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Chapter 21

A cruel fairytale - Chapter 21

A Cruel Fairytale

रिदांश आरोही को मारने के इरादे से घर पर आया था। आरोही प्रेग्नेंट नहीं हो पाई थी इस वजह से वो उससे गुस्सा था। जब रिदांश आरोही को मारने लगा तब आरोही ने उसे बताया कि वो प्रेग्नेंट है।

जैसे ही रिदांश को आरोही के प्रेग्नेंट होने की बात पता चली उसका बर्ताव पूरी तरह बदल गया था। वो आरोही की बहुत केयर कर रहा था और इस वक्त उसके साथ डाइनिंग टेबल पर था। रिदांश आरोही को अपने हाथों से खाना खिला रहा था।

जहां रिदांश अपने बच्चों के आने की बात सुनकर रिलैक्स था तो वही आरोही की परेशानी और बढ़ गई थी। वो जानती थी कि रिदांश के बच्चे को पैदा करने के कुछ दिनों बाद वो मरने वाली है।

अचानक आरोही का उतरा हुआ चेहरा देखकर रिदांश ने कहा, “तुम परेशान लग रही हो, तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि तुमने मेरा काम कर दिया है। अब मैं तुम्हें परेशान नहीं करूंगा, उल्टा तुम्हारी केयर करूंगा। रात को भी चैन से सो पाओगी।”

“मैं ठीक हूं। मेरे जाने के बाद मेरे बच्चे का ख्याल रखना।” अचानक आरोही ने कहा, जिसे सुनकर रिदांश उसे अजीब नजरों से देखने लगा।

रिदांश ने सख्त आवाज में कहा, “फर्स्ट एट ऑल वो सिर्फ मेरा बच्चा होगा, तुम्हारा नहीं। खैर इन सब में एक बात अच्छी है कि तुमने एक्सेप्ट लिया है कि तुम्हारा काम पूरा होने के बाद तुम्हें मार दिया जाएगा।”

“मरना मेरी नियति में लिखा है और किसी और ने नहीं मैंने खुद लिखा है तो किस बात की एक्सेप्टेंस? तुम्हें इस तरह मेरी झूठी केयर करने की जरूरत नहीं है। चिंता मत करो मैं तुम्हारे बच्चे का पूरा ध्यान रखूंगी।” आरोही ने कड़वाहट से कहा और फिर अपने आप ही खाना खाने लगी। आरोही अब इस बात को लेकर बेफिक्र थी कि रिदांश उसे नुकसान नहीं पहुंचाएगा और तभी वो बिना डरे रिदांश की बातों का अच्छे से जवाब दे रही थी।

रिदांश उसे घूरते हुए देख रहा था। कुछ पल रुक कर उसने कोल्ड वॉइस में कहा, “किसी गलतफहमी में मत रहना कि मैं तुम्हारी केयर कर रहा हूं। ये केयर तुम्हारे लिए नहीं, मेरे होने वाले बच्चे के लिए है और तुम मुझे रोक नहीं सकती।”

आरोही ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। डिनर हो जाने के बाद रिदांश आरोही को वापस उसी तरह अपनी गोद में उठाकर कमरे में लेकर आया। उसकी हरकतें आरोही को इरिटेट कर रही थी पर चाहकर भी वो कुछ कह नहीं पा रही थी।

आरोही को सुलाने के बाद रिदांश उसके बगल में लेट गया। इतने दिनों में पहली बार आरोही चैन से सोई होगी हालांकि पिछले 4 दिनों से रिदांश घर नहीं आया था पर उसे यही डर सताता था कि अगर वो आया, तो पूरी रात उसे अपनी एक्टिविटी में बिजी रखेगा। आज आरोही के चेहरे पर सुकून था और वो आराम से सो रही थी तो उससे अलग रिदांश की नींद उड़ चुकी थी।

आरोही के सोने के बाद रिदांश ने उसकी तरफ देखा वो सोते हुए और भी मासूम लग रही थी। रिदांश ने हल्के से उसके टमी पर किस किया और फिर मन ही मन कहा, “चलो अच्छा हुआ तुमने मेरा काम कर दिया वरना मुझे तुम्हें मारना पड़ता। हालांकि मुझे किसी को मारते वक्त कोई गिल्ट नहीं होता पर तुम्हें मारना अजीब लग रहा था। मेरे तुम्हारे साथ कोई इमोशंस नहीं जुड़े हैं मिस राइटर पर पिछले डेढ़ महीने से तुम मुझे काफी सेटिस्फाई कर रही थी। यही सोचकर तुम्हें मारने में थोड़ा अफसोस हो रहा था।”

रिदांश को नींद नहीं आई तो वो उठकर बाहर चला गया। सुबह जब आरोही की आंख खुली तो वो बेड पर अकेले लेटे हुई थी। उसने इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया और हमेशा की तरह तैयार होकर ब्रेकफास्ट टेबल पर पहुंची।

