Unknown wife of billionaire - Chapter 3
Unknown wife Of Billionaireइशिका सिंघानिया मेंशन आई हुई थी, जहां उसने अपनी शादी के बारे में अपने डैड मिस्टर आदर्श सिंघानिया को बताया। उन्होंने फॉर्मेलिटी के लिए इशिका से उसका मैरिज सर्टिफिकेट मांग लिया। उसके अलावा आदर्श को इशिका से कोई खास लगाव नहीं था। सालों से वो दोनों मिले तक नहीं थे।
आदर्श सिंघानिया थोड़े नर्वस नजर आ रहे थे और हल्के परेशान भी। उनकी परेशानी का कारण आयशा ने पूछा तो उन्होंने अभिमन्यु राजवंश का नाम दिया। उनके मुंह से अभिमन्यु राजवंश का नाम सुनकर इशिका गौर से उनकी बातें सुनने लगी। ये वही शख्स था, जिसकी शादी इशिका के साथ पहले से रजिस्टर्ड थी।
आयशा ने हैरानी जताते हुए कहा, “अभिमन्यु राजवंश? और ये कौन है? मैंने कभी इनका नाम नहीं सुना? ना ही नक्ष के मुंह से और ना ही किसी भी राजवंश फैमिली के मुंह से।”
आदर्श ने गहरी सांस लेकर कहा, “नाम तो तब सुनोगी ना, जब वो राजवंश फैमिली के साथ मुंबई में रहेंगे। एक्चुअली अभिमन्यु राजवंश नक्ष के चाचा है। रिश्ते में भले ही वो नक्ष से बड़े हो, लेकिन उम्र में 1 साल का ही फर्क है।”
“हां तो आने दीजिए। क्या फर्क पड़ता है? इसमें इतना नर्वस होने जैसा कुछ नहीं है। मालविका ने बेपरवाही से कहा।
उसकी बात पर आयशा ने भी सहमति जताई, तभी आदर्श ने सिर हिला कर कहा, “नर्वस इसलिए हो रहा हूं क्योंकि हमारा अगला प्रोजेक्ट राजवंश एंपायर्स के साथ होने जा रहा है।पूरे राजवंश एंपायर्स की सारी पावर्स अभिमन्यु राजवंश के पास ही है।”
जैसे ही मालविका और आयशा ने ये सुना तो वो दोनों हैरान रह गई। मालविका ने झट से कहा, “लेकिन नक्ष तो इकलौता बेटा है इस जेनरेशन का, फिर अभिमन्यु के पास सारी पॉवर्स कैसे हो सकती है।”
“हां सबको यही लगता है। राजवंश फैमिली को भी यही लगा था कि सारी प्रॉपर्टी इस जनरेशन में नक्ष के पास जाएगी और वही कंपनी का प्रेसिडेंट बनेगा लेकिन अभिमन्यु भी यंग है। उससे पहले अभिमन्यु का हक बनता है और अभी तक सब कुछ अभिमन्यु के पास ही है। दोनो भाइयों में प्रॉपर्टी का बराबर बंटवारा हुआ था, लेकिन नक्ष के डैड का बिजनेस नुकसान में गया तो अभिमन्यु ने ही सब संभाला था और उसके बाद सब उसी का है। सारे इंर्पोटेंट डिसीजन वही लेता है।” आदर्श सिंघानिया ने बताया।
उनकी बातें सुनकर इशिका को इतना तो पता चल गया था कि उसकी शादी किसी आम इंसान से नहीं हुई थी। जिस राजवंश फैमिली में पैसे के चलते उसकी मां मालविका ने उसका रिश्ता नक्ष के साथ नहीं होने दिया था, वहीं अब अनजाने में राजवंश खानदान की बहू बन चुकी थी। वो भी उस शख्स की पत्नी, जिसके पास पूरे राजवंश एंपायर की बागडोर थी।
मालविका के चेहरे पर अफसोस के भाव थे। वो धीरे से बोली, “मुझे लगा था नक्ष के पास ही सब कुछ है। क्या ऐसा नहीं हो सकता अभिमन्यु और आयशा की शादी करवा दी जाए?
