Under the mafia moon - Chapter 5
Under the mafia moonसारा ने युग के साथ ब्रेकफास्ट डेट पर जाने से मना कर दिया था। साथ ही उसने हया के जरिए ये कहलवाया था कि युग गलती से भी कृशा को चोट पहुंचाने के बारे में ना सोचे। उसका इंकार और कृशा की परवाह करना युग को गुस्सा दिला रहा था। वो उसे सबक सिखाने के लिए तुरंत अपने फ्लोर से कृशा के फ्लोर पर पहुंचा।
कृशा के कमरे का दरवाजा खुला था। युग अंदर गया। उसे वो वहां नही दिखी। वो कमरे में आगे जाकर बालकनी में गया तो कृशा वहां की ग्लास रेलिंग से लगकर बाहर गार्डन एरिया में देख रही थी। वहां आ रही हल्की धूप उसे सुकून दे रही थी।
युग उसके पास गया और खींचकर अपनी तरफ किया, “पिकनिक मनाने आई हो यहां?”
“छोड़ो... वो...” कृशा ने उसे खुद से थोड़ा दूर किया और अपना टॉवल सही करने लगी। कपड़े नहीं होने की वजह से उसने अभी तक टॉवल को ही ड्रेस के तौर पर बांध रखा था।
उसे ऐसा करता देख युग उससे दो कदम पीछे हो गया। फिर उसने अपनी आंखें बंद की और गुस्सा शांत करने की कोशिश करने लगा।
“मिली... मिली।” युग ने तेज आवाज में कहा।
उसके आवाज लगाने पर एक फीमेल हाउस हेल्पर दौड़ कर आई। उसकी नजरें नीचे थी। उसे देखते ही युग ने कहा, “जाओ और जाकर अपने कुछ कपड़े लाकर इसे दे दो। एटलिस्ट ये इस तरह टॉवल में तो नहीं घूमेगी।”
“लेकिन मैं इसके कपड़े क्यों पहनू? मैं किसी और के कपड़े नहीं पहनती हूं।” कृशा ने तुरंत कहा। फिर उसने देखा युग उसे गुस्से में देख रहा है तो उसने धीमी आवाज में कहा, “मुझे इसके कपड़े फिट नहीं आएंगे। ये मुझसे थोड़ी मोटी है।”
“तो तुम क्या चाहती हो मैं तुम्हारे लिए यहां कोई स्पेशल डिजाइनर बुलाऊं, जो तुम्हारे हिसाब से कपड़े डिजाइन करके देगा। चुपचाप जो मिल रहा है वो पहनो। यहां रहना है तो एक मेड के कपड़े भी पहनने पड़ेंगे और उसका काम भी करना पड़ेगा। फ्री में कुछ भी नहीं मिलने वाला। गॉट इट।” युग ने चिल्लाकर कहा। फिर उसने मिली की तरफ देखा और बोला, “आज से ये लड़की तुम्हारे साथ काम करेगी। विला की सफाई करवाओ, बर्तन साफ करवाओ या फिर खाना बनवाओ... व्हाटएवर पर मुझे ये फ्री नहीं दिखनी चाहिए।”
“लेकिन मुझे काम करना नहीं आता है।” कृशा ने नम आंखों से कहा।
युग उससे कुछ कहता उससे पहले उसकी नजर सारा पर पड़ी, जो जैसे तैसे युग से बात करने के बहाने उस फ्लोर से निकल कर आई थी। उसके साथ हया भी थी, जो उसे कृशा के कमरे तक लेकर आई थी। युग को कृशा के साथ बदतमीजी करते देख सारा गुस्से में उसे देख रही थी।
सारा कृशा के पास गई और उसे अपने एक हाथ से साइड हग करते हुए कहा, “डोंट यू डेयर... कृशा कोई तुम्हारी सर्वेंट नहीं है, जो यहां काम करेगी। ये मेरे साथ आई है। तुम इसके साथ बदतमीजी नहीं कर सकते।” सारा की आंखों में गुस्सा था और उसके शब्द सख्त थे। फिर उसने कृशा का हाथ पकड़ कर कहा, “तुम मेरे साथ मेरे रूम में चलो। मैं तुम्हें कुछ कपड़े दे देती हूं और हां, आज से तुम मेरे साथ ही रहोगी।”
