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Chapter 19

Unknown wife of billionaire - Chapter 19

Unknown wife Of Billionaire

इशिका को वहां पर देखकर नक्ष अपने होश को बैठा था। वो उसे अपने पास आने के लिए फोर्स कर रहा था। नक्ष चाहता था कि इशिका शादी के बाद भी उसकी मिस्ट्रेस बन कर रहे। ये बात इशिका को अच्छी नहीं लगी तो उसने नक्ष के गाल पर कसकर तमाचा लगा दिया।

इशिका आगे कुछ कहना नहीं चाहती थी क्योंकि उसकी नजर पीछे खड़े अभिमन्यु पर चली गई थी। वही नक्ष अपने गाल पर हाथ रखकर जलती हुई निगाहों से इशिका को देख रहा था।

इशिका के थप्पड़ मारने के बाद भी नक्ष पर कोई असर नहीं हुआ। वो उसी बेशर्मी से बोला, “एक बार फिर सोच लो। मेरे साथ आने में ही तुम्हारी भलाई है। पूरे गोवा में कोई तुम्हें काम नहीं देगा और ना ही कोई तुमसे शादी करेगा। तुम्हारा वो नया बॉयफ्रेंड भी तुम्हें छोड़कर चला जाएगा। ऐसे में सिर्फ मैं ही हूं, जो तुम्हारी लाइफ को थोड़ा बेहतर बना सकता हूं। तुम्हारा पुराना दोस्त हूं। मेरे दिल में तुम्हारे लिए फिलिंग्स भी थी... अब सोच लो तुम्हें क्या करना है?” नक्ष को अभी इशिका की झूठी शादी के बारे में कोई खबर नहीं थी।

इशिका ने गहरी सांस ली और जोर से चिल्ला कर बोली, “गेट आउट नक्ष राजवंश..।”

नक्ष ने कुछ पल उसके चेहरे को घूरा और फिर वहां से चला गया। नक्ष के जाते ही इशिका की नजर फिर से अभिमन्यु और पृथ्वी के ऊपर गई। उन दोनों की नज़रे उन पर ही थी। अभिमन्यु की आंखों में कोई भाव नहीं था।

इशिका उनसे ज्यादा दूर नहीं थी। वो उनकी बातों को आसानी से सुन सकती थी। पृथ्वी ने इशिका को देखकर तरस खाते हुए कहा, “मैं सोच रहा था कि इस लड़की की स्टडी कंप्लीट होने के बाद भी इसने कोई परमानेंट जॉब क्यों नहीं की और ये बार-बार अलग-अलग जगह पर पार्ट टाइम जॉब क्यों करती हैं? तो इन सब का कारण नक्ष था। नक्ष राजवंश ने इसे कहीं काम लगने ही नहीं दिया होगा। आप तो जानते हैं राजवंश फैमिली के खिलाफ जाकर कोई भी किसी अमीर आदमी की नाजायज औलाद को क्यों काम देगा?”

पृथ्वी की बातों से जाहिर था कि उसके दिल में इशिका के लिए दया की भावना पैदा हो रही थी। इशिका उनकी बातें सुनकर हैरान रह गई। इशिका बस अभिमन्यु की तरफ देख रही थी। उसे अभिमन्यु के जवाब का इंतजार था।

पृथ्वी इशिका के पास आया और उसे देखकर धीरे से बोला, “क्या तभी तुम बार-बार मिस्टर अभिमन्यु राजवंश से मिलने की कोशिश कर रही थी? देखो फैमिली में कितने भी डिस्प्यूट क्यों ना हो लेकिन मिस्टर राजवंश कभी भी उनके पर्सनल मामलों में बीच में नहीं बोलते हैं। वो तुम्हारी कोई मदद नहीं कर पाएंगे।”

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पृथ्वी को लगा कि इशिका अभिमन्यु के पास नक्ष की शिकायत लगाने के लिए आती है। इशिका ने हां में सिर हिला दिया। पृथ्वी अभिमन्यु की तरफ पलटा और तेज आवाज में बोला, “सर इसकी हालत बहुत खराब लग रही है। हमें इसकी मदद करनी चाहिए।”

इशिका ने उम्मीद भरी नजरों से अभिमन्यु की तरफ देखा। वो जानना चाहती थी कि अभिमन्यु क्या जवाब देगा।

इशिका मन ही मन बोली, “हां मेरी हालत बहुत बुरी है। प्लीज मेरी हेल्प कर दो और जाकर सिविल अफेयर्स ब्यूरो में चेक करो। मुझे अपनी कंपनी को पब्लिक करना है और इसके लिए तुमसे तलाक होना बहुत जरूरी है। आई होप आज मुझ पर तरस खा कर ही सही, पर तुम मेरी बात सुनोगे मिस्टर राजवंश।”

