Under the mafia moon - Chapter 4
Under the mafia moonसारा को देखने के बाद युग को कृशा की याद आई। उसने तुरंत उसके रूम का कैमरा ऑन किया। कृशा को सेकंड फ्लोर पर रूम मिला था। उसका कमरा भी सारा के कमरे जितना ही अच्छा था पर वहां उसके लिए कोई सामान नहीं रखा हुआ था। सारा का कमरा पहले से ही उसके हिसाब से तैयार किया हुआ था। सारा को पूरी प्लानिंग के साथ वहां लाया गया था जबकि कृशा का वहां होना सिर्फ और सिर्फ एक इत्तेफाक था। इस वजह से उस कमरे में कोई एक्स्ट्रा सामान नहीं था।
कमरे में आते ही कृशा सबसे पहले नहाने गई थी। वहां कपड़े नहीं होने की वजह से उसने एक बड़े से टॉवल में खुद को अच्छी तरह लपेट रखा था। युग ने उसे टॉवल में देखा तो उसकी आंखें छोटी हो गई।
“अगर तुम्हारा दिल जीतने की मजबूरी नहीं होती तो इसे यहां आते ही मार देता।” युग ने बिना किसी भाव के कहा। उसकी नजरें स्क्रीन पर जमी हुई थी।
वही कृशा कमरे में बोर हो रही थी। “क्या यार, कितनी बोरिंग जगह है। दिखने में जितनी खूबसूरत उतनी ही पकाऊ...” बोलते हुए उसने अपने पेट पर हाथ लगाया जो भूख की वजह से गुड़गुड़ कर रहा था।
फिर कृशा ने अपनी नज़रें ऊपर की तो उसने एक तरफ कैमरा लगा हुआ पाया। वो कैमरे के पास गई और उसमें देखते हुए जोर से चिल्ला कर बोली, “कपड़े तो नहीं दिए, कम से कम खाना तो दे देते। पिछले दो दिनों से ठीक से कुछ नहीं खाया। कैसे होस्ट हो तुम... गेस्ट को घर पर बुलाकर उसे भूखा रखते हो। यहां तक कि कपड़े भी नहीं दिए।”
उसकी बात सुनकर युग ने सिर हिला कर कहा, “तुम मेरी गेस्ट नहीं हो। जो मेरी गेस्ट है उसके पास सारी फैसिलिटी मौजूद है। अनवांटेड गेस्ट को रहने के लिए सेवन स्टार होटल जैसा रूम मिल गया, वही काफी है।”
युग अपना कैमरा बंद करने को हुआ तभी उसे फिर से कृशा की आवाज सुनाई दी। वो वापिस चिल्ला कर बोली, “अगर तुमने मुझे खाना नहीं दिया तो... तो...” उसने अपनी बात अधूरी छोड़ दी और फिर कुछ सोचते हुए से आगे बोली, “तो तुम्हें पाप लगेगा।”
युग ने अपने आईपैड को साइड में रखा और फिर टेलीकॉम उठाकर मलिक से कॉल पर कहा, “वो जो दूसरी लड़की आई है, उसे खाना भिजवा दो मलिक।”
“इतनी रात को सर?” मलिक ने हैरानी से पूछा क्योंकि उस वक्त रात के एक बज रहे थे।
“हां भिजवा दो वरना हमें पाप लगेगा।” कहकर युग ने कॉल कट कर दिया।
वही युग ने जो भी कहा, उसे सुनकर मलिक थोड़ा हैरान था। उसने खुद से कहा, “ये आज सर को क्या हो गया है? ये कैसी बातें कर रहे है। खैर छोड़ो... उन्होंने जो कहा है वो भी तो फॉलो करना है।”
मलिक उसी समय किचन में गया और वहां किसी फीमेल हाउसहेल्पर के साथ कृशा को खाना भेजा। खाना मिलते ही कृशा के चेहरे पर बड़ी सी स्माइल थी। वो प्लेट के साथ अंदर आई और उसे देखने लगी। उसमें उसके लिए हॉट इंस्टेंट नूडल्स और सूप था।
“अरे वाह, मेरा आइडिया काम कर गया.. ये तो बहुत टेस्टी लग रहा है।” कृशा चम्मच उठाकर खाने को हुई तभी उसे कुछ सुझा। उसने कैमरे की तरफ देखकर कहा, “इसका मतलब वो मुझे देख रहा है।” सोचते हुए कृशा की आंखें बड़ी हो गई। उसने कपड़े नही पहने थे। वो दौड़कर बाथरूम में गई और उसका हर एक हिस्सा गौर से देखने लगी।
बाथरूम में कोई कैमरा नहीं लगा था जिसे देखकर कृशा ने राहत की सांस ली तो वही युग ने उसकी हरकत से समझ लिया कि वो बाथरूम में दौड़कर क्यों गई होगी।
