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Chapter 16

Under the mafia moon - Chapter 16

Under the mafia moon

कृशा को पनिशमेंट देने के बाद युग अपने कमरे में आ गया था। वहां उसने सारा से थोड़ी देर बात की लेकिन कृशा का ख्याल आते ही उसका मूड अपसेट हो गया और वो बाथरूम में चला गया।

चेंज करने के बाद युग आईने के सामने खड़ा था। उसके दोनों हाथ स्लैप पर टिके हुए थे और गर्दन झुकी हुई थी।

“मैं क्यों उसके बारे में सोच रहा हूं? मैने उसे बहुत छोटी पनिशमेंट दी है। वो इससे बहुत ज्यादा डिजर्व करती है। एटलीस्ट मैंने उसे जिंदा छोड़ा... उस पर हाथ नहीं उठाया... उस पर किसी तरह का टॉर्चर नहीं किया। एक ऐसी पनिशमेंट दी है जिसमें उसे कोई फिजिकली हर्ट नहीं करेगा... शायद मैं कुछ ज्यादा ही सोच रहा हूं। मुझे इन सब से बाहर निकलना होगा वरना मैं दादू का काम कभी नहीं कर पाऊंगा।” बोलते हुए युग ने अपना चेहरा ऊपर किया तो गुस्से में उसकी आंखें लाल थी।

युग 2 मिनट के लिए वहां पर खुद को देखता रहा और फिर बाहर आया। सारा अभी तक जाग रही थी। युग सारा के पास गया और उसे कमर से खींचकर बिल्कुल अपने पास कर दिया।

“तुम... तुमने कहा था कि तुम कुछ नहीं करोगे? अब... अब ये क्या है?” सारा ने पूछा। उसकी आवाज में घबराहट झलक रही थी।

“किस मी...” अचानक युग ने सर्द आवाज में कहा।

सारा एक पल के लिए चौंक गई। “हां? क्या?” उसने हैरानी से पूछा।

“आई सेड किस मी राइट अवे...” युग ने तेज आवाज में कहा।

सारा ने ना में सिर हिला दिया। उसने युग की आंखों में देखा तो वो गुस्से से लाल थी। सारा ने युग से दूर जाने की कोशिश की लेकिन उसने उसे कसकर पकड़ लिया।

“अगर तुम चाहती हो कि यहां आज रात सिर्फ एक किस के अलावा और कुछ ना हो तो चुपचाप अभी किस करो।” युग ने सारा के कान के पास आकर धीमी लेकिन खतरनाक आवाज में कहा।

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उसकी आवाज सुनकर सारा के दिल की धड़कनें बढ़ गई। घबराहट से उसने अपने होंठ युग की तरफ बढाए और उसे किस करने लगी। युग भी उसे पेशेंटली किस कर रहा था। सारा के करीब जाने का उसका कोई मन नहीं था लेकिन कृशा का ख्याल अपने दिमाग से निकलने के लिए युग को उस वक्त जो भी सही लगा वो कर रहा था।

युग सारा को काफी डीपली किस कर रहा था इस वजह से थोड़ी ही देर में वो ब्रेथलेस होने लगी। सारा ने युग को खुद से करने की कोशिश की पर युग ने काफी टाइटली पकड़ रखा था।

लगभग 15 मिनट बाद युग ने उसे छोड़ दिया। युग और सारा दोनों गहरी सांस ले रहे थे।

सारा ने बेड पर बैठते हुए कहा, “ये बहुत बुरा था। बहुत ज्यादा बुरा युग राणा।”

“ऑफकोर्स सारा सिंघानिया। मुझे तुम्हें किस करने का कोई शौक नहीं है। बस मैं मेंटली थोड़ा अपसेट था और मुझे अपना ध्यान हटाना था।” युग ने बताया।

“ओह रियली? तुम्हारा मूड खराब होता है तो तुम किसी भी लड़की को पकड़ कर उसे किस करने लगते हो। ये तो तुम्हारा थोड़ा बहुत मूड खराब था। अगर ज्यादा मूड खराब होता होगा तो तुम बहुत कुछ कर लेते होंगे। अब तक कितनी लड़कियों के साथ क्या कुछ किया है तुमने...” बोलते हुए सारा ने युग की कॉलर पकड़ ली। वो गुस्से में काफी कुछ बोल गई थी।

सारा के इतना कुछ बोलने और कॉलर पकड़ने की वजह से युग का गुस्सा बढ़ गया। उसने सारा को दूर धकेला, जिससे वो बेड पर जाकर जा गिरी।

