A cruel fairytale - Chapter 11
A Cruel Fairytaleरिदांश के दादाजी तेजप्रताप ठाकुर ने कुछ ऐसी ही विल बनाई थी, जिसके बाद रिदांश को बच्चा पैदा करने की जरूरत थी। उनकी बनाई विल के अनुसार रिदांश की नेक्स्ट जेनरेशन को ही इंडिया की सारी प्रॉपर्टी मिलेगी। रिदांश अपने डैड मिस्टर सुशांत ठाकुर का इकलौता लड़का था तो वही उसके चाचा प्रशांत ठाकुर का बड़ा बेटा विविध रिदांश से छोटा था, फिर भी वो शादी करने जा रहा था।
विविध के शादी करने पर रिदांश पर और ज्यादा प्रेशर पड़ गया। गुस्से में सुशांत ने उसे ये तक कह दिया था कि वो शादी ना करें लेकिन उसे बच्चा पैदा करके दे दे।
अपने डैड से बात करके रिदांश हटा ही था कि उसे सामने आरोही दिखाई दी। रिदांश ने अचानक आरोही से उसके लास्ट पीरियड्स का टाइम पूछा।
आरोही गुस्से में रिदांश की तरफ देख रही थी तभी रिदांश बोला, “मुझे बच्चा पैदा करना है... तुम और तो मेरे किसी काम नहीं हो, तो यही सही।”
आरोही रिदांश के कहने का मतलब समझ गई थी कि वो उसे उसके पीरियड्स की डेट क्यों पूछ रहा है। उसने कोई जवाब नही दिया तो रिदांश भौहें उठाकर बोला, “देखो तुम मुझे नहीं बता रही हो तुम्हें किसने भेजा है। मुझे एक लड़की की जरूरत है और तुम मुझे बिल्कुल परफेक्ट लग रही हो। मैं काफी लड़कियों के साथ इंटीमेट हो चुका हूं पर तुम्हारी बात ही अलग है। अगर तुमसे बच्चा पैदा किया तो वो तुम्हारी तरह खूबसूरत होगा या मेरी तरह हैंडसम भी हो सकता है। तुम परफेक्ट हो तो चलो खुद को तैयार कर लो। तुम मेरे लिए मेरा बच्चा पैदा करने वाली हो।” रिदांश ने सीधे सीधे अपना फैसला सुना दिया था।
रिदांश की बातें आरोही को एक के बाद एक नया झटका दे रही थी। वो गुस्से में रिदांश पर हाथ उठाने वाली थी लेकिन उसने आरोही का हाथ पकड़ लिया। रिदांश जलती हुई निगाहों से उसकी तरफ देखने लगा।
रिदांश ने आरोही का हाथ मरोड़ते हुए कहा, “प्यार से मानो या जबरदस्ती... अब बच्चा तो मेरा तुम ही पैदा करोगी। पहले तो मैंने इस चीज को इतना सीरियसली नहीं लिया था पर अब रिदांश ठाकुर भी अपनी जिद पर आ गया है। हम हॉस्पिटल जा रहे है। वहां तुम्हारा कंप्लीट चेकअप होगा।” रिदांश ने गुस्से में कहा। अब वो अपनी जिद पर आ गया था और रिदांश ठाकुर अपनी जिद में किसी भी हद तक जा सकता था, ये आरोही से बेहतर और कौन जानता था।
रिदांश ने सीधे-सीधे आरोही को कह दिया था कि वही अब उसका बच्चा पैदा करेगी।
आरोही के लिए ये टोटली अनएक्सपेक्टेड था वो रिदांश पर चिल्ला कर बोली, “देखो प्लीज ये मत करो प्लीज, आई एम जस्ट ट्वेंटी टू.. इतनी कम उम्र में मैं बच्चा पैदा करने के बारे में सोच भी नहीं सकती हूं। तुम क्यों कर रहे हो मेरे साथ ऐसा? ऑलरेडी तुम इतना सब कुछ कर चुके हो। प्लीज मुझे जाने दो। चाहो तो मेरी जान ले लो पर मैं ये नहीं करने वाली हूं।” आरोही ने सीधे-सीधे मना कर दिया था पर रिदांश पर उसका कोई असर नहीं हुआ।
