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Chapter 2

The Replaced bride - Chapter 2

The Replaced bride

ध्रुव सिंघानिया की शादी अनजाने में किसी और के साथ हो चुकी थी, जिसे वह कुछ दिनों पहले ही मिला था। उसका नाम तारा था। तारा को देखते ही वह उस लम्हे को कोस रहा था, जब पहली बार उससे मिला था। साथ ही तारा का भी हाल कुछ वैसा ही था। वह भी यही सोच रही थी कि काश वह कभी राजस्थान आई ही ना होती, तो उसके साथ यह एक्सीडेंटल मैरिज का हादसा नहीं होता।

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कुछ दिनों पहले... (फ्लैशबैक सीन)

जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस को विजिटर्स के लिए बंद कर दिया गया था। उसके बावजूद वहाँ का पूरा स्टाफ़ किसी एक ख़ास के आने की तैयारी में जी जान से जुटा था।

शाम के लगभग 5:00 बज रहे थे, और होटल के मैनेजर, मिस्टर राम सिंह सिसोदिया ने पूरी तैयारियों का जायजा लेने के लिए होटल स्टाफ़ को लाइन में लगा रखा था।

वह काफी प्रोफ़ेशनल तरीके से सबको इंस्ट्रक्शन्स दे रहे थे। “वैसे तो उम्मेद भवन पैलेस की भव्यता के प्रदर्शन के लिए किसी एक्स्ट्रा तैयारी की ज़रूरत नहीं, लेकिन बहुत कम मौके ऐसे होते हैं, जब किसी को इम्प्रेस करने के लिए हम अलग से तैयारियाँ करते हैं।” राम सिंह ने उन सब लोगों को संबोधित करके कहा।

“यस सर... एवरीथिंग इज़ डन।” एक लड़के ने जवाब दिया।

“स्वर्ण घर के मालिक, मिस्टर ध्रुव सिंघानिया कुछ देर में पहुँचते ही होंगे। अगर उम्मेद भवन अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है, तो ‘स्वर्ण घर’ में बने गहने भी हमारे राजस्थान की शान हैं, जो पूरे देश में प्रसिद्ध हैं।” मिस्टर सिसोदिया ने कहा, और तभी उनकी नज़र सामने की तरफ़ गई। उनके चेहरे पर विनम्रता आ गई, और उन्होंने धीमी आवाज़ में कहा, “मिस्टर सिंघानिया आ गए हैं। मैं उन्हें वेलकम करने के लिए जा रहा हूँ। बाकी सब तुम देख लेना।”

उस लड़के ने उनकी बात पर हामी भरी। मिस्टर सिसोदिया मुस्कुराते हुए सामने की तरफ़ बढ़े।

सामने से ध्रुव सिंघानिया आ रहा था, जिसके पीछे उसके चार हट्टे-कट्टे बॉडीगार्ड चल रहे थे। ध्रुव सिंघानिया का ज्वेलरी का बिज़नेस राजस्थान में ही नहीं, उसके बाहर भी काफी फ़ेमस था। वह जयपुर के ‘स्वर्ण घर’ नामक ज्वेलरी हाउस का मालिक था। हल्का गोरा रंग, लंबा क़द, हल्की काली आँखें और उस पर अच्छी खासी जिम में मेहनत करके बनाई हुई बॉडी। दिखने में वह भी बिल्कुल किसी राजकुमार की तरह दिखता था। ब्राण्डेड ब्लैक सूट, आँखों पर महँगे ग्लासेस उसके लुक को और भी क्लासी बना रहे थे।

“घणी खम्मा मिस्टर सिंघानिया।” मिस्टर सिसोदिया ने अपने दोनों हाथ जोड़कर विनम्रता से कहा।

“खम्मा घणी।” ध्रुव ने मुस्कुराकर दोनों हाथ जोड़कर जवाब दिया।

मिस्टर सिसोदिया ने ध्रुव के गले में माला पहनाई, और फिर उसका पारम्परिक राजस्थानी तरीके से स्वागत हुआ।

