Under the mafia moon - Chapter 7
Under the mafia moonसारा और कृशा ब्रेकफास्ट के बाद अपने कमरे में वापिस आ गई। कृशा का बर्ताव नॉर्मल था जबकि सारा इस वक्त काफी ज्यादा गुस्से में थी।
“मेरा मन कर रहा है मैं उस युग राणा का सिर फोड़ दूं।” अंदर आते ही सारा जोर से चिल्लाकर बोली।
“शांत हो जाओ सारा... इतना गुस्सा भी सेहत के लिए अच्छा नहीं है।” कृशा ने जवाब दिया।
“तो क्या करूं? पता नही दादू इस बारे में कुछ कर भी रहे है या नहीं?” सारा ने सिर पकड़कर कहा।
“सारा हम यहां से निकल पाएंगे ना? मुझे बहुत डर लगता है उससे।” कृशा ने मासूमियत से कहा।
सारा उसके पास खिसकी और उसे गले लगा लिया। “चिंता मत करो। मेरे होते वो तुम्हे कुछ नही कर सकता। तुम बस उसके सामने ज्यादा मत बोला करो।”
कृशा ने हां में सिर हिलाया। फिर वो कुछ सोचते हुए से बोली, “सारा, मुझे भी मूवी देखनी है। तुम अकेली गई तो मैं पीछे से बोर हो जाऊंगी।”
“तुम्हें क्या लगता है मैं तुम्हें अकेले छोड़कर जाऊंगी?” सारा मुस्कुराते हुए बोली।
“बिल्कुल नही....उसे बोलना हम होरर मूवी देखेंगे। मुझे घर की याद आ रही है। हम वहां कितना चिल करते थे। साथ में मूवी देखते थे... पॉपकॉर्न खाते थे और कितना मजा आता था।” घर की याद आते ही कृशा मायूस हो गई।
“कृशा, ऐसे उदास मत हो। तुम ही मेरी रियल स्ट्रेंथ हो। तुम हो तभी मैं उस युग का सामना कर पाती हूं। अगर मैं यहां अकेली होती, तो मुझमें उसका सामना करने की हिम्मत कभी नही आ पाती।” सारा बोली।
कृशा ने हां में सिर हिलाया और सारा को फिर से हग कर लिया।
वही अपने कमरे में बैठा युग उन दोनो को अपनी आईपैड स्क्रीन में देख रहा था। उन दोनो को साथ देख युग के फेस पर तिरछी मुस्कुराहट थी।
“मतलब इन दोनो को अभी भी लगता है ये यहां से निकल पाएगी। उफ्फ ये सारा का कॉन्फिडेंस.. और कृशा की मासूमियत। दोनो ही कुछ ज्यादा ही ओवर हैं।” युग ने इविल स्माइल करते हुए कहा।
वो खुद से बातें कर रहा था, तभी उसके मोबाइल पर किसी का कॉल आया। स्क्रीन पर नाम देखकर युग के चेहरे के भाव सामान्या हो गए।
“कैसे हो तुम?” सामने से एक रौबदार आवाज आई। वो युग के दादाजी मिस्टर हर्षवर्धन राणा थे। ये कृशा के दादा जी के हम उम्र थे।
“ठीक हूं।” युग ने बिना किसी भाव के कहा।
“जल्दी करो.... मुझसे अब और इंतजार नही होता। तुम्हें किसी को हेल्प चाहिए तो मैं शब्द....” हर्षवर्धन बोल रहे थे तभी युग ने उनकी बात बीच काटते हुए कहा, “मुझे कोई नही चाहिए।”
“तुम्हारी मर्जी... पर याद रखना, गलती से भी उस लड़की से दिल मत लगा लेना। हमारा मकसद उसका दिल तोड़ना है... उससे दिल लगाना नही। हमें आदित्य सिंघानिया को चोट पहुंचाना है...” हर्षवर्धन की बात पूरी होती उससे पहले युग ने कॉल कट कर दिया। “बदतमीज लड़का....” उन्होंने स्क्रीन की तरफ घूरकर देखा।