रिदांश ने आरोही की बाजू से उसे पकड़ा और उसकी आंखों में देखते हुए कहा, “रिदांश ठाकुर अपने डिसीजन नहीं बदलता है। वैसे मैंने तुम्हारे बॉस को तुम्हारी फोटोज भेज दी है। किसी ने नही सोचा होगा रिदांश ठाकुर अपने ऊपर जासूसी करने आई हुई लड़की का इतना अच्छा यूज करेगा।” बोलते हुए रिदांश के फेस पर इविल स्माइल थी और वो आरोही को लेकर जा रहा था।
आरोही ने अभी भी रिदांश का वही शर्ट पहना था और वो उसे उसी हालत में डॉक्टर के पास ले जा रहा था। रास्ते में रिदांश ने बात करके हॉस्पिटल खाली करवा लिया था, वैसे भी वो हॉस्पिटल उसी का बनवाया हुआ था।
रिदांश गाड़ी ड्राइव कर रहा था जबकि आरोही उसके पास पैसेंजर सीट पर बैठी थी। उसने रिदांश के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा, “तुम्हें कोई भी अच्छी लड़की मिल सकती है। लड़कियां तो तुम्हारे लिए वन नाइट स्टैंड होती है तो फिर तुम मेरे साथ ये सब क्यों करवाना चाहते हो? तुम किसी भी लड़की को याद नहीं रखते... एक रात के बाद दोबारा उनसे कोई लेना-देना नहीं होता है... तो मुझे भी जाने दो।”
आरोही बोले जा रही थी तभी रिदांश ने झटके से ब्रेक लगाए। उसने आरोही की आंखों में देखकर सर्द आवाज में कहा, “तुम मेरे बारे में कुछ ज्यादा ही नहीं जानती हो मिस राइटर।”
“हां क्योंकि मैंने ही तुम्हें बनाया है।” अचानक आरोही के मुंह से निकला।
उसकी बात सुनकर रिदांश के चेहरे पर इविल स्माइल थी। उसने आरोही की तरफ देखते हुए उसी अंदाज में कहा, “तब तो तुम्हें मेरी किसी भी हरकत पर एतराज नहीं होना चाहिए आफ्टर ऑल तुमने ही मुझे ऐसा बनाया है। इसमें ऊपर वाले की नहीं तुम्हारी गलती है। वैसे खुद को भगवान समझती हो ना तुम... ठीक है एक बार के लिए तुम्हारी बात पर यकीन कर लेता हूं कि तुम किसी नॉवेल में फस गई हो और मैं उसका करेक्टर हूं। तुमने लिखा है उस नॉवेल को तो बचा लो ना खुद को मुझसे...” रिदांश सीधे-सीधे आरोही को चैलेंज कर रहा था।
उसकी बात सुनकर आरोही चुप हो गई। उसे चुप होना ही था क्योंकि उसके पास रिदांश की बात का कोई जवाब नहीं था। ना नॉवेल में आरोही रिदांश से बच पाई थी और ना ही अब बच पा रही थी।
रिदांश ने भी आगे कुछ नहीं कहा। थोड़ी देर बाद वो एक हॉस्पिटल के आगे थे रिदांश ने आरोही का हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए अंदर ले जाने लगा।
हॉस्पिटल में जाते हुए आरोही के दिमाग में रिदांश की बातें गूंज रही थी, जब वो उसे चैलेंज कर रहा था कि अगर उसने रिदांश को ऐसा बनाया है तो उसी की गलती है।
अंदर जाते हुए आरोही ने अपने मन में कहा, “हां सच कहा तुमने, मेरी ही गलती है, जो मैंने तुम्हें ऐसा बनाया। अगर मुझे किसी नॉवेल में फंसना ही था तो मैं यहां ही क्यों आई? मेरे बाकी कैरेक्टर ऐसे नहीं थे। मेरी बाकी लीड्स के साथ ऐसा नहीं हुआ था। वो काफी स्ट्रांग थी फिर मैंने अपनी कैरेक्टर को इतना वीक क्यों लिखा।” सोचते हुए आरोही की पलके भीग गई।
रिदांश आरोही को लेकर डॉक्टर के सामने आ चुका था, जो कि रिदांश के लिए ही काम करता था। उसने जबर्दस्ती आरोही को एक चेयर पर बिठाकर डॉक्टर से कहा, “इसका कंप्लीट चेकअप करना है। क्या ये मेरा बच्चा पैदा करने के लायक है भी या नहीं?”
