Unknown wife of billionaire - Chapter 8
Unknown wife Of Billionaireइशिका सुबह-सुबह उठी थी और अपना रूटीन फॉलो करने जा ही रही थी कि उसे उसकी यूनिवर्सिटी से उसके प्रोफेसर का मैसेज आया। उन्होंने अर्जेंटली इशिका को यूनिवर्सिटी बुलाया था।
इशिका सब कुछ छोड़कर तुरंत यूनिवर्सिटी पहुंची। वो जैसे ही प्रोफेसर मिलर के केबिन में गई, सामने मालविका और आयशा को देखकर इशिका समझ गई थी कि ये दोनों जरूर कोई गड़बड़ करने वहां आई होगी।
इशिका धीमे कदमों से चलकर अंदर आई और प्रोफेसर मिलर को गुड मॉर्निंग विश किया। प्रोफेसर ने गहरी सांस लेकर उसकी तरफ देखा और कहा, “इशिका तुम्हें पोस्ट ग्रैजुएशन करने के लिए जो भी रिकमेंडेशन मिली थी, उसे यूनिवर्सिटी द्वारा रद्द किया जा रहा है। तुम आगे यहां स्टडी नहीं कर सकती।”
जैसे ही इशिका ने सुना उसकी आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। उसने झट से पूछा, “लेकिन क्यों सर? मैं तो अपना काम अच्छे से कर रही थी।”
अचानक इशिका की नजर में आयशा पर गई। वो उसकी क्लासमेट थी। उसका वहां होना नॉर्मल था पर मालविका वहां क्या कर रही थी।
इशिका और आयशा पहले क्लासमेट नहीं थी। इशिका ने अपने मास्टर्स के लिए उस सब्जेक्ट को चुना, जो ज्यादा फेमस नहीं था। उसका फील्ड न्यू एनर्जी था। इशिका को ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती और उनसे छुप कर अपनी कंपनी एस्टेब्लिश की थी। अगर वो स्टडी को टाइम देती, तो कंपनी को टाइम नहीं दे पाती इसलिए इशिका ने पढ़ाई पर ज्यादा मेहनत नहीं की जबकि आयशा स्टडी में अच्छी थी।
अचानक आयशा ने अपना सब्जेक्ट चेंज कर लिया क्योंकि इशिका ने एनर्जी और पावर को अपना मैन सब्जेक्ट चुना था। प्रेजेंट टाइम में उसकी इंपॉर्टेंस बढ़ गई थी तो आयशा ने भी अपना कैरियर उसी में बनाने का सोचा।
इशिका सोच ही रही थी तभी प्रोफेसर की आवाज से उसका ध्यान टूटा। प्रोफेसर ने कहा, “ये मेरी वजह से नहीं तुम्हारी मॉम की वजह से हैं। वो चाहती है कि तुम यहां आगे स्टडी ना करो। उनके हिसाब से तुम यहां पढ़ने के लायक नहीं हो।”
प्रोफेसर इशिका को अच्छे से जानते थे। वो कुछ पल रुक कर बोले, “अगर आप दोनों के बीच में कोई गलतफहमी हो गई है तो बात करके सॉर्ट आउट कर लो। मैं नहीं चाहता कि तुम एक छोटी सी गलतफहमी के चलते अपने फ्यूचर के साथ कोई भी खिलवाड़ करो। यू नो व्हाट आई मीन इशिका... यू आर ए ब्राइट स्टूडेंट।”
प्रोफेसर मिलर के मुंह से इशिका की तारीफ सुनना आयशा को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वो तुरंत बीच में इंटरप्ट करते हुए बोली, “प्रोफेसर मुझे नहीं लगता कि आपको कुछ भी कहने की जरूरत है। इशिका की मॉम उसकी भलाई अच्छे से जानती है और आपसे बेहतर उसके बिहेवियर को भी। इट वुड बी बेटर कि आप फैमिली मैटर में इंटरफेयर ना करें।”