वही उनके पास खड़ी एक औरत उनकी बातें सुन रही थी। वो लगभग 42 साल की थी लेकिन देखने में अपनी उम्र से सात आठ साल छोटी ही नजर आ रही थी। उसने ब्लू जींस के ऊपर पिंक कुर्ती पहनी थी और उसके लंबे बाल खुले थे।
“डैडी जी, आप युग को फोर्स मत कीजिए। मुझे अच्छा नही लग रहा।” वो उनके पास उन्हें समझाने लगी।
“मैने तुम्हें पहले ही कहा था तुम बीच में इंटरफेयर नही करोगी हरलीन। मैंने युग को बहुत मुश्किल से मनाया था। शब्द से तो वैसे भी मुझे कोई उम्मीद नहीं है... युग मान गया है तो मुझे उसे अपने हिसाब से हैंडल करने दो।” हर्षवर्धन ने सख्त आवाज में कहा।
हरलीन उनकी बेटी थी। वो राणा फैमिली के लीगल बिजनेस संभालती थी और अनमैरिड थी। हर्षवर्धन के डांटने पर उसने सिर हिलाया और वहां से जाने लगी।
हर्षवर्धन ने उस के पीछे से कहा, “और खबरदार, जो तुमने युग को कॉल करके उसे कुछ भी करने से रोका है तो....”
“यू कांट स्टॉप मी....” हरलीन ने बिना मुड़े जवाब दिया और वहां से चली गई।
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वही हर्षवर्धन जी बात करने के बाद युग का गुस्सा और भी भड़क गया। वो विला के जिम एरिया में था और ट्रेडमिल पर रनिंग कर रहा था। उसकी स्पीड नॉर्मल से ज्यादा थी।
“पता नहीं किस मनहूस घड़ी में मैने दादू को उनके काम के लिए हां कही थी। किंग की पोजिशन मैं अपने दम पर अचीव कर सकता था। फिर ये सारा सिंघानिया से शादी करके उसका दिल तोड़ना बीच में कहां से आ गया।” युग ने हांफते हुए कहा।
मलिक ने युग और सारा की मूवी डेट की सारी तैयारियां करवा दी थी। वो उसी बारे में बताने के लिए वहां आ रहा था।
“सर तैयारियां हो गई है।” मलिक ने उसके पास आकर कहा।
“हम्म्म.... कृशा को बीजी कर देना। वो हमारी डेट के बीच में नही आनी चाहिए। आई डोंट हैव मच टाइम।” युग ट्रेडमिल से उतरकर बोला।
“कौन कृशा?” मलिक ने हैरानी से पूछा।
“सारा की फ्रेंड... जो उसके साथ यहां है।” युग ने जवाब दिया।
“आपको उस लड़की का नाम तक याद हो गया, अजीब बात है। इतने सालों में आज तक आपने मुझे मेरे नाम से नही बुलाया।” मलिक ने कड़वाहट के साथ कहा।
“तो? तुम क्या चाहते हो मैं तुम्हें मलिक के बजाय गौरव कह कर बुलाऊं?” युग ने उसकी तरफ आंखें तरेरकर देखा।
“क्या दिक्कत है?” गौरव मलिक ने कंधे उचकाकर कहा।
“ज्यादा दिमाग मत लगाओ। जो कहा है, वो करो। यू आर नॉट माय गर्लफ्रेंड, जो जेलिस हो रहे है।” युग ने उसे डांटा और इशारे से उसे वहां से जाने को कहा।
मलिक ने सिर हिलाया और जाने लगा। जाते हुए वो गुस्से में बड़बड़ा रहा था। “मतलब वो दो दिन पहले आई लडकी को उसके नाम से बुला रहे है और जो मैं पिछले आठ साल से इन्हें असिस्ट कर रहा हूं, वो कुछ नहीं।”
मलिक वहां से चला गया और सारा को मूवी डेट का कहने के लिए उसके रूम के इंटरकॉम पर कॉल किया। सारा का वहां जाने का बिल्कुल मन नहीं था लेकिन कृशा के जिद करने पर उसे तैयार होना पड़ा।
