Unknown wife of billionaire - Chapter 22
Unknown wife Of Billionaireस्टोर से वापस आ जाने के बाद इशिका और वसुधा एक कैफे में बैठे हुए थे। जब से नकुल राजवंश का कॉल आया था, वसुधा को कुछ-कुछ अपनी पहचान के बारे में याद आने लगा था। जैसे ही इशिका कॉफी लेकर उनके पास आई, वसुधा ने उसे अपने पोते का नाम याद आने की बात कही।
इशिका भी कब से वसुधा के असली पहचान के बारे में जानना चाहती थी। उसने तुरंत पूछा, “तो बताइए दादी आपके पोते का क्या नाम है?”
“चीकू... उसका नाम चीकू है।” वसुधा ने मुस्कुरा कर बताया, जिसे सुनकर इशिका मुश्किल से अपनी हंसी कंट्रोल कर पा रही थी।
इशिका ने मन ही मन कहा, “चीकू? ये कैसा नाम हुआ? जहां तक मुझे पता है, इनका पोता किसी कंपनी का सीईओ होगा। उनके एम्पलॉइज को पता चलेगा कि उनके बॉस का नाम चीकू है, तो उन्हें कैसा लगेगा।”
इशिका अभिमन्यु के नाम पर मन ही मन हंस रही थी तभी वसुधा ने कहा, “जब वो पैदा हुआ था, तब काफी कमजोर था। डॉक्टर ने तो साफ कह दिया था कि उसके बचने के चांसेस नहीं है लेकिन उसके दादाजी को पूरी उम्मीद थी। उन्होंने अपने फेवरेट फ्रूट का नाम अपने पोते को दिया। उनके हिसाब से ये फल उनके लिए काफी लकी भी था। जब भी कोई खास काम पर जाते तो चीकू खाकर जाते थे, बस इसीलिए उसका नाम चीकू रख दिया।”
“थैंक गॉड दादी, दादाजी किसी इंपॉर्टेंट मीटिंग से पहले वॉटरमेलन खाकर नहीं जाते थे। वरना कैसा लगता, जो आपके पोते का नाम तरबूज होता।” इशिका ने मजाकिया लहजे में कहा, जिस पर वसुधा उसकी तरफ घूर कर देखने लगी।
इशिका ने तुरंत बात को बदला और कहा, “अच्छा तो आपके चीकू का रियल नाम क्या है?”
वसुधा अपने कपड़ों की तरफ देख रही थी इसलिए उसने इशिका की बात पर ध्यान नहीं दिया। अचानक उसने अपनी नजरे उठाकर इशिका की तरफ देखकर कहा, “मेरे कपड़े मुझे अच्छे नहीं लग रहे हैं। क्या तुम मेरे साथ मेरे घर चलोगी, हम नए कपड़े लेकर आएंगे।”
“ठीक है दादी।” इशिका ने जवाब दिया। उसके बाद इशिका ने घड़ी में टाइम देखकर कहा, “ठीक है हम शाम को आपके घर चलेंगे। तब तक मैं आपको घर ड्रॉप कर देती हूं। आप थोड़ी देर रेस्ट कीजिए, मैं अपना काम निपटा कर आती हूं।”
“मैं ठीक हूं। बिल्कुल भी नहीं थकी हूं और तुम्हारे साथ ही चलूंगी।” वसुधा ने झट से जवाब दिया। उन्हें मन ही मन डर था कि कहीं इशिका शाम को उसके साथ चलने से इंकार न कर दे। वो पूरे टाइम इशिका के साथ रहना चाहती थी।
उन्होंने इशिका का हाथ तक पकड़ दिया था। इशिका ने मुस्कुरा कर उनकी बात पर हामी भरी। वो मन ही मन बोली, “दादी कितनी क्यूट है। इन्हें ये डर लग रहा है कि मैं छोड़कर चली जाऊंगी। खैर कोई बात नहीं, इन्हें साथ लेकर जाना पड़ेगा जबकि मुझे तो अभी अभिमन्यु से मिलने जाना था। जब तक बार-बार उसके सामने नहीं जाऊंगी, तब तक वो मेरी बात नहीं सुनेगा।”