इशिका को समझ नहीं आ रहा था आखिर वहां चल क्या रहा था। अचानक मालविका और इशिका का उसके कॉलेज आना और फिर उसी के यूनिवर्सिटी से उसे एक्सपेल करवाना, ये सब काफी चौंकाने वाला था।
इशिका सवालिया नजरों से मालविका और आयशा की तरफ देख रही थी तभी आयशा बोली, “तुमने मिस्टर राजवंश के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया है। वो तुम्हें अपने आसपास भी नहीं देखना चाहते हैं। अब तुम समझ सकती हो कि तुम्हें यहां से क्यों निकाला जा रहा है।”
इशिका समझ नहीं पा रही थी कि वो कौन से मिस्टर राजवंश की बात कर रही है, अभिमन्यु या नक्ष? वो धीरे से बड़बड़ा कर बोली, “नक्ष को मुझसे प्रॉब्लम होती तो वो पहले ही कॉलेज से एक्सपेल करवा चुका होता। ये जरूर अभिमन्यु का काम है लेकिन वो इतना नाराज नहीं लग रहा था कि मुझे एक्सपेल तक करवा दे। उसने तो ठीक से मेरी बात तक नहीं सुनी और ना ही जवाब दिया।”
इशिका परेशान हो गई थी। वो आगे कुछ बोलती उससे पहले आयशा ने अपने बैग से एक एनवेलप निकाला और इशिका को थमाते हुए कहा, “डैड नहीं चाहते कि तुम अब और यहां पर रहो। पहले भी तुम्हारी वजह से उन्हें काफी इंसल्ट फेस करनी पड़ती है। ऊपर से कल तो तुमने हद ही कर दी थी इशिका.. हमारी मुश्किल आसान करो और यहां से हमेशा के लिए चली जाओ। अगर तुम यहां पर रही तो राजवंश फैमिली से सिंघानिया फैमिली बार-बार तुम्हें बचा नहीं पाएगा।”
“सही है..!” इशिका बिल्कुल धीमी आवाज में खुद से बोली, “सिंघानिया फैमिली ने हमेशा मुझे गैर ही समझा है। वो यही चाहते है मैं उनकी फैमिली से दूर रहूं। उनसे दूर ही रहती हूं फिर ये करने की क्या जरूरत पड़ गई।”
इशिका आगे कुछ कहती उससे पहले आयशा ने जबरदस्ती उसके हाथ में प्लेन का टिकट पकड़ा दिया था। इशिका ने उसे चेक किया तो वो अर्जेंटीना का टिकट था, जो इंडिया से तो काफी ज्यादा दूर था।
इशिका ने गुस्से से आयशा को देखा और टिकट वापस उसे देते हुए कहा, “इसकी कोई जरूरत नहीं है।”
“ठीक है, मैं तुम्हारी प्रॉब्लम समझ सकती हूं। एक दूर देश में तुम सिर्फ एक टिकट के भरोसे नहीं जा सकती हो। मेरे अकाउंट में कुछ पैसे हैं। मैं ट्रांसफर कर दूंगी। जब तक तुम्हें कोई अच्छी जॉब नहीं मिल जाती, मैं तुम्हे पॉकेट मनी देती रहूंगी।” आयशा ने प्राउड के साथ जवाब दिया। उसने अपना मोबाइल उठाया और पैसे ट्रांसफर करने ही वाली थी कि मालविका ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“ये क्या कर रही हो तुम? इसे प्लेन का टिकट मिल तो गया है। वहां जाकर कोई जॉब ढूंढ लेगी। मैंने सुना है विदेश में आप पार्ट टाइम काम करते हो तो सैलरी उसी टाइम मिल जाती है।” मालविका ने आयशा को पैसे भेजने से रोक दिया था।
उसके बाद उसने इशिका की तरफ देखकर सख्ती से कहा, “यूनिवर्सिटी में से तुम्हारा नाम हटा दिया जाएगा। वैसे भी तुम्हारे ग्रेड्स इतने अच्छे नहीं है कि तुम्हें आगे पढ़ने की जरूरत पड़े। तुम जॉब करके पैसे कमाओ, वही सही रहेगा। अपना सामान पैक करो और अर्जेंटीना के लिए निकलो।”
