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Chapter 12

Under the mafia moon - Chapter 12

Under the mafia moon

कृशा से मिलकर आने के बाद सारा युग के कमरे में आ चुकी थी। वो उसके कमरे को अच्छी तरह ऑब्जर्व कर रही थी। उसके कमरे का इंटीरियर डार्क थीम में था तो वही दीवारों पर काफी डार्क और वाइल्ड मॉडर्न आर्ट पेंटिंग्स लगी हुई थी।

“इसका तो रूम देखकर ही कोई बता देगा कि ये इंसान कितना वाइल्ड है। इन पेंटिंग को देखने के बाद ये तो कोई नहीं कहेगा कि ये एक आर्ट लवर है।” सारा ने सिर हिला कर कहा।

उसका ध्यान सामने की तरफ था, तभी दरवाजे पर खड़े युग ने तेज आवाज में कहा, “किसी को भी मेरे या इस रूम के बारे में अपना ओपिनियन देने के लिए इस रूम में आना होगा और इसकी इजाजत किसी को नहीं है। यू आर द फर्स्ट वन जो मेरे अलावा इस रूम में आई हो।”

युग की आवाज सुनकर सारा ने उसकी तरफ देखा। युग ने पूरे एटीट्यूड से उसे जवाब दिया था। सारा ने भी उसी के एटीट्यूड से ज़वाब में कहा, “ओह तो आई एम देट अनलकीएस्ट पर्सन।”

सारा की बात सुनकर युग ने तिरछी मुस्कुराहट दी और फिर सारा के पास आकर हल्के सर्द लहजे में कहा, “नो... यू आर लकीएस्ट वन...” बोलते हुए युग ने सारा को कमर से पकड़ कर अपने करीब कर लिया।

दोनो एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे। युग ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा, “तुम्हारी ग्रे आईज तुम्हे और भी स्पेशल बनाती है।”

“लेकिन मुझे तुम्हारी आंखों में देखकर डर लग रहा है युग राणा... तुम्हारी आंखों में कोई इमोशन नही दिखता है। ये हेजल ब्लू आइज किसी समुंदर की तरह गहरी है... और उसी की तरह अपने अंदर कई राज भी समेट रखे है।” युग की आंखों में देखते हुए सारा ने उसके बारे में काफी कुछ कह दिया था।

सारा ने जो भी कहा था वो काफी हद तक सही था। उसे सुनने के बाद युग के चेहरे पर हल्की स्माइल थी। “इतने कम टाइम में ही काफी कुछ जान लिया है मेरे बारे में... लगता है दस दिन का टाइम मैंने तुम्हे ज्यादा दे दिया। तुम्हे तो उससे पहले ही मुझसे प्यार हो गया है।”

युग का कॉन्फिडेंस देखकर सारा ने मुस्कुरा कर कहा, “शक्ल देखी तुमने आईने में अपनी...”

युग ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया बल्कि उसे कमर से पकड़े पकड़े ही सामने लगे बड़े से आईने की तरफ कर दिया। युग सारा के कमर में हाथ डाले उसके पीछे खड़ा था।

“तुम खुद ही देख लो और डिसाइड करो कि किसकी शक्ल कितनी अच्छी है।” युग बोला।

पिछले कुछ दिनों में सारा के साथ काफी कुछ हो गया इस वजह से उसे खुद को मेंटेन करने का भी मौका नहीं मिला। वो चेहरे से थोड़ी थकी हुई लग रही थी और उसे वक्त ठीक से तैयार भी नहीं थी जबकि युग एज यूजुअल वेल मेंटेन था और काफी हैंडसम भी लग रहा था।

“शक्ल अच्छी होने से कुछ नहीं होता, दिल भी देखा जाता है।” सारा ने जवाब दिया।

“पर यहां तो बात शक्ल की हो रही है।” युग ने आईने में सारा की तरफ देखकर कहा।

सारा ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। वो आईने में एकटक युग को देख रही थी, जिसकी पर्सनेलिटी और लुक काफी इंप्रेसिव था।

युग ने मुस्कुराते हुए सारा को छोड़ दिया। वो बाहर जाने लगा और जाते हुए गुनगुना रहा था।

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“ऐसे न मुझे तुम देखो... सीने से लगा लूंगा। तुमको मैं चुरा लूँगा तुमसे, दिल में छुपा लूंगा।” गुनगुनाते हुए युग बाहर चला गया।

युग के जाते ही सारा के फेस पर हल्की स्माइल थी। एक पल के लिए वो उसमें खो गई थी। फिर उसने अपने सिर पर हल्के से मारा। इसी के साथ उसके चेहरे के भाव सख्त हो गए थे।

