Unknown wife of billionaire - Chapter 16
Unknown wife Of Billionaireइशिका फिर से राजवंश एम्पायर में अभिमन्यु से मिलने के लिए आई हुई थी। इस बार वो उसके कंप्यूटर में आए टेक्निकल इश्यू को ठीक करने के बहाने से आई थी। पृथ्वी के ऑर्डर मिलने की वजह से रिसेप्शनिस्ट ने उसे ऊपर नहीं जाने दिया और इस बात का पता जब अभिमन्यु को लगा तो उसने रिसेप्शनिस्ट को तुरंत जॉब से निकाल दिया था।
रिसेप्शनिस्ट ने कुछ नहीं कहा और अपना सामान समेटने के लिए रिसेप्शन डेस्क की तरफ जाने लगी। वही अभिमन्यु ने इशिका की तरफ देखा, एक मासूम सी दिखने वाली बेहद खूबसूरत लड़की।
अभिमन्यु ने मन ही मन कहा, “बहुत कम उम्र में तुमने सिंघानिया विला छोड़ दिया था। पृथ्वी ने जहां तक तुम्हारे बारे में बताया था, तुमने बहुत स्ट्रगल किया है, लेकिन क्या तुमने अपनी जिंदगी इस तरह अलग-अलग पार्ट टाइम जॉब्स करके बिताई है? तुम्हारी फैमिली ने तुम्हारे लिए कुछ क्यों नहीं किया इशिका सिंघानिया? तुम वाकई काफी अजीब हो लेकिन इतनी भी अजीब नहीं कि तुम्हारे साथ इतना बुरा हो।”
अभिमन्यु अपने ख्यालों में खोया हुआ था, तभी उसने देखा कि इशिका उसी की तरफ ही आ रही थी। इशिका को अपनी तरफ आते देखकर अभिमन्यु ने फिर से अपने चेहरे के भाव सख्त कर लिए थे। कुछ देर पहले उसके मन में इशिका के लिए सॉफ्ट कॉर्नर पैदा हुआ था लेकिन अगले ही पल वो फिर से वही रूड और एरोगेंट अभिमन्यु राजवंश बन चुका था।
इशिका के पास आते ही अभिमन्यु ने भौहें उठाकर पूछा, “अब तो खुश हैं ना आप मिस सिंघानिया? आपकी यहां इंसल्ट हुई है, तो उसके बदले रिसेप्शनिस्ट को उसके काम से निकाला जा चुका है।”
“मैंने आपको ऐसा करने के लिए नहीं कहा था?” इशिका ने सिर हिला कर कहा। इशिका ने बातों ही बातों में सारा ब्लेम उस पर डाल दिया था।
“हां लेकिन आपकी आंखें तो कुछ और ही कह रही थी। खैर जाने दीजिए, उम्मीद है आप जिस काम के लिए आई है, वो अच्छे से करेगी।” अभिमन्यु ने इशिका को घूरते हुए पूछा। उसे देखकर लग नहीं रहा था कि वो किसी कंप्यूटर ग्लिच को सही कर पाएगी। अभिमन्यु खुद से उसे सही करने के लिए काफी मेहनत कर रहा था लेकिन फिर भी उससे नहीं हो पाया।
इशिका ने बिना कुछ कहे हां मे सिर हिला दिया। फिर वो कुछ पल रुक कर अभिमन्यु की आंखों में देखते हुए बोली, “मिस्टर राजवंश क्या आपने सिविल अफेयर्स ब्यूरोक्रेसी में चेक करवाया? आई मीन मैं सच बोल रही हूं ना.... हम दोनों शादीशुदा...”