“बेवकूफ लड़की... मैं बाथरूम में कैमरा क्यों लगवाऊंगा। गैंगस्टर हूं पर ठरकी नही।” युग ने बड़बड़ा कर कहा।
“हां जानती हूं बाथरुम में कोई कैमरा नहीं लगवाता होगा पर रूम में भी कौन कैमरा लगवाता है? इसकी तो हर एक खिड़की भी इसी विला के अंदर खुलती है। कोई चाह कर भी नहीं भाग सकता। फिर कैमरा की क्या जरूरत है।” कृशा ने आंखें घूमा कर कहा। फिर वो खाना खाने लगी।
खाना खत्म होने के बाद उसने अपने बैग से दवाई निकाल कर ली। कृशा अपने बैग को कभी भी खुद से अलग नहीं करती थी और उसमें उसकी जरूरत का लगभग सारा सामान मौजूद था। फिर उसने लाइट बंद की और बैग को अपने सीने से लगाकर सो गई।
उसके सोने के बाद युग ने फिर से सारा को चेक किया। वो भी सोई हुई थी। उसने मलिक को कॉल करके सिक्योरिटी को एक्स्ट्रा अलर्ट रहने को कहा और फिर खुद भी सोने चला गया।
____________________________
न्यूयॉर्क सिटी में सिंघानिया विला में बिल्कुल शांति छाई हुई थी। आदित्य सिंघानिया अपने कमरे में गंभीर चेहरे के साथ बैठे थे। वहीं उनके सामने अमृता सिर झुका कर खड़ी थी।
“कुछ पता चला सारा को किसने किडनैप किया होगा? मुझे नहीं लगता इस माफिया वर्ल्ड में किसी की इतनी हिम्मत होगी, जो हम से टकराने के बारे में सोचेगा।” आदित्य ने सख्त आवाज में कहा।
“हां, बाकियों में तो नहीं है पर कोई ऐसा मौजूद है, जो बदला लेने की ताक में बैठा है। आज से नहीं बल्कि पिछले कई दशकों से।” अमृता ने धीमी आवाज में जवाब दिया।
“कौन राणा फैमिली?” आदित्य ने हल्का हंसकर कहा, “नहीं, वो टांग अड़ाने की हिमाकत नहीं करेंगे। मुझे नहीं लगता दो बार मुंह की खाने के बाद अब उनमें हमसे टक्कर लेने की हिम्मत बची होगी।”
“हार आपके अंदर बदले की आग को और भी भड़का देती है।” अमृता बोली।
“अगर उन्होंने ऐसा किया है तो आने दो उन्हें। हर बार की तरह इस बार भी मुंह की खाकर जाएंगे। सभी पड़ावों की सिक्योरिटी इतनी टाइट करवा दो कि वहां कोई अंजान कदम भी रखे तो जिंदा बचकर न जा पाए। बाकी सारा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। मुझे उसकी रत्ती भर भी टेंशन नहीं है। ऐसे ही वो माफिया प्रिंसेस नही है।” आदित्य सिंघानिया ने लापरवाही से कहा। माफिया वर्ल्ड में काम करते हुए वो काफी सख्त मिजाज के हो गए थे और साथ ही कौन उन्हें कितना नुकसान पहुंचा सकता था, इस बात की खबर भी उन्हें बखूबी थी।
अमृता कुछ पल रुकी और फिर धीमी आवाज में कहा, “और कृशा?”
“सारा पर यकीन रखो। वो खुद के साथ-साथ कृशा को भी सेफ रखेगी। एक काम करो, मुझे राणा फैमिली की न्यू जनरेशन से जुड़े सभी लोगों की डिटेल्स भेजो। लास्ट टाइम हमने एक दूसरे से दूर रहने का कॉन्ट्रैक्ट किया था। उसके बाद से मुझे नहीं पता उनकी फैमिली में कौन कितना पावरफुल बन कर बाहर निकला है। वैसे भी दो देशों में अलग-अलग रहते हुए कभी गलती से भी टकराने का मौका नहीं मिला। मैं भी तो देखूं, कौन है जो मेरे खिलाफ सर उठाने की हिम्मत कर रहा है।” आदित्य ने कहा।
“डेविल...” अमृता ने सिर उठा कर कहा।
उसके मुंह से डेविल का नाम सुनकर आदित्य की आंखें बड़ी हो गई। “क्या वो लड़का राणा फैमिली से है? आजकल हर जगह उसी का नाम सुनने को मिल रहा है। मेरे अलावा मैंने इतने सालों में किसी इंसान का इतना दबदबा नहीं देखा, जितना उसके बारे में सुना है। आज तक वो मेरे रास्ते में नहीं आया तो मैंने कभी उसके बारे में जानने की कोशिश नहीं की। क्या उसने सारा को किडनैप किया है?”