डॉक्टर हैरानी से रिदांश की तरफ देख रहा था। वो कुछ पूछता उससे पहले रिदांश बोला, “मेरे पास इतना टाइम नहीं है। इसके सारे टेस्ट करो और जल्द से जल्द रिपोर्ट मेरे पास होनी चाहिए।”
डॉक्टर अपनी जगह से खड़ा हुआ और आरोही को लेकर एक कमरे में गया। वो उसके कुछ टेस्ट करवा रहा था। जब आरोही और डॉक्टर अकेले थे, तब आरोही ने डॉक्टर से प्लीडिंग वे में कहा, “प्लीज मेरी मदद कीजिए। ये शख्स मेरे साथ जबरदस्ती कर रहा है और मुझे इसका कोई बच्चा पैदा नहीं करना है। कल रात भी इसने मेरे साथ जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाएं। प्लीज मेरी हेल्प कीजिए। मैं तो होश भी नहीं था।”
“सॉरी मैं कुछ नहीं कर सकता और तुम्हें भी यही कहूंगा कि अपना मुंह बंद रखना वरना ये इंसान तुम्हें बहुत बुरी मौत देने वाला है।” डॉक्टर ने आरोही को वार्निंग देते हुए कहा।
“ऐसी जिंदगी से तो मौत ही ठीक है। आप ऐसा कीजिए कि मुझे मार दीजिए।” आरोही ने अपनी तरफ से हार मानते हुए कहा। वैसे भी वो असल दुनिया में मर ही चुकी होगी तभी वो अचानक एक अलग दुनिया में पहुंच गई थी। आरोही को जहां तक याद था आखिरी बार उसका एक्सीडेंट हुआ था।
डॉक्टर ने कुछ पल आरोही के चेहरे को देखा और फिर कहा, “अब तो तुम्हारे पास मरने का भी ऑप्शन नहीं है। तुम्हारे ऊपर रिदांश ठाकुर की नजर पड़ चुकी है। अगर वो ये चाहता है कि तुम उसका बच्चा पैदा करो तो तुम्हें ऐसा करना ही होगा। इसमें चाहे तुम्हारी मर्जी हो या ना हो।”
आरोही आगे कुछ कहती उससे पहले डॉक्टर ने कहा, “तुम्हारे सारे टेस्ट हो चुके हैं। रिपोर्ट शाम तक भिजवा दूंगा।”
डॉक्टर बाहर चला गया था जबकि आरोही अभी भी वहां अकेली थी। उसने इधर-उधर देखा तो वहां एक खिड़की थी। उसने खिड़की से झांक कर देखा तो वो इस वक्त सेकंड फ्लोर पर थी।
पास ही में एक पाइप लगा हुआ था। आरोही ने पाइप की तरफ देखा और धीरे से कहा, “तुम्हें हिम्मत करनी होगी। रिदांश को रोकने का कोई रास्ता नहीं है और मेरे पास ये आखरी मौका है, जब मैं यहां से भाग सकती हूं।”
आरोही ने हिम्मत करके वहां से भागने का फैसला कर लिया था। रिदांश उसके साथ बिना किसी सिक्योरिटी के आया था और ये उसके पास अच्छा मौका था। वहां से निकलने से पहले आरोही ने इधर-उधर देखा तो आसपास कोई नहीं था। उसने खिड़की का कांच हटाया और अब वो वहां से भगाने के लिए पूरी तरह तैयार थी।
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