A cruel fairytale - Chapter 18
A Cruel Fairytaleनिकोलस से मीटिंग करने के बाद रिदांश घर पर पहुंचा। वो रूम में आया, तब आरोही बाथरूम में थी। रिदांश ने थोड़ी देर उसका वेट किया फिर जब वो बाहर नहीं आई तो रिदांश ने उसे अंदर आने की धमकी देते हुए उसे बाहर आने को कहा।
आरोही जल्दी से कमरे से बाहर आई। उसकी नज़रें झुकी हुई थी और चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था। आरोही रिदांश से कुछ कहना चाहती थी लेकिन वो डर के मारे बोल नहीं रही थी।
“कुछ कहना है तुम्हें?” रिदांश ने अपनी सख्त आवाज में पूछा। आरोही ने फिर भी कोई जवाब नहीं दिया तो वो अपने कदम उसकी तरफ को बढ़ाने लगा। डरकर आरोही अपने कदम पीछे ले रही थी, तभी रिदांश ने उसे कमर से पकड़कर अपने करीब खींच लिया।
रिदांश अभी-अभी निकोलस से मिलकर आ रहा था। हालांकि उसे उसकी बात पर यकीन नहीं था कि उसी ने आरोही को भेजा है, फिर भी कंफर्म करने के लिए रिदांश ने आरोही की चिन पकड़ कर उसका चेहरा ऊपर किया और उसकी आंखों में देखते हुए कहा, “निकोलस जोनस को कैसे जानती हो तुम?”
“बस नॉवेल के जरिए ही... ।” आरोही ने जवाब में इतना ही कहा, वो भी बिल्कुल धीमे से।
रिदांश ने कुछ पल सोचा और फिर आरोही को बेड की तरफ ले जाते हुए कहा, “ओके फाइन, मुझे अब टाइम वेस्ट नहीं करना है। डॉक्टर की एडवाइस मैं अच्छे से फॉलो कर रहा हूं। मुझे किसी भी हाल में बच्चा चाहिए। वैसे भी काफी दिन हो गए हैं। अब तक तुम प्रेग्नेंट हो जानी चाहिए थी। तुमने टेस्ट किया?” रिदांश की बातों से साफ जाहिर हो रहा था कि वो बच्चे को लेकर कितना डेसपरेट है।
आरोही कुछ कह पाती उससे पहले रिदांश बोला, “अगले महीने मेरे कजन विविध की इंगेजमेंट है और मैं चाहता हूं वहां मैं ये अनाउंस करूं कि मेरी नेक्स्ट जेनरेशन आने वाली है। तुम समझ रही हो ना मेरे कहने का मतलब...”
आरोही ने बिना कुछ कहे हां में सिर हिलाया। उसकी हरकतें रिदांश को इरिटेट कर रही थी पर वो आगे कुछ कह कर अपना मूड ऑफ नहीं करना चाहता था।
रिदांश ने आरोही को बेड पर धकेला। वो उसके ऊपर आता उससे पहले आरोही जल्दी से उठकर घबराई आवाज में बोली, “प्लीज नहीं... आज मत करो।”
“क्यों आज ऐसा क्या स्पेशल है या तुम्हारा मूड नहीं है?” रिदांश ने अपनी शर्ट के बटन खोलते हुए जवाब दिया।
आरोही कड़वाहट से उसकी तरफ देख रही थी, जैसे उसका मूड होना या ना होना रिदांश के लिए मैटर भी करता हो।
“पीरियड्स... मेरे पीरियड से स्टार्ट हो गए हैं।” आरोही ने बिल्कुल धीमी आवाज में कहा।
आरोही की बात सुनकर रिदांश के हाथ वहीं पर रुक गए। उसके चेहरे के एक्सप्रेशन से सर्द हो रहे थे। उसने गुस्से से आरोही को देखा और कोल्ड वॉइस में कहा, “मतलब मेरे इतने दिनों की मेहनत पर तुमने पानी फेर दिया है? तुम ऐसा कैसे कर सकती हो। जानबूझकर किया ना तुमने यह...” बोलते हुए रिदांश आरोही के पास आया और उसका गला पकड़ लिया।
आरोही को इसका आईडिया पहले से ही था कि उसके पीरियड्स आने की बात सुनकर रिदांश गुस्सा होगा। आखिर अब उसे एक महीने तक और वेट करना पड़ेगा।
आरोही की आंख में आंसू थे। वो चिल्ला कर बोली, “कुछ भी मेरे बस में नहीं है, ओके। अगर होता तो तुम्हें कभी अपने पास नहीं आने देती। यहां तुम्हारे पहली बार मेरे करीब आने पर ही प्रेग्नेंट हो जाती ताकि बार-बार तुम मेरे पास ना आओ। अब दूर हो जाओ। मुझे ऑलरेडी इतना पेन हो रहा है, ऊपर से तुम...” बोलते हुए आरोही रुक गई और रोने लगी।
रिदांश ने उसे वहीं पर छोड़ा। उसने कुछ देर मोबाइल में सर्च किया और फिर आरोही की तरफ देखकर धीरे से कहा, “मैंने ऑनलाइन डॉक्टर से कंसल्ट किया है। इस टाइम में अगर हम...”
