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Chapter 6

Unknown wife of billionaire - Chapter 6

Unknown wife Of Billionaire

इशिका इस वक्त अपनी स्कूटी पर थी और वो अभिमन्यु राजवंश का पीछा कर रही थी। ट्रैफिक की वजह से अभिमन्यु आगे निकल चुका था, जबकि इशिका पीछे रह गई।

इशिका को अब खुद पर पछतावा हो रहा था क्योंकि उसने अभिमन्यु की गाड़ी को खो दिया था। उसने गहरी सांस लेकर कहा, “मैंने जल्दबाजी दिखा दी। मुझे आराम से पूछना चाहिए था। क्या जरूरत थी उसे सीधे-सीधे जाकर डार्लिंग कहने की?”

इशिका ने अब अभिमन्यु के पीछे जाने के बजाय अपनी स्कूटी घुमा ली। वो थोड़ी ही आगे पहुंची होगी कि उसके पास एक कॉल आया।

स्क्रीन पर दिशांक राठौर का नाम फ्लैश हो रहा था। इशिका ने अपने चेहरे के भाव सख्त किए और कॉल रिसीव किया।

सामने से दिशांक की धीमी आवाज आई और वो बोला, “मैम कुछ लोग डॉक्टर मर्चेंट के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।”

दिशांक की बात सुनकर इशिका ने इधर-उधर देखते हुए धीरे से पूछा, “तो क्या उन्हें पता चल गया?”

“अरे नहीं, मैंने बस अवेयर करने के लिए कॉल किया था।” दिशांक ने जवाब दिया। वो लगभग 28 साल के आसपास था, जिसके कर्ली हेयर थे। दिखने में हैंडसम और ज्यादा बोलने वाला लड़का। कुछ पल रुक कर वो हल्के तरीके से आगे बोला, “वैसे कोई कितना भी पता लगाने की कोशिश कर ले लेकिन ये आइडिया किसी को नहीं होगा, वो जिस डॉक्टर मर्चेंट को ढूंढ रहे हैं वो तो एक सीधी साधी कॉलेज स्टूडेंट है, जिसकी अभी-अभी ग्रेजुएशन पूरी हुई है और वो पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही है। सबको यही लगता होगा कि हाइड्रोजन फ्यूल पर जो इतनी बड़ी रिसर्च हो रही थी, उसके इशू को एक 22 साल की कॉलेज स्टूडेंट ने सॉल्व किया है। नाम सुनकर ऐसे लगता होगा कि कोई बड़ा बुजुर्ग एक्सपीरियंस्ड इंसान होगा। वो तो ये तक नहीं जानते कि वो आदमी है या औरत। बस एक नाम है डॉक्टर मर्चेंट और वो डॉक्टर मर्चेंट...”

दिशांक लगातार बोले जा रहा था। उसकी बकबक से इरिटेट होकर इशिका ने उसकी बात बीच में काटते हुए कहा, “कुछ और?”

दिशांक समझ गया था कि उसकी बॉस को उसका बढ़ा चढ़ा कर उसकी तारीफ करना पसंद नहीं आ रहा था। दिशांक ने अपने चेहरे के एक्सप्रेशंस को नॉर्मल किया और कहा, “हां, मैंने अभिमन्यु राजवंश के बारे में पता लगा लिया है।”

इशिका थोड़ा बहुत अभिमन्यु के बारे में जान चुकी थी, फिर भी वो दिशांक से बोली, “ठीक है बताओ, तुमने उसके बारे में क्या पता लगाया है।”