मालविका के कहते ही आयशा ने भी उम्मीद भरी नजरों से उनकी तरफ देखा। आदर्श ने जवाब में कहा, “चाहता तो मैं भी यही था लेकिन मिस्टर अभिमन्यु सिंघानिया शादीशुदा है।
“तब तो उनकी पत्नी बहुत किस्मत वाली होगी। क्या वो यहां आज अपनी पत्नी के साथ आने वाले हैं? मालविका ने झट से पूछा।
“नहीं, उनकी पत्नी को कहीं बाहर जाना पसंद नहीं है। उन्हें कभी एक साथ नहीं देखा गया। मिस्टर अभिमन्यु राजवंश खुद अब ही इंडिया आए हैं। पहले वो लंदन से ही सारा बिजनेस संभाल रहे थे, तभी शायद लोगों को गलतफहमी हो गई कि राजवंश एंपायर्स का असली मालिक नक्ष राजवंश है।” आदर्श ने उन्हें सब बताते हुए कहा।
वो आपस में बातें कर ही रहे थे तभी एक हाउस हेल्पर आया और उसने दरवाजे पर से ही नजरे झुका कर हल्की तेज आवाज में बोला, “सर राजवंश फैमिली यहां पहुंचने वाली है, लगभग 15 मिनट में...”
“अच्छा ठीक है मैं आता हूं और सारे अरेंजमेंट देख लेता हूं।” आदर्श ने जवाब दिया और फिर वहां से जाने को हुआ, तभी उसकी नजर इशिका की तरफ गई। उसने इशिका की तरफ देखकर हल्के नरम लहजे में कहा, “हालांकि तुमने कोई अच्छा काम नहीं किया है, फिर भी इतने सालों बाद घर पर आई ही हो तो इस सेलिब्रेशन को इंजॉय करो। बेहतर होगा कि तुम उनके सामने अपने पति और शादी का जिक्र ना करो।”
इशिका ने हां में सिर हिलाया। आदर्श वहां से चले गए थे। उनके जाते ही मालविका ने आयशा की तरफ देखकर कहा, “अगर कंपनी का मालिक खुद यहां तक चल कर आ रहा है तो तुम्हारी ज्वेलरी इस हिसाब से बिल्कुल सही नहीं है। किसी भी मामले में हम कम नहीं लगने चाहिए।”
इतना कहने के बाद मालविका आयशा की ज्वेलरी चेंज करने लगी जबकि इशिका वहां चुपचाप खड़ी वो तमाशा देख रही थी।
तैयार होते हुए आयशा की नजर इशिका की तरफ गई तो वो पूरे एटीट्यूट से बोली, “तुम यहां खड़ी कुछ कर तो रही नहीं, ऐसा करो मेरे लिए एक गिलास फ्रेश लेमन जूस लेकर आओ।”
इशिका ने कुछ नहीं कहा और वहां से जाने लगी। वैसे भी उसे वहां रहकर अंदर ही अंदर घुटन महसूस हो रही थी। अगर इशिका अपनी मर्जी से जाती तो मालविका उसे ही दो बातें सुनाती कि वो अपनी बहन से जल रही है।
मालविका ने आयशा की ज्वेलरी बदली। तैयार होने के बाद आयशा का सारा ध्यान खुद को देखने में लगा था तो वही मालविका इमोशनल होकर उसकी तरफ देख रही थी।
वो मन ही मन बोली, “तुम ये सब डिजर्व करती हो मेरी जान...मेरी बेटी। अपनी बेटी पर मैं नाजायज होने का ठप्पा लगने भी कैसे दे सकती थी.. आज अगर वो राधिका मर्चेंट नहीं होती तो मैं और आदर्श की शादी कर चुके होते। किस्मत अच्छी थी जो मैंने डॉक्टर से बात की और जानबूझकर उसी दिन अपने डिलीवरी करवाई, जिस दिन राधिका अपने बच्चों को जन्म देने वाली थी। वो तो नर्स की मदद से मैंने तुम दोनों को बदल दिया वरना आज जो हालत इशिका की हो रही है, वो मेरी बेटी की होती। नहीं, मेरी बेटी सब कुछ अच्छा डिजर्व करती है। तुम एक अमीर लड़के के साथ शादी करके अच्छी लाइफ बिताओगी।”
मालविका दास एक शातिर औरत थी। बहुत साल पहले जब राधिका की डिलीवरी होने वाली थी तब उसने 15 दिन पहले अपने डिलीवरी करवाई। दोनों ने ही लड़कियों को जन्म दिया था और मालविका ने दोनों बच्चों को आपस में बदल दिया था। उसकी खुद की बेटी आज अच्छी जिंदगी बिता रही थी, जिससे वो काफी प्यार से पेश आती थी।