इशिका ने एक बार फिर नई आईडी से अभिमन्यु से मिलने जाने का सोचा। इस बार वो एक डोनेशन सेरेमनी में जा रही थी। हर साल राजवंश फैमिली वहां चैरिटी करती थी। इशिका ने अभिमन्यु के शेड्यूल से पता लगाया था, तो उसने देखा, वो उस फंक्शन को अटेंड करने के लिए जाने वाला है।
इशिका ने वहां पहुंचकर वसुधा को गेस्ट रूम में ठहराया और खुद रिपोर्टर बनाकर उस फंक्शन में गई। वो फ्रंट रो में जाकर बैठी थी, जहां से अभिमन्यु की नजर सीधे इशिका पर जाने वाली थी।
इशिका ने अपने मन में कहा, “यहां रिपोर्टर्स अपने मन मुताबिक कोई भी सवाल पूछ सकते हैं। मैं अभिमन्यु से उसकी पत्नी के बारे में पूछूंगी, तो उसे सबके सामने जवाब देना ही होगा।” सोचते हुए इशिका के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई। वो पूरी प्लानिंग करके बैठी थी।
इशिका इंतजार कर रही थी कि कब अभिमन्यु आए और कब उसके सवाल पूछने पर वो उसके चेहरे का उड़ता हुआ रंग देखें। अभिमन्यु उसे इग्नोर कर रहा था तो वो उससे बुरी तरह से चिढ़ने लगी थी।
कुछ देर में आर्गेनाइजेशन ने राजवंश एम्पायर का नाम लिया तो इशिका के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई। उसने खुद को पूरी तरह तैयार कर लिया था लेकिन जल्द ही उसके चेहरे का रंग उड़ गया था। वहां अभिमन्यु के बजाय पृथ्वी आया था।
पृथ्वी ने स्टेज पर आते ही कहा, “सॉरी जैंटलमेन, आज मिस्टर अभिमन्यु राजवंश यहां नहीं आ पाएंगे लेकिन हमेशा से जो परंपरा चलती आ रही है, वो जारी रहेगी। उनकी जगह मैं डोनेशन सेरेमनी को हैंडल करूंगा।”
पृथ्वी को देखकर इशिका को गुस्सा आ रहा था। उसने अपना मोबाइल निकला तो उस पर दिशांक का मैसेज आया हुआ था।
दिशांक ने लिखा था, “आपने मिस्टर अभिमन्यु राजवंश को कुछ ज्यादा ही परेशान कर दिया है। बेचारे ने अपना पूरा शेड्यूल बदल डाला। कुछ दिनों तक आपको उसके बारे में मैं नहीं बता पाऊंगा। आप भी तब तक उससे दूर रहिए।”
मैसेज देखने के बाद इशिका ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और कहा, “कितना चालक है ये आदमी। अपना शेड्यूल बदल दिया। जो भी हो, इस तक तो मैं पहुंच ही जाऊंगी। कब तक मुझसे दूर भागेगा। तलाक तो उसे मुझे देना ही होगा।”
इशिका बीच में भी नही आ सकती थी। उसने अपना काम पूरा किया और वसुधा को साथ लेकर कार मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरी की तरफ जा रही थी।
इशिका ने अपने मन में कहा, “तुम अपने बाकी शेड्यूल चेंज कर सकते हो पर ये नही। कार की टेस्टिंग होनी है, और तुम्हारा वहां होना जरूरी है।”
इशिका ने अभिमन्यु के शेड्यूल के आगे का हिस्सा फॉलो करने का सोचा। वहां पहुंचकर वो वसुधा के साथ फैक्टरी के सामने वाले कैफे में बैठी सामने की तरफ बैठी थी। अचानक वहां पर एक गाड़ी आई। उसमें से काम करने वाले कर्मचारी उतरने लगे।
इशिका जल्दी से उठी और वसुधा से बोली, “दादी आप यहीं पर रुके... मैं बस कुछ देर में आती हूं।”