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दिशांक के हाथ में एक फाइल थी। उसने जल्दी से उसे खोला और उसमें से देखते हुए बोला, “अभिमन्यु राजवंश प्रशांत राजवंश का छोटा बेटा है। हां उम्र काफी कम है क्योंकि वो बहुत बाद में पैदा हुआ था। इतना बाद में कि उसके बड़े भाई की शादी तक हो चुकी थी। बचपन से ही काफी एरोगेंट और जिद्दी होने की वजह से उसे बाहर पढ़ने के लिए भेज दिया गया था। सुना है एक वक्त में राजवंश एम्पायर के ज्यादातर शेयर्स उसके पास है। कंपनी और फैमिली का हेड वही है। उसे यहां आए हुए लगभग 35 दिन ही बीते होंगे। अब वो लन्दन से काम संभालने के बजाय यही रह रहा है। इन 35 दिनों में उसने कंपनी के 50 एम्प्लोइज को काम से निकाल दिया है, काफी रूड और एरोगेंट है।”

दिशांक ने अभिमन्यु के बारे में जो भी जानकारी जुटाई थी, वो इशिका को बता दी। इशिका चुपचाप उसकी बातें सुन रही थी। कुछ बातें वो पहले से जानती थी तो कुछ उसे दिशांक से पता चली थी।

इशिका को चुप देखकर दिशांक फिर बोला, “वैसे बुरा मत मानना लेकिन आपको एक फेक शादी करने के लिए ऐसा ही रूड और एरोगेंट इंसान ही मिला था क्या? वैसे भी ये एक फेक शादी है, अगर किसी को पता चला तो हमारी कंपनी के शेयर्स पर बुरा असर पड़ेगा।”

दिशांक का कहना सही था। उसकी बातें सुनकर इशिका के चेहरे पर परेशानी के भाव थे। उसने गहरी सांस लेकर शांत लहजे में कहा, “ठीक है ऐसा करो कि उसके शेड्यूल और बाकी इनफॉरमेशन को कलेक्ट करो। मुझे उससे फिर से मिलना होगा।”

दिशांक ने उसकी बात पर हामी भरी तो फिर इशिका ने कॉल कट कर दिया था। कहीं ना कहीं अब इशिका को भी अपने फैसले पर अफसोस हो रहा था कि उसने मालविका की ऐसी बेफिजूल की बात को माना ही क्यों।

इशिका ने सिर पकड़ कर कहा, “मुझे उस औरत की बातों में आना ही नहीं चाहिए था जबकि मैं उससे सारे रिश्ते तोड़ चुकी हूं। अगर गलती से भी ये बात सामने आ गई कि मैं अभिमन्यु राजवंश की वाइफ हूं तो बात मेरी कंपनी की रेपुटेशन पर आ सकती है। नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। अभिमन्यु राजवंश जैसे इंसान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उसने तो इस शादी तक को झुठला दिया है। पहले उसके मुंह से सच एक्सेप्ट करवाना होगा और फिर जल्द से जल्द मुझे उससे पीछा छुड़ाना होगा।” बोलते हुए वो कुछ पल रुकी और फिर खुद को सख्त करके बोली, “डिवोर्स... हां मुझे उससे डिवोर्स लेना होगा।”

इशिका वापस अभिमन्यु से मिलना चाहती थी पर ये उसके लिए आसान नहीं था। वो पूरे टाइम गार्ड से घिरा रहता था, ऊपर से पिछली बार इशिका ने बातचीत की शुरुआत करने में ही गड़बड़ कर दी थी। उसने सीधा उसे डार्लिंग कहकर बुलाया था। शायद इस वजह से उसका उस पर इंप्रेशन काफी गलत पहुंचा था।

इशिका ने हल्की सी आह भरी और कहा, “ओह..कितना भी मुश्किल क्यों ना हो, उससे मिलना ही होगा।”

इशिका ने अपनी स्कूटी स्टार्ट की और फिर वहां से निकल गई। वो शहर के भीड़भाड़ भरे इलाके को छोड़कर गोवा के आउटर एरिया में पहुंच चुकी थी, जहां ज्यादा भीड़भाड़ नहीं थी और गांव टाइप का एरिया था।