“और आपको मेरे डिसीजन लेने का हक किसने दिया?” इशिका ने गुस्से से कहा।
“ये भी कोई पूछने की बात हुई? मैं तुम्हारी मां हूं और मेरे तुम्हें जन्म दिया है। अब क्या अपनी मां से तुम ऐसे बात करोगी? मैंने कहा ना, बाहर जाओ और पैसे कमाओ। पढ़ना लिखना तुम्हारे बस की बात नहीं है।” मालविका भौहें उठाकर बोली।
मालविका को यही लगता था कि इशिका पढ़ाई में काफी कमजोर है। जबकि ये सच नहीं था।
प्रोफेसर मिलर ने उनकी बात काटते हुए बोले, “मैडम आपको शायद कोई गलतफहमी हुई है। हमारे यहां यूनिवर्सिटी में ऐसे ही एडमिशन नहीं मिलता। इशिका के ग्रेड...।”
मालविका ने तुरंत उनकी बात बीच में काटते हुए कहा, “आपको उसका फेवर करने की जरूरत नहीं है प्रोफेसर। वो मेरी बेटी है मैं अच्छे से जानती हूं। ये यहां से पोस्ट ग्रेजुएट इसलिए हो रही है ताकि आयशा की बराबरी कर सके, जबकि इसे अच्छे से पता है आयशा और इसमें जमीन आसमान का फर्क है।”
प्रोफेसर समझ गए थे कि मालविका उसकी नहीं सुनने वाली हैं। फिर उन्होंने गहरी सांस ली और आयशा से कहा, “मैंने सुना है कि तुमने इस सेमेस्टर में अपना सब्जेक्ट चेंज किया है। तुम्हें पता है ना, मास्टर्स करने के लिए एक हाई रिकमेंडेशन की जरूरत पड़ती है। उसके बिना मैं तुम्हें आगे कंटिन्यू करने नहीं दूंगा।”
“उसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। मेरे पास पहले से ही रिकमेंडेशन लेटर है।” आयशा ने मुस्कुरा कर कहा।
ओशियन यूनिवर्सिटी में यही होता था कि कोई प्रोफेसर या रिसर्चर अगर किसी स्टूडेंट को रिकमेंड करता था, तभी वो वहां पोस्ट ग्रेजुएशन कर पाता था। जहां तक उन्हें पता था, आयशा का रिकमेंडेशन किसी के द्वारा नहीं हुआ था।
“क्या मैं जान सकता हूं तुम्हें किसका रिकमेंडेशन मिला है?” प्रोफेसर ने सख्ती से पूछा।
आयशा ने सिर हिला कर कहा, “हां क्यों नहीं... मुझे डॉक्टर मर्चेंट का रिकमेंडेशन मिला है। डॉक्टर मर्चेंट कौन है आप तो जानते ही है ना? उनका हाइड्रोजन फ्यूल पर जो रिसर्च था, वो सक्सेसफुल रहा है। पिछले दिनों उन्होंने अपने किसी रिसर्च के लिए पेटेंट भी अप्लाई किया है। उनकी खुद की कंपनी है। और बताना काफी है या और बताऊं?”
इन सब के बीच इशिका हैरानी से आयशा की तरफ देख रही थी। डॉक्टर मर्चेंट को कोई और पहचाने या ना पहचाने, वो अच्छे से जानती थी कि वही डॉक्टर मर्चेंट है। फिर आयशा ने ये क्यों कहा कि उसे डॉक्टर मर्चेंट की तरफ से रिकमेंडेशन मिला है, जबकि उसने तो ऐसा कुछ नहीं किया था।
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ओके इशिका की एक सेकंड आईडी है। अब तक आपको पता चल चुका होगा कि वही डॉक्टर मर्चेंट है। आगे आगे आपको सब पता चल जाएगा, बस कहानी के साथ बने रहिए। मिलते हैं अगले पार्ट में।