इशिका उम्मीद से अभिमन्यु की तरफ देखकर उसके जवाब का इंतजार कर रही थी, तभी अभिमन्यु इशिका की आंखों में देखते हुए बिना किसी भाव के बोला, “तुम्हें पता है ना कि मैं उनके पर्सनल मैटर्स में इंटरफेयर नहीं करता हूं। ऊपर से ये लड़की इतनी भी इंपोर्टेंट नहीं है कि इसके लिए मैं राजवंश फैमिली के एक मेंबर से दुश्मनी मोल लूं। ये खुद ही देख लेगी। इतनी भी सीधी नहीं है ये, जितना तुम इस पर तरस खा रहे हो।”

अभिमन्यु को इशिका पर जरा सा भी तरस नहीं आया और वो अपनी बात खत्म करके उसके पास से गुजर गया। इशिका की आंखों में अभिमन्यु के लिए चिढ़ साफ नजर आ रही थी। अभिमन्यु के मना करने के बाद पृथ्वी भी कुछ कर नहीं पाया।

उनके जाते की इशिका ने मन ही मन कहा, “इसके बारे में सब बिल्कुल ठीक कहते हैं। इसके दिल में बिल्कुल भी किसी के लिए फीलिंग नहीं है। इतना सब कुछ देखने के बाद भी इसने नक्ष के खिलाफ कुछ नही कहा। उसका असली चेहरा इसकी आंखों के सामने आ गया, फिर भी ये उसके खिलाफ कुछ नहीं कर रहा। पूरी राजवंश फैमिली ही एक जैसी है... घटिया कहीं के।”

इशिका को इस वक्त बहुत गुस्सा आ रहा था। ऊपर से अभिमन्यु वहां से चला गया।

इशिका वहां से चली गई क्योंकि अब अभिमन्यु वहां नहीं रहा था, तो उसका भी कोई काम नहीं था।

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दूसरी तरफ रात को अभिमन्यु वसुधा के डॉक्टर के साथ इशिका के दिए हुए एड्रेस पर पहुंचा, इस उम्मीद के साथ कि आज तो उसकी इशिका के साथ मुलाकात हो ही जाएगी। अभिमन्यु अपने साथ वसुधा के पर्सनल डॉक्टर को साथ लेकर गया था। उसके हाथ में एक बुके और फ्रूट बास्केट थी।

“आज तो मैं तुमसे मिलकर रहूंगा काइंड किडनैपर। थैंक यू सो मच मेरी दादी का इतना ख्याल रखने के लिए। तुम सच में अलग हो, उस बेवकूफ लड़की से तो बिल्कुल अलग हो, जो बार-बार मेरे सामने आकर मुझे इरिटेट करती रहती है।” अभिमन्यु ने अपने मन में कहा।

दरवाजे की घंटी बजाने से पहले वो कुछ पल सोच रहा था। उसने डॉक्टर की तरफ देखा और फिर इधर-उधर नजरे दौड़ाई। इशिका का घर ज्यादा बड़ा नहीं था पर दिखने में खूबसूरत लग रहा था।

डॉक्टर माथुर ने अभिमन्यु के चेहरे पर नर्वसनेस देखकर कहा, “मिस्टर राजवंश अगर आपको शर्मिंदगी महसूस हो रही है तो मैं अंदर चला जाता हूं। मिसेज राजवंश के प्रॉपर चेकअप के बाद मैं आपको उनकी हेल्थ अपडेट दे दूंगा।

“नहीं, उसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं खुद कर लूंगा।”अभिमन्यु ने ना में सिर हिला कर कहा और फिर डोर बेल बजाई। डोर बेल के बजते ही अंदर से एक जानी पहचानी आवाज आई।

वो वसुधा की आवाज थी। डोर बेल बजते ही वो तेज आवाज में बोली, “आ रही हूं।”

वसुधा दरवाजा खोलने के लिए बाहर की तरफ बढ़ रही थी। इसी के साथ अभिमन्यु के दिल की धड़कनें तेज हो रही थी। ना जाने क्यों इसका कारण वो खुद भी नहीं समझ पा रहा था। शायद उसके दिल में इशिका से मिलने की एक्साइटमेंट थी॥

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अब तो इशिका और अभिमन्यु की मुलाकात अगले पार्ट पर ही होगी। पढ़कर समीक्षा कर दीजिएगा। अगले पार्ट पर मिलते हैं

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