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रोज से अलग आज ब्रेकफास्ट टेबल पर फ्रूट्स, सेलिड, जूस और हेल्दी ब्रेकफास्ट रखा हुआ था। आरोही को समझते देर नहीं लगी कि ये किसने करवाया होगा।

“कोई इंसान इतना फेक कैसे हो सकता है? कल मुझे मारने के लिए आ रहा था और आज मेरी केयर कर रहा है। ओह सॉरी, मैं तो भूल गई थी कि इसकी ये परवाह मेरे लिए नहीं इसके बच्चे के लिए है। अच्छी बात है ना, इस निर्दई इंसान के दिल में किसी के लिए तो प्यार है।” आरोही ने सिर हिलाकर मन ही मन कहा और फिर ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठ गई। वहां रिदांश नहीं था और वो अकेले ही नाश्ता कर रही थी।

ब्रेकफास्ट हो जाने के बाद आरोही कमरे की तरफ बढ़ने लगी तभी उसे पीछे से रिदांश की आवाज सुनाई दी, जो वहां आ गया था। उसने तेज आवाज में कहा, “हमें डॉक्टर के पास जाना है।” इतना कह कर वो आरोही के पास आया और फिर से उसे अपनी गोद में उठा दिया। कल से रिदांश आरोही को कुछ ज्यादा ही इरिटेटिंग लग रहा था।

रिदांश का नया चेहरा देखकर आरोही ने धीरे से कहा, “इससे अच्छा तुम मेरे साथ रुड और क्रुएल ही ठीक हो। कम से कम फेक तो नहीं लगते।”

हालांकि आरोही ने काफी धीरे से कहा था लेकिन रिदांश उसके पास ही था तो उसे सुनाई दे गया। उसने आईज रोल करके कहा, “मैं उतना ही रूड और क्रुएल हूं, बस फिलहाल के लिए अपनी उस साइड को कंट्रोल करके रख रहा हूं क्योंकि तुम मेरे बच्चे की मां बनने वाली हो। बाकी चिंता मत करो, 9 महीने बाद सारी कसर निकाल दूंगा। इतनी बेरहमी से मारूंगा ना तुम्हे कि तुम्हारी ये गलतफहमी दूर हो जाएगी कि मैं कोई सॉफ्ट हार्टेड इंसान नही हूं।”

रिदांश की बात सुनकर आरोही सारकास्टिकली मुस्कुराई। उसके चेहरे पर स्माइल देखकर ना चाहते हुए भी रिदांश के चेहरे पर भी हल्की मुस्कुराहट आ गई थी।

कुछ ही देर में वो दोनों उसी डॉक्टर के सामने बैठे थे, जिसने पहले भी आरोही का पूरा चेकअप किया था। टेस्ट रिपोर्ट आ चुकी थी। उसी के बारे में वो रिदांश को बता रहा था।

डॉक्टर ने रिदांश से सधे हुए लहजे में कहा, “कांग्रेट्स मिस्टर ठाकुर। ये टू वीक्स प्रेगनेंट है। बाकी टेस्ट नॉर्मल आए हैं बस आपको इनकी हेल्थ मेंटेन करके रखनी होगी। ये थोड़ी वीक है। सप्लीमेंट्स मैंने दे दिए हैं और डाइट चार्ट भी बना दिया है। इन 9 महीनों में ये खुश रहे, इस बात का खास ख्याल रखिएगा। वरना अक्सर मां के स्ट्रेस का असर बच्चों पर पड़ता है।” बोलते हुए डॉक्टर ने आरोही के चेहरे की तरफ देखा, जो उतरा हुआ लग रहा था।

रिदांश ने आगे कुछ नहीं कहा। वो डॉक्टर से सब समझने के बाद आरोही के साथ वापस जाने लगा। गाड़ी ड्राइव करते हुए अचानक रिदांश ने आरोही से पूछा, “तुम डायरी में कुछ ना कुछ लिखती रहती हो। तुमने बताया तुम राइटर हो। अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी बुक पब्लिश करवा सकता हूं।” रिदांश डॉक्टर के कहने पर आरोही का मूड ठीक करने की कोशिश कर रहा था।

“नो थैंक्स, उसकी जरूरत नहीं है। ऑलरेडी उस पर एक बुक बन चुकी है और काफी सक्सेसफुल और कंट्रोवर्शियल भी रह चुकी हैं।” आरोही ने रूखे तरीके से जवाब दिया।

आरोही रिदांश से बात करने में जरा भी इंटरेस्टेड नहीं थी क्योंकि पहले रिदांश भी उसके साथ यही करता था। जितना काम होता था, उतनी ही बात करता था और वो भी काफी रूडली। अचानक से अपने बच्चे का सुनकर वो इतना काइंड हो रहा था ये देखकर आरोही को उस पर गुस्सा आ रहा था।

“बदला ले रही हो मुझसे?” रिदांश ने आरोही की तरफ देखकर सर्द लहजे में पूछा, जिस पर आरोही ने कोई जवाब नहीं दिया। रिदांश आगे बोला, “मेरे साथ जैसे पेश आना है आओ, क्योंकि कहा ना फर्क नहीं पड़ता लेकिन तुम्हारी वजह से मेरे बच्चे को कुछ भी हुआ तो तुम्हारे साथ-साथ तुम्हारी फैमिली को भी तबाह कर दूंगा। ये कोई कोरी धमकी नहीं है।”

