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Chapter 14

Unknown wife of billionaire - Chapter 14

Unknown wife Of Billionaire

इशिका हार‌ नहीं मनाना चाहती थी। वो एक फिर फिर अभिमन्यु से मिलने राजवंश एम्पायर जाने वाली थी। ना चाहते हुए भी इशिका के ऊपर अभिमन्यु की दादी वसुधा की जिम्मेदारी आन पड़ी थी। इशिका ने वसुधा को दिशांक के पास छोड़ा और खुद अपनी स्कूटी लेकर राजवंश एम्पायर पहुंच चुकी थी।

वहां पहुंचते ही अंदर जाने से पहले इशिका ने मन ही मन कहा, “मिस्टर राजवंश का शेड्यूल काफी टाइट रहता है। या तो वो काम कर रहे होते हैं या फिर मीटिंग में... दिशांक ने जो मेल भेजा था, उसके हिसाब से फिलहाल के वक्त वो ऑफिस में ही होंगे।”

इशिका ने खुद के चेहरे के भावों को सख्त किया और फिर अंदर चली गई। एक बार फिर उसे रिसेप्शनिस्ट की परमिशन लेनी थी। रिसेप्शनिस्ट ने उसकी तरफ देखा और भौहें उठाकर कहा, “आप फिर से यहां पर आ गई मिस सिंघानिया? जहां तक मुझे पता है आज कोई पार्सल नहीं आने वाला था। पृथ्वी सर ने साफ मना किया है आपके ऊपर भेजने के लिए।”

इशिका ने उसकी आंखों में देखा और कहा, “लेकिन आज मैं पार्सल देने नहीं आई हूं। मुझे वो...”

इशिका की बात पूरी होने से पहले ही रिसेप्शनिस्ट ने उसे बीच में काटते हुए कहा, “क्या मुझे वो? ये कोई मॉल नही है, जहां जब आपका मन करे, आप मुंह उठाकर चली आए।”

वो काफी बदतमीजी से बात कर रही थी। इशिका उसकी तरफ घूरकर देखने लगी।

रिसेप्शनिस्ट ने गहरी सांस ली और सिर हिला कर कहा, “ठीक है फिर अपना अपॉइंटमेंट लेटर दिखाइए। उसके बाद मैं आपके बिना किसी सवाल के ऊपर जाने दूंगी।”

इशिका के पास कोई अपॉइंटमेंट लेटर नहीं था। उसे अभिमन्यु से मिलना भी जरूरी था। इशिका ने ना में सिर हिलाकर कहा, “वो तो मेरे पास नहीं है।”

रिसेप्शनिस्ट इशिका से बात करते हुए काफी रूडली पेश आ रही थी लेकिन अचानक इशिका ने देखा उसके चेहरे पर चमक आ गई और चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कुराहट।

रिसेप्शनिस्ट ने उसी मुस्कुराहट के साथ तेज आवाज में कहा, “मिस सिंघानिया आप यहां? प्लीज कम...यू आर मोस्ट वेलकम।”

इशिका ने पीछे मुड़कर देखा तो वहां आयशा खड़ी थी। आयशा ने इशिका की तरफ देखकर आंखें छोटी की और फिर मुस्कुराते हुए रिसेप्शनिस्ट के पास आ गई।

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आयशा ने रिसेप्शनिस्ट की तरफ देखकर कहा, “वो मैं यहां नक्ष से मिलने के लिए आई थी।” बोलते हुए उसने इशिका की तरफ देखा और सिर झटक कर कहा, “बट हां, मेरे पास कोई अपॉइंटमेंट लेटर नहीं है।”

“कैसी बात कर रही है मैम आप? आप तो राजवंश खानदान की होने वाली बहु है। आपको किसी तरह की अपॉइंटमेंट लेटर या परमिशन की जरूरत नहीं है। आप बस मेरे साथ आइए।” रिसेप्शनिस्ट ने काफी अदब से कहा और फिर अपने कार्ड से लॉबी के आगे का डोर ओपन किया।

जाने से पहले आयशा ने इशिका की तरफ देखकर तिरछी मुस्कुराहट दी। उसके चेहरे के एक्सपेक्टशंस यही जाहिर कर रहे थे कि उसे बिना किसी अपॉइंटमेंट लेटर के अंदर जाने दिया गया जबकि इशिका वहीं पर खड़ी थी। यही उसकी औकात थी।

लिफ्ट के अंदर जाने से पहले आयशा ने तेज आवाज में कहा, “तुम्हें कितनी बार समझाना पड़ेगा इशिका कि कहीं भी जाने से पहले एक बार जगह तो देख लिया करो। ये कोई पब्लिक प्लेस नहीं है जहां तुम मुंह उठा कर चली जाओगी। तुम्हें ऊपर नहीं जाने दिया जाएगा, उसके बावजूद तुम इस रिसेप्शनिस्ट को क्यों परेशान कर रही हो।”

“लेकिन मैंने इसे कब परेशान किया?” इशिका मन ही मन बड़बड़ा कर बोली। वो आयशा की आदतों को अच्छे से जानती थी इसलिए उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