सारा ने पिंक वन पीस ड्रेस पहनी थी जबकि कृशा ने डेनिम शोर्ट्स के ऊपर लूज शर्ट पहना था।
“तुम क्या उसे इंप्रेस करने जा रही हो? इतना अच्छा दिखने की क्या जरूरत है कृशा?” सारा ने उसकी तरफ घूर कर देखा।
“मैं क्या करूं... मैंने कुछ नही किया। बस नॉर्मल कपड़े पहने हैं।” कृशा ने कंधे उचका कर जवाब दिया।
उसकी बात सुनकर सारा मुस्कुराते हुए बोली, “यही तो बात है। तुम्हें अच्छा दिखने के लिए ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ती। तुम नॉर्मल कपड़े पहनकर भी इतनी खूबसूरत लग रही हो। वैसे इस ड्रेस में काफी हॉट लग रही हो।” कृशा को हॉट बोलते हुए सारा ने आई विंक की, जिस पर कृशा ने उसके कंधे पर हल्के से मारा।
“चलो अब चलते है।” कृशा बोली।
सारा ने हां में सिर हिलाया। मलिक ने कॉल पर सारा को फ्लोर नंबर भी बताया था। सारा को उसने फिफ्थ फ्लोर पर आने के लिए कहा था।
सारा और कृशा दोनों ऊपर 5th फ्लोर पर पहुंची, जिसके एक तरफ बड़ा सा मल्टीप्लेक्स थिएटर बनाया हुआ था। उसे देखते ही कृशा ने कहा, “ये हमारे वाले से ज्यादा अच्छा है ना?”
“नहीं...” सारा ने मुंह बिगाड़ कर कहा। फिर उसे कुछ याद आया तो वो कृशा से बोली, “ऐसा करो, तुम अंदर पहुंचो। मैं आती हूं।”
“नहीं सारा, मैं तुम्हारे बिना अकेले नहीं अंदर नहीं जाऊंगी। अंदर वो डेविल मौजूद है और मुझे देखकर तो वो काटने को दौड़ता है। मुझे उससे डर लगता है... मुझे नहीं जाना तुम्हारे बिना...” कृशा ने अकेले अंदर जाने से मना कर दिया।
“डोंट वरी, मैं रेस्ट रूम ही होकर आ रही हूं। मुझे ज्यादा टाइम नहीं लगेगा। वो तुम्हें कुछ नहीं कहेगा।” सारा ने कृशा का कंधा सहलाकर कहा और फिर वहां से दूसरी तरफ वॉशरूम की तरफ चली गई।
कृशा ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और धीमी कदमों से अंदर गई। अंदर बिल्कुल अंधेरा था। सामने लगी बड़ी सी स्क्रीन की रोशनी के अलावा और वहां कोई लाइटिंग नहीं आ रही थीं। स्क्रीन की लाइट डार्क होने की वजह से वहां ठीक से कुछ नजर नहीं आ रहा था।
कृशा धीमे कदमों से अंदर आ रही थी तभी उसे अपने आसपास किसी के हाथ महसूस हुए। वो युग था, जिसने पीछे से आकर उसे हग किया था। उसने उसे काफी टाइटली पकड़ा था।
“तुम्हारी खुशबू कमाल की है। इट ड्राइविंग मी क्रेज़ी...” बोलते हुए उसने कृशा की गर्दन पर अपने होंठ रख दिए।
युग ने पीछे से हाथ कृशा को कसकर हग कर रखा था और उसके गर्दन पर किस कर रहा था जबकि उसके ऐसा करने पर कृशा अपनी जगह पर फ्रिज हो गई। उसके दिल की धड़कनें बढ़ने लगी। युग ने जिसे सारा समझ करके किया था, वो कृशा थी।
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ये मिसअंडरस्टैंडिंग क्या रंग लायेगी? युग ने सारा को अकेले आने को कहा था। कृशा को वहां देखकर उसका क्या रिएक्शन रहेगा। बी रेडी फॉर नेक्स्ट पार्ट..! कमेंट जरुर करना।