उसके बाद मिस्टर सिसोदिया बोले, “चलिए मैं आपको सारी तैयारियाँ दिखा देता हूँ। वेन्यू से लेकर वेडिंग प्लानर तक का सारा अरेंजमेंट हो गया है। पारम्परिक राजस्थानी तरीके से शादी की पूरी तैयारियाँ हो गई हैं।”

“वेट अ सेकेंड... मैंने सिर्फ़ शादी के लिए हॉल बुक किया है। वेडिंग प्लानर मैंने हायर कर लिया है, और शादी राजस्थानी तरीके से होने के साथ-साथ गुजराती तरीके से भी की जाएगी।” ध्रुव ने जवाब दिया।

“मुझे लगा आप पारम्परिक राजस्थानी तरीके से शादी करना पसंद करेंगे। ‘स्वर्ण घर’ अपनी परम्पराओं के लिए प्रसिद्ध है, तो हमें लगा कि आपके खानदान में भी परम्पराओं को देखकर कड़ाई बरती जाती होगी।” मिस्टर सिसोदिया ने हैरानी से कहा।

“आपका कहना भी ग़लत नहीं है मिस्टर सिसोदिया... लेकिन मैं जिस लड़की से शादी करने जा रहा हूँ, वह राजस्थान से नहीं, गुजरात से हैं। अब हम किसी के कल्चर को अंडरएस्टीमेट तो नहीं कर सकते, ना?” ध्रुव ने नरमी से कहा।

मिस्टर सिसोदिया ने मुस्कुराकर हामी भरी और उसे पूरा पैलेस दिखाने लगे। ध्रुव साथ-साथ में उन्हें अपनी रिक्वायरमेंट्स भी बता रहा था, जो उसे अपनी शादी के लिए चाहिए थीं।

मिस्टर सिसोदिया उसके स्वभाव से बहुत प्रभावित हुए। हर शब्द बिल्कुल सलीके से बोलना, सादगी और कम उम्र में इतना अनुभव देखकर मिस्टर सिसोदिया, बाकियों की तरह, ध्रुव के एटीट्यूड से बहुत इम्प्रेस हुए।

“अगर कहीं कोई कमी लगे तो बता दीजिए। हमने अपनी तरफ़ से सब कुछ अच्छा करने की पूरी कोशिश की है।” मिस्टर सिसोदिया ने कहा।

“एवरीथिंग इज़ रियली वेरी नाइस मिस्टर सिसोदिया। मुझे ज़्यादा कुछ चेंज नहीं चाहिए... लेकिन मैं चाहता हूँ कि एक बार मेरी मंगेतर, ग्रीष्मा यह सब देख ले। अगर उसे कुछ बदलाव चाहिए होंगे, तो आप उस हिसाब से कर दीजिएगा।” ध्रुव ने सधे हुए लहज़े में जवाब दिया।

मिस्टर सिसोदिया ने हल्का मुस्कुराकर कहा, “जी ज़रूर... अब आपको सब कुछ पसंद आ गया है, तो उन्हें भी आ ही जाएगा। सर, इसके बाद आपके लिए एक छोटी सी डिनर पार्टी का इंतज़ाम किया गया है।”

पैलेस घुमाने के बाद ध्रुव के लिए एक डिनर का इंतज़ाम किया गया था।

“थैंक्स फ़ॉर दिस। ग्रीष्मा भी अभी आती ही होगी। हम लोगों ने रात को यहीं होटल में स्टे करने का डिसीज़न लिया है। आप दो रूम बुक करवा दीजिएगा।” ध्रुव बोला।

शादी से पहले ग्रीष्मा और ध्रुव के वहाँ एक साथ रुकने की बात सुनकर एक बार के लिए मिस्टर सिसोदिया चौंक गए थे, लेकिन फिर जब उसने दो रूम बुक करवाने का कहा, तो उन्होंने बोला, “जानकर अच्छा लगा कि आप अभी भी अपने परम्पराओं और संस्कारों की लाज रखते हैं।”

ध्रुव ने उनकी बातों का कोई जवाब नहीं दिया और मुस्कुराकर रह गया।

“खाने के लिए चलें?” मिस्टर सिसोदिया ने पूछा।

“ग्रीष्मा, बस आती ही होगी। आपको बुरा नहीं लगे तो हम उसका इंतज़ार कर सकते हैं।” ध्रुव ने कहा। वह बाहर वालों से काफी कम और सलीके से बात करता था। अपनी आदत के मुताबिक़ ध्रुव मिस्टर सिसोदिया से गिने-चुने शब्दों में जवाब दे रहा था।