“हो सकता है, अभी श्योर नहीं है। मैं आपको राणा फैमिली की नई जनरेशन की डिटेल्स भेजती हूं।” अमृता ने जवाब दिया और वहां से चली गई।
उसके जाने के बाद आदित्य सोच में पड़ गए। वो खुद से बड़बड़ा कर बोले, “हर्षवर्धन राणा... हमारी दोस्ती को तुमने दुश्मनी में बदला, जो कि पिछली तीन जेनरेशन से चली आ रही है। सोचा नहीं था तुम से फिर आमना सामना होगा। तुम अभी भी इस दुनिया में मौजूद हो तो उम्मीद है कि अपने पोते को अच्छे से समझा लोगे कि मुझसे और मेरी फैमिली से दूर रहो। वरना हर बार की तरह मुझे तुम्हारा फन कुचलना अच्छे से आता है।”
आदित्य के चेहरे के भाव गंभीर थे। वो अपने चेयर पर लीन हो गए और सारा के बारे में सोचने लगे।
____________________________
अगली सुबह सारा उठी। रात को कब उसकी आंख लगी उसे पता नही चला। ऊपर से सुबह-सुबह चाय नहीं मिलने की वजह से उसके सिर में भंयकर दर्द था।
“अजीब मुसीबत है... मुझे उसके पास जाकर सारी बातें क्लीयर करनी होगी। सबसे पहले तो कृशा के बारे में पूछना होगा। उसके बाद उसे समझाना होगा। आई होप वो मेरी बात समझे।” सारा ने खुद से कहा। वो उठकर बाथरूम की तरफ जाने लगी, तभी उसके रूम की डोर बेल बजी।
“मेरा उसका फेस देखने का कोई मूड नहीं है।” सारा ने आंखें घूमा कहा। वो वहीं पर बैठी रही जबकि इतनी देर में तीन से चार बार डोरबेल बज चुकी थी।
“प्लीज मैम, ओपन द डोर।” बाहर से एक लड़की की आवाज आई। वो वही थी जो रात को सारा को उसके कमरे में छोड़ कर गई थी।
इस बार सारा ने उसके लिए दरवाजा खोल दिया। सारा के दरवाजा खोलते ही पहले उसने गुड मॉर्निंग विश किया और फिर कहा, “2 घंटे बाद आपकी सर के साथ ब्रेकफास्ट डेट हैं। उसके लिए तैयार हो जाइएगा। आपके साइज के सभी तरह के कपड़े क्लोसेट रूम में है।”
“मैं उसकी सर्वेंट नहीं हूं जो उसके कहने पर हर चीज के लिए तैयार हो जाऊंगी। मैं इस कमरे से बाहर कदम भी नहीं रखूंगी। जाकर बोल दो उसे... और हां, ये भी कह देना कृशा को अगर एक छोटी सी भी चोट लगी तो उसके लिए अच्छा नहीं रहेगा।” सारा ने गुस्से में जवाब दिया। वो उसके मुंह पर दरवाजा बंद करने लगी लेकिन उस लड़की ने दरवाजा पकड़ लिया।
“प्लीज मैम ऐसा मत कीजिए। आपकी हर ना और गुस्से की सजा हमें मिलेगी।” उस लड़की ने लाचारी के साथ कहा।
उसकी बात का जवाब देने से पहले सारा ने उसकी शर्ट पर लगे नेम टैग को देखा और फिर उस पर लिखे नाम को पढ़कर कहा, “सो लिसन मिस हया... आई रियली डोंट केयर कि वो तुम्हें किस बात की क्या सजा देता है। मैं बार-बार इस तरह इमोशनल ब्लैकमेल नहीं होने वाली। उसे जाकर कह दो मुझे उसकी शक्ल भी नहीं देखनी... ब्रेकफास्ट डेट गई भाड़ में...” सिर में दर्द होने की वजह से सारा को और भी गुस्सा आ रहा था। उसने कमरे का दरवाजा हया के मुंह पर बंद किया और फिर किचन एरिया की तरफ गई।
वहां थोड़ा बहुत खाने पीने का सामान रखा हुआ था। साइड में एक कॉफी मशीन भी थी। सारा ने अपने लिए एक स्ट्रॉन्ग ब्लैक कॉफी बनाई और खुद को शांत करने की कोशिश करने लगी।
वही सारा के इनकार के बाद हया दबे कदमों से युग के पास गई और उसने जो भी कहा, उसने उसे ज्यों का त्यों बता दिया।
“कृशा को चोट नहीं लगनी चाहिए वरना अच्छा नहीं होगा... रियली?” युग के चेहरे पर गुस्से के साथ ईविल स्माइल थी। “लगता है तुम भूल गई हो कि इस वक्त तुम डेविल के विला में हो ना कि अपने घर पर... मुझे ना सुनने की आदत नहीं है और इस ना की सजा वही भुगतेगी, जिसकी तुम इस वक्त कुछ ज्यादा ही परवाह कर रही हो। तुम्हारे दिल में सिर्फ और सिर्फ मेरी केयर होनी चाहिए सारा सिंघानिया, ना कि किसी सर्वेंट की... लगता है तुम्हें तुम्हारी लाइफ का पहला लेसन देने का टाइम आ गया है।”
युग उस वक्त काफी गुस्से में था। वो उठकर वहां से बाहर जा रहा था। उसके दिमाग में क्या चल रहा था वो वही जानता था लेकिन एक बात साफ थी सारा को उसकी इस बदतमीजी की अच्छी खासी सजा मिलने वाली थी।
°°°°°°°°°°°°°°°°
प्लीज do like comment and follow.