वहां से निकलने से पहले इशिका ने एक वेटर से कहा, “मैं कुछ देर में आ जाऊंगी। प्लीज तब तक आप मेरी दादी का ख्याल रखिए। ये कुछ भी खाना पीना चाहे आप उनके लिए बना दीजिएगा। मैं बिल पे कर दूंगी।”
“ठीक है मैडम...।” वेटर ने मुस्कुरा कर जवाब दिया।
इशिका जल्दी से दौड़कर बाहर गई और उन काम करने वाले आदमियों की लाइन में लग गई। उसने अपनी आईडी वहां मौजूद गार्ड को दिखाई।
आईडी देखने के बाद गार्ड ने कहा, “सॉरी मैडम, यहां पर कोई भी पार्ट टाइमर अलाउड नहीं है और ना ही कोई इंटर्नी अंदर जा सकता है। अंदर से पृथ्वी सर के स्ट्रिक्ट ऑर्डर मिले हैं कि जो परमानेंटली यहां काम करते हैं, उन्हें ही अंदर जाने को मिल सकता है।”
गार्ड की बात सुनकर इशिका ने आह भरी। वो समझ गई थी कि ये फैसला क्यों लिया गया था। पृथ्वी ने उसे डोनेशन सेरेमनी में भी देख लिया था। वो इस बात का खास ख्याल रख रहा था कि इशिका अभिमन्यु से दूर रहे।
इशिका ने गहरी सांस ली और फिर उसे दूसरी आईडी दिखाई। उसे देखने के बाद गार्ड ने उसे अंदर जाने दिया था।
इशिका को अंदर जाने की परमिशन मिल चुकी थी लेकिन वो अभिमन्यु के पास नहीं जा सकती थी। उन आदमियों के साथ इशिका काम करने का दिखावा कर रही थी। उसकी नजर कांच के खिड़की के अंदर थी, जहां अभिमन्यु ब्लैक सूट में खड़ा था। वो काफी हैंडसम लग रहा था और उसकी पर्सनेलिटी भी काफी इंप्रेसिव थी।
कार को चेक करते वक्त वो वहां मौजूद लोगों को इंस्ट्रक्शंस दे रहा था। सभी उसकी बात को गौर से सुन रहे थे।
अभिमन्यु ने फैक्ट्री के हेड की तरफ देखा और गंभीरता से कहा, “आपने बहुत अच्छा काम किया है मिस्टर वर्मा। जो भी कमियां मैंने आपको बताई है प्लीज उन्हें नोट कर लीजिएगा और उन्हें सुधार कर इसे और बेहतर बनाइएगा। मुझे उम्मीद है कि आप और बेहतर कर सकते हैं।”
मिस्टर वर्मा ने मुस्कुरा कर उसकी बात पर सिर झुकाया। बात करते हुए अचानक अभिमन्यु की नजर सामने खड़ी इशिका पर गई। उसे देखते ही अभिमन्यु के चेहरे के भाव सख्त हो गए थे तो वही इशिका ने हवा में हाथ हिलाया।
“नोट अगेन... ये लड़की बार-बार मेरे सामने आ कैसे जाती है। क्या इसे जरा भी अंदाजा नहीं है कि ये ऐसी हरकतें करके खुद की इज्जत को किस हद तक गिरा रही है।” अभिमन्यु ने आईज रोल करके कहा। फिर उसने पृथ्वी की तरफ देखकर उसे इशारा किया। उसके चेहरे के भाव सख्त हो गए थे।
पृथ्वी तुरंत उस खिड़की के पास आया और उसने पर्दा लगा लिया था। इशिका अब अभिमन्यु को नहीं देख सकती थी। पर्दे लगाने के बाद पृथ्वी ने किसी को कॉल किया। कुछ ही देर में इशिका को फैक्ट्री से बाहर निकाला जा चुका था।
पृथ्वी गुस्से में गार्ड्स के पास गया और बोला, “मैंने तुम्हें कहा था कि इंटर्नी और पार्ट टाइमर्स को अंदर आने की इजाजत नहीं है। फिर तुमने उसे लड़की को अंदर कैसे जाने दिया?”