“जी ज़रूर...” मिस्टर सिसोदिया ने कहा।

“मैं बाहर गार्डन में जा रहा हूँ। ग्रीष्मा आएगी तो मैं आपको कॉल कर दूँगा।” कहकर ध्रुव पैलेस के गार्डन में आ गया।

वह ग्रीष्मा का इंतज़ार करते हुए इधर-उधर चहलकदमी कर रहा था। काफ़ी देर इंतज़ार करने के बाद भी वह नहीं आई, तो उसने उसे कॉल मिलाया।

“कहाँ रह गई हो, ग्रीष्मा? मैं पिछले आधे घंटे से तुम्हारा वेट कर रहा हूँ।” ध्रुव ने ग्रीष्मा का कॉल उठाते ही कहा।

“सॉरी बेबी, बस अब पहुँची ही हूँ। तुम्हारे लिए कुछ सरप्राइज़ प्लान किया था। इसी चक्कर में लेट हो गई।” ग्रीष्मा ने जवाब दिया।

“वैसे सरप्राइज़ तो मैंने भी रेडी किया है... लेकिन तुम यहाँ पहुँचोगी तब ना। प्लीज़ जल्दी आओ, मैं अकेला बोर हो रहा हूँ।” ध्रुव ने बोरियत भरे लहज़े में कहा।

“बस 10 मिनट में आ रही हूँ।” ग्रीष्मा ने कहा और कॉल कट कर दिया।

ध्रुव उससे बात करके अपना फ़ोन रख ही रहा था कि तभी उसके पास एक कॉल आया।

“लेकिन इतनी रात को? मैंने उसे कल आने का बोला था ना।” ध्रुव की बातों से नाराज़गी झलक रही थी।

“हाँ सर, लेकिन गुजरात और राजस्थान का रास्ता काफ़ी दूर है। चली तो वह दिन में ही थी, लेकिन पहुँचते-पहुँचते रात हो गई। फिर आप के सेक्रेटरी से पता चला कि आप उम्मेद भवन पैलेस आए हुए हैं, तो मैंने उसे भी वहीं जाने का बोल दिया।” सामने कॉल पर किसी लड़की की आवाज़ आई।

“अच्छा ठीक है। मैं देख लूँगा। लेकिन आपने उसे उसका काम समझा तो दिया है ना?” ध्रुव थोड़ा इरिटेट होकर बोला।

“जी सर... वह 24 घंटे आपके साथ रहेगी। शादी में आपकी शॉपिंग से लेकर हर एक चीज़ का ध्यान रखेगी।” लड़की ने कहा।

ध्रुव ने उसकी बात पर हामी भरी और कॉल कट कर दिया। ध्रुव अभी भी ग्रीष्मा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था, लेकिन साथ ही उस कॉल की वजह से वह थोड़ा परेशान भी हो गया था।

ध्रुव वहाँ से बाहर जाने के लिए निकला, कि तभी जल्दबाज़ी में किसी से टकरा गया। उसने देखा, सामने एक लड़की खड़ी थी, जिसने ब्लू जीन्स पर लंबा सफ़ेद कुर्ता पहना था और गले में कलरफ़ुल स्कार्फ़ डाल रखा था। उसके कानों में लंबे झुमके थे, जो किसी मेले से खरीदे हुए लग रहे थे। लड़की दिखने में गोरी, लगभग 5 फ़ीट 4 इंच लंबी और पतली थी। वह लगभग 23 साल के आसपास थी। उसके हल्के घुँघराले बाल कमर तक छू रहे थे। बिना मेकअप और नॉर्मल सी ड्रेस में भी वह बहुत खूबसूरत लग रही थी।

हड़बड़ाहट में हुई इस गलती की ध्रुव माफ़ी माँग पाता, उससे पहले लड़की ने उसका सिर पकड़ा और अपने सिर से एक बार फिर से जोर से भिड़ा दिया।

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