“हां जानती हूं तुम धमकी नहीं दे रहे हो और तुम किस हद तक गिर सकते हो ये मुझसे बेहतर कौन जानता है रिदांश ठाकुर। एक किडनैप की लड़की से अपना बच्चा पैदा कर रहे हो। दिस इज रियली डिस्गस्टिंग। बात अगर बच्चे की नहीं होती और सच में तुम्हारे किए की सजा देने का मौका मिलता तो जरूर लेती, बस मैं इस मासूम को बीच में नहीं लाना चाहती।” आरोही ने कहा। इतने दिनों में पहली बार उसे रिदांश के सामने अपने दिल के जज्बात रखने का मौका मिल रहा था।

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उसकी बातें रिदांश को गुस्सा दिला रही थी। रिदांश ने कुछ पल आंखें बंद की और खुद को कंट्रोल करने की कोशिश की। वो समझ गया था आरोही उसकी लाचारी का अच्छे से फायदा उठा रही थी। अपने बच्चे की वजह से वो उसे ना तो कुछ कह पा रहा था और ना ही उसकी इस गुस्ताखी की उसे सजा दे सकता था।

कुछ पल रुककर रिदांश बोला, “अरे वाह, तुम्हारे अंदर तो गुस्सा और आग दोनों है। मजा आएगा। आज तो मुझे तुम्हारा एक नया ही रूप देखने को मिल रहा है मिस्टर राइटर।”

आरोही उसकी बात के जवाब में सारकास्टिकली बोली, “हां, बदलाव तो हम दोनों में ही आए हैं बस फर्क इतना है कि मैं तुम्हारी तरह फेक नहीं हूं रिदांश ठाकुर।”

“ठीक है फिर देखते हैं 9 महीने बाद इस बच्चे के पैदा होने के बाद तुम्हारे अंदर की आग और ये बगावत तुम्हें कब तक बचा पाती है। वैसे तुम्हें तो पता होगा ना? तुमने खुद ही लिखा है।” रिदांश ने तिरछा मुस्कुरा कर कहा। वो एक बार फिर आरोही का मजाक उड़ा रहा था।

आरोही ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया तो रिदांश सख्त आवाज में बोला, “आगे से मेरे सामने ये बेवजह की बातें मत करना। मैं नहीं चाहता तुम्हारे इस पागलपन का असर मेरे बच्चे पर पड़े।”

आरोही चुप हो गई थी। कुछ ही देर में वो दोनों रिदांश के घर पर पहुंच चुके थे।

आरोही जैसे ही रिदांश के कमरे की तरफ जाने लगी, रिदांश ने उसका हाथ पकड़ कर सख्त आवाज में कहा, “आज से तुम मेरे कमरे में नहीं रहोगी। तुम्हारा जो काम था वो तुम कर चुकी हो। अब बस अच्छे से 9 महीने तक इसे बड़ा करो। उसके लिए तुम्हें मेरे आस-पास रहने की जरूरत नहीं है।”

“ये तो बहुत अच्छी बात है। वैसे भी डॉक्टर ने मुझे खुश रहने को कहा था। तुम्हारी शकल देखूंगी तो खुश नहीं रह पाऊंगी।” आरोही ने जवाब दिया।

उसकी ये बदतमीजी रिदांश को गुस्सा दिला रही थी। वो आरोही को कसकर पकड़ते हुए बोला, “कुछ ज्यादा ही जुबान नहीं चल रही तुम्हारी? कहीं ये तो नहीं सोच रही कि रिदांश ठाकुर की कमजोरी को पकड़ लिया है तुमने।”

“नहीं मिस्टर ठाकुर, दूसरों के कमजोरी का फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करना, उनके साथ बुरा करना आपका काम है, मेरा नहीं। बस मुझे अपने दिल के जज्बात बताने का मौका मिला है तो बता रही हूं। आई हेट यू रिदांश ठाकुर। बेइंतेहा नफरत करती हूं मैं तुमसे। मुझे मेरा रूम बता दो। मुझे तुम्हारी शक्ल देख कर यहां तुमसे बात करने में कोई इंटरेस्ट नहीं है।” आरोही ने बात को वही खत्म करते हुए कहा।

रिदांश जवाब मे भौंहे उठा कर बोला, “चलो हम दोनों में एक चीज तो कॉमन है कि हम दोनों एक दूसरे से बेइंतहा नफरत करते हैं।”

रिदांश ने आगे जाकर आरोही का हाथ पकड़ा और उसे दूसरे कमरे की तरफ ले जाने लगा। जैसे ही रिदांश ने कमरे का दरवाजा खोला, आरोही की आंखें हैरानी से फैल गई थी तो वही रिदांश भी उसे बिना किसी भाव के देख रहा था।

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