आयशा भी अपनी मां से ज्यादा मालविका से घुल मिलकर रहती थी। इन सब में सिंघानिया फैमिली की जायज औलाद इशिका सिंघानिया सफर कर रही थी।
वही इशिका नीचे पहुंची वो मन ही मन बड़बड़ा कर बोली, “थैंक गॉड इस नर्क से छुटकारा मिला। कभी-कभी लगता है कि मालविका दास मेरी मां नहीं है, वो आयशा की मां है, जो हमेशा उसकी फ़िक्र करती है। खैर मुझे क्या, मैं अपने साथ जीना और रहना सीख लिया है। उम्मीद है कि आज के बाद मुझे मालविका से कभी ना मिलना पड़े।”
इशिका को भी मालविका कुछ खास पसंद नहीं थी। पसंद करती भी क्यों, आखिर कभी मालविका उसके साथ प्यार से पेश नहीं आई। यहां तक कि वो बचपन में उसे ठीक से खाना तक नहीं देती थी।
इशिका को मजबूरी में सिंघानिया फैमिली के जूठे छोड़े हुए खाने को, जो जानवरों के लिए आता था, उसमें से लेकर खाना खाना पड़ता था। एक दिन उसे ऐसा करते हुए मिस्टर आदर्श सिंघानिया की रियल वाइफ राधिका मर्चेंट ने देख लिया था और तब से वो उसके लिए अलग से खाना भिजवाने लगी। राधिका एक अच्छी औरत थी, जिसने इशिका को कभी मालविका के किए की सजा नहीं दी।
इशिका खोई हुई चल रही थी तभी उसके कानों में किसी के खांसने की आवाज आई। इशिका ने जल्दी से दूसरी तरफ देखा तो वो राधिका थी, आदर्श सिंघानिया की पत्नी।
एक हाउस हेल्पर राधिका को बाहर लेकर आ रहा था। उसने बेबी पिंक कलर का सिंपल ड्रेस पहना हुआ था। एक दुबली पतली खूबसूरत महिला, जो बीमारी में भी अच्छी दिख रही थी।
हाउस हेल्पर उसे संभालते हुए बोली, “मैडम आप रहने दीजिए। आपकी तबीयत ठीक नहीं है। वो आपसे मिलने के लिए आपके कमरे में ही आ जाएंगे।”
“नहीं, मैं ठीक हूं। अपनी बेटी के इतने खास मौके को मिस नहीं कर सकती।” इतना कहकर राधिका बाहर की तरफ बढ़ने लगी, जिसमें हाउस हेल्पर उनकी मदद कर रहा था।
इशिका ने उन्हें देखकर हल्की सी मुस्कुराहट दी। वो धीरे से बोली, “राधिका आंटी को अचानक हो क्या गया, जो वो इतना बीमार हो गई। अच्छे लोगों के साथ हमेशा बुरा क्यों होता है।” इशिका को अपनी मां मालविका से ज्यादा राधिका से लगाव था।
इशिका उनकी तरफ देख रही थी तभी बाहर सभी हाउस हेल्पर जाने लगे। वो समझ गई थी राजवंश फैमिली आ गई है। इशिका ने भी अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ा दिए, आखिर उसे अपने अननोन हसबैंड को जो देखना था।
इशिका ने थोड़ा दूर से देखा। एक बड़ी सी ब्लैक लग्जीरियस गाड़ी वहां आकर रूकी। उसमें से एक शख्स निकला, जिसे काफी सारे गार्ड्स ने घेर रखा था।
इशिका ने दूर से उसकी तरफ देखा और मन ही मन बड़बड़ा कर बोली, “तो तुम हो अभिमन्यु राजवंश।”
इशिका दूर से उसकी तरफ देख रही थी। वो उस ब्लैक एंड व्हाइट फोटो में इतना अट्रैक्टिव लग रहा था, तो रियल में हैंडसम लगना ही था। लगभग 5 फुट 11 इंच हाइट, परफेक्ट मस्कुलर बॉडी, गोरा रंग, गहरी काली आंखें और ब्रांडेड नेवी ब्लू सूट में वो बिल्कुल किसी प्रिंस की तरह लग रहा था।
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कैसी होगी इशिका और अभिमन्यु की पहली मुलाकात? क्या अभिमन्यु इशिका के सामने इस सच को कबूल करेगा कि वो उसकी पत्नी है या इशिका उसे अपनी सच्चाई बता पायेगी?