इशिका क्या कहना चाहती थी, अभिमन्यु समझ गया था। उसकी बात पूरी होने से पहले ही अभिमन्यु ने इशिका की बात बीच में काटकर पृथ्वी से तेज आवाज में कहा, “पृथ्वी इन्हें ऊपर मेरे फ्लोर पर लेकर जाओ और नजर रखना कि ये अपना काम ठीक से कर रही है या नहीं। उम्मीद है कि मुझे इसका चेहरा दोबारा देखने को ना मिले।”
इशिका के बार-बार शादी के बारे में पूछने की वजह से अभिमन्यु इतनी बुरी तरह से चिढ़ गया था कि वो उसका चेहरा तक नहीं देखना चाहता था।
इशिका जवाब में कुछ बोल पाती उससे पहले अभिमन्यु थोड़ा आगे चला गया।
पृथ्वी उसके पास आकर बोला, “चलिए मिस सिंघानिया, आपका जो काम है वो कीजिए, बाकी सब जानते हैं कि आप यहां बार-बार क्यों आती हैं? आप को एक बात क्लियर कर दूं, आप चाहे दिखने में कितने भी खूबसूरत क्यों ना हो लेकिन हमारे बॉस कभी भी आपको उस नजर से नहीं देखेंगे, जैसे आप चाहती हैं। आप जैसी खूबसूरत लड़कियां उनके पास आने की कोशिश करती है, पर कोई फायदा नहीं होता। उम्मीद है आप समझ जाएंगी और अपनी बेइज्जती करवाने के लिए बार-बार यहां नहीं आएंगी।”
पृथ्वी ने इशिका को बड़ा सा लेक्चर सुना दिया और फिर उसे वहां से ले जाने लगा। वहीं दूसरी तरफ अभिमन्यु इस वक्त अपने काइंड किडनैपर को ढूंढ रहा था, जो उसकी दादी का ख्याल रख रही थी। इधर-उधर देखने के बाद भी अभिमन्यु को कोई नहीं दिख तो उसने काइंड किडनैपर को कॉल किया और ठीक उसी वक्त इशिका का मोबाइल बजा।
इशिका ने नोटिस किया अभिमन्यु का कॉल आ रहा है, तो वही लॉबी में जब इशिका का मोबाइल बजा तो अभिमन्यु का ध्यान भी उसकी तरफ चला गया।
अभिमन्यु ने खुद से कहा, “मैंने काइंड किडनैपर को कॉल किया और मिस सिंघानिया का मोबाइल रिंग हुआ? इसका मतलब कहीं दादी इन्हीं के पास तो नहीं है?” सोचते हुए अभिमन्यु ने जल्दी से अपना मोबाइल कान के लगा लिया।
अभिमन्यु वेट कर रहा था कि उसे इशिका की आवाज सुनाई देगी लेकिन उसका नंबर बिजी जा रहा था। इशिका ने कॉल कट कर दिया था। फिर अभिमन्यु की नजर लॉबी में बैठे बाकी लोगों की तरफ गई तो उनमें से काफी लोगों के मोबाइल उसके कान पर लगे हुए थे।
अभिमन्यु ने गहरी सांस लेकर कहा, “मैं भी क्यों इतना सोच रहा हूं। ये सिर्फ एक इत्तेफाक है। एक तो ये लड़की बार-बार मेरे सामने आ जाती है कि मैं इसके बारे में सोचने पर मजबूर हो गया हूं।”
इशिका ने कॉल रिसीव नहीं कर पाई तो उसने अभिमन्यु को मैसेज छोड़ दिया कि वो उसे बाद में बात करेगी।
पृथ्वी ने इशिका को अभिमन्यु के कंप्यूटर के पास छोड़ दिया था। पृथ्वी बाहर चला गया था। वसुधा के बारे में पूछने के लिए इशिका ने दिशांक को कॉल किया।
इशिका ने कॉल पर धीमी आवाज में कहा, “दादी ने तुम्हें परेशान तो नहीं किया ना? आई मीन बीमारी की वजह से वो थोड़ा बेड बिहेव करने लग जाती हैं।”
“नहीं, अब तक तो ठीक है। मैंने उन्हें गेम्स में बिजी कर रखा है।” दिशांक ने मुस्कुरा कर कहा और फिर वसुधा की तरफ देखा, जो उसके टैबलेट में गेम खेल रही थी। फिर दिशांक ने इशिका से पूछा, “अच्छा काफी टाइम बाद आप किसी कंप्यूटर को ठीक करने के काम पर गई है। सब कुछ ठीक तो चल रहा है ना? अभिमन्यु से बात हुई आपकी?”
“अभी कहां? वो तो बात करने के लिए तैयार भी नहीं है।” इशिका ने गहरी सांस लेकर कहा, “तुम मुझे उसके प्राइवेट नंबर अरेंज करवा दो ना ताकि मुझे बार-बार अलग-अलग काम के बहाने से उसके सामने ना आना पड़े। उसके नंबर मिल जाए तो रोज कॉल करके उसे ब्यूरोकेसी में चेक करवाने के लिए बोल दूं। ऐसे रोज रोज सामने आना अच्छा नहीं लगता।”
“हां लेकिन उसके प्राइवेट नंबर मिल पाना बहुत मुश्किल है मैम...मैंने आपको पहले ही कहा था।” दिशांक ने धीमी आवाज में कहा।
“मुश्किल है लेकिन नामुमकिन तो नहीं ना दिशांक। मुझे कुछ भी करके अभिमन्यु के नंबर चाहिए और वो मैं हासिल करके रहूंगी।” इशिका ने थोड़ा चिढ़ते हुए कहा और फिर कॉल कट कर दिया।
कॉल कट करके जैसे ही वो दूसरी तरफ पलटी, उसके सामने पृथ्वी खड़ा था। वो उसे अजीब नजरों से घूर रहा था। वो इशिका के पास आकर बोला, “हमारे बॉस के प्राइवेट नंबर गिने चुने लोगों के पास है। उनके प्राइवेट नंबर उनकी फैमिली मेंबर तक के पास नही होंगे और आप यहां उनके नंबर पाने की कोशिश कर रही है। मिस सिंघानिया आखिर चल क्या रहा है आपके दिमाग में?”