“लेकिन सर वो लड़की कोई आम लड़की नहीं थी। वह...” गार्ड अपनी सफाई देने की कोशिश कर रहा था लेकिन तभी पृथ्वी उसकी बात बीच में काट कर बोला, “अच्छा तो तुम मुझे सिखाओगे कि कौन क्या करता है। आगे से वो लड़की इस फैक्ट्री के आसपास भी नहीं दिखनी चाहिए वरना तुम्हें उसी वक्त काम से निकाल दूंगा।”
गार्ड को धमकाने के बाद पृथ्वी इशिका के पास गया। वो चिड़कर बोला, “मिस सिंघानिया अब बस बहुत हो गया है। आपने सारी लिमिट क्रॉस कर दी है। हम तुम्हारे लेवल तक गिरना नहीं चाहते हैं लेकिन तुमने हमें मजबूर कर दिया है। मैं आज ही मिस्टर राजवंश से बात करूंगा और हम तुम्हारे खिलाफ पुलिस कंप्लेंट करने वाले हैं। तुम उन्हें स्टॉक करके परेशान कर रही हो।”
“मुझे भी तुम्हें परेशान करने का कोई शौक नहीं है और ना ही उन्हें... मैं बस इतना ही तो बोल रही हूं कि एक बार सिविल अफेयर्स ब्यूरो में जाकर चेक करो। मेरी और अभिमन्यु की शादी हो चुकी है। तुम्हें एक सर्टिफिकेट ही तो चेक करना है।” इशिका ने उसे समझाते हुए कहा।
“बस कीजिए मिस सिंघानिया, अपने सपनों की दुनिया से बाहर निकलिए। शादी करने के लिए दो लोगों को साथ में कोर्ट जाना पड़ता है। वो आपके साथ कहीं नहीं गए हैं, फिर शादी कैसे हो सकती है?” पृथ्वी ने सिर हिला कर कहा।
“वो तो मैं भी नहीं जानती।” इशिका ने लाचारी से कहा।
पृथ्वी उसकी हरकतों से तंग आ गया था। वो इशिका को आखरी वार्निंग देते हुए बोला, “बस बहुत हो गया मिस सिंघानिया। ये आखरी बार था जब आप मिस्टर राजवंश के सामने गई हैं। मैं आपको चैलेंज करता हूं कि उनके मैनेजर होने के नाते मैं इस बात को एश्योर करूंगा कि आप गलती से भी उनके आसपास ना आ पाए।”
इशिका ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया और वहां से वसुधा के पास चली गई। वहां बहस करना बेकार था। इशिका को वसुधा के साथ उसके घर भी जाना था तो उसने अभिमन्यु को मैसेज किया, “दादी कपड़े लेने के लिए घर जाना चाहती है। क्या आप मुझे अपने घर का एड्रेस भेज देंगे।”
अभिमन्यु इतना बिजी था, फिर भी इशिका का मैसेज देखते ही उसने तुरंत लोकेशन भेज दी थी। जैसे ही इशिका ने उस लोकेशन को देखा, तो वो हैरानी से बोली, “ये तो राजवंश विला की लोकेशन है? क्या दादी राजवंश विला में रहती है?”
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आज के लिए इतना ही। पढ़ कर समीक्षा कर दीजिएगा अगले पार्ट पर मिलते हैं।