रिदांश क्या कहना चाह रहा था आरोही समझ गई थी। वो उसकी बात पूरी होने से पहले ही बीच में चिल्ला कर बोली, “पागल हो गए हो तुम? और कितना गिरोगे तुम? मैं ऑलरेडी इतना पेन फील कर रही हूं.. और तुम्हें मुझे और दर्द देना है। किसी और को ढूंढ लो और उससे बच्चा पैदा कर लो। मुझे नहीं करना है तुम्हारे साथ कुछ भी। ये सब मेरे लिए बहुत अनबीयरेबल होता है। तुम्हें तो इसकी आदत है पर...” बोलते हुए आरोही रुक गई। उसने देखा रिदांश सर्द निगाहों से उसकी तरफ देख रहा था।
“गलती से भी मेरे कैरेक्टर पर उंगली मत उठाना।” रिदांश आरोही पर चिल्लाकर बोला, “वरना मैं भूल जाऊंगा कि तुम कितनी तकलीफ में हो। रही बात बच्चा पैदा करने की तो तुमसे भी बेहतर लड़की मिल सकती है लेकिन ये रिदांश ठाकुर की जिद है.. अब तो तुम ही मेरा बच्चा पैदा करोगी।” बोलते हुए रिदांश आरोही के करीब आ रहा था। इस वक्त वो बहुत ज्यादा गुस्से में था। उसे ये भी नहीं दिखाई दे रहा था कि आरोही पहले से ही तकलीफ में है।
आरोही ने अपनी पूरा जोर लगाकर रिदांश को दूसरी तरफ धकेला और वो दौड़कर बाथरूम में चली गई। उसने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। रिदांश उसके पीछे दरवाजे तक आया।
आरोही बाथरूम के दरवाजे के दूसरे तरफ बैठकर जोर-जोर से रोए जा रही थी। रिदांश को उसके रोने की आवाज आ रही थी तो उसने गुस्से में दरवाजे पर जोर से पंच मारा।
“प्रॉब्लम क्या है तुम्हारी? आराम से भी तो सब कुछ कर सकती हो ना? मेरे लिए फिलहाल एक बच्चे को पैदा करना बहुत जरूरी है वरना मुझे भी बच्चों का कोई शौक नहीं है।” रिदांश ने इस बार थोड़ा नरमी से कहा।
आरोही खड़ी हुई और उसने बिना दरवाजा खोल तेज आवाज में जवाब में कहा, “तुम भी तो सब कुछ आराम से कर सकते हो? डॉक्टर ने कहा था कि ये सब आर्टिफिशियली हो सकता है.. लेकिन तुम्हे अपनी फिजिकल नीड्स पूरी करनी थी। एक तो तुम मेरे साथ जबरदस्ती कर रहे हो, ऊपर से मुझे ही ब्लेम किए जा रहे हो। मेरी उम्र ज्यादा नहीं है। तुम्हें अच्छे से पता है मैं एक बच्चे की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाऊंगी और इसमें मेरी गलती है क्या कि मेरे पीरियड्स आ गए, जो तुम मुझ पर ऐसे चिल्ला रहे हो? ये नॉर्मल है, नेचुरल है। अगर हम ह्यूमंस का बस चलता तो कोई पेन में नहीं रहना चाहता है।”
“मैं तुम्हें बच्चा संभालने के लिए नहीं कह रहा, बस पैदा करने के लिए कह रहा हूं। तुम्हारा काम बस इतना ही है और फिर उसके बाद...” रिदांश बोलते हुए रुक गया तो आरोही ने उसकी पूरी करते हुए बोली, “उसके बाद क्या रिदांश ठाकुर? उसके बाद तुम मुझे मार दोगे। ये सही है तुम्हारा। पहले तुम्हारा टॉर्चर सहो, 9 महीने तुम्हारा बच्चा लेकर घूमो और तुम्हारा काम पूरा होते ही तुम मुझे मार दोगे। तुम इतने बेदिल कैसे हो सकते हो। मेरा ना सही कम से कम अपने बच्चे का तो सोचो, जिसके दुनिया में आते ही तुम उसकी मां को उससे अलग कर दोगे।”