“जो भी चल रहा है, वो मैं आपको नहीं बता सकती। रही बात नंबर पाने की तो वो मैं लेकर रहूंगी।” इशिका ने बिना डरे सख्ती के साथ कहा।
“अच्छा ख्वाब है, देखते रहिए। कभी पूरा नहीं होगा ” पृथ्वी ने उसका मजाक बनाते हुए तिरछा मुस्कुरा कर कहा।
इशिका ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिय। पृथ्वी इशिका को वहीं पर छोड़कर कुछ फाइल्स समेटने लगा। इशिका के पास तभी अभिमन्यु का मैसेज आया। उसने लिखा था कि जब भी फ्री हो मुझसे बात करना।
इशिका ने मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया। बस उसे सीन करके छोड़ दिया था। लगभग आधे घंटे में उसने अभिमन्यु के कंप्यूटर को ठीक कर दिया था।
इशिका ने क्लैप करके कहा, “ये हो गया है। आप अपनी फाइल्स को कॉन्फिडेंशियल रखते हो लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप उसके लिए अनऑथोराइज्ड सॉफ्टवेयर यूज करो। ये आपके कंप्यूटर और प्राइवेसी को बुरी तरह क्रश कर सकता है।”
पृथ्वी ने जल्दी से कंप्यूटर चेक किया तो वो बिल्कुल ठीक था। वो इशिका के काम से काफी इंप्रेस हुआ। उसने ज्यादा टाइम नहीं लिया और उसे ठीक कर दिया था।
“बिल्कुल... चलिए मैं आपको नीचे तक छोड़ देता हूं।” पृथ्वी ने कहा। उसने इशिका को पेमेंट किया और फिर उसके साथ नीचे जाने लगा। वो नहीं चाहता था कि इशिका गलती से भी अभिमन्यु से वापस टकराए।
नीचे दरवाजे के पास आते ही पृथ्वी भौहें उठाकर कहा, “मिस सिंघानिया, आगे हमारा कोई पार्सल नहीं आने वाला और ना ही हमारा कंप्यूटर खराब होगा।”
इशिका पृथ्वी की बातों का मतलब समझ रही थी। वो सीधे-सीधे यही कहना चाह रहा था कि इशिका यहां ना आए।
इशिका ने गहरी सांस ली और फिर हल्का मुस्कुरा कर बोली, “ठीक है, फिर दोपहर में मिलते हैं मिस्टर पृथ्वी चौहान।”
इशिका मुस्कुराते हुए वहां से चली गई जबकि पृथ्वी हैरानी से उसकी तरफ देख रहा था। इशिका की आंखों में कॉन्फिडेंस था।
“ये लड़की बेवजह की बकवास करती रहती है। जैसे दोपहर में हम इसके लिए फ्री ही बैठे हैं।” पृथ्वी ने घबराहट के साथ सिर हिलाया और फिर अंदर चला गया। इशिका की बातें उसे बेतुकी जरूर लगी थी पर साथ ही उसके माथे पर परेशानी से पसीने की बूंदे आ गईं थी।
वही इशिका अपनी स्कूटी स्टार्ट करते हुए बोली, “उम्मीद है दोपहर की मुलाकात अच्छी होगी, मिस्टर अभिमन्यु राजवंश।”
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ये इशिका है भाई, जो कहीं ना किसी न किसी तरीके से अपना दिमाग लगाकर अभिमन्यु से मिल ही लेगी। इशिका और अभिमन्यु की मुलाकात कहां पर होती है, कोई आइडिया है आपको? बाकी उसकी हरकतें देखकर बेचारा अभिमन्यु बुरी तरह चिढ़ गया है। पार्ट पढ़ कर समीक्षा कर दीजिएगा। अगले पार्ट पर मिलते हैं।