“लगता है तुम भूल गई हो सारा सिंघानिया, ये तुम्हारा घर नहीं है। तुम यहां किडनैप होकर आई हो। यहां सिर्फ एक ही इंसान ऑर्डर दे सकता है और वो है युग राणा...” युग ने गुस्से में कहा।
“ये मेरा डिसीजन है और तुम इसे मना नहीं कर सकते। कृशा मेरे साथ ही रहेगी... वो भी मेरे रूम में।” सारा ने युग की आंखों में आंखें डाल कर देखा। इस वक्त दोनों का आई कांटेक्ट हो रहा था।
“ठीक है लेकिन उसके लिए तुम्हें मेरी हर बात माननी पड़ेगी।” युग ने सारा के साथ ज्यादा बहस नहीं की और उसकी बात मान ली।
“ये तो टाइम बताएगा कौन किसकी कितनी बातें मानता है।” सारा ने जवाब दिया और फिर वो कृशा का हाथ पकड़ कर उसे अपने रूम में ले जाने लगी।
सारा को यहां आए हुए सिर्फ एक दिन हुआ था उसके बावजूद उसका बर्ताव ऐसा था जैसे वो उस विला की मालकिन हो।
“एक घंटे के अंदर तुम मुझे थर्ड फ्लोर के डायनिंग एरिया में चाहिए... और हां, इस लड़की को अपने साथ ले ही जा रही हो तो इस बात का ध्यान रखना आगे से ये मेरी आंखों के सामने ना आए।” युग ने पीछे से तेज आवाज में कहा।
“बोल तो ऐसे रहा है जैसे मुझे इसकी शक्ल देखने का शौक है।” कृशा ने बड़बड़ा कर कहा।
थोड़ी देर पहले युग ने उसके साथ जो भी किया, उससे कृशा को उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था। वहां से निकलते हुए भी कृशा अपना बैग लेना नहीं भूली। वो दोनों कुछ देर में कृशा के कमरे में थी।
सारा के कमरे में आते ही कृशा उस कमरे को गौर से देखने लगी और फिर वो बोली, “हावव... वो कितना बुरा है। उसने तुम्हारे लिए हर एक अरेंजमेंट अच्छे से कर रखे हैं जबकि मुझे... खैर छोड़ो। अच्छा क्या वो तुमसे प्यार करता है इसलिए उसने तुम्हें किडनैप किया है?” कृशा ने पूछा।
“वो मुझे कोई प्यार नहीं करता है। तुम्हें इन बातों के बारे में नहीं पता है तो बेहतर होगा दूर रहो। और हां, उसके सामने मत जाना। तुम इसी कमरे में रहोगी। तुम्हे जो चाहिए, वो सब यहां है।” सारा ने उसे समझाते हुए कहा।
कृशा की मॉम अमृता काफी सालों से सिंघानिया फैमिली के लिए काम कर रही थी। कृशा सारा से उम्र में थोड़ी ही छोटी थी। दोनों साथ में पली बढ़ी जरूर थी लेकिन कृशा को अंदर की बातों के बारे में जरा भी अंदाजा नहीं था।
सारा के समझाने पर कृशा ने हां में सिर हिलाया। उसके हामी भरते ही सारा ने कहा, “उसने मेरी बात मानी है तो मुझे भी उसकी बात माननी होगी। वैसे भी मुझे उससे बात करनी थी। मैं तैयार होकर उसके साथ ब्रेकफास्ट करने जा रही हूं, तब तक तुम नहा कर रेडी हो जाना। मैं किसी को बोल दूंगी जो तुम्हारे लिए ब्रेकफास्ट ले आएगा।”
सारी बात सुनने के बाद कृशा ने फिर हां में सिर हिलाया। कृशा के पास कपड़े नहीं होने की वजह से सारा ने पहले उसे नहाने भेज दिया। सारा और कृशा को लगभग एक ही साइज के कपड़े आते थे। कृशा क्लोसेट एरिया में गई और वहां से अपने लिए बैगी डेनिम पैंट और लॉन्ग स्लीव्स का क्रॉप टॉप निकाला। उसने अपने बालों में हाफ बन बना रखा था।