“आगे से मेरी परमिशन के बिना मुझे हाथ मत लगाना।” युग ने सर्द लहजे में कहा।

“हां तुम सामने वाले की परमिशन के बिना उसे ब्लैकमेल करके किस कर सकते हो और कोई और तुम्हें हाथ भी ना लगाए। पता नहीं ये घटिया रूल क्यों बना रखे हैं तुमने।” सारा ने चिढ़ कर कहा।

“मैंने कोई जबरदस्ती नहीं की।” युग कंधे उचकाकर बोला, “मैंने तो तुम्हें कुछ लाइंस कही थी उसके बाद तुमने खुद अपने लिप्स मेरी तरफ़ बढ़ाए थे। तुम चाहती तो मुझसे इस बात के लिए फाइट कर सकती थी। कमरे से बाहर चली जाती या कुछ भी करती पर तुम मेरी एक छोटी सी लाइन से ब्लैकमेल हो गई। कभी-कभी मुझे डाउट होता है कि तुम माफिया प्रिंसेस हो भी या नहीं।” युग के चेहरे पर तंज भरी मुस्कराहट थी।

वही सारा भी उसे हैरानी से देख रही थी। उसने जो भी कहा था वो सच था। युग ने उसे ब्लैकमेल करने के लिए कुछ लाइन कही थी और वो उसकी बातों में आ भी गई थी।

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“वो... वो मैं तुम्हें किस नहीं करना चाहती थी पर मैं ये भी नहीं चाहती थी कि हम दोनों साथ में नाइट स्पेंड करें।” सारा अपनी तरफ से अटकते हुए सफाई देने की कोशिश कर रही थी।

“पुअर गर्ल...” युग ने सिर हिलाकर कहा।

“आई एम नॉट ए पुअर गर्ल...” सारा ने गुस्से में कहा। कहीं युग बात उस पर वापस ना पलट दे ये सोच कर सारा ने बात को बदलते हुए कहा, “तुमने बताया नहीं तुम अपना मूड खराब होने पर क्या इसी तरह लड़कियों को पकड़कर किस करते हो या कुछ और भी?”

“ये डेविल कुछ भी हो सकता है लेकिन एक लूज़ करेक्टर इंसान बिल्कुल नहीं... मेरा दिमाग अपनी सही जगह पर है ना कि मेरी पेंट में... और हां, मैं अपना गुस्सा शांत करने के लिए लोगों की जान लेता हूं। ये सब उल्टे-सीधे काम नहीं करता।” युग ने सख्त लहजे में जवाब दिया।

उसकी बात सुनकर सारा के चेहरे पर कड़वाहट भरी मुस्कराहट थी। उसने उसी लहजे में कहा, “मतलब ये सब काम तुम्हें उल्टे-सीधे लगते हैं, गलत लगते हैं और किसी की जान लेना सही?”

“मैं ऐसा ही हूं सारा सिंघानिया और तुम भी ऐसी ही... सोचो सारा सिंघानिया कभी गलती से या जानबूझकर भी तुमने किसी को नहीं मारा... ऐसा तो हो नहीं सकता कि एक माफिया प्रिंसेस के हाथों कभी किसी की जान ना गई हो।” युग ने कहा।

युग की बातें सारा पर गहरा असर डाल रही थी। उसकी बातें सुनकर सारा के दिमाग में कुछ सीन चल रहे थे, जहां उसके हाथ में चाकू था और सामने दो लाशें।

सारा ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और खुद को उसे मंजर से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी। सारा के चेहरे का उड़ा हुआ रंग देखकर युग ने इविल स्माइल करके कहा, “लगता है मैने किसी कमजोर नस को दबा दिया है। कोई बात नहीं सारा सिंघानिया, आगे से मुझ पर सवाल उठने से पहले ये सोच लेना कि तुम कौन हो।”

अपनी बात खत्म करके युग बिस्तर पर लेट गया और उसने अपने साइड की लाइट बंद कर दी। सारा कुछ देर तक वहीं पर खड़ी रही तो युग ने कहा, “अब क्या पूरी रात खड़े होकर बिताने का इरादा है? सोना तो तुम्हें मेरे ही पास में पड़ेगा।”

सारा ने एक नजर बिस्तर की तरफ देखा। बेड काफी बड़ा था तो वो दूसरे कोने पर जाकर सो गई। उसे ऐसा करते देखा युग के फेस पर हल्की स्माइल थी। वो जिस मकसद से इस कमरे में आया था, वो पूरा हो गया था। वो कृशा को भूलना चाहता था और सारा से बात करने के बाद वो सच में कृशा के बारे में भूल चुका था।

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guys कमेंट करके सपोर्ट कीजिए। मिलते हैं अगले पार्ट पर। बाकी आज का पार्ट कैसा लगा, बता दीजिएगा।

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