“कम ऑन सारा सिंघानिया, ड्रामा करना है। ये रियलिटी नहीं है। वैसे भी ये मेरे टाइप का नहीं है। मुझे गुड बॉयज पसंद है।” सारा ने अपनी आईज रोल करके कहा और फिर अपना सामान मैनेज करने लगी।

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पूरे दिन युग अपने कमरे में नहीं आया था। सारा कमरे में अकेली थी। शाम के लगभग 6:00 बजे के करीब उसके पास इंटरकॉम पर कॉल आया, जिसमें युग ने उसे घर के गार्डन एरिया के पीछे के हिस्से में बुलाया था।

“अब कौन सा नया सरप्राइज तैयार कर रखा है तुमने युग राणा।” खुद से बातें करते हुए सारा ने ओवरकोट पहना और बाहर जाने लगी।

लिफ्ट के पास उसे हया मिली, जो कि उसका ध्यान रखने के लिए असाइन की गई थी। सारा उसके साथ गार्डन एरिया के पिछले हिस्से में पहुंची तो वहां अलग-अलग तरह के घोड़े थे। वो सब के सब रेयर स्पेसीज के थे।

युग उनमें से एक व्हाइट घोड़े के पास खड़ा उसे सहला रहा था। उसने ब्राउन लेदर ओवरकोट पहना था। जैसे ही सारा ने उसे देखा हैरानी से उसकी आंखें बड़ी हो गई। वो दौड़कर युग के पास गई।

सारा ने उसके पास जाकर हल्का हांफते हुए कहा, “क्या सच में ये सब तुम्हारा है? आई मीन इट्स सो लैविश।”

“तुम तो ऐसे रिएक्ट कर रही हो जैसे ये सब पहली बार देख रही हो। तुम आदित्य सिंघानिया की ग्रैंड डॉटर हो। सीरियसली तुमने ये सब पहली बार देखा है?” युग ने हैरानी जताते हुए पूछा।

“मैंने ये सब देखा है और हमारे पास में भी सब कुछ है पर हमें उन्हें इतना पास से देखने की इजाजत नहीं थी। तुम जानते हो ना मैं कितनी इंपॉर्टेंट हूं, इस वजह से दादू मेरी सिक्योरिटी का खास ध्यान रखते थे।” अपनी एक्साइटमेंट में सारा काफी कुछ बोल गई। फिर उसे एहसास हुआ तो उसने अपनी आंखें छोटी की और फिर युग से पूछा, “तुमने कभी बताया नहीं कि तुम मुझ तक कैसे पहुंचे? मुझे बहुत कम लोगों ने देखा है। यहां तक कि हमारे घर की सिक्योरिटी तक पहुंचना नामुमकिन है। तुमने हमारे हेड सिक्योरिटी गार्ड को किडनैप किया और मार दिया। ये सब कैसे किया तुमने?”

“तुम भूल गई हो कि तुम किसके सामने खड़ी हो। युग राणा के लिए कोई भी चीज इंपॉसिबल नहीं है। आज तुमने पहली बार कुछ qपूछा है.. कभी टाइम मिलने पर आराम से सब बताऊंगा। अभी इसको एंजॉय करते हैं।” बोलते हुए युग ने अपना हाथ सारा की तरफ बढ़ाकर पूछा, “डू यू वॉन्ना राइड विथ मी।”

सारा ने हां में सिर हिलाया। युग पहले खुद घोड़े पर बैठा फिर उसने सारा का हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींच कर आगे बिठाया। वो दोनों वहां के एक लंबे से यार्ड पर हॉर्स राइडिंग कर रहे थे, जहां सारा एक्साइटेड होकर सब कुछ देख रही थी।

पास में बैठे हुए दोनों एक दूसरे के काफी करीब थे। सारा को डर लग रहा था इसलिए उसने युग के हाथ को कसकर पकड़ रखा था।

“बस अब बहुत हो गया। मैं थक गई हूं।” सारा ने कहा। वो दोनों लगभग आधे घंटे से भी ज्यादा समय से राइड कर रहे थे इसलिए सारा को थकान महसूस होने लगी थी।

उसके कहते ही युग ने घोड़े को रोका और फिर खुद नीचे उतरकर सारा को नीचे उतारा। उसने सारा के चेहरे के तरफ गौर से देखा और फिर कहा, “तुम काफी थकी हुई लग रही हो। तुम्हें अब हमेशा के लिए यही रहना है। तुम्हें अपनी डील याद होगी तो अपनी जिद छोड़ो और खुद की केयर करो।”