सारा अंदर नहा रही थी तो बाहर से कृशा ने चिल्लाकर कहा, “सारा ये तुम्हारी पहली ऑफिशियल डेट है, तो तुम्हारे लिए कपड़े मैं सिलेक्ट करूंगी।”
“ठीक है पर ज्यादा टाइम मत लगाना। उसने मुझे सिर्फ 1 घंटे का बोला था। तुम्हारे चक्कर में मैं ऑलरेडी लेट हो चुकी हूं।” सारा ने जवाब दिया।
उसकी बात सुनकर कृशा मुस्कुराई। वो बाथरुम के पास आकर खड़ी हो गई। उसने तेज आवाज में कहा, “अच्छा सारा, तुम उसकी बातों को इतने अच्छे से फॉलो कर रही हो। तुम्हें वो पसंद आ गया क्या।”
“बकवास बंद करो कृशा। मुझे वो पसंद नहीं आया है। यहां से निकलने के लिए कुछ तो दिमाग लगाना होगा ना। बस उसी वजह से ये सब करना पड़ रहा है।” सारा ने चिढ़ कर जवाब दिया।
“लेकिन वो तो बहुत हैंडसम है। तुम उसे पटा लो, उसका कॉन्फिडेंस जीत लो उसके बाद हम यहां से आराम से निकल सकते हैं।” बोलते हुए कृशा क्लोसेट एरिया में चली गई और सारा के लिए ड्रेस सेलेक्ट करने लगी।
वहां काफी सारे ब्रांडेड कपड़े रखे हुए थे। उनमें से उसने सारा के लिए रेड कलर की बॉडीकॉन शॉर्ट ड्रेस निकाली। वैसे भी रेड कलर सारा का फेवरेट था।
“यहां तो मेकअप और एक्सेसरीज भी रखी हुई है।” कृशा ड्रेस लेकर दूसरी तरफ गई तो उसने सब सामान दिखा।
कृशा ने अपने चेहरे पर भी हल्का-फुल्का मेकअप किया और फिर सारा के आने का इंतजार करने लगी। कुछ ही देर में सारा भी आ गई थी। कृशा ने उसे अपने तरीके से तैयार किया।
“मुझे यहां की ठंड हमेशा से ज्यादा पसंद थी। अपनी न्यूयॉर्क में भी सर्दी होती है पर लंदन की सर्दी की तो बात ही अलग है।” कृशा सारा को तैयार करते हुए बातें कर रही थी।
“हां लंदन अच्छी जगह है पर इस विला में तो बिल्कुल भी ठंड का एहसास नहीं होता। काफी अच्छा हीटिंग सिस्टम है।” सारा बोली। जब वो पूरी तरह तैयार हो गई तो कृशा को वहां छोड़कर वो युग से मिलने चली गई।
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युग थर्ड फ्लोर पर सारा के आने का वेट कर रहा था। वहां एक तरफ हॉल में डायनिंग एरिया बना हुआ था। डायनिंग एरिया बिल्कुल किसी लक्सिरियस होटल के वीआईपी डायनिंग एरिया जैसा था। युग ने उसे खास सारा के लिए तैयार करवाया था। जैसे ही सारा वहां आई, युग उसे गौर से देखने लगा। रेड ड्रेस में वो बहुत खूबसूरत लग रही थी।
युग ने सिक्योरिटी गार्ड को इशारे से वहां से जाने को कहा और उसका हाथ पकड़ कर उसे अंदर लेकर आया।
सारा ने चारों तरफ की हुई अरेंजमेंट देखते हुए कहा, “सिर्फ एक ब्रेकफास्ट के लिए इतनी मेहनत करवाने की क्या जरूरत थी युग राणा।”
“तुम्हारे लिए ये सिर्फ एक ब्रेकफास्ट होगा लेकिन मेरे लिए ये हमारी पहली डेट है। प्यार की शुरुआत नफरत से ही होती है। नफरत तो पीढ़ियों से हमारे बीच चली आ रही है, तो चलो हम प्यार की शुरुआत करते हैं।” बोलते हुए युग अपने हाथों से सारा को खाना सर्व कर रहा था।
वो उसके पास वाली चेयर पर बैठा था। युग ने व्हाइट सॉस पास्ता की प्लेट अपनी तरफ खिसकाई और उसमें से सारा को खिलाने लगा लेकिन सारा ने ना में सिर हिला दिया।