“पहले डिसाइड कर लो कि तुम चाहती क्या हो? कभी तुम्हें बच्चा पैदा नहीं करना है और अचानक ही वो बच्चा जो इस दुनिया में भी नहीं आने वाला है, जिसके दूर-दूर तक आने के अभी कोई चांसेस भी नजर नहीं आ रहे, अचानक तुम्हारे दिल में उसके लिए इमोशन पैदा हो गए।” रिदांश ने गुस्से में जवाब दिया।
आरोही ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। वो वापस जमीन पर बैठ गई थी और अपनी किस्मत को कोस रही थी, तभी रिदांश ने कुछ पल रुकने के बाद नरमी से कहा, “अच्छा ठीक है। मैं काफी सॉफ्टली सब कुछ करुंगा। देखो इस टाइम में प्रेग्नेंट होने के ज्यादा चांसेस होते हैं तो मैं कोई भी चांस मिस नहीं करना चाहता। बाहर आ जाओ।” पहली बार रिदांश ने आरोही से अच्छे से बात की होगी, वो भी काफी प्लीडिंग वे में लेकिन उसकी बात मानकर बाहर आने का मतलब भी आरोही अच्छे से जानती थी। इस वक्त वो इस हालत में बिल्कुल नहीं थी कि वो रिदांश के साथ फिजिकली इंवॉल्व हो सके।
आरोही ने फिर से रिदांश की बात का कोई जवाब नहीं दिया। मजबूरन रिदांश हार मानकर बेड पर जाकर बैठ गया। इस हालत में वो आरोही के साथ जबरदस्ती भी नहीं कर सकता था। रिदांश बेड पर बैठे गहरी सांस ले रहा था क्योंकि उसे आरोही पर गुस्सा आ रहा था, तभी उसने देखा कि बाथरूम का दरवाजा खुला और आरोही बाहर आ गई थी।
रिदांश को भी हैरानी हो रही थी। उसने ये बिल्कुल एक्सपेक्ट नहीं किया था कि आरोही इस हालत में उसकी बात मानेगी।
आरोही को वहां देखकर रिदांश ने हैरानी से भौहें उठाकर कहा, “आर यू श्योर?”
आरोही ने बिना कुछ कहे हां में सिर हिला दिया। वो धीरे से बोली, “अगर तुम्हें लगता है कि मेरे मेंस्ट्रुअल में तुम मेरे साथ फिजिकली इंवॉल्व होंगे और ऐसे में मेरे प्रेग्नेंट होने के चांसेस ज्यादा है तो मैं भी यही चाहूंगी, जल्द से जल्द सब खत्म हो जाए। तुम मेरे करीब आते हो तो मुझे अच्छा नहीं लगता है और तुमसे पीछा छुड़ाने के लिए मैं ये दर्द बर्दाश्त करने के लिए भी तैयार हूं।” बोलते हुए आरोही की आवाज में गुस्सा था।
मन ही मन वो खुद को बहुत कोसती थी कि आखिर उसने ऐसा कैरेक्टर बनाया ही क्यों और क्या सोचकर उसने उस नॉवेल को लिखा, जहां एक कहानी का हीरो अपनी ही हीरोइन को इतना टॉर्चर करता है।
आरोही धीरे से चलकर बिस्तर के पास आ चुकी थी। वो हमेशा की तरह किसी लाश की तरह पड़ी हुई थी और रिदांश अपना काम कर रहा था। इस टाइम रिदांश उसे ज्यादा परेशान नहीं करना चाहता था इसलिए उसने लगभग आधे घंटे बाद उसे फ्री कर दिया था और फिर बाथरूम में चला गया था। वही आरोही सीलिंग को देख रही थी। उसकी आंखों से आंसू का कतरा बह गया जो कि उसके बालों में कहीं जाकर छुप गया।
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