आयशा ने आगे रिसेप्शनिस्ट से कहा, “मेरी बहन की तरफ से मैं आपसे माफी मांगती हूं। ये जिद्दी और बेशर्म है। ऐसे लोगो की वजह से आपका काम मुश्किल रहता होगा।”

रिसेप्शनिस्ट ने हां में सिर हिलाया। आयशा वहां से जा चुकी थी।

आयशा के सामने रिसेप्शनिस्ट काफी मुस्कुरा कर और नरमी से बात कर रही थी तो इशिका के सामने आते ही उसके चेहरे के एक्सप्रेशंस फिर से सख्त हो गए और वो उसी अंदाज में बोली, “देखिए मैडम मेरा टाइम वेस्ट मत कीजिए। पृथ्वी सर ने साफ मना किया है कि आपके ऊपर नहीं जाने देना है। मैं उनकी इच्छा के खिलाफ आपके ऊपर नहीं भेज सकती हूं। आप प्लीज यहां से चली जाइए।”

इशिका समझ चुकी थी कि पृथ्वी ने ऐसा क्यों किया होगा। पिछली बार भी जब इशिका ऊपर गई थी, तब वो खुश नहीं था। शायद वो नहीं चाहता होगा कि इशिका अभिमन्यु के क्लोज जाए।

“मुझे उनसे काम है।” इशिका ने प्लीडिंग वे में कहा।

“अपॉइंटमेंट लेकर लेकर आइए, फिर जाने दूंगी। फिलहाल के लिए आप यहां से खुद जा रही है या मैं सिक्योरिटी को बुलाऊं?” रिसेप्शनिस्ट ने इस बार हल्के गुस्से में कहा।

“ठीक है फिर मैं वेटिंग एरिया में बैठकर मिस्टर राजवंश के आने का वेट कर लेती हूं।” इशिका ने शांति से जवाब दिया और फिर रिसेप्शन एरिया से कुछ दूर लॉबी में एक काउच पर जाकर बैठ गई।

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इशिका ने गहरी सांस ली और अपना मोबाइल निकाला। उसके पास इंतजार करने के लिए और कोई रास्ता नहीं था। वो जानती थी कि अभिमन्यु से मिलना इतना आसान नहीं रहने वाला था।

वही इस बीच अभिमन्यु अपनी मीटिंग से फ्री हुआ था। उसने अपना मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सएप चैट में सबसे ऊपर इशिका का नंबर था, जो उसने काइंड किडनैपर के नाम से सेव किया था। न जाने क्यों उसने इशिका को इतना अजीब नाम दिया था।

अभिमन्यु ने तुरंत इशिका को मैसेज करते हुए लिखा, “दादी क्या कर रही है! उनकी तबीयत तो नहीं बिगड़ी ना?”

इशिका भी टाइम पास करने के लिए अपना मोबाइल यूज कर रही थी। उसने ऊपर अभिमन्यु का मैसेज देखा तो जवाब में लिखा, “आखरी बार जब उन्हें घर पर छोड़ा था, तब वो बिल्कुल ठीक थी। उसके बाद मुझे नहीं पता।”

“क्या तुम अपने काम पर हो?” अभिमन्यु ने पूछा।

“और आपको ऐसा क्यों लगा कि मैं अपने काम पर हूं?” इशिका ने काफी रुडली जवाब दिया। वैसे भी रिसेप्शनिस्ट की वजह से उसका मूड उखड़ा हुआ था।

अभिमन्यु ने गहरी सांस ली और धीरे से बड़बड़ा कर कहा, “ये लड़की मुझसे इतनी बदतमीजी से बात कर भी कैसे सकती है? रिएक्ट तो ऐसे कर रही है जैसे कोई बहुत बड़ा एहसान किया है इसने मेरे ऊपर।” अभिमन्यु ने पानी पिया और फिर धीरे से बोला, “काम डाउन अभिमन्यु, ये दादी का ख्याल जरूर रख रही है लेकिन तुमने इसे हायर नहीं कर रखा है। थोड़ी बदतमीजी तो झेलनी ही पड़ेगी।”

अभिमन्यु ने दूसरा मैसेज टाइप करते हुए लिखा, “अच्छा ठीक है, मुझे बताओ तुम कहां हो। मैं अभी वहां पर आता हूं। हम दोनों मिलकर दादी के हेल्थ पर बात करेंगे ताकि आगे से तुम्हें और उन्हें दोनों को ही प्रॉब्लम ना हो।”

इशिका को मिलने से कोई एतराज नहीं था। उसने तुरंत एड्रेस भेज दिया था। एड्रेस देखकर अभिमन्यु को थोड़ी हैरानी हुई। अचानक उसकी नजर इशिका के भेजे हुए एड्रेस पर गई।

“ये राजवंश एम्पायर में क्या कर रही है?” अभिमन्यु हैरानी से बोला और जल्दी से दौड़ कर नीचे जाने लगा।

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शायद इसके बाद अभिमन्यु को पता चल जाए कि इशिका ही उसकी दादी का ख्याल रख रही है। देखते हैं दोनों की ये मीटिंग कैसे जाती है। पढ़ कर समीक्षा कर दीजिएगा।

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