“मेरा यहां आना अपनी जीत मत समझना युग राणा। मैं सिर्फ यहां तुमसे बात करने के लिए आई हूं। घुमा फिरा कर बात करने की मेरी आदत नहीं है तो सीधे-सीधे कहती हूं। चलो एक डील करते हैं। मैं तुम्हें पहले पड़ाव तक लेकर जाती हूं बदले में तुम हम दोनों को जाने देना।” सारा उससे काफी प्रोफेशनल तरीके से बात कर रही थी।
जैसे ही उसकी बात खत्म हुई, युग खतरनाक तरीके से हंसा। “सात इंपॉर्टेंट पड़ावो में से तुम मुझे पहले पड़ाव पर लेकर जाओगी ताकि वो लोग मुझे देखते ही मार दे? वैसे इतनी हिम्मत किसी की नहीं कि वो डेविल का बाल भी बांका कर सके लेकिन प्लानिंग काफी अच्छे से की है। तुम इस फील्ड में अभी नई हो बेबी, तुम्हें बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।”
“खुद को डेविल कहते हो तो आगे के पड़ाव पर जाना खुद ही मैनेज कर लेना।” सारा ने चैलेंजिंग वॉइस में कहा।
“वैसे तुम्हें बता दूं कि मुझे तुम्हारे उन सात पड़ावों से कोई लेना-देना नहीं है और ना ही कोई दिलचस्पी... इस वर्ल्ड का किंग बनने के लिए युग राणा को उन सभी वाहियात पड़ावों से भी होकर गुजरने की कोई जरूरत नहीं है। मुझे बस तुम चाहिए और मैं तुम्हें पाकर रहूंगा। माफिया किंग बनना मेरी हसरत है, तो तुम्हे पाना मेरी जिद।”
“हद है यार। मैं कोई चीज हूं जो तुम्हें मैं चाहिए और तुम पाकर रहोगे।” सारा गुस्से में उस पर जोर से चिल्ला कर बोली। उसकी बात सुनकर युग की आंखें सर्द हो गई। उसने उसी भाव से कहा, “एक ही गलती के लिए मैं बार-बार माफ नहीं करता। आगे से मेरे सामने चिल्ला कर बात करने की हिम्मत मत करना।”
“बोल तो ऐसे रहे हो जैसे मैं तुमसे डरती ही हूं।” सारा गुस्से में वहां से उठी और जाने लगी। युग ने वहां बैठे-बैठे ही उसके हाथ से पकड़ कर उसे खींचा और अपनी गोद में बैठा लिया।
युग के हाथ सारा के पीछे थे और उसने उसके बालों को मुट्ठी में भर रखा था। दूसरे हाथ से उसने सारा को कसकर पकड़ रखा था।
“जब तक प्यार से बात करता हूं तो मेरी रेस्पेक्ट करो। मुझे गुस्सा दिलाया है तो मुझे जो पाना है वो मैं प्यार ले बजाय जबरदस्ती करके भी पा सकता हूं। सारा सिंघानिया यहां से बाहर निकालने का ख्याल अपने दिल से निकाल दो। इस जगह पर आने का रास्ता है लेकिन यहां से जाने का नहीं... युग राणा की मर्जी के खिलाफ तो बिल्कुल भी नहीं।” युग ने सर्द लहजे में कहा। फिर उसने सारा को छोड़ दिया और उसे इशारे से पास की चेयर पर बैठने को कहा।
सारा अपनी जिद में वहीं पर खड़ी थी तो युग गुस्से में जोर से चिल्लाकर बोला, “आई सेड सिट डाउन।”
सारा जल्दी से चेयर पर बैठ गई। उसके बैठते ही युग ने कहा, “चुपचाप ब्रेकफास्ट करो।”
सारा ने ना में सिर हिला दिया। वो बिना कुछ बोले वहां खोए हुए अंदाज में बैठी थी। उसकी आंखों में नमी थी। युग की बातों ने उसके दिल में डर पैदा कर दिया था।
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