या कर रही हो? सबका काम खत्म हो चुका है। मिस जिंदल, इस तरह चोरों की तरह ऑफिस में रुक कर तुम यहां क्या कर रही थी? कहीं तुम्हें मेरे किसी बिजनेस राइवल ने तो नहीं भेजा? कोई इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन निकालने के लिए या हमारे प्रोजेक्ट्स की खबर देने के लिए तुम्हे हायर किया गया है।” अमन जानबूझकर आंशी पर झूठे इल्जाम लगा रहा था ताकि वो आसानी से उसकी बातों को टाल सके।
अमन के सवालों ने सारा ध्यान अमन से आंशी की तरफ कर दिया था। वो सकपकाते हुए बोली, “मैं..... मैं तो आज ही आई हूं। मैं क्यों किसी और के लिए इंफॉर्मेशन कलेक्ट करूंगी।”
“तो फिर यहां देर तक रुकने का कारण? वो भी मेरे केबिन में?” अमन ने पूछा।
अमन ने सारा ध्यान आंशी की तरफ कर दिया था। आंशी डिस्ट्रैक्ट हो चुकी थी। उसके पास अमन के सवालों का कोई जवाब नही था, तो वो हड़बड़ाते हुए बोली, “मैं आपके आने का वेट कर रही थी सर। मेरे पास खुद का ट्रांसपोर्ट नहीं है और इतनी रात को टैक्सी करके अकेले घर जाना। एक लड़की के लिए..... इट्स नोट सेफ सर।”
“अगर आप ऑफिस में किसी भी एंप्लॉय से कहती तो वो आपको ड्रॉप कर देता। अभी भी कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हुआ है मिस जिंदल, आप चाहे तो बेक आउट कर सकती हैं। रोज रोज आपको घर छोड़ने कोई नहीं जाएगा।” अमन ने सिर हिलाकर कहा।
“बात का बाद में देख लेंगे, आज तो आप मुझे ड्रॉप करने जा ही सकते हैं।” आंशी ने प्लीडिंग वे में कहा। अमन का वेट करने के चक्कर में उसे वाकई काफी देर हो चुकी थी।
“बट आई एम नॉट योर ड्राइवर..... मैं ऑलरेडी काफी थका हुआ हूं.....” अमन बोल रहा था तभी आंशी ने उसकी बात को काटते हुए कहा, “हां आसान थोड़ी ना है आप दिनभर पूरे दिन ऑफिस में बैठकर गधों की तरह काम करो, फिर रात में भी.....”
“ एक्सक्यूज मी..... व्हाट डिड यू से.....” अमन ने उसकी तरफ गुस्से से घूरते हुए कहा।
“मैं तो आसान भाषा में यही कहना चाहती हूं कि आप कितने मेहनती हैं। आप प्लीज मेरी गधे वाली बात को इग्नोर कीजिए। मैं थोड़ी आउटस्पोकन हूं।” आंशी ने तुरंत कवर अप करते हुए कहा।
“आगे से अपनी जुबान पर काबू रखिएगा। मुझे ज्यादा पटर पटर करने वाले लोग पसंद नहीं है। अब आपने मुझ पर सीक्रेट एजेंट होने का इल्जाम तो लगा ही दिया है, सुना है जो सीक्रेट एजेंट्स होते हैं, वो सीक्रेटली किसी को भी मार देते हैं और किसी को कुछ पता नहीं चलता।” अमन ने सामान्य तरीके से कहा। उसकी बात सुनकर आंशी ने अपने होठों पर उंगली लगा ली।
“क्या आप मुझे घर.....” आंशी ने होठों पर उंगली लगाए हुए ही कहा।
“ठीक है चलिए लेकिन ये फर्स्ट और लास्ट बार होगा। आगे से अगर ऑफिस में देर तक रुकने की नौबत आए तो आप अपने घर से किसी को बुला लीजिएगा।” अमन ने कहा और वहां से बाहर की तरफ आने लगा। आंशी उसके पीछे-पीछे आ रही थी।
“ना जाने इस लड़की से कब उस आदमी के बारे में पूछने का मौका मिलेगा। लवी के आने से पहले मुझे इससे सब कुछ जानना होगा।” अमन ने अपने मन में कहा। वो दोनों गाड़ी में बैठे और आंशी के घर जाने के लिए निकल पड़े थे।
अमन में गाड़ी स्टार्ट करते हुए पूछा, “आप इतना लेट जा रही हैं, आपके घर वाले कुछ कहेंगे नहीं?”
“मैंने उन्हें मैसेज करके पहले ही इन्फॉर्म कर दिया था। आप भी तो अक्सर रातों को गायब रहते हैं। आपके घरवाले कुछ नहीं कहते?” आंशी घूम फिर कर अमन से वही बातें कर रही थी ताकि वो अपना सच कबूल ले।
“नहीं मिस जिंदल, मैं आपकी तरह बच्चा नहीं हूं और मेरे घर वालों को पता है कि मुझ पर कौन-कौन सी रिस्पांसिबिलिटीज है। इसलिए वो मुझे परेशान नहीं करते।” अमन ने हल्का मुस्कुरा कर कहा।
आंशी ने अमन की बात का कोई जवाब नहीं दिया और अपने मन में सोचने लगी, “कब तक तुम अपना सच छुपाते रहोगे। तुम्हारे साथ काम करते हुए मैं तुम्हारा सच तुम्हारे मुंह से बुलवा कर रहूंगी।”
कुछ देर बाद अमन की गाड़ी आंशी के बताए हुए पते के आगे रुकी। उसने शीशा नीचा कर के आंशी के घर की तरफ देखा तो उसका घर एक ज्यादा बड़ा नहीं था, लेकिन दिखने में किसी छोटे बंगले की तरह बनाया हुआ था। घर के आगे बना गार्डन घर की खूबसूरती को और बढ़ा रहा था।
“तुम्हारा घर काफी अच्छा है। वैसे कौन-कौन रहते हैं यहां?” अमन ने आंशी की तरफ देखकर पूछा।
“ये घर मेरी दादी का है, जो मेरे दादू ने उनके लिए बनवाया था। डैड यहां नहीं रहते और मेरी मॉम इस दुनिया में नहीं है।” आंशी ने हल्की भारी आवाज में कहा। अपनी मॉम के बारे हुए वो इमोशनल हो रही थी।
“एम सो सॉरी..... आई डिंट मीन टू हर्ट यू.....” अमन ने उसे नॉर्मल करने के लिए कहा।
“कोई बात नहीं..... कल मिलते हैं सर। आप प्लीज कॉन्ट्रैक्ट के पेपर्स रेडी करवा दीजिएगा ताकि मैं आपने घर वालों को दिखा सकूं।” आंशी ने कहा और बाहर आई। उसने अमन की तरफ बाय करते हुए हाथ हिलाया और अपने घर के अंदर चली गई। अमन उसे जाते हुए देख रहा था।
“शक्ल से जितनी मासूम दिखती है, उतनी ही खुराफाती है ये लड़की। एक चांस मिस नहीं किया ये प्रूफ करने के लिए कि मैं क्या काम करता हूं। मुझे इससे थोड़ा केयरफुल रहना पड़ेगा।” अमन ने खुद से कहा और अपनी गाड़ी वापिस आर्टिस्टिक की तरफ घुमा ली।
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