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सारा ने उसकी बात पर हामी भरी। युग ने इशारे से दूर खड़ी हया को बुलाया और उसके साथ सारा को भेज दिया था। सारा के जाने के बाद वो भी किसी काम से बाहर की तरफ जा रहा था तभी उसे कृशा दिखाई दी, जो एक छोटे से पप्पी के साथ खेल रही थी।

“इस गंदी सी जगह पर सिर्फ तुम एक ही क्यूट इंसान मिले हो। ऐसा करते हैं हम दोनों फ्रेंडशिप कर लेते हैं। दो क्यूट इंसान मिलकर इस डेविल की लैंड को अच्छा बनाने की कोशिश करते हैं।” कृशा पप्पी को सहलाते हुए उससे बातें कर रही थी।

कृशा को वहां देखकर ना चाहते हुए भी युग के कदम उसकी तरफ बढ़ गए। युग को अपने सामने देखकर कृशा ने जल्दी से उसे पप्पी को नीचे छोड़ दिया।

“अच्छा तो ये जगह गंदी सी है?” युग ने उसकी तरफ घूरकर देखा और पूछा।

कृशा ने ना में सिर हिलाया और कहा, “मैं... मैं अपने रूम में जा रही हूं।”

युग को टालने के लिए कृशा वहां से जाने लगी तभी युग ने तेज आवाज में कहा, “रुको...”

युग की सख्त आवाज सुनकर कृशा वही रुक गई। युग धीमे कदमों से चलकर उसके सामने गया। कृशा ने ऑफ शोल्डर स्वेटर पहना था और बालों को बन के रूप में बांध रखा था। युग की नजर उसकी गर्दन पर थी।

अचानक युग ने सर्द लहजे में कहा, “हाइड योर हिकी...”

“क्या?” कृशा ने हैरानी से पूछा और फिर युग की नजरों को फॉलो करते हुए अपनी गर्दन पर देखा तो वहां एक लाल निशान था, जो कल रात युग के बाइट करने की वजह से बना था।

कृशा कुछ कह पाती उससे पहले युग ने अपना हाथ बढ़ाकर कृशा के बालों को खोल दिया। फिर उसने कृशा के बालों को सेट करते हुए दोनों तरफ से आगे कर दिया। अब कृशा की गर्दन पर बना बाइट का निशान बालों से ढक चुका था।

“इसे किसी भी तरह से हाइड कर लेना... ये सारा को दिखना नहीं चाहिए।” कहकर युग वहां से चला गया।

कृशा अभी भी वहां पर खड़ी युग को जाते हुए देख रही थी। उसके दूर जाने पर कृशा ने बड़बड़ा कर कहा, “हां तो किसने कहा था कि आकर मुझे इतना जोर से पकड़ ले... और किस करते हुए बाइट कौन करता है? जंगली कही का...” कृशा की नजरों में युग के लिए गुस्सा था।

युग के जाने के बाद कृशा भी वहां से चली गई।

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एक और कहानी का प्रोमो.. टाइटल "डेस्टिनी: अ टेल ऑफ लव" है, जो मेरे प्रोफाइल पर मिल जाएगी।

अनुष्का सिंह ओबेरॉय, एक फेमस फिल्म स्टार, जिसकी एक्सीडेंटल मौत हो जाती है। उसकी जुड़वा बहन आयुष्का सिंह ओबेरॉय अपनी बहन की मौत का जिम्मेदार आरव खुराना को समझती है। क्योंकि मौत के आखिरी समय वो आरव के साथ थी। आरव खुराना, जो लोगो की नजरों में एक कैसोनोवा बिजनेस मैन है जबकि हकीकत इससे बिल्कुल परे है। आयुष्का की जिंदगी का एक ही मकसद है आरव खुराना को बर्बाद करना। आरव को बर्बाद करने के लिए आयुष्का हर तरीका अपनाती है। आरव को बिजनेस मैन समझने वाली आयुष्का को जब उसके माफिया से जुड़े होने की सच्चाई पता चलेगी, तो क्या नया मोड़ आएगा इनके रिश्ते में। वही औरतों से नफरत करने वाला आरव आयुष्का को अपना समझ पर प्यार में धोखा बर्दास्त कर पाएगा? आयुष्का के बदले से अनजान आरव जब सच में उसे दिल दे बैठेगा, तो सच पता चलने पर इनके रिश्ते में नया मोड़ आने वाला है।

इनका ये नफरत भरा रिश्ता क्या मोड़ लेगा, जब किस्मत इन्हें एक दूसरे के सामने लाएगी। क्या किस्मत की डोर से बंधे ये दो दिल कभी मिल पाएंगे या दोनो के बीच की नफरत जीत जाएगी।

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