इशिका अभिमन्यु की वजह से परेशान थी इसलिए उसका सामने की तरफ ध्यान नहीं था। अचानक उसके सामने एक लगभग 90 साल की औरत आई, जो उसकी स्कूटी से टकराकर गिरने की वाली थी कि इशिका ने सही वक्त पर ब्रेक लगा दिया था।

वो 90 साल की औरत अजीब तरीके से मुस्कुराते हुए उसकी तरफ देख रही थी।

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उसके इस तरह मुस्कुराने पर इशिका ने धीरे से बड़बड़ा कर कहा, “अजीब मुसीबत है। पिछली बार भी एक औरत मेरी स्कूटी से टकराने वाली थी और मुझसे एक्सीडेंट बोलकर पैसे ऐंठने वाली थी। ये गोवा में इतने फ्रॉडस्टर्स बढ़ गए हैं।”

इशिका ने उस औरत को भी वैसा ही समझा और उतर के उसके पास गई लेकिन फिर उसने उसकी तरफ गौर से देखा। वो पिछली औरत से पूरी तरह अलग थी। वो लगभग 90 साल की थी और उस उम्र में भी उसके चेहरे पर एक एलिगेंस था। उसने महंगे कपड़े और रियल ज्वेलरी पहनी हुई थी।

अचानक इशिका की नजर उस औरत के साइड में लगे एक टैग पर गई। इशिका ने उसे गौर से पढ़ा, “अगर ये महिला आपको कहीं भी मिले, तो प्लीज आप इस नंबर पर कॉल करके हमें इनफार्मेशन दे। इन्हें भूलने की बीमारी है।”

उसे पढ़ते ही इशिका ने उस औरत की तरफ देखकर धीरे से कहा, “ओह तो इन्हें अल्जाइमर है। शायद इसी वजह से ये गलती से यहां पर आ गई।”

इशिका ने अपना मोबाइल निकाला और उन नंबर पर कॉल करने लगी तभी उसे बूढी औरत ने जल्दी से उसका हाथ पकड़ दिया। वो इशिका को देखकर उसकी आंखों में चमक आ गई। वो जल्दी से बोली, “तुम...तुम मेरी बहू हो ना? मेरे.. मेरे पोते की पत्नी हो तुम।”

उनके अचानक हाथ पकड़ने पर इशिका घबरा गई थी पर जैसे ही उन्होंने इशिका को अपनी बहू कहा तो अचानक इशिका हंस पड़ी।

वो सिर्फ 22 साल की थी, जिसकी दो ही दिन में दुनिया बदल गई थी। पहले तो उसकी मां ने उसे शादी करने के लिए फोर्स किया। उनकी बात मानते हुए इशिका ने फेक शादी करने का सोचा तो वो सच में एक अजीब और अनजान इंसान के साथ शादी के बंधन में बंध गई थी, ऊपर से अब एक औरत आकार उसे अपनी बहू बोल रही थी।

इशिका ने गहरी सांस ली और हंसते हुए धीरे से कहा, “लगता है आजकल पति फ्री में बेचे जा रहे हैं। सॉरी टू से दादी पर ऑलरेडी एक बंदा मेरे गले पड़ चुका है तो दूसरा मुझे नहीं चाहिए।”

इशिका ने इसे काफी हल्के में लिया। वो परेशान थी लेकिन वो अनजान मिली दादी की वजह से उसका मूड ठीक हो चुका था।

इशिका ने उनका हाथ पकड़ा और मुस्कुरा कर पूछा, “अच्छा ठीक है दादी पर आपके पोते का नाम तो बताइए। मुझे भी तो अपने नए पति का नाम चले।”

उन्हें भूलने की बीमारी थी, इस वजह से वो ठीक से याद नहीं कर पा रही थी। उसने अपने सिर को पकड़ा और धीरे से बड़बड़ा कर कहा, “अभिमन्यु... अभिमन्यु.. अभि.. मन्यु नाम है मेरे पोते का। तुम्हारे पति का नाम अभिमन्यु है।”

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